केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड

Ranchi: Chief Election Commissioner Sunil Arora after a review meeting with Jharkhand police officers and deputy commissioners to review the preparations for the upcoming Lok Sabha elections, in Ranchi, Wednesday, Jan. 30, 2019. (PTI Photo)(PTI1_30_2019_000125B)

धन के दुरुपयोग के चलते बेदाग चुनाव कराना एक चुनौती: मुख्य चुनाव आयुक्त

मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने कहा कि साफ-सुथरा चुनाव कराना हमारे लोकतंत्र की सबसे बड़ी चुनौती बन गया है, खासकर तब जब धन का उपयोग मतदाताओं को लुभाने के लिए किया जा रहा हो.

(फोटो :पीटीआई)

क्या चुनाव आयोग के पास पार्टियों को मिलने वाले धन और खर्च का खुलासा करने की शक्ति नहीं है: अदालत

दिल्ली उच्च न्यायालय ने चुनाव आयोग को हलफनामा दायर कर यह बताने को कहा कि उसके पास राजनीतिक दलों द्वारा किए गए खर्च का खुलासा करने के लिए क्या शक्तियां या विकल्प हैं.

निर्वाचन आयोग (फोटो: पीटीआई)

चुनाव आयोग के प्रस्ताव को मंज़ूरी, उम्मीदवारों को घोषित करने होंगे पांच साल के आयकर रिटर्न

आगामी लोकसभा चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को अनिवार्य रूप से अपने पिछले पांच सालों के आयकर रिटर्न और विदेशी संपत्तियों की जानकारी घोषित करनी होगी.

(फोटो: पीटीआई)

चार सालों में विभिन्न दलों को मिले 637.54 करोड़ के चंदे में से 488.94 करोड़ रुपये भाजपा के नाम

एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स की रिपोर्ट के अनुसार, इलेक्टोरल ट्रस्ट द्वारा दिए गए कुल चंदे में से 92.30 प्रतिशत यानी 588.44 करोड़ रुपये पांच राष्ट्रीय दलों की जेब में गए हैं. वहीं क्षेत्रीय दलों के खाते में सिर्फ 7.70 प्रतिशत या 49.09 करोड़ रुपये की राशि गई.

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क्या टाइम्स आॅफ इंडिया के संपादक ने अपने हित के लिए पत्रकारिता को ताक पर रख दिया?

अगर संपादक मंत्री से कहकर किसी नियुक्ति में कोई बदलाव करवा सकते हैं, तो क्या इसके एवज में मंत्रियों को अख़बारों की संपादकीय नीति प्रभावित करने की क्षमता मिलती है?