कृषि संकट

Chikmagalur: Labours sort onions in Chikmagalur, Karnataka, Saturday, Dec. 7, 2019. Onion prices continue to soar across the country. (PTI Photo) (PTI12_7_2019_000025B)

प्याज़ का भाव 165 रुपये किलो तक पहुंचा, आयातित प्याज़ 20 जनवरी तक आने की संभावना

देश के अधिकांश शहरों में प्याज़ के भाव 100 रुपये किलो के पार पहुंचे. प्याज के प्रमुख उत्पादक केंद्र महाराष्ट्र के नासिक में शुक्रवार को इसकी दर 75 रुपये किलो थी.

Chennai: Defence Minister Nirmala Sitharaman addresses a press conference at Officers Training Academy (OTA), in Chennai, Saturday, Sept 29, 2018. (PTI Photo) (PTI9_29_2018_000115B)

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा- ‘मैं ऐसे परिवार से आती हूं, जहां प्याज से मतलब नहीं रखते’

लोकसभा में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण प्याज के कम उत्पादन और बढ़ती कीमतों पर एनसीपी सांसद सुप्रिया सुले के सवाल का जवाब दे रही थीं. इसी दौरान एक सांसद ने उन्हें बीच में टोकते हुए पूछा, ‘क्या आप प्याज खाती हैं?’

प्रतीकात्मक तस्वीर (फोटो: रॉयटर्स)

आत्महत्या करने वाले किसानों के परिजनों को मुआवजा देने का प्रावधान नहीं: सरकार

राज्यसभा में कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री पुरुषोत्तम रूपाला ने कहा कि सरकार की ओर से किसानों की आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए कई कार्यक्रम अमल में लाए जा रहे हैं लेकिन आत्महत्या करने वाले किसानों को मुआवजा देने का प्रावधान वर्तमान में चलाई जा रही किसी नीति में नहीं है.

**EDS: WITH PTI STORY** New Delhi: Lebourers sort onions at Azadpur Mandi, a major market of the Agriculture Produce Marketing Committee (APMC), in New Delhi, Sunday, Sept. 22, 2019. Onion prices are spiralling reportedly due to shortage of supply, and also amid reports of crop damage and delay in arrivals of new crop. (PTI Photo/Shahbaz Khan) (PTI9_22_2019_000022B)

देशभर में प्याज़ की ऊंची कीमत से राहत नहीं, पणजी में भाव 110 रुपये किलो पहुंचा

उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में प्याज़ की कीमत 76 रुपये किलो, मुंबई में 92 रुपये किलो, कोलकाता में 100 रुपये किलो और चेन्नई में 80 रुपये किलो रही. बढ़ती कीमतों के बीच कई जगहों पर प्याज़ चोरी होने की घटनाएं भी सामने आई हैं.

Amritsar: Farmers plant paddy seedlings in a field in a village near Amritsar on Friday. PTI Photo   (PTI6_16_2017_000065B)

महाराष्ट्र: सरकारी रिपोर्ट में मराठवाड़ा के किसानों के लिए 2,904 करोड़ के मुआवजे की सिफारिश

महाराष्ट्र सरकार की एक रिपोर्ट में कहा गया कि बेमौसम बरसात से 44,33,549 किसान प्रभावित हुए और आठ जिलों में 41,49,175 हेक्टेयर जमीन पर फसल बर्बाद हुई.

नीति आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया (फोटो: पीटीआई)

हमारे हित में है आईसीईपी, बाहर रहे तो नहीं आएगी कोई बहुराष्ट्रीय कंपनी: अरविंद पनगढ़िया

अगस्त 2017 में नीति आयोग से इस्तीफा देने वाले अरविंद पनगढ़िया ने कहा कि आप आरसीईपी बाहर नहीं रह सकते हैं क्योंकि इसका मतलब होगा कि हम जो भी उन 15 देशों के बाजारों में निर्यात करेंगे उन पर भारी शुल्क लगेगा. वहीं, वे बिना किसी रोक-टोक के अपना सामान निर्यात करेंगे. इससे हमारे निर्यातकों को बहुत नुकसान होगा.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

साल 2016 में 11,379 किसानों ने आत्महत्या की, केंद्र ने अंतत: जारी किए आंकड़े

किसान आत्महत्या के मामले में महाराष्ट्र लगातार पहले स्थान पर बना हुआ है. साल 2016 में इस राज्य में सर्वाधिक 3,661 किसानों ने आत्महत्या की. इससे पहले 2014 में यहां 4,004 और 2015 में 4,291 किसानों ने आत्महत्या की थी.

