गरीबी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी. (फोटो साभार: पीआईबी)

अन्न योजना का विस्तार, 80 करोड़ से अधिक लोगों को नवंबर तक मिलेगा मुफ़्त राशन: नरेंद्र मोदी

कोविड-19 के मद्देनज़र लगे लॉकडाउन के बाद अप्रैल में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना की शुरुआत की गई थी. मंगलवार को इसके विस्तार की घोषणा के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह भी कहा कि अब देश में ‘एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड’ व्यवस्था भी लागू होने वाली है.

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बिहार: लॉकडाउन के कारण घर लौटे कामगार फिर से दूसरे शहरों में लौटने पर मजबूर

कोरोना वायरस के कारण लागू लॉकडाउन में अपनी आ​जीविका खो चुके कामगार कुछ समय पहले पैदल चलकर, साइकिल चलाकर और ट्रकों के ज़रिये यहां तक कि कंटेनर ट्रकों और कंक्रीट मिक्सिंग मशीन वाहन में छिपकर आनन-फानन में बिहार स्थित अपने घर लौटे थे.

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मीडिया बोल: चीनी घुसपैठ के बहाने कोरोना नाकामी पर पर्दा डालते चैनल

वीडियो: पिछले कई दिनों से भारत-चीन सीमा पर हो रहे तनाव के कारण देश में कोरोना वायरस से हो रहीं मौतों को मीडिया और सरकार अनदेखा कर रही है. देश में बढ़ रही ग़रीबी और बेरोज़गारी पर न तो सरकार का कोई ध्यान है और न ही मीडिया का. इसी मुद्दे पर वरिष्ठ पत्रकार उर्मिलेश का नज़रिया.

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कोविड-19 संकट के चलते दुनिया में एक अरब से अधिक लोग अत्यंत ग़रीब हो सकते हैं: रिपोर्ट

किंग्स कॉलेज लंदन और ऑस्ट्रेलियन नेशनल यूनिवर्सिटी के शोधार्थियों के एक अध्ययन में कहा गया है कि मध्यम आय वर्ग वाले विकासशील देशों में ग़रीबी बढ़ेगी जो वैश्विक स्तर पर ग़रीबी को बढ़ाएगा. दक्षिण एशिया का इलाका ग़रीबी की मार झेलने वाला दुनिया का सबसे बड़ा क्षेत्र होगा.

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कोरोना संकट से इस साल 4.9 करोड़ लोग अत्यधिक ग़रीबी का शिकार हो सकते हैं: संयुक्त राष्ट्र प्रमुख

खाद्य सुरक्षा पर एक नीति जारी करते हुए संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने कहा कि दुनिया की 7.8 अरब आबादी को भोजन कराने के लिए पर्याप्त से अधिक खाना उपलब्ध है, लेकिन वर्तमान में 82 करोड़ से ज़्यादा लोग भुखमरी का शिकार हैं. हमारी खाद्य व्यवस्था ढह रही है.

श्रीरंगपट्टनम स्थित गोकुलदास टेक्सटाइल कंपनी निकाले जाने के बाद कर्मचारी प्रदर्शन कर रहे हैं. (फोटो: वीडियो ग्रैब)

लॉकडाउन: कर्नाटक की सबसे पुरानी कपड़ा कंपनी ने अपने 1300 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला

कर्नाटक के मंड्या ज़िले के श्रीरंगापट्टनम स्थित गोकुलदास एक्सपोर्ट्स कंपनी ने अपनी एक इकाई ‘यूरो क्लॉथिंग कंपनी-2’ कोरोना वायरस के कारण लागू लॉकडाउन के चलते बंद कर दी है. इसके बाद से कर्मचारी कंपनी के बाहर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं.

New Delhi: A man sits in front of a closed shop at deserted Lajpat Rai market in Chandni Chowk, during ongoing COVID-19 lockdown in New Delhi, Sunday, May 31, 2020. (PTI Photo/Ravi Choudhary) (PTI31-05-2020 000041B)

कोविड-19 के चलते वैश्विक अर्थव्यवस्था दूसरे विश्वयुद्ध के बाद सबसे बड़ी मंदी की ओर: विश्व बैंक

विश्व बैंक की रिपोर्ट के मुताबिक इस साल वैश्विक अर्थव्यवस्था में 5.2 प्रतिशत की गिरावट आएगी, साथ ही विकासशील अर्थव्यवस्थाओं में 2.5 प्रतिशत की गिरावट की आशंका है, जो क़रीब छह दशकों में पहली गिरावट होगी. भारतीय अर्थव्यवस्था चालू वित्त वर्ष में 3.2 प्रतिशत की कमी देखी जाएगी.

