किसान

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

सरकारों ने किसानों को अपनी नीतियों के चलते बदतर हालत में ला दिया है: किसान मंच

राष्ट्रीय किसान मंच ने कहा कि उद्योगपतियों के व्यापार के लिए सरकारों ने सिंगल विंडो की व्यवस्था कर दी लेकिन किसानों को नलकूप के कनेक्शन के लिए दर-दर भटकने को छोड़ दिया है.

किसान शंकर चायरे भाउराव. (फोटो साभार: http://twocircles.net)

विदर्भ में किसान ने की आत्महत्या, सुसाइड नोट में मोदी सरकार को ज़िम्मेदार ठहराया

परिजनों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को किसान की मौत का ज़िम्मेदार ठहराते हुए उनके ख़िलाफ़ केस दर्ज करने की भी मांग की.

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गुजरात में बुलेट ट्रेन के लिए भू-अधिग्रहण प्रक्रिया के ख़िलाफ़ किसानों का प्रदर्शन

भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया पर आयोजित मीटिंग में शामिल किसानों ने दावा किया कि बैठक का एजेंडा और उद्देश्य स्पष्ट नहीं है. अधिकारी इसे दूसरी बैठक बता रहे हैं जबकि किसी को पता ही नहीं है कि पहली मीटिंग कब हुई थी.

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देश के प्रति कृषि परिवार पर औसत 47 हज़ार रुपये का क़र्ज़: केंद्र सरकार

लोकसभा में कृषि मंत्री राधामोहन सिंह ने बताया कि साल 2014 से 2016 के दौरान ऋण, दिवालियापन एवं अन्य कारणों से क़रीब 36 हज़ार किसानों एवं कृषि श्रमिकों ने आत्महत्या की.

(फोटो साभार: ट्विटर/एएनआई)

महाराष्ट्र: 91 किसानों ने पत्र लिखकर सरकार से मांगी इच्छामृत्यु

किसानों का कहना है कि उन्हें उनकी फसलों का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है. साथ ही, सरकार ने हाईवे बनाने के लिए अधिग्रहीत की गई उनकी ज़मीन का भी पर्याप्त मुआवजा नहीं दिया है.

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लोकपाल की मांग के साथ 7 साल बाद अन्ना हजारे फिर धरने पर

इंडिया अगेंस्ट करप्शन अभियान के सात साल बाद अन्ना लोकपाल की मांग के साथ दिल्ली में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे. वहीं सुप्रीम कोर्ट ने 12 राज्यों से पूछा क्यों नहीं नियुक्त हुए लोकायुक्त.

Amritsar: Farmers plant paddy seedlings in a field in a village near Amritsar on Friday. PTI Photo   (PTI6_16_2017_000065B)

बिहार के बटाईदार किसानों की सुध क्यों नहीं ले रही सरकार

ग्राउंड रिपोर्ट: बिहार में किसान आत्महत्या की घटनाएं कम होने का मतलब यह कतई नहीं कि यहां के किसान खेती कर मालामाल हो रहे हैं. कृषि संकट के मामले में बिहार की तस्वीर भी दूसरे राज्यों की तरह भयावह है.

Kaziranga: Rhinos and buffalos take shelter at a high land  in the flooded Kaziranga National Park in Assam on Wednesday. PTI Photo    (PTI7_12_2017_000263B)

पर्यावरण को यह छूट कभी हासिल नहीं रही कि वह किसी हुकूमत की राह का रोड़ा बने

पूरे भारतीय उपमहाद्वीप के अभिजात्य और शासक वर्गों में पर्यावरण और सामाजिक-नागरिक प्रतिरोध के केंद्र के रूप में सघन वन्य इलाक़ों को नकारात्मक रूप से देखने की प्रवृत्ति मिलती है.

प्रतीकात्मक तस्वीर (फोटो: रयूटर्स)

वर्ष 2016 के बाद किसानों की आत्महत्या का कोई आंकड़ा उपलब्ध नहीं: सरकार

कृषि राज्यमंत्री ने बताया कि कृषि ऋण के कारण किसानों की आत्महत्या के बारे में वर्ष 2016 के बाद से कोई आंकड़ा उपलब्ध नहीं है, क्योंकि गृह मंत्रालय ने अभी तक इसके बारे में रिपोर्ट प्रकाशित नहीं किया है.

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विज्ञापन और भाषण से राशन नहीं मिलता

भारत की राजनीति झूठ से घिर गई है. झूठ के हमले से बचना मुश्किल है, इसलिए सवाल करते रहिए कि 14 दिनों में गन्ना भुगतान और एथनॉल से डीज़ल बनाने के सपने का सच क्या है वरना सिर्फ झांसे में ही फांसे जाएंगे.