RCEP Protest PTI

महात्मा गांधी की ओट लेकर आरसीईपी से बाहर रहने का फ़ैसला बहानेबाज़ी जैसा है

दुनिया की एक बड़ी आर्थिक शक्ति होने को लेकर भारत का दावा और शोर-शराबा ज़मीनी हक़ीक़त से मेल नहीं खाता.

Amritsar: Smoke rises as a farmer burns paddy stubbles at a village on the outskirts of Amritsar, Friday, Oct 12, 2018. Farmers are burning paddy stubble despite a ban, before growing the next crop. (PTI Photo) (PTI10_12_2018_1000108B)

पराली: सुप्रीम कोर्ट ने कहा, किसानों को सज़ा देना समाधान नहीं, उन्हें मूलभूत सुविधाएं दें

जस्टिस अरुण मिश्रा और जस्टिस दीपक गुप्ता की विशेष पीठ ने सुनवाई के बाद दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण की समस्या के समाधान के लिए अंतरिम आदेश पारित किया है.

Amritsar: A man sorts onions at a wholesale vegetable market at Walla, on the outskirts of Amritsar, Wednesday, Nov. 6, 2019. The retail price of onions has risen by 45 per cent in the last one week to Rs 80/kg despite the central government's measures to boost supply and contain price rise. (PTI Photo)(PTI11_6_2019_000171B)

दिल्ली में प्याज़ 80 रुपये किलो, एक हफ्ते में 45 प्रतिशत बढ़े दाम

महाराष्ट्र जैसे प्याज़ उत्पादक राज्यों में भारी बारिश के बाद इसकी आपूर्ति पर असर पड़ा है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक प्याज़ की कीमतों में पिछले साल की तुलना में क़रीब तीन गुना वृद्धि हुई है. नवंबर 2018 में खुदरा बाज़ार में प्याज़ का भाव 30-35 रुपये किलो था.

MS Swaminathan mssrf foundation

प्रदूषण के लिए किसानों को दोष देना बंद करें, पराली के लिए धान जैविक पार्क बनाएं: स्वामीनाथन

प्रख्यात कृषि वैज्ञानिक एमएस स्वामीनाथन ने कहा कि किसानों को दोष देने के बजाय राज्य सरकारों को अपने यहां धान जैविक पार्क लगाना चाहिए ताकि किसान पराली या पुआल को रोज़गार और आय कमाने में परिवर्तित कर सकें.

The Prime Minister, Shri Narendra Modi in a group photograph with other world leaders, at the 3rd RCEP Summit, in Bangkok, Thailand on November 04, 2019.

आरसीईपी समझौते में शामिल नहीं होगा भारत, कहा- हमारी चिंताएं दूर नहीं हुईं

भारत अपने उत्पादों के लिए बाजार पहुंच का मुद्दा काफी जोर-शोर से उठा रहा था, जिसका हल नहीं निकाला जा सका. आरसीईपी में दस आसियान देश और उनके छह मुक्त व्यापार भागीदार चीन, भारत, जापान, दक्षिण, कोरिया, भारत, आस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड शामिल हैं.

Modi and Prayut Chan-o-cha thailand twitter

थाईलैंड के वाणिज्य मंत्री ने कहा, भारत आरसीईपी समझौते पर हस्ताक्षर करेगा

आरसीईपी समझौता 10 दक्षिण पूर्व एशियाई देशों और चीन, दक्षिण कोरिया, जापान, भारत, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के बीच व्यापार संधि है.

