कोबरापोस्ट

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कोबरापोस्ट का दावा, डीएचएफएल ने किया 31,000 करोड़ का घोटाला, अवैध तरीके से दिया भाजपा को चंदा

खोजी पत्रकारिता करने वाली न्यूज़ वेबसाइट कोबरापोस्ट ने दावा किया है कि हाउसिंग लोन देने वाली कंपनी डीएचएफएल ने कई शेल कंपनियों को करोड़ों रुपये का लोन दिया और फिर वही रुपया वापस उन्हीं कंपनियों के पास आ गया जिनके मालिक डीएचएफएल के प्रमोटर हैं. आरोप है कि इस तरीके से कंपनी ने करीब 31 हजार करोड़ से ज्यादा की हेराफेरी की.

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दिल्ली हाईकोर्ट ने रद्द किया कोबरापोस्ट की डॉक्यूमेंट्री सार्वजनिक करने से रोकने वाला आदेश

बीते मई में दिल्ली हाईकोर्ट ने कोबरापोस्ट के ऑपरेशन- 136 पर दैनिक भास्कर समूह की याचिका के बाद रोक लगा दी थी. शुक्रवार को इस आदेश को रद्द करते हुए अदालत ने कहा कि जब तक यह साबित न हो कि कथित अपमानजनक सामग्री दुर्भावनापूर्ण या झूठी है, तब तक एकतरफा रोक का आदेश नहीं दिया जाना चाहिए.

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पत्रकारिता को स्टिंग ऑपरेशन से ज़्यादा ख़तरा ज़हर फैला रहे मीडिया से है

मीडिया मालिक अख़बारों और न्यूज़ चैनलों को सुधारने के लिए कुछ करें या न करें, लेकिन यह तो तय है कि जब तक हर रोज़, हर न्यूज़रूम में प्रतिरोध की आवाज़ें मौजूद रहेंगी, तब तक भारतीय पत्रकारिता बनी रहेगी.

Photographers and video cameramen gather outside the special court in Mumbai May 18, 2007. The court on Friday commenced sentencing against the 100 people found guilty of involvement in the 1993 bombings in Mumbai which killed 257 people. REUTERS/Punit Paranjpe  (INDIA)

ये चुप्पी मीडिया नहीं, ‘पपी मीडिया’ है, जो सरकार के फेंके गए टुकड़ों पर पल रहा है

हिंदू-मुसलमान का एक्शन, ‘हिंदू खतरे में है’ का नाच, जेएनयू पर डायलॉग, संसद का सास-बहू, लव जिहाद का धोखा… पूरा देश समाचारों में एकता कपूर के सीरियल देख रहा है, वहीं भुखमरी, किसान आत्महत्या, बलात्कार, बेरोज़गारी, निर्माण और उत्पादकता का विनाश, महिला और दलित उत्पीड़न के बारे में नज़र आती है तो केवल… चुप्पी.

Episode 51

मीडिया बोल, एपिसोड 51: कोबरापोस्ट स्टिंग और तूतीकोरिन हिंसा

मीडिया बोल की 51वीं कड़ी में उर्मिलेश कोबरापोस्ट वेबसाइट द्वारा विभिन्न मीडिया संस्थानों पर किए गए स्टिंग ऑपरेशन और तमिलनाडु के तूतीकोरिन में हुई हिंसा पर राजस्थान पत्रिका के सलाहकार संपादक ओम थानवी और द वायर के संस्थापक संपादक सिद्धार्थ वरदराजन से चर्चा कर रहे हैं.

बेनेट कोलमैन एंड कंपनी लिमिटेड के कार्यकारी अध्यक्ष संजीव शाह (बाएं) और टाइम्स समूह के एमडी विनीत जैन (दाएं). (स्क्रीनग्रैब: कोबरापोस्ट)

हम कोबरापोस्ट का ‘रिवर्स स्टिंग’ कर रहे थे: टाइम्स समूह

टाइम्स समूह ने अपने बयान में कहा है, ‘हमें पता था कि कोबरापोस्ट का रिपोर्टर संदेहास्पद है. हमारे वरिष्ठ अधिकारियों ने उसकी सच्चाई जानने के लिए उसे लपेटे में लिया ताकि उसके पीछे कौन है, इसका पता लगाया जा सके.’

