कोविड संकट

**EDS: VIDEO GRAB** New Delhi: Congress chief Sonia Gandhi chairs a meeting with leaders of opposition parties via video conferencing, in New Delhi, Friday, May 2020. Twenty-two opposition parties urged the Centre to immediately declare the devastation caused by Cyclone Amphan in Odisha and West Bengal as a national calamity and called for substantially helping the states in facing the impact of the disaster. (PTI Photo)

केंद्र सरकार ने लोकतांत्रिक होने का दिखावा करना भी छोड़ दिया है : सोनिया गांधी

कोविड-19 संकट के मद्देनज़र कांग्रेस द्वारा बुलाई गई विपक्षी दलों की बैठक में पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा कि मौजूदा सरकार के पास कोई समाधान नहीं होना चिंता की बात है, लेकिन उनके मन में ग़रीबों और कमज़ोर वर्गों के प्रति करुणा न होना हृदयविदारक है.

ज्योति कुमारी. (फोटो: Special Arrangement)

पिता को साइकिल पर लेकर गुड़गांव से दरभंगा पहुंची ज्योति का ट्रायल लेगा साइकिलिंग फेडरेशन

15 साल की ज्योति कुमारी लॉकडाउन के बीच दस दिनों में क़रीब 1,200 किलोमीटर तक साइकिल चलाकर गुड़गांव से बिहार के दरभंगा में अपने गांव पहुंची थीं. साइकिलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष का कहना है कि यह मामूली बात नहीं है. अगर ज्योति चाहें तो साइकिलिंग का ट्रायल देकर ट्रेनिंग ले सकती हैं.

ज्योति कुमारी. (फोटो: Special Arrangement)

चोटिल पिता को साइकिल पर बिठाकर गुड़गांव से दरभंगा पहुंची लड़की की कहानी

गुड़गांव में ऑटो रिक्शा चलाने वाले बिहार के मोहन पासवान एक एक्सीडेंट के बाद कई महीनों से घर पर थे. लॉकडाउन में कमाई और राशन दोनों का ही ठिकाना नहीं रहा. ऐसे में उनकी 15 साल की बेटी उन्हें अपनी साइकिल पर बैठाकर दस दिन में हज़ार किलोमीटर से अधिक दूरी तय कर गुड़गांव से बिहार के दरभंगा पहुंची हैं.

Bengaluru: BJP workers wear masks of Prime Minister Narendra Modi as they arrive in support of Bengaluru Central candidate PC Mohan, as he filed his nomination papers ahead of Lok Sabha Election 2019, in Bengaluru, Friday, March 22, 2019. (PTI Photo/Shailendra Bhojak) (PTI3_22_2019_000078B)

कोविड-19 के संकट काल में भारत का मध्यम वर्ग कहां है?

मध्यम वर्ग को पता है कि छह साल में उसकी कमाई घटी ही है, बिजनेस में गच्चा ही खाया है. उसके मकानों की कीमत गिर गई है, हर राज्य में सरकार नौकरी की प्रक्रिया की दुर्गति है, वह सब जानता है, लेकिन ये समस्याएं न तो नौजवानों की प्राथमिकता हैं और न ही उनके मध्यमवर्गीय माता-पिता की.

Kolkata: A man helps a physically challenged person during the nationwide lockdown to curb the spread of coronavirus, in Kolkata, Friday, April 10, 2020. (PTI Photo/Ashok Bhaumik)(PTI10-04-2020 000079B)

कोरोना संकट के बीच उचित इलाज के लिए दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं गंभीर रोगों से पीड़ित मरीज़

विशेष रिपोर्ट: देश भर के विभिन्न सरकारी और निजी अस्पतालों में अधिकतर संसाधन कोविड-19 से निपटने में लगे हैं. कई जगहों पर ओपीडी और गंभीर बीमारियों से संबंधित विभाग बंद हैं और इमरजेंसी में पर्याप्त डॉक्टर नहीं हैं. ऐसे में गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे मरीज़ और उनके परिजनों के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं.

(फोटो: रॉयटर्स)

कोविड संकट के बीच अफ्रीकी स्वाइन फ्लू का केंद्र बनकर उभरा असम, क़रीब तीन हज़ार सुअरों की मौत

मूल रूप में सुअरों से होने वाले अफ्रीकी स्वाइन फ्लू से राज्य में फरवरी से अब तक 2,800 सुअरों की मौत हो चुकी है. देश में यह इस संक्रमण के फैलने का पहला मामला है. असम सरकार का दावा है कि चीन से निकला यह संक्रमण अरुणाचल प्रदेश के रास्ते राज्य में पहुंचा है.