केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड

मथुरा में यमुना. (फाइल फोटो: पीटीआई)

तीन अखाड़ों के संतों ने कहा, जब तक यमुना साफ नहीं होगी, शाही स्नान में भाग नहीं लेंगे

मथुरा में चल रहे वृंदावन कुंभ के पहले शाही स्नान के दौरान यमुना का प्रदूषण देखते हुए महानिर्वाणी अखाड़े के प्रमुख महंत धर्मदास ने अगले तीनों शाही स्नान के बहिष्कार की घोषणा की है, जिसे महा निर्मोही और महा दिगंबर अखाड़ों के प्रमुखों ने भी सहमति दी है.

राष्ट्रीय राजधानी में शनिवार को घना कोहरा छाया रहा. (फोटो: एएनआई)

वायु प्रदूषण: दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता बहुत ख़राब श्रेणी में पहुंची

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में शनिवार सुबह घना कोहरा छाया रहा. सफ़दरजंग में दृश्यता गिरकर 50 मीटर और पालम में 250 मीटर रह गई थी. वायु गुणवत्ता और मौसम पूर्वानुमान एवं अनुसंधान केंद्र के अनुसार, वायु गुणवत्ता सूचकांक सुबह नौ बजे 331 रहा.

A Hindu devotee takes a ritual dip in the polluted Yamuna river in New Delhi March 21, 2010. The Earth is literally covered in water, but more than a billion people lack access to clean water for drinking or sanitation as most water is salty or dirty. March 22 is World Water Day. REUTERS/Danish Siddiqui (ENVIRONMENT)

साफ़ जल नागरिकों का मौलिक अधिकार, शासन यह सुनिश्चित करने को बाध्य: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने यमुना नदी में प्रदूषण से संबंधित दिल्ली जल बोर्ड की एक याचिका पर सुनवाई के दौरान देशभर की नदियों में प्रदूषण की न्यायिक समीक्षा का दायरा बढ़ाते हुए केंद्र सरकार, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और दिल्ली तथा हरियाणा सहित पांच राज्यों को नोटिस जारी किया है.

दिल्ली के एक अस्पताल से मेडिकल कचरा निकालता एक कर्मचारी. (फोटो: (फोटो: रॉयटर्स/अदनान आबिदी)

कोविड-19: देश में सात महीने में पैदा हुआ 33,000 टन मेडिकल कचरा, महाराष्ट्र में सर्वाधिक

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार पूरे देश में अक्टूबर महीने में सबसे अधिक 5,500 टन कोविड-19 कचरा पैदा हुआ. कोविड-19 बायो मेडिकल कचरे में पीपीई किट, मास्क, जूतों के कवर, दस्ताने, रक्त से दूषित चीजें इत्यादि आते हैं.

यमुना नदी. (फोटो: पीटीआई)

दिल्ली: यमुना में अमोनिया का स्तर बढ़ा, प्रदूषण के मुख्य स्रोतों की पहचान करने को कहा गया

यमुना निगरानी समिति ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को प्रदूषण के मुख्य स्रोतों की पहचान कर 10 जनवरी तक रिपोर्ट सौंपने को कहा है. यह निर्देश ऐसे वक़्त आया है, जब दिल्ली जल बोर्ड ने आरोप लगाया है कि बार-बार कहने के बावजूद हरियाणा ने उद्योगों से निकलने वाले गंदे पानी का बहाव रोकने के लिए क़दम नहीं उठाया है.

New Delhi: Parliament building engulfed in smog post Diwali celebrations, in New Delhi, Sunday, Nov. 15, 2020. Delhis air quality turned severe on Diwali with stubble burning accounting for 32 percent of the citys PM2.5 pollution and calm winds worsening the situation as they allowed the accumulation of pollutants. (PTI Photo/Kamal Singh)(PTI15-11-2020 000064B)

दिल्ली में वायु गुणवत्ता ‘अत्यंत ख़राब’ श्रेणी में पहुंची

भारत मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक हवा की गति और धीमी पड़ने का अनुमान है, इसलिए दिल्ली की वायु गुणवत्ता के अगले दो दिन में और ख़राब होने तथा ‘ख़राब’ से ‘अत्यंत ख़राब’ के बीच बनी रहने की आशंका है.

रविवार की सुबह दिल्ली में फैला स्मॉग. (फोटो: पीटीआई)

दिल्ली: प्रतिबंध के बावजूद ख़ूब चले पटाखे, प्रदूषण आपात स्थिति में पहुंचा

पीएम 2.5 कणों का आपात स्तर 300 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर और सुरक्षित स्तर 60 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर होता है. रविवार सुबह दिल्ली-एनसीआर में यह 396 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर था.

