कृषि संकट

Vishesh Report 11 May

उत्तर प्रदेश: प्रतिदिन महज़ दो किसानों से भी गेहूं नहीं ख़रीद पा रहे हैं राज्य के ख़रीद केंद्र

विशेष रिपोर्ट: उत्तर प्रदेश में 15 अप्रैल से शुरू हुई गेहूं ख़रीद के लिए राज्य सरकार ने 55 लाख टन गेहूं ख़रीद का लक्ष्य रखा है. अब तक 5,831 ख़रीद केंद्रों ने 1.95 लाख किसानों से गेहूं खरीदा है. इस हिसाब से एक खरीद केंद्र ने 22 दिनों में औसतन 33 किसानों से गेहूं ख़रीदा, यानी एक दिन में औसतन 1.5 किसान ही गेहूं बेच सके.

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‘सभी को दाल’ देने का सीतारमण का वादा अभी तक क्यों लागू नहीं किया गया?

देश में एक राशन कार्ड पर एक किलो दाल के आधार पर एक महीने के लिए 2,36,000 टन दाल की जरूरत है. लेकिन केवल 19,496 टन यानी कि 8.2 फीसदी दाल का ही अभी तक राज्यों में वितरण हुआ है.

A woman winnowing wheat at a wholesale grain market on the outskirts of Ahmedabad, Gujarat, May 7, 2013. Credit Amit Dave/Reuters

पिछले पांच सालों में बिहार में गेहूं ख़रीद केंद्रों में 82 फीसदी की कमी, देश में 25 फीसदी की गिरावट

कोरोना वायरस चलते पूरे देश में लागू लॉकडाउन के बीच किसान रबी फसलों की बिक्री को लेकर चिंतित हैं. कई राज्यों में फसलें कट भी चुकी हैं. किसानों को उनके उत्पाद की ब्रिकी को लेकर सरकार से उचित घोषणा और प्रबंधन का इंतज़ार है.

फोटो: रॉयटर्स

केंद्र ने सात लाख टन दाल आयात करने का नया कोटा तय किया, किसानों के लिए संकट

केंद्र द्वारा तय किए गए नए कोटे के तहत विदेशों से मटर और तूअर दाल की ख़रीदी की जानी है. इसके चलते घरेलू दालों के दाम गिर सकते हैं और देश के किसानों को इसका ख़ामियाजा भुगतना पड़ सकता है.

Amritsar: A farmer shows his wheat crop flattened and damaged by strong winds and rains on the outskirts of Amritsar, Wednesday, April 17, 2019. (PTI Photos)

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में बदलावों से कौन होगा प्रभावित?

हाल ही में मोदी सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में कई बदलावों को मंजूरी दी है. इसके तहत केंद्र ने अपनी प्रीमियम सब्सिडी को घटा ली है. विशेषज्ञों का कहना है कि इससे राज्यों पर काफी भार बढ़ सकता है.

Nadia: A farmer prepares land for cultivation during Monsoon season, in Nadia district of West Bengal, Tuesday, July 9, 2019. (PTI Photo)(PTI7_9_2019_000060B)

कृषि मंत्रालय खुद ये मानता है कि एमएसपी बढ़ाने पर बाज़ार में विकृति आने का सीधा संबंध नहीं

द वायर द्वारा प्राप्त किए गए कृषि मंत्रालय के आंतरिक गोपनीय दस्तावेज़ों से पता चलता है कि सरकार ख़ुद ये स्वीकार करती है कि अधिक एमएसपी किसानों को कीमतों में उतार-चढ़ाव की स्थिति से निकालने के लिए ज़रूरी है. हालांकि इसके बावजूद केंद्र पिछले कई सालों से लागत का डेढ़ गुना दाम देने की मांग को दरकिनार करती आ रही है.

(फाइल फोटो: पीटीआई)

भाजपा शासित राज्यों समेत कई प्रदेशों ने की थी एमएसपी बढ़ाने की सिफ़ारिश, केंद्र ने ठुकराया

द वायर एक्सक्लूसिव: आरटीआई के तहत प्राप्त किए गए दस्तावेज़ बताते हैं कि महाराष्ट्र, राजस्थान, उत्तर प्रदेश समेत कई अन्य राज्यों ने केंद्र द्वारा निर्धारित एमएसपी पर सहमति नहीं जताई थी. राज्यों ने अपने यहां की उत्पादन लागत के हिसाब से समर्थन मूल्य तय करने की सिफ़ारिश की थी, लेकिन केंद्र ने सभी प्रस्तावों को ख़ारिज कर दिया.

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण. (फोटो: पीटीआई)

आर्थिक समीक्षा में विकिपीडिया, अन्य निजी संस्थानों से भी लिए गए आंकड़े

केंद्रीय बजट से एक दिन पहले जारी किए गए आर्थिक सर्वे में भगवद गीता, ऋगवेद, कौटिल्य के अर्थशास्त्र, तमिल संत तिरुवल्लुवुर की शिक्षाओं ‘द तिरुकुरल’ के उद्धरण भी दिए गए हैं.

