कृषि संकट

The Prime Minister, Shri Narendra Modi addressing the gathering at Kisan Kalyan Mela, in Sehore, Madhya Pradesh on February 18, 2016.

मोदी सरकार फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी पर सच क्यों नहीं बोल रही है?

केंद्र की मोदी सरकार धान का एमएसपी 200 रुपये बढ़ाकर ऐतिहासिक मूल्य वृद्धि का दावा कर रही है लेकिन सच्चाई ये है कि ये मूल्य स्वामीनाथन आयोग की सिफ़ारिश के मुक़ाबले 590 रुपये कम है.

प्रतीकात्मक तस्वीर (फोटो: पीटीआई)

आर्थिक मानकों पर देश के 10 करोड़ किसान परिवार बहुत ही असुरक्षित हैं

नाबार्ड के हालिया अध्ययन के मुताबिक भारत में 10.07 करोड़ किसानों में से 52.5 प्रतिशत क़र्ज़ में दबे हुए हैं. वर्ष 2017 में एक किसान परिवार की कुल मासिक आय 8,931 रुपये थी.

Amritsar: Farmers plant paddy seedlings in a field in a village near Amritsar on Friday. PTI Photo   (PTI6_16_2017_000065B)

2016 में कुल कृषि ऋण का 18 फी​सदी हिस्सा सिर्फ 0.15 प्रतिशत खातों में डाला गया

विशेष रिपोर्ट: द वायर द्वारा दायर की गई आरटीआई से ये जानकारी सामने आई है कि साल 2016 में सरकारी बैंकों द्वारा 78,322 खातों में, जोकि कृषि लोन पाने वाले कुल खातों का 0.15 फीसदी है, एक लाख 23 हज़ार करोड़ (12,34,81,89,70,000) रुपये डाले गए थे. ये राशि कुल दिए गए कृषि लोन का 18.10 फीसदी है.

(फोटो: रॉयटर्स)

मोदी सरकार ने एक साल में 615 खातों को दिया लगभग 59 हज़ार करोड़ रुपये का कृषि लोन

विशेष रिपोर्ट: आरटीआई के जरिए यह सामने आया है कि साल 2016 में 615 खातों को औसतन 95 करोड़ से ज़्यादा का कृषि लोन दिया गया है. कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि सस्ते दर और आसान नियमों के तहत किसानों के नाम पर बड़ी-बड़ी कंपनियों को भारी भरकम लोन दिया जा रहा है.

प्रतीकात्मक तस्वीर (फोटो: पीटीआई)

तीन साल में 17 प्रतिशत घटी किसानों की खेती से कमाई, 10 प्रतिशत कम हुए कृषि परिवार

राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) की रिपोर्ट के मुताबिक एक कृषि परिवार की मासिक औसत कमाई 8,931 रुपये है. देश के आधे से ज़्यादा कृषि परिवार क़र्ज़ के दायरे में हैं और हर एक व्यक्ति पर औसतन एक लाख से ज़्यादा का क़र्ज़ है.

The Prime Minister, Shri Narendra Modi at Kisan Kalyan Mela, in Sehore, Madhya Pradesh on February 18, 2016.
	The Chief Minister of Madhya Pradesh, Shri Shivraj Singh Chouhan, the Union Ministers and other dignitaries are also seen.

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के बारे में ज़्यादातर किसानों को जानकारी नहीं: सर्वे

वेदर रिस्क मैनेजमेंट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड (डब्ल्यूआरएमएस) कंपनी के एक सर्वे में यह बात सामने आई कि सिर्फ 28.7 प्रतिशत किसानों को ही प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की जानकारी है.

Mumbai: Farmers of All Indian Kisan Sabha (AIKS) march from Nashik to Mumbai to gherao Vidhan Bhawan on March 12, demanding a loan waiver, in Mumbai on Sunday. PTI Photo by Mitesh Bhuvad (PTI3_11_2018_000152B)

कृषि संकट पर अखिल भारतीय किसान सभा का जेल भरो आंदोलन, एमएस स्वामीनाथन ने किया समर्थन

कृषि वैज्ञानिक एमएस स्वामीनाथन ने कहा कि किसानों के लिए सी2+50 प्रतिशत पर आधारित एमएसपी और एक अनुकूल खरीद नीति होनी चाहिए.

श्यामसुंदर प्रसाद चौरसिया ने 4 कट्ठे में पान की खेती की थी. शीतलहर ने पान बर्बाद कर दिया. उन्हें अब तक मुआवज़ा नहीं मिला है. (फोटो: उमेश कुमार राय/द वायर)

बिहार के पान उगाने वाले किसानों को नीतीश सरकार से कोई उम्मीद क्यों नहीं है

ग्राउंड रिपोर्ट: इस साल जनवरी में मगही पान की खेती करने वाले किसानों की फसल सर्दी की वजह से बर्बाद हो गई. सरकार की ओर से मुआवज़े का आश्वासन मिलने के बाद भी इन्हें कोई मदद नहीं मिल सकी है.