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‘आरसीईपी समझौते से करोड़ों दूध उत्पादक किसान बर्बाद हो जाएंगे’

साक्षात्कार: क़रीब 250 किसान संगठनों के सबसे बड़े मोर्चे अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति (एआईकेसीसी) ने आरसीईपी (क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक भागीदारी) व्यापार संधि के ख़िलाफ़ चार नवंबर को देश भर में मार्च निकालने की घोषणा की है. संगठन के संयोजक वीएम सिंह से बातचीत.

New Delhi: An aerial view of Connaught Place shrouded in heavy haze post-Diwali celebrations, in New Delhi, Monday, Oct. 28, 2019. Delhi had anticipated the season's worst pollution levels in the morning after Diwali, but the air quality, although "very poor", turned out better than the last three years, according to data of the government's air quality monitors. (PTI Photo/Manvender Vashist)(PTI10_28_2019_000161B)

दिल्ली: ज़हरीली धुंध से लगातार तीसरे दिन हालात बदतर, सुबह-शाम की सैर से बचने की सलाह

दिल्ली सरकार ने स्कूलों से खुले में होने वाली सभी गतिविधियां रोकने को कहा. घातक प्रदूषण स्तर के चलते डॉक्टरों ने मास्क पहनकर चलने सहित कई सावधनियां बरतने का परामर्श जारी किया है. दफ़्तर आने जाने के समय में बदलाव करने पर हो रहा विचार.

Amritsar: Smoke rises as a farmer burns paddy stubbles at a village on the outskirts of Amritsar, Friday, Oct 12, 2018. Farmers are burning paddy stubble despite a ban, before growing the next crop. (PTI Photo) (PTI10_12_2018_1000108B)

पंजाब में पराली जलाने की संख्या में बढ़ोतरी, एक दिन में 3,105 मामले सामने आए

पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने की वजह से दिल्ली के प्रदूषण में भारी बढ़ोतरी होती है. इसी के चलते हाल में दिल्ली और पंजाब के मुख्यमंत्रियों के बीच विवाद शुरू हो गया और दोनों ने एक दूसरे को इसके लिए ज़िम्मेदार ठहराया.

Amritsar: Despondent farmer inspects his flattened paddy crop following monsoon rainfall, on the outskirts of Amritsar, Sunday, Sept. 29, 2019. (PTI Photo) (PTI9_29_2019_000141B)

फसल बीमा योजना के 50 फीसदी दावों का भुगतान सिर्फ़ 30-45 ज़िलों में किया जा रहा है

विशेष रिपोर्ट: केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने इसके कारणों का पता लगाने के लिए राज्य सरकारों के साथ मिलकर जांच शुरू की है. इसके अलावा किसानों के 5,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा के दावे का भुगतान नहीं किया जा सका है, जबकि दावा भुगतान की समय-सीमा काफी पहले ही पूरी हो चुकी है.

प्रतीकात्मक तस्वीर (फोटो: रॉयटर्स)

प्याज 70-80 रुपये किलो पहुंची, स्टॉक की सीमा पर विचार कर रही है सरकार

उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार दिल्ली में पिछले सप्ताह प्याज की खुदरा कीमत 57 रुपये किलो रही. वहीं मुंबई में यह 56 रुपये, कोलकाता में 48 रुपये और चेन्नई में 34 रुपये किलो थी. गुरुग्राम और जम्मू में प्याज 60 रुपये किलो पर पहुंच गया है.

Karad: Farmers plough their field as they sow soyabean at a field in Ghogaon village near Karad, Friday, July 5, 2019. Finance Minister Nirmala Sitharaman said the government will invest widely in agriculture infrastructure and support private entrepreneurship for value addition in farm sector. (PTI Photo) (PTI7_5_2019_000217B)

क्या किसानों को इस बजट से छलावे के सिवा कुछ हासिल नहीं हुआ?