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​जन गण मन की बात, एपिसोड 208: महाराष्ट्र में किसानों का प्रदर्शन और प्रमोद मुतालिक

जन गण मन की बात 208वीं कड़ी में विनोद दुआ महाराष्ट्र में किसानों के प्रदर्शन और 2009 में हुई मेंगलुरु पब हिंसा मामले में श्रीराम सेना के प्रमोद मुतालिक के बरी होने पर चर्चा कर रहे हैं.

Mumbai: Farmers of All Indian Kisan Sabha (AIKS) march from Nashik to Mumbai to gherao Vidhan Bhawan on March 12, demanding a loan waiver, in Mumbai on Sunday. PTI Photo by Mitesh Bhuvad (PTI3_11_2018_000147B)

क़र्ज़माफ़ी की मांग लेकर मुंबई पहुंचे हज़ारों किसान, मुख्यमंत्री ने बनाई 6 मंत्रियों की समिति

मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने कहा कि किसानों की मांगों को लेकर सकारात्मक है सरकार. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि यह सिर्फ़ महाराष्ट्र के नहीं, पूरे देश के किसानों का मुद्दा.

(फाइल फोटो: पीटीआई)

महाराष्ट्र: पूर्ण ऋणमाफी के लिए 25,000 किसानों ने निकाला मार्च

किसान ऋण माफी के साथ ही बिजली के बिल माफ़ करने की भी मांग कर रहे हैं. नासिक से मुंबई तक की यह किसान यात्रा मंगलवार से शुरू हुई. मुंबई पहुंचकर विधानसभा का घेराव करेंगे किसान.

(फाइल फोटो: पीटीआई)

न्यूनतम समर्थन मूल्य का वादा पूरा नहीं किया तो अगले चुनाव में सरकार बदल देंगे: किसान यूनियन

भारतीय किसान यूनियन ने कहा कि किसानों की स्थिति पहले कभी इतनी दयनीय नहीं थी. सरकार को महज़ 24 फसलों का ही नहीं बल्कि सारी फसलों का एमएसपी निर्धारित करना चाहिए.

A woman winnowing wheat at a wholesale grain market on the outskirts of Ahmedabad, Gujarat, May 7, 2013. Credit Amit Dave/Reuters

सरकारें किसानों के वोट से बनती हैं, लेकिन काम उद्योगों के लिए करती हैं

सरकार ने महंगाई दर कम करने और आंकड़ों की कलाबाज़ी करने के लिए जो नीति बनाई उसमें वह सफल रही है क्योंकि किसान की फसल के दाम कम हो गए और बाकि सभी चीज़ें महंगी हो गईं.

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जन गण मन की बात, एपिसोड 203: कार्ति चिदंबरम की गिरफ़्तारी और किसानों द्वारा अमित शाह का घेराव

जन गण मन की बात 203वीं कड़ी में विनोद दुआ कार्ति चिदंबरम की गिरफ़्तारी और कर्नाटक में किसानों द्वारा अमित शाह के घेराव पर चर्चा कर रहे हैं.

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किसानों के मुक़ाबले उद्योग जगत पर नौ गुना ज़्यादा एनपीए: आरटीआई

सूचना के अधिकार के तहत मिली जानकारी के अनुसार, किसानों का एनपीए 66,176 करोड़ है, तो उद्योगों का एनपीए 5,67,148 करोड़ रुपये है. कुल एनपीए में निजी बैंकों के मुक़ाबले सार्वजनिक बैंकों का एनपीए आठ गुना ज़्यादा है.

राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे. (फोटो: पीटीआई)

क़र्ज़ माफ़ी की घोषणा के बाद भी राजस्थान के किसान ग़ुस्से में क्यों हैं?

स्वामीनाथन आयोग की सिफ़ारिशें लागू करने और कुछ अन्य मांगों को लेकर किसानों ने अपना आंदोलन वापस तो ले लिया है, लेकिन यह कभी भी राजस्थान की वसुंधरा राजे सरकार के गले की फांस बन सकता है.

Singur Mamata Banerjee PTI

नैनो प्लांट के लिए ली गई ज़मीन वापस मिलने के बाद भी सिंगुर के किसान क्यों दुखी हैं?

ग्राउंड रिपोर्ट: ज़मीनी सच्चाई यह है कि जिन किसानों ने खेत वापसी के लिए आंदोलन किया आज वे भी मायूस हैं और जिन्होंने नैनो कार फैक्टरी के लिए अपनी इच्छा से ज़मीन दी थी वे भी. उनके लिए सिंगुर ऐसा ज़ख़्म है जो शायद ही कभी भर पाए.

