गुजरात पुलिस

(फोटो: पीटीआई)

गुजरात: सीएए विरोधी कार्यकर्ता को ‘आपराधिक गतिविधियों’ में पूछताछ के लिए समन

अहमदाबाद में सीएए के ख़िलाफ़ धरना-प्रदर्शन आयोजित करने वाले कलीम सिद्दीक़ी को पुलिस ने नोटिस भेजकर पूछा है कि आपराधिक गतिविधियों में कथित संलिप्तता के कारण उन्हें दो साल के लिए अहमदाबाद सिटी सहित चार नज़दीकी ज़िलों से निर्वासित क्यों नहीं किया जाना चाहिए.

अग्रिमा जोशुआ. (फोटो: ट्विटर/@agrimonious)

महाराष्ट्र: छत्रपति शिवाजी के कथित अपमान पर स्टैंड अप कॉमेडियन के ख़िलाफ़ कार्रवाई के आदेश

स्टैंड अप कॉमेडियन अग्रिमा जोशुआ ने 2019 में एक एक्ट के दौरान महाराष्ट्र सरकार द्वारा अरब सागर में छत्रपति शिवाजी की मूर्ति बनाए जाने पर जोक सुनाया था. शिवसेना विधायक प्रताप सरनाईक ने इस बारे में आपत्ति जताते हुए उनके ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई की मांग की है.

(फोटो साभार: ट्विटर)

गुजरात: हिरासत में मौत के क़रीब आठ महीने बाद छह पुलिसकर्मियों के ख़िलाफ़ केस दर्ज

यह घटना पिछले साल दिसंबर में गुजरात के वडोदरा के फतेहगंज थाने में हुई थी. मृतक 62 वर्षीय बाबू शेख़ तेलंगाना के मूल निवासी थे. आरोपियों के ख़िलाफ़ मृतक को यातना देने, उसकी हत्या करने और सबूत मिटाने का केस दर्ज किया गया है.

(प्रतीकात्मक तस्वीर: पीटीआई)

कोविड-19: गुजरात सरकार ने पुलिसकर्मियों को अवकाश देने से किया मना

गुजरात गृह विभाग द्वारा जारी एक अधिसूचना में कहा गया है कि पुलिस अधिकारियों के साथ-साथ सभी पुलिसकर्मियों को भी तब तक छुट्टी की मांग नहीं करने की सलाह दी गई है, जब तक कि अवकाश किसी चिकित्सा या किसी अन्य अति आवश्यक कारणों के लिए न हो.

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गुजरात: बिहार के शख्स की पीट-पीटकर हत्या, कांग्रेस पार्षद सहित अन्य पर मामला दर्ज

मामला गुजरात के सूरत का है. पुलिस ने बताया कि 23 वर्षीय संगम झा और 30 वर्षीय सुजीत सिंह मोटरसाइकिल से घर लौटने के दौरान रास्ता भटक गए और भेस्तान इलाके में घुस गए. स्थानीय लोग चोर समझकर लाठी और लोहे की रॉड से उन्हें पीटने लगे जिसमें संगम की मौके पर ही मौत हो गई जबकि सुजीत की हालत गंभीर है.

New Delhi: Migrants walk with their belongings to try and reach their native villages during a nationwide lockdown, imposed in the wake of coronavirus pandemic, at Ghazipur in East Delhi, Monday, March 30, 2020. (PTI Photo/Manvender Vashist)(PTI30-03-2020 000114B)

लॉकडाउन: गुजरात में सैलरी की मांग को लेकर सैकड़ों मजदूर सड़क पर उतरे

मामला गुजरात के सूरत का है. लॉकडाउन के बीच वेतन और घर वापस लौटने की मांग कर रहे प्रवासी मजदूरों द्वारा तोड़फोड़ और ठेलों में आग लगाए जाने के बाद पुलिस ने उनमें से करीब 80 लोगों को हिरासत में ले लिया.

(फोटो:पीटीआई)

इशरत जहां एनकाउंटर मामला: ट्रायल जज आरके चुडावाला का तबादला

विशेष सीबीआई जज आरके चुडावाला का स्थानांतरण ऐसे समय में हुआ है जब मुठभेड़ में शेष अभियुक्तों ने आरोपमुक्त किए जाने की अर्जी दाखिल की थी. इससे पहले जज जेके पांड्या ने एक महीने में मामले के दो मुख्य आरोपियों डीजी वंजारा और एनके अमीन को आरोपमुक्त कर दिया था.

सीबीआई जज बृजगोपाल लोया. (फोटो साभार: द कारवां)

पर्याप्त सबूतों के साथ शिकायत मिले, तो जज लोया मामले की जांच करा सकती है सरकार: मंत्री

शिवसेना के नेतृत्व वाली सरकार में एनसीपी के मंत्रियों की बैठक के बाद एनसीपी प्रवक्ता और मंत्री नवाब मलिक ने कहा कि यदि पर्याप्त सबूतों के साथ कोई शिकायत मिलती है तो सरकार जज बीएच लोया की मृत्यु के मामले को फिर से खोलने पर विचार करेगी.