साल 2019-20 का कृषि बजट करीब एक लाख 30 हज़ार करोड़ रुपये है, जो कुल बजट का केवल 4.6 फीसदी है. इसमें से 75,000 करोड़ रुपये पीएम-किसान योजना के लिए आवंटित किए गए हैं. इस तरह अन्य कृषि योजनाओं के लिए सिर्फ 55,000 करोड़ रुपये ही बचते हैं.

Kolkata: Farmers plant paddy saplings in a field as the Boro paddy season starts, in the outskirts of Kolkata on Monday morning. PTI Photo (PTI1_29_2018_000045B)

खरीफ 2019-20 की फसलों के एमएसपी में मामूली बढ़ोतरी, धान में सिर्फ 3.7 फीसदी की वृद्धि

केंद्र सरकार द्वारा धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य में 65 रुपये प्रति क्विंटल, ज्वार में 120 रुपये प्रति क्विंटल और रागी में 253 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है.

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किसानों की आय बढ़ाने के लिए धान की फसल के हर हिस्से की मूल्यवृद्धि की ज़रूरत: स्वामीनाथन

भारत में हरित क्रांति के जनक एमएस स्वामीनाथन ने राष्ट्रीय किसान आयोग की सिफारिशों को जल्द लागू करने की मांग की. इसके मुताबिक किसानों को लागत का कम से कम डेढ़ गुना न्यूनतम समर्थन मूल्य मिलना चाहिए.

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सूखा झेल रहे किसानों पर दोहरी मार, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का 40 फीसदी दावा बकाया

द वायर एक्सक्लूसिव: आरटीआई के जरिए प्राप्त किए गए आंकड़ों के मुताबिक 12,867 करोड़ के कुल अनुमानित दावे में से अब तक 7,696 करोड़ रुपये का ही भुगतान किया गया है. जबकि, खरीफ 2018 सीजन के लिए बीमा कंपनियों ने कुल 20,747 करोड़ रुपये का प्रीमियम इकट्ठा किया था.

नरेंद्र मोदी. (फोटो साभार: पीआईबी)

कृषि कल्याण सेस ख़त्म करने के बाद भी सरकार ने वसूला 1300 करोड़ रुपये से ज़्यादा का टैक्स

द वायर एक्सक्लूसिव: एक जुलाई, 2017 को कृषि कल्याण सेस ख़त्म कर दिया गया था, लेकिन आरटीआई से मिली जानकारी बताती है कि जनता से अब भी यह टैक्स वसूला जा रहा है.

Kolkata: Farmers plant paddy saplings in a field as the Boro paddy season starts, in the outskirts of Kolkata on Monday morning. PTI Photo (PTI1_29_2018_000045B)

भारत के पास नहीं हैं सही और प्रामाणिक कृषि आंकड़े

कृषि क्षेत्र के बहुत सारे आंकड़े या तो उपलब्ध नहीं है या देरी से जारी किए गए हैं. अक्सर, यह आंकड़े, दूसरे आंकड़ों से मिलते जुलते नहीं हैं.

Cotton Farmers Reuters

महाराष्ट्र: कपास किसानों की कब्रगाह बन चुके पश्चिमी विदर्भ का चुनावी हाल

महाराष्ट्र के पश्चिमी विदर्भ की चार यवतमाल-वासिम, अकोला, बुलढाणा और अमरावती सीटों की स्थिति. महाराष्ट्र का यह वो क्षेत्र, जहां बुलेट ट्रेन की कोई चर्चा ही नहीं. नाराज काश्तकारों में किसान सम्मान योजना के प्रति भी ज़्यादा रुचि नहीं. भंवर जांगिड़ की रिपोर्ट.

(फोटो: रॉयटर्स)

ग्रामीण संकट: आठ सालों में पिछले साल मनरेगा के तहत नौकरियों की सबसे अधिक मांग रही

मौजूदा वित्त वर्ष (25 मार्च तक) में मनरेगा के तहत 255 करोड़ व्यक्ति कार्य दिवस पैदा किया गया जो कि 2010-11 के बाद से इस योजना के तहत व्यक्ति कार्य दिवस की सबसे अधिक संख्या है.

sam pitroda ani

कांग्रेस नेता सैम पित्रोदा ने कहा, देश बड़े रोज़गार संकट से गुजर रहा है

सैम पित्रोदा ने कहा कि हमनें नई नौकरियों का सृजन नहीं किया है बल्कि पहले से मौजूद रोजगारों को ही खत्म कर दिया है इसलिए आज एक प्रमुख चुनौती यह है कि नई नौकरियों का सृजन कैसे किया जाए.

