कृषि मंत्रालय

Amritsar: Farmers thrash paddy at a field near Amritsar, Saturday, Nov. 2, 2019.(PTI Photo)(PTI11_2_2019_000126B)

फसलों का उचित दाम दिलाने वाली योजना का बजट बढ़ाने की हुई थी मांग, वित्त मंत्रालय ने नकारा

द वायर द्वारा प्राप्त किए गए दस्तावेज़ों से पता चलता है कि कृषि मंत्रालय ने कहा था कि चूंकि पीएम-किसान योजना के तहत पूरी राशि ख़र्च नहीं हो पा रही है, इसलिए जो राशि बच गई है उसे अन्य योजनाओं के इस्तेमाल में लाया जा सकता है. हालांकि वित्त मंत्रालय ने इस मांग को ख़ारिज कर दिया था.

Nadia: A farmer prepares land for cultivation during Monsoon season, in Nadia district of West Bengal, Tuesday, July 9, 2019. (PTI Photo)(PTI7_9_2019_000060B)

फसलों के उचित दाम देने वाली योजना के बजट में बड़ी कटौती, 2019-20 के लिए भी फंड घटा

मोदी सरकार ने 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य को पाने के लिए पिछले कुछ सालों में कई कृषि योजनाओं को लॉन्च किया था. हालांकि इनके लागू होने की खराब स्थिति के चलते सरकार ने वित्त वर्ष 2019-20 के लिए इन योजनाओं के आवंटित बजट में बड़ी कटौती की है.

Karad: Farmers plough their field as they sow soyabean at a field in Ghogaon village near Karad, Friday, July 5, 2019. Finance Minister Nirmala Sitharaman said the government will invest widely in agriculture infrastructure and support private entrepreneurship for value addition in farm sector. (PTI Photo) (PTI7_5_2019_000217B)

सत्यापन किए बिना 500 करोड़ रुपये की कृषि आय को टैक्स से छूट दी गई: कैग

कैग ने इस बात को लेकर चेताया है कि अगर बिना सत्यापन के कृषि आय के तहत टैक्स छूट दी जाती रहेगी तो इसकी आड़ में बेहिसाब काला धन आने की आशंका है.

Amritsar: Farmers plant paddy seedlings in a field in a village near Amritsar on Friday. PTI Photo   (PTI6_16_2017_000065B)

पीएम किसान योजना: हर किसान को छह हज़ार रुपये सालाना देने के प्रस्ताव को मंज़ूरी

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के दायरे में सभी किसानों को शामिल करने को मंत्रिमंडल की मंज़ूरी. योजना के तहत अब 14.5 करोड़ किसान लाभान्वित होंगे. इससे सरकारी खजाने पर 87,000 करोड़ रुपये सालाना बोझ पड़ेगा.

बीते 25 अप्रैल को वाराणसी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रोड शो किया. (फोटो साभार: ट्विटर)

50 किसानों के बाद, तीन तेलुगू कार्यकर्ता भी मोदी के ख़िलाफ़ वाराणसी से लड़ेंगे चुनाव

कार्यकर्ताओं ने कहा कि वे इसलिए वाराणसी से चुनाव लड़ रहे हैं ताकि फ्लोरोसिस से प्रभावित उनके ज़िले पर राष्ट्रव्यापी चर्चा हो और लोगों का इस पर ध्यान जाए.

Chennai: Former Kolkata High Court Judgec Justice CS Karnan being taken by West Bengal police to that city at the airport in Chennai on Wednesday.  He was arrested yesterday night from Coimbatore. PTI Photo by R Senthil Kumar(PTI6_21_2017_000105B)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ख़िलाफ़ वाराणसी से चुनाव लड़ेंगे जस्टिस कर्णन

सुप्रीम कोर्ट व हाईकोर्ट के जजों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाने वाले जस्टिस सीएस कर्णन को जून 2017 में सेवानिवृत्ति के बाद छह महीने की जेल की सज़ा काटनी पड़ी थी. वाराणसी के साथ उन्होंने मध्य चेन्नई लोकसभा सीट के लिए भी अपना नामांकन दाख़िल किया है.