Jaipur: A farmer harvests wheat crop at a field in Chandlai village of Jaipur on Friday. PTI Photo(PTI3_23_2018_000200B)

न्यूनतम समर्थन मूल्य: मोदी सरकार का ऐतिहासिक दाम का दावा ऐतिहासिक झूठ है

वीडियो: मोदी सरकार द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य में किए गए बदलाव और किसानों के मुद्दों पर स्वराज इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगेंद्र यादव से कबीर अग्रवाल की बातचीत.

प्रतीकात्मक तस्वीर (फोटो: पीटीआई)

महाराष्ट्र: तीन महीनों में क़र्ज़ और फसल ख़राब होने से 639 किसानों ने की आत्महत्या

राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने विधानसभा में जानकारी देते हुए बताया कि 1 मार्च से 31 मई 2018 के बीच 639 किसानों ने आत्महत्या की है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और छत्तीसगढ़ की महिला किसान चंद्रमणि कौशिक. (फोटो: पीटीआई/यूट्यूब)

छत्तीसगढ़ की महिला किसान की आय दोगुनी होने वाली बात में कितनी सच्चाई है?

बीते 20 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर के किसानों को संबोधित किया था. तब छत्तीसगढ़ की एक महिला किसान ने दावा किया था कि उनकी आय दोगुनी हो गई है. वहीं उनके ग्राम प्रधान ने एक समाचार चैनल से बातचीत में दावा किया कि प्रधानमंत्री से बातचीत से पहले दिल्ली से एक टीम आई थी जिसने बताया था कि किस सवाल का कैसा जवाब देना है.

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जन गण मन की बात, एपिसोड 254: विश्व पर्यावरण दिवस और किसान आंदोलन

जन गण मन की बात की 254वीं कड़ी में विनोद दुआ विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर देश में बढ़ते प्रदूषण और विभिन्न मांगों को लेकर गांवबंद आंदोलन कर रहे किसानों पर चर्चा कर रहे हैं.

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मोदी के चार साल: देश का किसान दुख और विनाश के चक्रव्यूह में फंस गया है

देश में पिछले चार वर्षों में कृषि विकास दर का औसत 1.9 प्रतिशत रहा. किसानों के लिए समर्थन मूल्य से लेकर, फसल बीमा योजना, कृषि जिंसों का निर्यात, गन्ने का बकाया भुगतान और कृषि ऋण जैसे बिंदुओं पर केंद्र सरकार पूर्णतया विफल हो गई है.

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बागपत में गन्ने के बकाया भुगतान की मांग को लेकर धरने पर बैठे किसान की मौत

कैराना लोकसभा उपचुनाव से ठीक एक दिन पहले 27 मई को बागपत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली है. लेकिन इससे पहले पांच दिन से धरने पर बैठे एक किसान की मौत हो गई है.

Amritsar: Farmers plant paddy seedlings in a field in a village near Amritsar on Friday. PTI Photo   (PTI6_16_2017_000065B)

बिहार के बटाईदार किसानों की सुध क्यों नहीं ले रही सरकार

ग्राउंड रिपोर्ट: बिहार में किसान आत्महत्या की घटनाएं कम होने का मतलब यह कतई नहीं कि यहां के किसान खेती कर मालामाल हो रहे हैं. कृषि संकट के मामले में बिहार की तस्वीर भी दूसरे राज्यों की तरह भयावह है.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

‘बजट में किसानों को गुमराह ही नहीं किया बल्कि धोखा भी दिया गया है’

वीडियो: इस साल के बजट में कृषि और किसानों को लेकर की गई घोषणाओं पर कृषि विशेषज्ञ देविंदर शर्मा से द वायर के संस्थापक संपादक एमके वेणु की बातचीत.

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क्या मोदी सरकार का ‘इंडिया शाइनिंग’ पल आ चुका है?

1999 में एनडीए-1 ने 8% जीडीपी वृद्धि दर के साथ अपनी पारी की शुरुआत की थी, लेकिन बाद के तीन वित्तीय वर्षों के बीच जीडीपी वृद्धि दर में तेज़ गिरावट देखी गई. यही कहानी एनडीए-2 में भी दोहराई जा रही है.

