खुले में शौच से मुक्त

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

‘खुले में शौच से मुक्त’ राजस्थान में पीएम आवास योजना में बने 50 फीसदी घरों में शौचालय नहीं: कैग

कैग ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि राजस्थान में प्रधानमंत्री आवास योजना- ग्रामीण के तहत बने क़रीब 61 फीसदी घरों में बिजली का कनेक्शन और लगभग 33 फीसदी घरों में एलपीजी कनेक्शन नहीं है.

प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स

स्वच्छ भारत अभियान के दावों पर सवालिया निशान खड़ी करती एनएसओ की रिपोर्ट

ये सर्वेक्षण जुलाई 2018 से दिसंबर 2018 के बीच में कराया गया था. स्वच्छ भारत मिशन डेटाबेस के मुताबिक उस समय तक भारत के 95 फीसदी घर खुले में शौच से मुक्त हो चुके थे. हालांकि एनएसओ सर्वे में पाया गया कि सिर्फ 71 फीसदी घर ही खुले में शौच से मुक्त हो पाए थे.

Rajappa, holding a container, poses for a photograph before he walks off to a field to relieve himself in Hirebenakal village in Karnataka, April 30, 2019. REUTERS/Sachin Ravikumar

सरकारी आंकड़े बताते हैं कि देश के खुले में शौच से मुक्त होने का दावा विश्वसनीय नहीं है

आंकड़े दिखाते हैं कि किसी क्षेत्र को खुले में शौच से मुक्त घोषित करने में सरकार के दिशा-निर्देशों का पालन नहीं हुआ है.

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देश के खुले में शौच से मुक्त होने के दावे की सच्चाई क्या है?

वीडियो: गांधी जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ग्रामीण भारत ने खुद को खुले में शौच से मुक्त कर लिया है. इस दावे में कितनी सच्चाई है, इस बारे में चर्चा कर रहे हैं द वायर के डिप्टी एडिटर अजय आशीर्वाद और कबीर अग्रवाल.

Sadak Se Sansad Vadnagar

सड़क से संसद: मोदी के गृह जनपद का सच, नहीं है ‘स्वच्छ’

सड़क से संसद में हम राजस्थान के रास्ते गुजरात पहुंच चुके हैं, जहां हम चलेंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मस्थान मेहसाणा ज़िले में. गुजरात के इस ज़िले को आधिकारिक तौर पर खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ) घोषित कर दिया गया है, लेकिन जब हम यहां के वड़नगर शहर पहुंचे, तो यहां के रहवासियों ने ‘स्वच्छ भारत’ की एक अलग ही कहानी सुनाई.

स्वच्छ भारत मिशन (फोटो: swachhbharatmission.gov.in)

स्वच्छ भारत: शौचालयों के अपशिष्ट निस्तारण का इंतज़ाम न होने से भूजल दूषित होने का ख़तरा

रिपोर्ट के मुताबिक भारत में लगभग 14.4 करोड़ घरेलू शौचालयों के 72 करोड़ लोगों के इस्तेमाल से प्रतिदिन औसतन एक लाख टन अपशिष्ट निकलता है. इसके उचित निस्तारण के इंतजाम नहीं होने पर अपशिष्ट से जमीन और भूजल के दूषित होने का खतरा है.

स्वच्छ भारत मिशन (फोटो: swachhbharatmission.gov.in)

खुले में शौच मुक्त घोषित होने के बावजूद गुजरात में लाखों शौचालयों की ज़रूरत: आरटीआई

केंद्र सरकार ने इस साल फरवरी में लोकसभा को बताया था कि गुजरात सहित 11 राज्यों को स्वच्छ भारत मिशन के तहत ओडीएफ घोषित किया गया है.