Karad: Farmers plough their field as they sow soyabean at a field in Ghogaon village near Karad, Friday, July 5, 2019. Finance Minister Nirmala Sitharaman said the government will invest widely in agriculture infrastructure and support private entrepreneurship for value addition in farm sector. (PTI Photo) (PTI7_5_2019_000217B)

आर्थिक सर्वे में कृषि मशीनीकरण पर जोर, जल संरक्षण के लिए माइक्रो इरिगेशन पर फोकस

रिपोर्ट में इस ओर इशारा किया गया है कि अगर सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य को पूरा करना चाहती है तो उसे कृषि क्षेत्र में मूलभूत चुनौतियों का समाधान करना होगा.

Nagpur: A farmer ploughs his field at a cotton plantation, in Hingna village near Nagpur, Friday, July 5, 2019. (PTI Photo) (PTI7_5_2019_000147B)

कृषि विकास दर में गिरावट जारी, अर्थव्यवस्था में हिस्सेदारी घटकर 16.5 फीसदी हुई: आर्थिक सर्वे

वित्त वर्ष 2019-20 के लिए कृषि विकास दर घटकर मात्र 2.8 फीसदी पर आ गई है. आर्थिक सर्वे 2019-20 में कृषि क्षेत्र की मूलभूत चुनौतियों का समाधान करने के लिए कहा गया है.

Nadia: A farmer prepares land for cultivation during Monsoon season, in Nadia district of West Bengal, Tuesday, July 9, 2019. (PTI Photo)(PTI7_9_2019_000060B)

देश में प्रति कृषि परिवार की राष्ट्रीय मासिक औसत आय 6426 रुपये, हर दिन मात्र 214 रुपये

पंजाब में प्रति कृषि परिवार की मासिक औसत आय 18,059 रुपये है, जबकि हरियाणा में प्रति कृषि परिवार की मासिक औसत आय 14,434 रुपये, जम्मू कश्मीर में 12,683 रुपये और केरल में 11,888 रुपये है.

Chikmagalur: Labours sort onions in Chikmagalur, Karnataka, Saturday, Dec. 7, 2019. Onion prices continue to soar across the country. (PTI Photo) (PTI12_7_2019_000025B)

प्याज़ का भाव 165 रुपये किलो तक पहुंचा, आयातित प्याज़ 20 जनवरी तक आने की संभावना

देश के अधिकांश शहरों में प्याज़ के भाव 100 रुपये किलो के पार पहुंचे. प्याज के प्रमुख उत्पादक केंद्र महाराष्ट्र के नासिक में शुक्रवार को इसकी दर 75 रुपये किलो थी.

Chennai: Defence Minister Nirmala Sitharaman addresses a press conference at Officers Training Academy (OTA), in Chennai, Saturday, Sept 29, 2018. (PTI Photo) (PTI9_29_2018_000115B)

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा- ‘मैं ऐसे परिवार से आती हूं, जहां प्याज से मतलब नहीं रखते’

लोकसभा में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण प्याज के कम उत्पादन और बढ़ती कीमतों पर एनसीपी सांसद सुप्रिया सुले के सवाल का जवाब दे रही थीं. इसी दौरान एक सांसद ने उन्हें बीच में टोकते हुए पूछा, ‘क्या आप प्याज खाती हैं?’

प्रतीकात्मक तस्वीर (फोटो: रॉयटर्स)

आत्महत्या करने वाले किसानों के परिजनों को मुआवजा देने का प्रावधान नहीं: सरकार

राज्यसभा में कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री पुरुषोत्तम रूपाला ने कहा कि सरकार की ओर से किसानों की आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए कई कार्यक्रम अमल में लाए जा रहे हैं लेकिन आत्महत्या करने वाले किसानों को मुआवजा देने का प्रावधान वर्तमान में चलाई जा रही किसी नीति में नहीं है.

**EDS: WITH PTI STORY** New Delhi: Lebourers sort onions at Azadpur Mandi, a major market of the Agriculture Produce Marketing Committee (APMC), in New Delhi, Sunday, Sept. 22, 2019. Onion prices are spiralling reportedly due to shortage of supply, and also amid reports of crop damage and delay in arrivals of new crop. (PTI Photo/Shahbaz Khan) (PTI9_22_2019_000022B)

देशभर में प्याज़ की ऊंची कीमत से राहत नहीं, पणजी में भाव 110 रुपये किलो पहुंचा

उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में प्याज़ की कीमत 76 रुपये किलो, मुंबई में 92 रुपये किलो, कोलकाता में 100 रुपये किलो और चेन्नई में 80 रुपये किलो रही. बढ़ती कीमतों के बीच कई जगहों पर प्याज़ चोरी होने की घटनाएं भी सामने आई हैं.