फोटो: पीटीआई

मोदी सरकार के कार्यकाल में किसान आत्महत्या दर में 45 फ़ीसदी का इज़ाफ़ा: कांग्रेस

कांग्रेस बोली, पिछले 3 सालों में 38 हज़ार किसानों ने आत्महत्या की है. 35 किसान हर दिन आत्महत्या कर रहे हैं. सरकार ने किसानों की जगह अमीरों का क़र्ज़ माफ़ किया.

फोटो: रॉयटर्स

मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और पंजाब में क़र्ज़ में डूबे चार किसानों ने आत्महत्या की

राष्ट्रीय किसान मंच ने कहा, उत्तर प्रदेश सरकार किसान विरोधी है, किसानों के मुद्दे उठाने से रोक रही है. पंजाब में सर्वाधिक किसान आत्महत्याएं पूर्व मुख्यमंत्री बादल के गृह ज़िले में.

पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा और द वायर के संस्थापक संपादक एमके वेणु. (फोटो: द वायर)

मोदी के कार्यकाल को देखें तो यह आर्थिक मोर्चे पर नाकामी की कहानी है: यशवंत सिन्हा

विशेष साक्षात्कार: पूर्व वित्त मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता यशवंत सिन्हा से मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों, कृषि संकट और बेरोज़गारी जैसे मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं द वायर के संस्थापक संपादक एमके वेणु.

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न्यू इंडिया में प्रधानमंत्री एक के बाद एक चुनाव लड़ेंगे और किसान ख़ुदकुशी करेंगे

साल 2017 एक तरह से किसान आंदोलनों का साल रहा. पूरे बरस भर देश के किसी न किसी हिस्से में किसान आंदोलन करते रहे.

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2017 में ज़्यादातर देशों की जीडीपी बढ़ी, बेरोज़गारी घटी लेकिन भारत में ऐसा नहीं हुआ

2017 को एक ऐसे साल के तौर पर याद किया जाएगा, जिसमें भारतीय अर्थव्यवस्था को अपने ही हाथों भारी नुकसान पहुंचाया गया. इससे जीडीपी में तीव्र गिरावट आयी और पहले से ही नए रोज़गार निर्माण की ख़राब स्थिति और बदतर हुई.

फोटो: रॉयटर्स

अनाज उत्पादन पिछले साल के रिकॉर्ड स्तर पर, दाम को लेकर बढ़ सकती हैं किसानों की दिक्कतें

विशेषज्ञों का कहना है कि कृषि क्षेत्र में संकट बढ़ रहा है. उपज का दाम समर्थन मूल्य से नीचे आता है, तो किसानों को मुश्किल होगी. पिछले दो साल में किसानों की आमदनी बुरी तरह प्रभावित हुई है.

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पिछले 17 साल में महाराष्ट्र में 26,339 किसानों ने की आत्महत्या

राजस्व मंत्री ने विधानसभा में कहा, आत्महत्या करने वाले कुल किसानों में से 12,805 किसानों ने क़र्ज़, बंजर ज़मीन और ऋण के भुगतान को लेकर दबाव के चलते यह क़दम उठाया.

पूर्व केंद्रीय कृषि मंत्री और राकांपा अध्यक्ष शरद पवार. (फोटो: रॉयटर्स)

मोदी ने देश को तबाह कर दिया है और प्रधानमंत्री पद की गरिमा कम की है: शरद पवार

पूर्व कृषि मंत्री ने कहा, मनमोहन सिंह पर ऐसे आरोप लगाते हुए मोदी को शर्म आनी चाहिए. किसानों से कहा, सरकार को बिजली बिल और दूसरे बकाये का भुगतान न करें.

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महाराष्ट्र में तीन साल में 10,000 किसानों ने ख़ुदकुशी की: विपक्ष

राज्य के मराठवाड़ा क्षेत्र के आठ जिलों में जनवरी से अब तक 907 किसानों ने क़र्ज़ और फ़सल ख़राब होने के चलते आत्महत्या कर ली.

A farmer throws water after making a canal to irrigate his field in Kolkata, India, May 12, 2016. REUTERS/Rupak De Chowdhuri####################RUPAK DE CHOWDHURI

नोटबंदी पर जश्न का दिन भी किसानों के लिए मौत का दिन था

मध्य प्रदेश में दो, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ और पंजाब में एक-एक किसानों ने की आत्महत्या, महाराष्ट्र में जनवरी से लेकर अक्टूबर तक 2,414 किसानों ने आत्महत्या की.

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मोदी को सवाल पूछने वाले पसंद नहीं हैं: भाजपा सांसद

महाराष्ट्र से भाजपा सांसद नाना पटोले ने दावा किया कि जब हमने किसानों की समस्या पर बात करनी चाही तो मोदी बहुत नाराज़ हो गए और हमें चुप करा दिया.