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गुजरातः दो दलित युवकों की बेरहमी से पिटाई, एक युवक के कपड़े उतरवाए, मामला दर्ज

गुजरात में अहमदाबाद के साबरमती टोल नाका इलाके का मामला. किसी बात को लेकर दलित समुदाय के युवकों की एक ढाबा मालिक से लड़ाई हो गई थी.

इशरत जहां की मां शमीमा कौसर. (फोटो: पीटीआई)

इशरत जहां की मां का सुनवाई में हिस्सा लेने से इनकार, कहा- नाउम्मीद और बेबस हो चुकी हूं

गुजरात पुलिस की कथित फर्जी मुठभेड़ में मारी गई इशरत जहां की मां शमीमा कौसर ने अहमदाबाद में एक विशेष सीबीआई अदालत में कहा कि 15 से अधिक साल बीत गए लेकिन पुलिस अधिकारियों समेत सभी आरोपी जमानत पर हैं. उन्होंने सीबीआई से आरोपियों की दोषसिद्धि सुनिश्चित करने का अनुरोध किया.

Ahmedabad: Former police officer DG Vanzara and NK Amin arrives at a special CBI court for a hearing in the alleged fake encounter case of Ishrat Jahan and others, in Ahmedabad on Tuesday, August 07, 2018. CBI court today rejected the discharge applications of former Gujarat Police officers D G Vanzara and N K Amin in the said case. (PTI Photo/Santosh Hirlekar) (Story no LGB4)(PTI8_7_2018_000172B)

इशरत जहां मामला: वंजारा और अमीन को आरोपमुक्त किए जाने को चुनौती नहीं देगी सीबीआई

इसी साल मार्च में डीजी वंजारा और एनके अमीन ने सीबीआई की विशेष अदालत में एक याचिका दाखिल करते हुए उन्हें तत्काल इस मामले में बरी करने की मांग की थी. इससे पहले गुजरात सरकार ने सीबीआई को दोनों पूर्व अधिकारियों के ख़िलाफ़ मुक़दमा चलाने की मंज़ूरी देने से इनकार कर दिया था.

सोहराबुद्दीन शेख़ और पत्नी कौसर बी (फाइल फोटो)

सोहराबुद्दीन एनकाउंटर: बॉम्बे हाईकोर्ट ने बरी किए गए सभी 22 लोगों को भेजा नोटिस

सोहराबुद्दीन शेख़ को वर्ष 2005 में कथित तौर पर फ़र्ज़ी मुठभेड़ में मारा गया था. वर्ष 2018 में एक विशेष अदालत ने गुजरात और राजस्थान के पुलिस अधिकारियों सहित 22 लोगों को इस मामले में बरी कर दिया था.

**FILE** New Delhi: In this file photo dated October 01, 2011, shows suspended IPS officer Sanjiv Bhatt being produced in the court, in Ahmadabad. According to the officials, Bhatt was arrested on Wednesday, Sept 05, 2018, by the Gujarat CID in connection with a 22-year-old case of alleged planting of drugs to arrest a man. (PTI Photo) (PTI9_5_2018_000267B)

गुजरात: 16 साल में हिरासत में मौत के 180 मामले सामने आए लेकिन किसी पुलिसकर्मी को सज़ा नहीं हुई

हिरासत में हिंसा और मौत के मामलों में गुजरात सरकार का अपनी पुलिस के साथ खड़े रहने का एक अनकहा-सा रिवाज़ रहा है, लेकिन संजीव भट्ट के मामले में ऐसा नहीं दिखता.

(फोटो साभार: India Rail Info/VIC Lines)

गुजरात: दलित उप-सरपंच की पीट-पीटकर हत्या, दो हफ्ते पहले पुलिस से सुरक्षा मांगी थी

गुजरात के बोताद ज़िले का मामला. मृतक की पत्नी गांव की सरपंच हैं. मृतक के बेटे ने बताया कि गांव के उच्च जाति के कुछ लोग इस बात को पचा नहीं पा रहे थे कि दलित गांव के सरपंच बन रहे हैं.

**FILE** New Delhi: In this file photo dated October 01, 2011, shows suspended IPS officer Sanjiv Bhatt being produced in the court, in Ahmadabad. According to the officials, Bhatt was arrested on Wednesday, Sept 05, 2018, by the Gujarat CID in connection with a 22-year-old case of alleged planting of drugs to arrest a man. (PTI Photo) (PTI9_5_2018_000267B)

पूर्व आईपीएस अधिकारी संजीव भट्ट को 30 साल पुराने पुलिस हिरासत में मौत मामले में उम्रकैद

गुजरात में जामनगर सत्र न्यायालय ने भट्ट को साल 1990 के एक ‘हिरासत में मौत’ मामले में दोषी पाया है. उस समय संजीव भट्ट जामनगर में सहायक पुलिस अधीक्षक थे.