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी. (फोटो: रॉयटर्स)

केंद्र की स्वास्थ्य सुरक्षा योजना पश्चिम बंगाल में नहीं लागू होगी: ममता बनर्जी

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि केंद्र सरकार की राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा योजना में 40 प्रतिशत पैसा राज्य सरकार को देना है. जब राज्य के पास पहले से ही ऐसी योजना मौजूद है तो किसी और योजना पर राजस्व ख़र्च नहीं किया जा सकता.

मध्य प्रदेश के कृषिमंत्री बालकृष्ण पाटीदार. (फोटो साभार: न्यूज़ 18)

ओलावृष्टि पर मध्य प्रदेश के कृषि मंत्री ने कहा, हनुमान चालीसा पढ़ने से किसानों को राहत मिलेगी

एक वीडियो में पूर्व भाजपा विधायक रमेश सक्सेना कथित तौर पर किसानों को यह सुझाव देते नज़र आए थे, जिसका मध्य प्रदेश के कृषि राज्य मंत्री बालकृष्ण पाटीदार ने समर्थन किया है.

A woman winnowing wheat at a wholesale grain market on the outskirts of Ahmedabad, Gujarat, May 7, 2013. Credit Amit Dave/Reuters

किसानों को लागत का डेढ़ गुना न्यूनतम समर्थन मूल्य देने का वादा एक जुमले से ज़्यादा कुछ नहीं

बजट में न्यूनतम समर्थन मूल्य को लेकर केंद्र की मोदी सरकार की ओर से किए गए प्रावधानों पर कृषि विशेषज्ञों को संदेह है. उनके अनुसार, न्यूनतम समर्थन मूल्य में इज़ाफ़ा काफ़ी नहीं, यह भी देखा जाना ज़रूरी है कि बहुत थोड़े किसानों की पहुंच एमएसपी तक है.

मध्य प्रदेश के बेतूल ज़िले में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने भाजपा को वोट न देने की शपथ ली है. (फोटो साभार: दैनिक भास्कर)

मध्य प्रदेश: ‘हम जनविरोधी भाजपा को वोट नहीं करेंगे’

मध्य प्रदेश के इटारसी में छात्र-छात्राओं द्वारा भाजपा को वोट न करने की शपथ लेने से शुरू हुआ सिलसिला पूरे राज्य में जारी है. प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों से भाजपा को वोट न करने की शपथ लेने की ख़बरें आ रही हैं.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

‘बजट में किसानों को गुमराह ही नहीं किया बल्कि धोखा भी दिया गया है’

वीडियो: इस साल के बजट में कृषि और किसानों को लेकर की गई घोषणाओं पर कृषि विशेषज्ञ देविंदर शर्मा से द वायर के संस्थापक संपादक एमके वेणु की बातचीत.

बीते रविवार को राजस्थान के बूंदी ज़िले के छापरदा गांव में फसलों के लिए पानी की मांग को लेकर किसानों ने पेड़ों से उल्टा लटक कर प्रदर्शन किया. (फोटो साभार: पत्रिका)

राजस्थान: फसलों के लिए पानी की मांग को लेकर पेड़ों से उल्टा लटक किसान कर रहे प्रदर्शन

राजस्थान के बूं​दी ज़िले के किसानों का कहना है कि कई बार प्रशासन से नहर का पानी पहुंचाने की मांग की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही. फसलों को पानी की ज़रूरत है. अगर पानी नहीं मिला तो वे सूख जाएंगी.

फोटो: रॉयटर्स

पर्याप्त ख़रीद व्यवस्था की कमी से सभी फसलों को एमएसपी के दायरे में लाना मुश्किल: कृषि विशेषज्ञ

कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यह प्रावधान तभी लाभकारी होगा जब किसान अपनी उपज उपयुक्त माध्यम से बेचे. देश में अधिक खाद्य उत्पादन के बावजूद किसानों को उनकी मेहनत का फल नहीं मिल रहा.

The Prime Minister, Shri Narendra Modi addressing at the ceremony to lay Foundation Stone of Projects under Namami Gange & National Highway projects, in Mokama, Bihar on October 14, 2017.

बिहार में मोदी की सभा के लिए चढ़ी थी 35 एकड़ फसल की बलि, किसानों को मुआवज़े में चवन्नी भी नहीं मिली

बिहार के पटना ज़िले में आने वाले मोकामा टाल में पिछले साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसभा के लिए प्रशासन ने किसानों से ज़मीन ली थी, लेकिन साढ़े तीन महीने से अधिक वक़्त बीतने के बाद भी उन्हें बतौर मुआवज़ा कुछ नहीं मिला.

(फाइल फोटो: पीटीआई)

सरकार ने किसानों को बेवकूफ़ बनाया, मार्च में 180 किसान संगठन करेंगे प्रदर्शन: योगेंद्र यादव

बजट में न्यूनतम समर्थन मूल्य फसल उत्पादन लागत का डेढ़ गुना तक बढ़ाने के प्रस्ताव में स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों की अनदेखी के चलते किसान संगठनों ने सड़कों पर उतरने की चेतावनी दी.

