किसान समस्या

उत्तर प्रदेश में जौनपुर ज़िले के नेवढ़िया गांव के किसान विजय बहादुर और उनका परिवार. (फोटो: द वायर)

जौनपुर के किसानों का सवाल, मोदी ने 2000 रुपये देकर वापस क्यों ले लिया

ग्राउंड रिपोर्ट: उत्तर प्रदेश में जौनपुर ज़िले के कई किसानों ने बताया कि पीएम किसान योजना के तहत उनके खाते में 2000 रुपये आए थे लेकिन कुछ घंटे बाद या अगले ही दिन वो पैसे वापस कर लिए गए. किसानों ने कहा कि उन्होंने इस बात को लेकर संबंधित अधिकारियों से शिकायत की थी लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई.

नरेंद्र मोदी. (फोटो साभार: पीआईबी)

कृषि कल्याण सेस ख़त्म करने के बाद भी सरकार ने वसूला 1300 करोड़ रुपये से ज़्यादा का टैक्स

द वायर एक्सक्लूसिव: एक जुलाई, 2017 को कृषि कल्याण सेस ख़त्म कर दिया गया था, लेकिन आरटीआई से मिली जानकारी बताती है कि जनता से अब भी यह टैक्स वसूला जा रहा है.

(फाइल फोटो: पीटीआई)

पीएम किसान योजना के तहत हज़ारों किसानों के खाते में डाले गए पैसे वापस लिए गए

द वायर एक्सक्लूसिव: आरटीआई के तहत स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, यूको बैंक, सिंडिकेट बैंक, केनरा बैंक जैसे राष्ट्रीयकृत बैंकों ने स्वीकार किया है कि किसानों के खातों में डाले गए करोड़ों रुपये वापस ले लिए गए हैं.

Yavatmal

किसान ने ख़ुदकुशी की, सुसाइड नोट में महाराष्ट्र सरकार को ज़िम्मेदार ठहराया

महाराष्ट्र के यवतमाल जिले का मामला. पुलिस ने बताया कि सुसाइड नोट की जांच की जाएगी कि क्या असल में इसे मृतक किसान ने ही लिखा था. हैंडराइटिंग एक्सपर्ट से इसकी जांच कराई जाएगी.

Baska: Farmers plant paddy saplings in a field at Boglamari, in Baska district of Assam on Wednesday, July 11, 2018. (PTI Photo) (PTI7_11_2018_000049B)

2011 से 2018 तक में करीब तीन करोड़ खेतिहर मज़दूरों का रोज़गार छिना: एनएसएसओ रिपोर्ट

एनएसएसओ द्वारा साल 2017-2018 में किए गए सर्वेक्षण से ये पता चला है कि 2011-12 से लेकर 2017-18 के बीच खेत में काम करने वाले अस्थायी मजदूरों में 40 फीसदी की गिरावट आई है. खात बात ये है कि सरकार ने इस सर्वेक्षण को जारी करने से मना कर दिया है.

Maharashtra Kisan March

नासिक-मुंबई किसान मार्च: महाराष्ट्र पुलिस ने दूसरी बड़ी रैली से पहले लोगों को हिरासत में लिया

नंदूरबार ज़िले के किसान संगठन सत्यशोधक शेतकरी सभा ने आरोप लगाया है कि महाराष्ट्र पुलिस ने उनके 3000 लोगों को हिरासत में लिया था. नासिक से मुंबई तक किसान मार्च 20 फरवरी से प्रस्तावित है.

A farmer shows wheat crop damaged by unseasonal rains in his wheat field at Sisola Khurd village in the northern Indian state of Uttar Pradesh, March 24, 2015. To match Insight INDIA-MODI/  Picture taken March 24, 2015. REUTERS/Anindito Mukherjee

फसल बीमा से प्राइवेट कंपनियों ने कमाए करीब 3000 करोड़, सरकारी कंपनियों को घाटा: रिपोर्ट

भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण की रिपोर्ट के मुताबिक मार्च 2018 तक में फसल बीमा के तहत कार्यरत सरकारी कंपनियों को 4,085 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. इसमें से सबसे बड़ा घाटा एआईसी को हुआ है.

