कृषि

A vendor sells vegetables at a retail market in Kolkata, India, December 12, 2018. Photo Reuters Rupak De Chowdhuri

क्या है आवश्यक वस्तु अधिनियम और इसके संशोधन, जिसका किसान विरोध कर रहे हैं

केंद्र सरकार का दावा है कि इस क़ानून से कृषि क्षेत्र में निजी और प्रत्यक्ष निवेश में बढ़ोतरी होगी तथा कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास होगा, जिससे किसानों को अच्छे दाम मिलेंगे. वहीं विरोध कर रहे किसानों और विपक्ष का कहना है कि इससे सिर्फ़ जमाखोरों को लाभ होगा.

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

केंद्र ने पिछले छह वर्ष के दौरान किसी भी कृषि ऋण माफ़ी की घोषणा नहीं की है: कृषि मंत्री

लोकसभा में कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने बताया है कि केंद्र नहीं बल्कि राज्य अपने संसाधनों से अपनी स्वयं की आवश्यकता के अनुसार कृषि ऋण माफ़ी योजनाओं की घोषणा करते हैं.

मक्का किसान। (फोटो: हेमंत पांडेय)

‘किसानों की फ़सल सड़ रही है और सरकार विदेश से मक्का मंगा रही है’

रबी के सीज़न के दौरान देश में मक्का के कुल उत्पादन का 80 फ़ीसदी हिस्सा बिहार से आता है. लेकिन अब हाल यह है कि फ़सल की लागत तक न निकल पाने से निराश किसान मक्का जलाकर अपना विरोध जताने को मजबूर हैं.

बीट वन ग्राम. (सभी फोटो: मनोज सिंह)

यूपी: कृषि संसाधन होते हुए भी क्यों पलायन को मजबूर हुईं वनटांगियों की कई पीढ़ियां

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर-महराजगंज ज़िले को कभी बेशकीमती साखू-सागौन के जंगल लगाकर आबाद करने वाले वनटांगियों के पास पर्याप्त ज़मीन और कृषि संसाधन थे, लेकिन समय के साथ नई पीढ़ियां उचित आय और आजीविका के अभाव में शहर की राह पकड़ने को विवश हो गईं.

(फोटो: Special Arrangement)

‘वे आत्मनिर्भर भारत बनाना चाहते हैं, पर विदेश से मक्का मंगाकर आत्मनिर्भरता पर आघात कर रहे हैं’

मध्य प्रदेश के सिवनी में किसानों ने आयात के चलते मक्का की फसल की वाजिब क़ीमत न मिलने पर एक ऑनलाइन आंदोलन छेड़ा है, जिसे किसान सत्याग्रह का नाम दिया गया है. कोरोना संक्रमण के दौर में ये लोग पीड़ित किसानों की मांगों और परेशानियों को ऑनलाइन साझा करते हुए अपने लिए समर्थन जुटा रहे हैं.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

महाराष्ट्र: बारिश से फसल बर्बाद, मराठवाड़ा में चार दिन में दस किसानों ने आत्महत्या की

मध्य महाराष्ट्र के मराठवाड़ा में बेमौसम बारिश के चलते सोयाबीन, ज्वार, मक्का और कपास जैसी खरीफ की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है.

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हरियाणा भाजपा प्रमुख ने कहा, पार्टी में कभी जाति-बिरादरी की बात नहीं होती है

वीडियो: हरियाणा में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर द वायर के डिप्टी एडिटर गौरव विवेक भटनागर की प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुभाष बराला से बातचीत.

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हरियाणा: योगेंद्र यादव ने कहा, मनोहरलाल जी को मनोहर कहानियां सुनाना बंद करना चाहिए

वीडियो: हरियाणा के 22 जिलों में से 13 जिलों में नौ दिन का जन-सरोकार अभियान पूरा करके लौटे स्वराज अभियान के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगेंद्र यादव से राज्य की पहली भाजपा सरकार, किसानों और महिलाओं की स्थिति, बेरोज़गारी समेत विभिन्न मुद्दों पर द वायर के डिप्टी एडिटर गौरव विवेक भटनागर की बातचीत.

(फाइल फोटो: रॉयटर्स)

चुनाव के मौसम में ताजा हो उठा उत्तर प्रदेश की समूची गन्ना पट्टी के किसानों का दर्द

देश के चीनी के कटोरे के नाम से मशहूर पश्चिमी उत्तर प्रदेश का बागपत और कैराना इलाका चुनाव प्रचार के इस मौसम में पोस्टरों, झंडों, रैलियों से पटा पड़ा है. लेकिन इस चुनाव ने कई किसानों के घाव हरे कर दिए हैं.

अमर्त्य सेन. (फोटो: रॉयटर्स)

कांग्रेस रोज़गार देने में अच्छी नहीं थी, लेकिन मोदी सरकार में हालात और बदतर हो गए: अमर्त्य सेन

नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन ने कहा कि मोदी सरकार द्वारा सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से पिछड़े तबके को आरक्षण देना अव्यवस्थित सोच है. आरक्षण को असमानता के कारण लागू किया गया था और यह कभी भी आय का प्रश्न नहीं था.

अमर्त्य सेन (फोटो: पीटीआई)

सामान्य वर्ग को आरक्षण एक अव्यवस्थित सोच, गंभीर प्रभाव पड़ सकते हैं: अमर्त्य सेन

नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन ने कहा कि भाजपा समाज को बांटने वाली नीतियों को आगे बढ़ाने का काम कर रही है. उन्होंने नागरिकता बिल को भेदभावपूर्ण बताया है.

(फोटो: रॉयटर्स)

कृषि क़र्ज़ माफ़ी उतनी ग़लत नीति नहीं है जितनी कि लोग सोचते हैं: अमर्त्य सेन

प्रख्यात अर्थशास्त्री और नोबेल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन ने कहा कि मैं इस बात से सहमत नहीं हूं कि क़र्ज़ माफ़ी पूरी तरह से मूर्खतापूर्ण नीति है.

Jaipur: A farmer harvests wheat crop at a field in Chandlai village of Jaipur on Friday. PTI Photo(PTI3_23_2018_000200B)

न्यूनतम समर्थन मूल्य: मोदी सरकार का ऐतिहासिक दाम का दावा ऐतिहासिक झूठ है

वीडियो: मोदी सरकार द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य में किए गए बदलाव और किसानों के मुद्दों पर स्वराज इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगेंद्र यादव से कबीर अग्रवाल की बातचीत.

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जन गण मन की बात, एपिसोड 276: भीड़तंत्र और असल मुद्दों से भागती भाजपा

जन गण मन की बात की 276वीं कड़ी में विनोद दुआ लिंचिंग से निपटने के लिए क़ानून लाने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश और असल मुद्दों से भाजपा के कन्नी काटने पर चर्चा कर रहे हैं.