(फोटो: रॉयटर्स)

कोरोना महामारी के कारण 26.5 करोड़ लोगों के समक्ष भुखमरी का संकट: अध्ययन

सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट (सीएसई) की रिपोर्ट के अनुसार, कोविड-19 महामारी के कारण वैश्विक ग़रीबी दर में 22 वर्षों में पहली बार वृद्धि होगी. भारत की ग़रीब आबादी में एक करोड़ 20 लाख लोग और जुड़ जाएंगे, जो विश्व में सर्वाधिक हैं.

Allahabad: A group of migrants engage in a scuffle for packets of free food and water bottles distributed by railway officials during ongoing COVID-19 lockdown, at the railway station in Allahabad, Monday, June 1, 2020. (PTI Photo)(PTI01-06-2020 000217B)(PTI01-06-2020 000317B)

कोरोना वायरस संकट के कारण प्रवासी श्रमिकों की वापसी ग़रीबी और भेदभाव को बढ़ाएगी: जस्टिस रमण

जस्टिस एनवी रमण ने राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा आयोजित एक ऑनलाइन सेमिनार में कहा कि इस वैश्विक महामारी ने हमारे सामने कई समस्याएं पैदा कर दी हैं. लॉकडाउन के कारण पारिवारिक हिंसा एवं बाल उत्पीड़न की घटनाएं भी बढ़ी हैं.

Prayagraj: Migrants wait to board buses to reach their native places after arriving via special train, during the ongoing COVID-19 lockdown, in Prayagraj, Tuesday, May 26, 2020. (PTI Photo) (PTI26-05-2020 000040B)

कोरोना वायरस महामारी 2020 के अंत तक 8.6 करोड़ बच्चों को ग़रीबी में धकेल सकती है: रिपोर्ट

यूनिसेफ और मानवतावादी संगठन ‘सेव द चिल्ड्रेन’ के संयुक्त अध्ययन में कहा गया है कि यदि महामारी के कारण होने वाली वित्तीय कठिनाइयों से परिवारों को बचाने के लिए तत्काल कार्रवाई नहीं की गई तो कम और मध्यम आय वाले देशों में ग़रीबी रेखा से नीचे रहने वाले बच्चों की कुल संख्या वर्ष के अंत तक 67.2 करोड़ तक पहुंच सकती है.

(फोटो: रॉयटर्स)

कोरोना वायरस के चलते वैश्विक अर्थव्यवस्था को हो सकता है 8,800 अरब डॉलर का नुकसान: एडीबी

इससे पहले संयुक्त राष्ट्र ने बीते बुधवार को अनुमान जताया था कि कोविड-19 महामारी के चलते इस साल वैश्विक अर्थव्यवस्था में 3.2 प्रतिशत की कमी आएगी. यह 1930 की महामंदी के बाद सबसे अधिक गिरावट होगी.

(फोटो: रॉयटर्स)

कोरोना वायरस के चलते तेजी से बढ़ सकती है भुखमरी के शिकार लोगों की संख्या: संयुक्त राष्ट्र

संयुक्त राष्ट्र के निकाय विश्व खाद्य कार्यक्रम के कार्यकारी निदेशक ने कहा एक ओर हम कोरोना वायरस से लड़ रहे हैं और दूसरी ओर भुखमरी की महामारी के मुहाने पर भी आ पहुंचे हैं. वहीं, संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने कहा कि जन सेवाओं की आपूर्ति में भेदभाव किया जा रहा है. नफरत फैलाने वाले वक्तव्य बढ़ गए हैं, संवेदनशील समूहों पर हमले बढ़े हैं.

(फोटो: रॉयटर्स)

एक फीसदी के पास 70 फीसदी भारतीयों से चार गुना ज्यादा धन: ऑक्सफैम रिपोर्ट

ऑक्सफैम ने अपनी रिपोर्ट ‘टाइम टू केयर’ में कहा कि विश्व के 2153 अरबपतियों के पास विश्व की 60 फीसदी जनसंख्या के मुकाबले ज्यादा संपत्ति है. इसमें कहा गया है कि एक घरेलू कामकाजी महिला को किसी तकनीकी कंपनी के सीईओ के बराबर कमाने में 22 हजार 277 साल लग जाएंगे.

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विश्व भर में निमोनिया से बच्चों की मौत के मामले में भारत दूसरे स्थान पर

यूनीसेफ की रिपोर्ट के मुताबिक साल 2018 में पूरे विश्व में निमोनिया से पांच वर्ष से कम उम्र के आठ लाख से अधिक बच्चों की मौत हुई. इस सूची में नाईजीरिया पहले, भारत दूसरे और पाकिस्तान तीसरे स्थान पर है.

(फोटो: रॉयटर्स)

एक साल में देश में 9.62 फीसदी बढ़ गई अमीरों की संपत्ति: रिपोर्ट

कार्वी वेल्थ मैनेजमेंट की रिपोर्ट के अनुसार, इन अमीरों के पास 2017 में 392 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति थी, जो कि 2018 में 430 लाख करोड़ रुपये हो गई.