Baska: Farmers plant paddy saplings in a field at Boglamari, in Baska district of Assam on Wednesday, July 11, 2018. (PTI Photo) (PTI7_11_2018_000049B)

2011 से 2018 तक में करीब तीन करोड़ खेतिहर मज़दूरों का रोज़गार छिना: एनएसएसओ रिपोर्ट

एनएसएसओ द्वारा साल 2017-2018 में किए गए सर्वेक्षण से ये पता चला है कि 2011-12 से लेकर 2017-18 के बीच खेत में काम करने वाले अस्थायी मजदूरों में 40 फीसदी की गिरावट आई है. खात बात ये है कि सरकार ने इस सर्वेक्षण को जारी करने से मना कर दिया है.

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विपक्ष को मोदी के उग्र एजेंडा के जाल से बचना होगा

भाजपा ने आम चुनाव में राष्ट्रवाद और पाकिस्तान से ख़तरे को मुद्दा बनाने का मंच सजा दिया है. वो चाहती है कि विपक्ष उनके उग्रता के जाल में फंसे, क्योंकि विपक्षी दल उसकी उग्रता को मात नहीं दे सकते. विपक्ष को यह समझना होगा कि जनता में रोजगार, कृषि संकट, दलित-आदिवासी और अल्पसंख्यकों पर बढ़ते अत्याचार जैसे मुद्दों को लेकर काफी बेचैनी है और वे इनका हल चाहते हैं.

(फोटो: रॉयटर्स)

आंकड़े बताते हैं कि खेती में आमदनी दोगुनी करने का नारा जुमला ही रहने वाला है

2015-16 से तीन साल तक 10.4 प्रतिशत की दर से प्रगति करने पर ही हम कृषि क्षेत्र में दोगुनी आमदनी के लक्ष्य को पा सकते थे. इस वक़्त यह 2.9 प्रतिशत है. मतलब साफ है लक्ष्य तो छोड़िए, लक्षण भी नज़र नहीं आ रहे हैं. अब भी अगर इसे हासिल करना होगा तो बाकी के चार साल में 15 प्रतिशत की विकास दर हासिल करनी होगी जो कि मौजूदा लक्षण के हिसाब से असंभव है.

Maharashtra Kisan March

नासिक-मुंबई किसान मार्च: महाराष्ट्र पुलिस ने दूसरी बड़ी रैली से पहले लोगों को हिरासत में लिया

नंदूरबार ज़िले के किसान संगठन सत्यशोधक शेतकरी सभा ने आरोप लगाया है कि महाराष्ट्र पुलिस ने उनके 3000 लोगों को हिरासत में लिया था. नासिक से मुंबई तक किसान मार्च 20 फरवरी से प्रस्तावित है.

Modi Ambani Rahul Gandhi PTI Reuters Twitter

क्यों देश की राजनीतिक और आर्थिक ताक़त कुछ परिवारों तक सिमटकर रह गई है

क्या अगले आम चुनाव में मोदी सरकार या महागठबंधन में से कोई नेता या दल अपने चुनावी घोषणा-पत्र में यह वादा कर सकता है कि वो देश की आम जनता को शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधा देने की संवैधानिक जवाबदारी निभाने के लिए 2019 से देश के अरबपतियों और अमीरों पर उचित टैक्स लगाने का काम करेगा?

अमर्त्य सेन. (फोटो: रॉयटर्स)

कांग्रेस रोज़गार देने में अच्छी नहीं थी, लेकिन मोदी सरकार में हालात और बदतर हो गए: अमर्त्य सेन

नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन ने कहा कि मोदी सरकार द्वारा सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से पिछड़े तबके को आरक्षण देना अव्यवस्थित सोच है. आरक्षण को असमानता के कारण लागू किया गया था और यह कभी भी आय का प्रश्न नहीं था.

