कृषि

New Delhi: Children of the farmers who have committed suicide take part in a protest against the issue during 'Kisan Mukti Sansad' at Jantar Mantar, in New Delhi on Wednesday. PTI Photo by Subhav Shukla (PTI7_19_2017_000059A)

‘जीएसटी के लिए संसद को 12 बजे रात को खोला जा सकता है, मगर किसानों पर एक मिनट बात नहीं हो सकती’

राजग में शामिल पार्टी के सांसद का सवाल, क्या किसान आतंकवादी हैं? विपक्ष ने कहा, पहले फ़सलों के दाम दोगुना करने का वादा किया, अब किसानों पर गोली चला रही है सरकार.

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गोबर, गोमूत्र और गाय पर शोध के लिए समिति बनी, आरएसएस-विहिप सदस्य शामिल

सरकार ने 19 सदस्यीय समिति बनाई है जो गाय और उससे जुड़े पदार्थों के लाभ पर वैज्ञानिक रूप से विधिमान्य शोध करेगी.

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क्या खेती करने में बुद्धि का इस्तेमाल नहीं होता?

खेती से जुड़े किसी भी काम को अकुशल श्रम माना जाता है. क्या मिट्टी की पहचान के साथ फसल तय करने में बुद्धि का इस्तेमाल नहीं होता? बीज अंकुरित होगा या नहीं, यह जांचना गैर-तकनीकी काम है? कौन से उर्वरक-खाद डालना है, कब डालना है, क्या यह विशेषज्ञता का काम नहीं है?

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राजस्थान के किसानों ने 45 हजार गांवों में रखा बंद

फसलों के उचित मूल्य और कर्ज माफी को लेकर राजस्थान के किसान सड़क पर उतरे. मध्य प्रदेश में आत्महत्याओं का आंकड़ा पहुंचा 60 के पार.

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व्यवस्था ‘नत्था’ से किसानी छुड़ाकर मज़दूरी कराना चाहती है

‘पीपली लाइव’ किसान और मीडिया के चित्रण के जरिये भूमंडलीकरण की प्रक्रिया और उसके दुष्परिणामों की गहरी पड़ताल करता है. सिनेमा का व्यंग्यात्मक रुख राज्य और समाज के रवैये की भी पोल खोलता है.

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मंदसौर से निकली ‘किसान मुक्ति यात्रा’ को पुलिस ने रोका

किसान यात्रा में शामिल योगेंद्र यादव, मेधा पाटेकर समेत कई किसान नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया और उनके अगले पड़ाव पर छोड़ दिया.

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ख़ुशहाली मंत्रालय वाले मध्य प्रदेश में एक महीने में 50 से ज़्यादा किसानों ने की ख़ुदकुशी

मध्य प्रदेश में खुशहाली मंत्रालय है, राज्य को 4 बार कृषि कर्मण अवॉर्ड मिल चुका है, सरकार कृषि क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति​ का दावा करती है, फिर राज्य के किसान क़र्ज़ में कैसे डूबे हैं और वे आत्महत्या क्यों कर रहे हैं?

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‘यह कृषि प्रधान देश है, जहां पर किसान मरने के लिए है और बाक़ी सब लूट कर खाने के लिए’

छह जुलाई को मध्य प्रदेश के मंदसौर से किसान मुक्ति यात्रा की शुरुआत होगी जो कई राज्यों से होते हुए 18 जुलाई को दिल्ली पहुंचेगी.

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‘किसानों की क़र्ज़ माफ़ी से अर्थव्यवस्था बिगड़ती है, चंद घरानों का अरबों माफ़ करने से संवरती है’

सरकार को इसपर गंभीरता से विचार करना चाहिए कि अगर हम अपना कृषि क्षेत्र नहीं बचा पाए तो अर्थव्यवस्था भी नहीं बचा पाएंगे.

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हिंदुस्तान किसानों का क़ब्रिस्तान क्यों बनता जा रहा है?

राज्य बनने के बाद तेलंगाना में 3000, मध्य प्रदेश में 21 दिन में 40, मराठवाड़ा में दो हफ़्ते में 42 और छत्तीसगढ़ में एक पखवाड़े में 12 किसानों ने आत्महत्या की है.

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नोटबंदी के चलते किसानों को कृषि उपज का दाम 40 फीसदी तक कम मिला

देश में चल रहे किसान आंदोलन और कृषि की स्थिति पर द वायर के संस्थापक संपादक एमके वेणु और कृषि विशेषज्ञ देविंदर शर्मा की बातचीत.

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मध्य प्रदेश में एक पखवाड़े में 26 किसानों ने की आत्महत्या

पिछले 48 घंटे में देश भर से 14 किसानों के आत्महत्या करने की ख़बरें आ चुकी हैं. जिस तरह से किसान आत्महत्याएं हो रही हैं, यह किसी आपात स्थिति से ​कम नहीं है.