A residential area is seen shrouded in smog in New Delhi, India, November 9, 2020. REUTERS/Danish Siddiqui     TPX IMAGES OF THE DAY

दिल्ली प्रदूषण: स्थिति में सुधार, लेकिन वायु गुणवत्ता अब भी ‘बेहद ख़राब’

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने त्योहारी मौसम के दौरान प्रदूषण में बढ़ोतरी होने की संभावना देखते हुए दिल्ली-एनसीआर में 17 नवंबर तक हॉट मिक्स संयंत्र और स्टोन क्रशर को बंद करने का निर्देश दिया है. दिल्ली में लगातार छह दिनों तक प्रदूषण स्तर ‘गंभीर’ श्रेणी में बना रहा था.

New Delhi: Commuters drive through heavy smog, a day after Diwali celebrations, in New Delhi, Thursday, Nov 08, 2018. According to the officials, Delhi recorded its worst air quality of the year the morning after Diwali as the pollution level entered 'severe-plus emergency' category due to the rampant bursting of toxic firecrackers. (PTI Photo/Ravi Choudhary)(PTI11_8_2018_000035B)

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता ‘आपात’ श्रेणी के नज़दीक

राजधानी दिल्ली में लगातार छठे दिन वायु गुणवत्ता सूचकांक ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज किया गया. मौसम विज्ञान विभाग के पर्यावरण अनुसंधान केंद्र के प्रमुख ने कहा कि आने वाले दिनों में दिल्ली-एनसीआर की वायु गुणवत्ता में बड़ा सुधार आने की कोई अधिक संभावना नहीं है.

New Delhi: People, wearing masks to get protection from air-pollution, walk along a road in New Delhi, Friday, Nov. 1, 2019. ( PTI Photo/Manvender Vashist)  (PTI11_1_2019_000102B)

दिल्ली-एनसीआर की वायु गुणवत्ता लगातार पांचवें दिन गंभीर श्रेणी में, जल्द राहत की संभावना नहीं

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के समीर ऐप के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के प्रमुख शहरों में बुलंदशहर सबसे ज्यादा प्रदूषित रहा, इसके बाद ग़ाज़ियाबाद में सर्वाधिक प्रदूषण पाया गया. पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के हवा गुणवत्ता निगरानी केंद्र ‘सफर’ ने बताया कि सतही हवा की गति शांत है और अगले दो दिन तक इसके ऐसे ही बने रहने की संभावना है.

(फोटो: पीटीआई)

दिल्ली में धुंध से लोग परेशान, प्रदूषण का स्तर ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंचा

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक दिल्ली-एनसीआर में पीएम 10 का स्तर सुबह आठ बजे 561 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर रहा, जो कि पिछले साल 15 नवंबर के बाद से सर्वाधिक है. आसमान में धुंध छाने से लोगों ने गले में ख़राश और आंखों से पानी निकलने की शिकायत की.

(फोटो: पीटीआई)

दिल्ली की वायु गुणवत्ता ‘बहुत ख़राब’, प्रदूषण में पराली जलाने की हिस्सेदारी बढ़कर 36 फीसदी हुई

दिल्ली में शुक्रवार सुबह 9:30 बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक 380 दर्ज किया गया. बृहस्पतिवार को 24 घंटे का औसत सूचकांक 395 रहा था. पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की वायु गुणवत्ता निगरानी प्रणाली ‘सफ़र’ ने कहा कि सतह पर हवा की गति बढ़ने से शनिवार तक हालात में सुधार की उम्मीद है.

Amritsar: Smoke rises as a farmer burns paddy stubbles at a village on the outskirts of Amritsar, Friday, Oct 12, 2018. Farmers are burning paddy stubble despite a ban, before growing the next crop. (PTI Photo) (PTI10_12_2018_1000108B)

सुप्रीम कोर्ट ने पराली की निगरानी के लिए समिति बनाने के फ़ैसले पर रोक लगाई

16 अक्टूबर के अपने आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और दिल्ली में पराली जलाने की घटनाओं की निगरानी के लिए पूर्व जस्टिस मदन लोकुर की अध्यक्षता में एक सदस्यीय समिति गठित की थी.

चमड़ा कारखाना से गंगा नदी में बहता अपशिष्ट जल (फोटो: रॉयटर्स)

लॉकडाउन के दौरान गंगा समेत पांच प्रमुख नदियों के जल की गुणवत्ता में गिरावट: रिपोर्ट

प्रमुख नदियों में पानी की गुणवत्ता पर लॉकडाउन के प्रभाव पर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि नदियों के पानी की गुणवत्ता में सुधार न होने की वजह अशोधित अवजल को नदियों में छोड़ा जाना और पहाड़ों से ताज़ा पानी न आना है.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

ईंट-भट्ठों में अपशिष्ट से प्रदूषण संबंधी याचिका पर एनजीटी ने पर्यावरण मंत्रालय को लगाई फटकार

एनजीटी में दाख़िल एक याचिका में आरोप लगाया गया है कि सस्ते अपशिष्ट कागज और सड़क की सफाई से निकलने वाले अपशिष्ट को ईंट-भट्ठों में जलाने के लिए अमेरिका, यूरोप तथा अन्य देशों से आयात किया जाता है, जिससे भूमि एवं वायु प्रदूषण होता है.