कैग प्रमुख

भारतीय रिज़र्व बैंक (फोटो: रॉयटर्स)

सितंबर 2021 तक 25 साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच सकता है बैंकों का एनपीए: आरबीआई

आरबीआई की वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर वृहत आर्थिक माहौल और ख़राब होता है और गंभीर दबाव की स्थिति उत्पन्न होती है, तो सकल एनपीए अनुपात 14.8 प्रतिशत तक जा सकता है. सामान्य स्थिति में यह 13.5 प्रतिशत पर पहुंचेगा, जो 23 साल का उच्चतम स्तर होगा.

A trader wearing protective hand gloves counts Indian currency notes at a market during a 21-day nationwide lockdown to limit the spreading of coronavirus disease (COVID-19), in Kochi, India, March 27, 2020. REUTERS/Sivaram V

सरकार मदद करे, वरना एनपीए के कारण बैंक अर्थव्यवस्था के उबरने में बाधक बनेंगे: चार पूर्व गवर्नर

भारतीय रिज़र्व बैंक के चार पूर्व गवर्नरों ने तेज़ी से बढ़ते वित्तीय घाटे और महामारी के चलते अत्यधिक बुरी स्थिति में पहुंची अर्थव्यवस्था को लेकर गहरी चिंता जताई है. उन्होंने एनपीए की तरह ही कई चुनौतियों के प्रति आगाह किया है.

(फोटो: रॉयटर्स)

मार्च 2021 तक बैंकों का एनपीए पिछले दो दशक में सबसे अधिक होने की आशंका: आरबीआई

आरबीआई ने अपनी वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट में कहा है कि मार्च 2020 में 8.5 फीसदी की तुलना में मार्च 2021 तक बैंकों का एनपीए 12.5 फीसदी तक बढ़ सकता है. इससे पहले वैश्विक संस्था एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स ने अनुमान जताया था कि अगले साल तक भारत का एनपीए 13.2 फीसदी तक बढ़ जाएगा.

**FILE** Chennai: In this file photo dated Sept 5, 2017, former RBI Governor Raghuram G Rajan speaks at an event in Chennai. Rajan, in a note to Parliamentary panel, has said over optimistic bankers, slowdown in government decision making process and moderation in economic growth mainly contributed to the mounting bad loans. (PTI Photo) (PTI9_11_2018_000148B)

अगले छह महीने में एनपीए में अप्रत्याशित वृद्धि की आशंका: रघुराम राजन

रिज़र्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने एनपीए में संभावित बढ़ोतरी को लेकर कहा कि हम मुश्किल में हैं और जितनी जल्दी इसे स्वीकार करेंगे, उतना बेहतर होगा क्योंकि हमें वाकई में इस समस्या से निपटने की ज़रूरत है.

रिज़र्व बैंक आॅफ इंडिया. (फोटो: रॉयटर्स)

जब बैंक क़र्ज़ बांट रहे थे और वह एनपीए हो रहा था तो आरबीआई क्या कर रहा था: कैग

बैंकों की 31 मार्च, 2018 की स्थिति के मुताबिक 9.61 लाख करोड़ रुपये से अधिक के एनपीए में केवल 85,344 करोड़ रुपये कृषि और संबंधित क्षेत्र का है जबकि 7.03 लाख करोड़ रुपये की मोटी राशि औद्योगिक क्षेत्र को दिए गए क़र्ज़ से जुड़ी है.