Mumbai : Police personnel inspect a charred vehicle that  was set ablaze by the farmers in Nevali during a violent protest against a proposed international airport on the outskirts of Mumbai on Thursday.  At least 25 people including policemen, locals and media persons were injured in the violence. PTI Photo  (PTI6_22_2017_000080B)

दस और किसानों ने की आत्महत्या, वेंकैया बोले क़र्ज़ माफ़ी फैशन बन गया है

महाराष्ट्र में चार, तमिलनाडु, केरल, राजस्थान और पंजाब में एक-एक किसान ने की आत्महत्या, मप्र में 8 जून से अब तक 17 किसान आत्महत्याएं.

Barabanki (UP): Bharatiya Kisan Union workers protest against killing of farmers in #Mandsaur at NH-28, perform 'shavaasana'.

सरकार के योगासन के विरोध में किसानों का ‘शवासन’

देश के कई हिस्सों में सरकार द्वारा किसानों की समस्या पर ध्यान न देने के विरोध में अनोखा प्रदर्शन. किसानों ने कहा- हम योग के विरोध में नहीं, सरकार के विरोध में हैं.

होशंगाबाद ज़िले के चपलासर गांव किसान नर्मदा प्रसाद यादव की आत्महत्या के बाद गांव में उदासी का माहौल है. (फोटो: द वायर)

ग्राउंड रिपोर्ट: नोटबंदी ने पहले से ही बेहाल किसानों को बर्बाद कर दिया

मोदी सरकार भले ही नोटबंदी की सफलता का डंका पीट रही है लेकिन मध्य प्रदेश में किसानों का कहना है कि नोटबंदी ने उन्हें तबाह कर दिया है.

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किसानों को तो मरना ही था, पुलिस न मारती तो आत्महत्या कर लेते

किसान को मारना सबसे आसान है. बल्कि मैं तो कहता हूं कि किसान को मारना दूसरी क्लास में ही सबको सिखा देना चाहिए. उसे न भी मारो तो वह ख़ुद ही मर जाता है. यह इतना फ़नी है कि हमें इस पर चुटकुले बनाने चाहिए और वॉट्सऐप पर फ़ॉरवर्ड करने चाहिए.

महाराष्ट्र में प्रदर्शन के दौरान किसान को पकड़ कर ले जाते पुलिसकर्मी. (फोटो: पीटीआई)

अगर हम किसानों के साथ नहीं खड़े हैं तो हमारी इंसानियत शक के दायरे में है

ये लोग नारा लगाते हैं जय जवान जय किसान! ज़्यादातर जवान किसान के ही बच्चे हैं. किसानों पर गोली चलाकर, आप सिर्फ़ सैनिकों के सहारे अपनी देशभक्ति प्रमाणित नहीं कर सकते.

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भारत कृषिप्रधान देश या किसानों की क़ब्रगाह?

नरेंद्र मोदी चुनाव प्रचार में कहते थे कि देश के संसाधनों पर पहला हक़ ग़रीबों और किसानों का है, लेकिन उनके कार्यकाल में किसान आत्महत्या की दर बढ़ गई.

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पुणे: किसान ने की आत्महत्या, सुसाइड नोट में लिखा- ‘मांगें पूरी होने तक अंत्येष्टि मत करना’

महाराष्ट्र के सोलापुर ज़िले की घटना, सुसाइड नोट में लिखा, जब तक मुख्यमंत्री उसके घर नहीं आते और उसकी मांगें पूरी नहीं करते, तब तक उसका अंतिम संस्कार नहीं किया जाना चाहिए.’

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‘किसानों के छोटे क़र्ज़ से दिक्कत है, उन उद्योगपतियों से नहीं जो हज़ारों करोड़ का लोन डकार जाते हैं’

कृषि, रोज़गार और महंगाई समेत दूसरे आर्थिक मसलों पर द वायर के संस्थापक संपादक एमके वेणु से अमित सिंह की बातचीत.

Indian Prime Minister Narendra Modi gestures on stage during a community reception at SAP Center in San Jose, California September 27, 2015. REUTERS/Stephen Lam

आंकड़े बताते हैं कि मोदी सरकार के तीन साल में अर्थव्यवस्था के अच्छे दिन नहीं आए

मोदी यह समझाने की कितनी भी कोशिश करें कि उनके आने से बदलाव आया है, लेकिन आंकड़े बताते हैं कि अर्थव्यवस्था से जुड़े अधिकांश क्षेत्रों में सरकार प्रगति करने के लिए जूझती नज़र आ रही है.

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सीएम पलानीस्वामी के आश्वासन के बाद किसानों का आंदोलन 25 मई तक स्थगित

तमिलनाडु के कुछ किसान जंतर मंतर पर पिछले 40 दिनों से प्रदर्शन कर रहे थे. उनका कहना है कि यदि हमारी मांगें मानी नहीं गईं तो 25 मई से फिर आंदोलन करेंगे.