A worker prepares to package a milk from Holstein Friesian cows into retail sachets at the Som milk farm in the outskirts of Mogadishu, Somalia August 1, 2018.  Picture taken August 1, 2018.  REUTERS/Feisal Omar - RC16ABF2B6B0

जलवायु परिवर्तन के दायरे में दुग्ध उत्पादन भी, नहीं संभले तो अगले साल तक दिखने लगेगा असर

भाजपा सांसद मुरली मनोहर जोशी की अध्यक्षता वाली संसदीय समिति की रिपोर्ट में कहा गया है कि 2020 तक चावल के उत्पादन में चार से छह प्रतिशत, आलू में 11 प्रतिशत, मक्का में 18 प्रतिशत और सरसों के उत्पादन में दो प्रतिशत तक की कमी संभावित है. इसके अलावा एक डिग्री सेल्सियस तक तापमान वृद्धि के साथ गेंहू की उपज में 60 लाख टन तक कमी आ सकती है.

A farmer shows wheat crop damaged by unseasonal rains in his wheat field at Sisola Khurd village in the northern Indian state of Uttar Pradesh, March 24, 2015. To match Insight INDIA-MODI/  Picture taken March 24, 2015. REUTERS/Anindito Mukherjee

फसल बीमा से प्राइवेट कंपनियों ने कमाए करीब 3000 करोड़, सरकारी कंपनियों को घाटा: रिपोर्ट

भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण की रिपोर्ट के मुताबिक मार्च 2018 तक में फसल बीमा के तहत कार्यरत सरकारी कंपनियों को 4,085 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. इसमें से सबसे बड़ा घाटा एआईसी को हुआ है.

अमर्त्य सेन (फोटो: पीटीआई)

सामान्य वर्ग को आरक्षण एक अव्यवस्थित सोच, गंभीर प्रभाव पड़ सकते हैं: अमर्त्य सेन

नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन ने कहा कि भाजपा समाज को बांटने वाली नीतियों को आगे बढ़ाने का काम कर रही है. उन्होंने नागरिकता बिल को भेदभावपूर्ण बताया है.

The Prime Minister, Shri Narendra Modi being presented a "Plough" as symbol of farming at the launching ceremony of DD Kisan Channel, in New Delhi on May 26, 2015. 
The Union Minister for Agriculture, Shri Radha Mohan Singh is also seen.

कृषि को लेकर नीतियां बहुत हैं लेकिन किसानों की आय बढ़ाने पर ज़ोर नहीं: संसदीय समिति

वरिष्ठ भाजपा नेता मुरली मनोहर जोशी की अध्यक्षता वाली संसदीय समिति ने कहा कि सरकार टिकाऊ खेती के लिए पहल तो कर रही है लेकिन उसमें किसान केंद्र में नहीं है. स्थायी व्यवसाय के रूप में कृषि तभी बच सकती है जब किसानों को खुद को बचाए रखने का मौका दिया जाएगा.

(फोटो: रॉयटर्स)

कृषि क़र्ज़ माफ़ी उतनी ग़लत नीति नहीं है जितनी कि लोग सोचते हैं: अमर्त्य सेन

प्रख्यात अर्थशास्त्री और नोबेल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन ने कहा कि मैं इस बात से सहमत नहीं हूं कि क़र्ज़ माफ़ी पूरी तरह से मूर्खतापूर्ण नीति है.

फोटो: रॉयटर्स

19000 किलो आलू बेचने पर किसान को मिले 490 रुपये, नाराज़ होकर पूरा पैसा मोदी को भेजा

उत्तर प्रदेश में आगरा के किसान प्रदीप शर्मा ने फसल बीमा के संबंध में कृषि विभाग में भ्रष्टाचार का भी आरोप लगाया है. इससे पहले शर्मा ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से इच्छामृत्यु की अनुमति मांगी थी.