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बजट 2018: वादों और दावों की भूलभुलैया

दो हज़ार करोड़ के फंड के साथ पचास करोड़ लोगों को बीमा देने की करामात भारत में ही हो सकती है. यहां के लोग ठगे जाने में माहिर हैं. दो बजट पहले एक लाख बीमा देने का ऐलान हुआ था, आज तक उसका पता नहीं है.

कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया. (फोटो साभार: विकिपीडिया)

कर्नाटक: सरकार ने बदला ‘निर्दोष अल्पसंख्यकों’ पर दर्ज़ मामले वापस लेने संबंधी पुलिस सर्कुलर

गृह मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने विपक्ष द्वारा तुष्टिकरण के आरोप पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि सर्कुलर सच्चर कमेटी की सिफ़ारिशों पर आधारित था.

Kolkata: Farmers plant paddy saplings in a field as the Boro paddy season starts, in the outskirts of Kolkata on Monday morning. PTI Photo (PTI1_29_2018_000045B)

बजट किसानों को चकमा देने के लिए होगा, वादे लबालब और नतीजे ठनठन

आपके मुल्क में अक्टूबर से लेकर आधी जनवरी तक एक फिल्म को लेकर बहस हुई है. साढ़े तीन महीने बहस चली. नौकरी पर इतनी लंबी बहस हुई? बेहतर है आप भी सैलरी की नौकरी छोड़ हिंदू-मुस्लिम डिबेट की नौकरी कर लीजिए.

फोटो: पीटीआई

मोदी सरकार के कार्यकाल में किसान आत्महत्या दर में 45 फ़ीसदी का इज़ाफ़ा: कांग्रेस

कांग्रेस बोली, पिछले 3 सालों में 38 हज़ार किसानों ने आत्महत्या की है. 35 किसान हर दिन आत्महत्या कर रहे हैं. सरकार ने किसानों की जगह अमीरों का क़र्ज़ माफ़ किया.

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आज जो भाजपा है वह अटल और आडवाणी की भाजपा नहीं है: यशवंत सिन्हा

वरिष्ठ भाजपा नेता यशवंत सिन्हा ने आरोप लगाया कि विपक्ष में रहते हुए भाजपा ने जिन मुद्दों का विरोध किया था, सरकार में आने के बाद उन मुद्दों को स्वीकार कर रही है.

उत्तर प्रदेश में लखनऊ की सड़कों पर किसानों ने आलू फेंके. (फोटो: एएनआई)

उचित दाम नहीं मिलने के विरोध में किसानों ने लखनऊ की सड़कों पर फैलाया आलू

राज्य सरकार ने बताया यह किसानों का नहीं, शरारती तत्वों का काम. उत्तर प्रदेश में कई स्थानों पर किसान सड़क पर फेंक रहें हैं आलू.

फोटो: रॉयटर्स

मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और पंजाब में क़र्ज़ में डूबे चार किसानों ने आत्महत्या की

राष्ट्रीय किसान मंच ने कहा, उत्तर प्रदेश सरकार किसान विरोधी है, किसानों के मुद्दे उठाने से रोक रही है. पंजाब में सर्वाधिक किसान आत्महत्याएं पूर्व मुख्यमंत्री बादल के गृह ज़िले में.

फोटो: रॉयटर्स

किसानों को फ़सलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य नहीं मिल पा रहा: मोदी सरकार

सीताराम येचुरी ने कहा, कृषि विकास दर 4.5 प्रतिशत से घटकर 2.1 प्रतिशत हुई, किसान आत्महत्याएं ख़तरनाक स्तर पर पहुंचीं, क़र्ज़माफ़ी सिर्फ़ बड़े कॉरपोरेट डिफॉल्टर्स के लिए.

पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा और द वायर के संस्थापक संपादक एमके वेणु. (फोटो: द वायर)

मोदी के कार्यकाल को देखें तो यह आर्थिक मोर्चे पर नाकामी की कहानी है: यशवंत सिन्हा

विशेष साक्षात्कार: पूर्व वित्त मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता यशवंत सिन्हा से मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों, कृषि संकट और बेरोज़गारी जैसे मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं द वायर के संस्थापक संपादक एमके वेणु.

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न्यू इंडिया में प्रधानमंत्री एक के बाद एक चुनाव लड़ेंगे और किसान ख़ुदकुशी करेंगे

साल 2017 एक तरह से किसान आंदोलनों का साल रहा. पूरे बरस भर देश के किसी न किसी हिस्से में किसान आंदोलन करते रहे.