फोटो: रॉयटर्स

19000 किलो आलू बेचने पर किसान को मिले 490 रुपये, नाराज़ होकर पूरा पैसा मोदी को भेजा

उत्तर प्रदेश में आगरा के किसान प्रदीप शर्मा ने फसल बीमा के संबंध में कृषि विभाग में भ्रष्टाचार का भी आरोप लगाया है. इससे पहले शर्मा ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से इच्छामृत्यु की अनुमति मांगी थी.

Farmer PTI

फसल बीमा योजनाओं में पारदर्शिता की कमी सहित कई समस्याएं हैं: संसदीय समिति

वरिष्ठ भाजपा नेता मुरली मनोहर जोशी की अगुवाई वाली संसदीय समिति ने कहा है कि किसानों को फसल बीमा योजनाओं की ओर आकर्षित करने के लिए इनमें पर्याप्त पूंजी आवंटन की ज़रूरत है.

New Delhi: Prime Minister Narendra Modi looks on during the launch of India Post Payments Bank (IPPB), in New Delhi on Saturday, Sept 1, 2018. (PTI Photo/Subhav Shukla) (PTI9 1 2018 000073B)

पीएमओ ने वापस लौटाया नाराज़ किसान का मनीऑर्डर, कहा- ऑनलाइन भेजो पैसे

महाराष्ट्र के किसान संजय साठे ने 750 किलो प्याज़ के महज़ 1,064 रुपये मिलने से नाराज़ होकर इसे मनीऑर्डर के ज़रिये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजा था. पीएमओ ने इसे लेने से इनकार करते हुए उन्हें डिजिटल माध्यम से पैसे भेजने को कहा है.

प्रतीकात्मक तस्वीर (फोटो: रॉयटर्स)

महाराष्ट्र: कम दाम मिलने के कारण दो दिन में दो प्याज़ किसानों ने की आत्महत्या

प्याज़ की कम कीमत मिलने के कारण तात्याभाउ खैरनर और मनोज धोंडगे ने आत्महत्या कर ली. महाराष्ट्र से लगातार ये ख़बरे आ रही हैं कि प्याज के किसान अपने उत्पाद को कम दाम में बेचने को मजबूर हैं.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

महाराष्ट्र: 2,657 किलो प्याज़ बेचने पर 6 रुपये की बचत, नाराज़ किसान ने पूरा पैसा मुख्यमंत्री को भेजा

अहमदनगर ज़िले के एक किसान श्रेयस अभाले ने 2,657 किलो प्याज़ बेची तो उन्हें 2,916 रुपये मिले. मजदूरी और परिवहन पर आए ख़र्च के तौर पर 2,910 रुपये चुकाने के बाद किसान के पास मात्र छह रुपये बचे.

Onion Crop Reuters featured

महाराष्ट्र: 500 किलो प्याज़ बेचने पर मिले 216 रुपये, किसान ने मुख्यमंत्री को भेजे

नासिक की येओला तहसील में कृषि उत्पादन बाजार समिति में एक किसान ने 545 किलोग्राम प्याज़ 51 पैसे प्रति किलोग्राम के भाव से बेचा. किसान का कहना है कि क्षेत्र में सूखे जैसी स्थिति है. इस आय में कैसे घर चलाऊं, कैसे अपने क़र्ज़ चुकाऊं.

प्रतीकात्मक तस्वीर (फोटो: रॉयटर्स)

मध्य प्रदेश: मंडी में कौड़ियों के भाव लहसुन-प्याज़, फसल फेंकने को मजबूर किसान

राज्य की सबसे बड़ी नीमच मंडी में प्याज़ 50 पैसे प्रति किलोग्राम और लहसुन 2 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव से बिका. मंडी सचिव का कहना है कि किसान बेहतर गुणवत्ता का माल लेकर मंडी आएंगे तो बेहतर दाम मिलेगा.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

750 किलो प्याज़ बेचने पर मिले महज़ 1064 रुपये, नाराज़ किसान ने पूरा पैसा नरेंद्र मोदी को भेजा

महाराष्ट्र के संजय साठे नाम के एक किसान को अपना 750 किलो प्याज़ मात्र 1.40 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बेचनी पड़ी. इससे नाराज़ किसान ने पूरा पैसा प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के आपदा राहत कोष में दान कर दिया.