Farmers from the southern state of Tamil Nadu pose half shaved during a protest demanding a drought-relief package from the federal government, in New Delhi, India April 3, 2017. REUTERS/Cathal McNaughton      TPX IMAGES OF THE DAY

मोदी के खिलाफ़ 111 किसान: भाजपा ने उनकी मांगों को घोषणापत्र में शामिल करने का किया वादा

वाराणसी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ़ चुनाव लड़ने की घोषणा कर चुके 111 किसानों की योजना है कि वे अपना नामांकन दाखिल करेंगे और अघोरी साधुओं की वेषभूषा में मोदी के खिलाफ प्रचार करेंगे.

RPT--New Delhi: Tamil farmers during their protest with skulls and bones for loan waiver and drought-relief package, at Jantar Mantar in New Delhi on Tuesday. Tamil farmers had grabbed eyeballs with their unique protests, earlier this year too. PTI Photo by Shahbaz Khan(PTI7_18_2017_000082A)

नरेंद्र मोदी के ख़िलाफ़ वाराणसी से चुनाव लड़ेंगे तमिलनाडु के 111 किसान

प्रधानमंत्री मोदी पर वादा नहीं पूरा करने का आरोप लगाते हुए किसान नेता अय्याकन्नु ने कहा कि हम चाहते हैं कि भाजपा अपने घोषणापत्र में हमारी मांगों को शामिल करे. अगर वे ऐसा करते हैं तो हम अपना फैसला वापस ले लेंगे.

(फोटो: रॉयटर्स)

आंकड़े बताते हैं कि खेती में आमदनी दोगुनी करने का नारा जुमला ही रहने वाला है

2015-16 से तीन साल तक 10.4 प्रतिशत की दर से प्रगति करने पर ही हम कृषि क्षेत्र में दोगुनी आमदनी के लक्ष्य को पा सकते थे. इस वक़्त यह 2.9 प्रतिशत है. मतलब साफ है लक्ष्य तो छोड़िए, लक्षण भी नज़र नहीं आ रहे हैं. अब भी अगर इसे हासिल करना होगा तो बाकी के चार साल में 15 प्रतिशत की विकास दर हासिल करनी होगी जो कि मौजूदा लक्षण के हिसाब से असंभव है.

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मोदी सरकार का यू-टर्न, नई रिपोर्ट में कहा- नोटबंदी का किसानों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा

कृषि मंत्रालय ने 20 नवंबर को संसदीय समिति को दी गई वह रिपोर्ट वापस ले ली, जिसमें कहा गया था कि नोटबंदी के चलते किसान खाद और बीज नहीं खरीद सके थे. समिति को दी गई नई रिपोर्ट में मंत्रालय ने कहा है कि नोटबंदी का कृषि क्षेत्र पर अच्छा असर पड़ा.

फोटो: रॉयटर्स

नोटबंदी से किसानों पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ा: कृषि मंत्रालय

कृषि मंत्रालय ने स्वीकार किया है कि नोटबंदी की वजह से किसानों को खाद और बीज खरीदने में गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ा था.

A woman winnowing wheat at a wholesale grain market on the outskirts of Ahmedabad, Gujarat, May 7, 2013. Credit Amit Dave/Reuters

किसानों को लागत का डेढ़ गुना न्यूनतम समर्थन मूल्य देने का वादा एक जुमले से ज़्यादा कुछ नहीं

बजट में न्यूनतम समर्थन मूल्य को लेकर केंद्र की मोदी सरकार की ओर से किए गए प्रावधानों पर कृषि विशेषज्ञों को संदेह है. उनके अनुसार, न्यूनतम समर्थन मूल्य में इज़ाफ़ा काफ़ी नहीं, यह भी देखा जाना ज़रूरी है कि बहुत थोड़े किसानों की पहुंच एमएसपी तक है.

तमिलनाडु के किसानों की पिछले प्रदर्शन की तस्वीर

तमिलनाडु सरकार किसानों के कल्याण के लिए किए गए कामों का हिसाब दे : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने एक याचिका की सुनवाई के दौरान मांगा जवाब, याचिका में केंद्र से 40,000 करोड़ के सूखा राहत पैकेज, कृषि ऋण माफी और कावेरी प्रबंधन बोर्ड की स्थापना की मांग की गई है.