ग़ाज़ियाबाद

The Prime Minister, Shri Narendra Modi during the inauguration of Delhi-Meerut Expressway, in Delhi on May 27, 2018.

जिस दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे का मोदी ने उद्घाटन किया, उसका 69 प्रतिशत काम अधूरा है

रविवार को नरेंद्र मोदी के ज़ोर-शोर से हुए रोड शो में एक्सप्रेसवे के पहले चरण का उद्घाटन हुआ, जो 82 किलोमीटर लंबी इस परियोजना का महज़ 8.36 किमी है.

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31 मई तक पीएम न करें उद्घाटन तो 1 जून से खोल दें ईस्टर्न एक्सप्रेस वे: सुप्रीम कोर्ट

गाजियाबाद, फरीदाबाद, ग्रेटर नोएडा और पलवल को जोड़ने वाले 135 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेस वे का उद्घाटन 20 अप्रैल तक किया जाना था. शीर्ष अदालत ने कहा इसे अब तक जनता के लिए न खोला जाना आश्चर्यजनक है.

फोटो: पीटीआई

गाज़ियाबाद: हिंदू-मुस्लिम की शादी में ‘लव जिहाद’ का हंगामा करने वाले भाजपा नेता को पद से हटाया

भाजपा राज्य महासचिव के पत्र के मुताबिक अंतर-धार्मिक विवाह का विरोध करने के कारण गाजियाबाद ज़िलाध्यक्ष पद से अजय शर्मा को हटाया गया है.

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आरुषि-हेमराज हत्याकांड: राजेश और नूपुर तलवार दोषमुक्त

साल 2008 में राजेश और नूपुर तलवार की बेटी आरुषि तलवार की हत्या हो गई थी. शक के दायरे में आए उनके नौकर हेमराज की लाश अगले दिन घर की छत से मिली थी.

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यह समाज और इसका वातावरण बच्चों के अनुकूल नहीं है

यह ‘अच्छे स्पर्श’ और ‘बुरे स्पर्श’ की सरलीकृत बायनरी से आगे बढ़ने का वक़्त है. बच्चों के लिए न विशेष अदालतें हैं, न काउंसलिंग के इंतज़ाम हैं, न ही सुरक्षित वातावरण जिसमें वह पल-बढ़ सकें.

(फोटो: पीटीआई)

स्कूल में बच्चे की मौत मामले में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और हरियाणा सरकार को नोटिस भेजा

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह याचिका सिर्फ संबंधित स्कूल तक सीमित नहीं है क्योंकि इसका प्रभाव देशव्यापी है.

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‘मोटी रकम वसूलने वाले स्कूल सुरक्षा निर्देशों का पालन नहीं कर रहे हैं’

बच्चों की सुरक्षा में लापरवाही पर स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी तय होने और संबंद्धता रद्द होने तक के प्रावधान हैं, लेकिन सीबीएसई के दिशानिर्देशों का पालन नहीं हो रहा है.

हाशिमपुरा, 1987. फोटो: प्रवीण जैन

वीडियो: हाशिमपुरा की आवाज़ें

1987 में हुआ हाशिमपुरा नरसंहार बीते कुछ दशकों में हुई त्रासदियों में से एक है. ढेरों सबूतों और चश्मदीदों की गवाही के बावजूद मार्च 2015 में सभी आरोपियों को बरी कर दिया गया था.

हाशिमपुरा, 1987. फोटो: प्रवीण जैन

हाशिमपुरा नरसंहार की कहानी, तत्कालीन पुलिस अधिकारी की ज़ुबानी

चारों तरफ़ ख़ून के धब्बे बिखरे थे. नहर की पटरी, झाड़ियों और पानी के अंदर ताज़ा जख़्मों वाले शव पड़े थे. समझ में सिर्फ़ इतना आया कि इन शवों और रास्ते में दिखे पीएसी की ट्रक में कोई संबंध ज़रूर है.