New Delhi: All India Kisan Sangharsh Coordination Committee (AIKSCC) members and farmers arrive for a two-day rally to press for their demands, including debt relief and remunerative prices for their produce, at Ramlila Maidan in New Delhi, Thursday, Nov. 29, 2018. (PTI Photo/Ravi Choudhary) (PTI11_29_2018_000077B)

दिल्ली की सड़कों पर उतरे देश भर के किसान बोले- अयोध्या नहीं, क़र्ज़ माफ़ी

गुरुवार को रामलीला मैदान में देश के विभिन्न हिस्सों से आए किसानों ने कहा कि उन्हें राम मंदिर या राम मूर्ति के बजाय क़र्ज़ माफ़ी और अपने उत्पादों का लाभकारी मूल्य चाहिए.

New Delhi: All India Kisan Sangharsh Coordination Committee (AIKSCC) members and farmers arrive for a two-day rally to press for their demands, including debt relief and remunerative prices for their produce, in New Delhi, Thursday, Nov. 29, 2018. (PTI Photo/Ravi Choudhary) (PTI11_29_2018_000075B)

‘किसनवा के भेजले मौत के करीब भईया, देसवा क फूटल नसीब भईया’

देश के विभिन्न हिस्सों से आए किसान अपनी मांगों के साथ दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे हैं. इनकी मुख्य मांग है कि उनका कर्ज़ा माफ़ किया जाए और स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू कर उन्हें फसलों की लागत का डेढ़ गुना मूल्य दिया किया जाए.

कृषि मामलों के जानकार और पत्रकार पी. साईनाथ. (फोटो: द वायर)

संसद का दरवाज़ा खोलिए, अब किसान देश को संबोधित करेगा: पी. साईनाथ

वीडियो: देश के किसान एक बार फिर विभिन्न मांगों के साथ दिल्ली पहुंच गए हैं. उनकी मांगों और समस्याओं पर कृषि मामलों के जानकार और वरिष्ठ पत्रकार पी. साईनाथ से धीरज मिश्रा की बातचीत.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना: कंपनियों ने किसानों का 2800 करोड़ रुपये का क्लेम नहीं चुकाया

विशेष रिपोर्ट: बीमा कंपनियों को अक्टूबर 2018 तक 66,242 करोड़ रुपये का प्रीमियम मिल चुका है. एक तरफ कंपनियों को समय पर प्रीमियम मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर किसानों के क्लेम का भुगतान कई महीनों से लंबित पड़ा है.

Farmers-India-PTI featured

मोदी सरकार की फसल बीमा योजना से कंपनियों के प्रीमियम में 350 फीसदी की बढ़ोतरी

द वायर एक्सक्लूसिव: आरटीआई से मिली जानकारी के मुताबिक प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत कंपनियों को पहले की बीमा योजनाओं के मुक़ाबले 36,848 करोड़ रुपये का ज़्यादा प्रीमियम मिला है जबकि कवर किए गए किसानों की संख्या में सिर्फ़ 0.42 प्रतिशत की वृद्धि हुई है.

Hum Bhi Bharat

हम भी भारत, एपिसोड 50: मोदी सरकार से क्यों नाराज़ हैं किसान

हम भी भारत की 50वीं कड़ी में आरफ़ा ख़ानम शेरवानी हालिया किसान आंदोलन और कृषि संकट से जुड़े मुद्दों पर पूर्व कृषि सचिव सिराज हुसैन और किसान शक्ति संघ के पुष्पेंद्र सिंह से चर्चा कर रही हैं.

प्रतीकात्मक तस्वीर (फोटो: पीटीआई)

आर्थिक मानकों पर देश के 10 करोड़ किसान परिवार बहुत ही असुरक्षित हैं

नाबार्ड के हालिया अध्ययन के मुताबिक भारत में 10.07 करोड़ किसानों में से 52.5 प्रतिशत क़र्ज़ में दबे हुए हैं. वर्ष 2017 में एक किसान परिवार की कुल मासिक आय 8,931 रुपये थी.

The Prime Minister, Shri Narendra Modi at Kisan Kalyan Mela, in Sehore, Madhya Pradesh on February 18, 2016.
	The Chief Minister of Madhya Pradesh, Shri Shivraj Singh Chouhan, the Union Ministers and other dignitaries are also seen.

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के बारे में ज़्यादातर किसानों को जानकारी नहीं: सर्वे

वेदर रिस्क मैनेजमेंट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड (डब्ल्यूआरएमएस) कंपनी के एक सर्वे में यह बात सामने आई कि सिर्फ 28.7 प्रतिशत किसानों को ही प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की जानकारी है.