टाइम्स समूह के एमडी विनीत जैन. (फोटो साभार: फेसबुक/vineettimes, इलस्ट्रेशन: कर्णिका कोहली/द वायर)

टाइम्स समूह को लेकर कोबरापोस्ट का स्टिंग दिखाता है कि पैसा ही सबसे बड़ा है

कोबरापोस्ट के स्टिंग आॅपरेशन में टाइम्स समूह के एमडी विनीत जैन कहते नज़र आ रहे हैं कि एक कॉरपोरेट के तौर पर हमें निष्पक्ष दिखना है, मतलब देखने में निष्पक्ष लगना चाहिए.

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कोबरापोस्ट स्टिंग पर देश के प्रमुख अख़बारों की कवरेज कुछ ऐसी रही

मीडिया की कोबरापोस्ट स्टिंग पर कवरेज दिखाती है कि जब ख़ुद मीडिया पर सवाल उठते हैं, तब वह उसे कैसे रिपोर्ट करता है.

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कोबरापोस्ट के स्टिंग में पत्रकारिता का सौदा करने को तैयार दिखे तमाम मीडिया संस्थान

कोबरापोस्ट के स्टिंग ‘ऑपरेशन 136’ की दूसरी कड़ी में देश के कई नामचीन मीडिया संस्थान सत्ताधारी दल के लिए चुनावी हवा तैयार करने के लिए आध्यात्मिकता और धार्मिक प्रवचन के ज़रिये हिंदुत्व को बढ़ावा देने के लिए सहमत होते नज़र आए.

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कोबरापोस्ट स्टिंग: दो बांग्ला अख़बारों का हिंदुत्ववादी प्रोपेगेंडा से इनकार

जब कोबरापोस्ट के स्टिंग में देश के प्रमुख मीडिया संस्थान बिकने को बेताब दिखे, वहीं पश्चिम बंगाल के बर्तमान पत्रिका और दैनिक संबाद अख़बारों ने कोबरापोस्ट की पेशकश यह कहते हुए ठुकरा दी कि इस तरह का कंटेंट प्रकाशित करना कंपनी पॉलिसी और संस्थान की आत्मा के ख़िलाफ़ है.

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जन गण मन की बात, एपिसोड 249: बिकाऊ मीडिया और प्रधानमंत्री को पत्र

जन गण मन की बात की 249वीं कड़ी में विनोद दुआ पेड न्यूज़ को लेकर कोबरापोस्ट के स्टिंग आॅपरेशन और प्रधानमंत्री को लिखी चिट्ठी पर चर्चा कर रहे हैं.

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पेड न्यूज़ को लेकर कोबरापोस्ट के खुलासे से पहले दैनिक भास्कर पहुंचा हाईकोर्ट, मिली राहत

दिल्ली हाईकोर्ट ने वेब पोर्टल कोबरापोस्ट के उस खुलासे पर रोक लगा दी है, जिसमें वह पेड न्यूज़ से जुड़ी अपनी खोजी रिपोर्ट को सार्वजनिक करने वाला था.

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जन गण मन की बात, एपिसोड 216: नमो ऐप और पेड न्यूज़

जन गण मन की बात की 216वीं कड़ी में विनोद दुआ नमो ऐप पर लगे यूजर का डेटा लीक करने के आरोप और कोबरापोस्ट द्वारा मीडिया हाउस पर किये पेड न्यूज़ के खुलासे पर चर्चा कर रहे हैं.

साभार: cobrapost.com

कोबरापोस्ट का ख़ुलासा, पैसे के एवज़ में ख़बरें छापने को राज़ी दिखे देश के कई मीडिया हाउस

ख़ुफ़िया कैमरे की मदद से किए गए कोबरापोस्ट के ‘ऑपरेशन 136’ में देश के कई नामचीन मीडिया संस्थान सत्ताधारी दल के लिए चुनावी हवा तैयार करने को राज़ी होते नज़र आ रहे हैं.