गुजरात सरकार

(फोटो: पीटीआई)

गुजरात हाईकोर्ट का आदेश, बकरीद पर राज्य भर में पशु वध पर बैन लगाएं

अहमदाबाद में पहले ही एक अधिसूचना जारी कर बक़रीद के मौक़े पर पशु वध को लेकर प्रतिबंध लगाया गया है. अब हाईकोर्ट ने कहा कि इसी तरह का आदेश पूरे राज्य में जारी किया जाया.

(प्रतिकात्मक फोटो: पीटीआई)

गुजरात सरकार के शुल्क नहीं लेने के आदेश के बाद निजी स्कूलों ने बंद की ऑनलाइन कक्षाएं

राज्य सरकार के इस क़दम से नाखुश गुजरात के लगभग 15,000 स्व-वित्तपोषित स्कूलों का प्रतिनिधित्व करने वाले एक संगठन ने ऑनलाइन कक्षाएं रोकने का फैसला किया है.

स्टैच्यू ऑफ यूनिटी (फोटो: पीटीआई)

गुजरात: फिर विवादों में क्यों है स्टैच्यू ऑफ यूनिटी?

केवड़िया के पास नर्मदा नदी के पास बनी 182 मीटर ऊंची इस प्रतिमा के आस-पास रहने वाले ग्रामीणों का आरोप है कि राज्य सरकार ने उनके पूर्वजों से ज़मीन बांध बनाने के लिए ली थी, लेकिन अब इसका व्यावसायिक इस्तेमाल किया जा रहा है. इसलिए या तो उन्हें उचित मुआवज़ा दिया जाए या फिर उनकी ज़मीन लौटाई जाए.

(प्रतीकात्मक तस्वीर: पीटीआई)

कोविड-19: गुजरात सरकार ने पुलिसकर्मियों को अवकाश देने से किया मना

गुजरात गृह विभाग द्वारा जारी एक अधिसूचना में कहा गया है कि पुलिस अधिकारियों के साथ-साथ सभी पुलिसकर्मियों को भी तब तक छुट्टी की मांग नहीं करने की सलाह दी गई है, जब तक कि अवकाश किसी चिकित्सा या किसी अन्य अति आवश्यक कारणों के लिए न हो.

(फोटोः रॉयटर्स)

गुजरात सरकार के पास किसी को अपने पैसे से टेस्ट कराने से रोकने का अधिकार नहीं: न्यायमित्र

गुजरात सरकार द्वारा हाईकोर्ट में दिए हलफ़नामे में कहा गया है कि कोविड टेस्टिंग को मोटे तौर पर संविधान में बताए गए बुनियादी अधिकारों में रखा जा सकता है, लेकिन इस पर वाज़िब प्रतिबंध हो सकते हैं. इसके विरोध में न्यायमित्र बृजेश त्रिवेदी का कहना है कि सरकार के पास किसी को टेस्ट कराने से रोकने का अधिकार नहीं है.

(फोटो:पीटीआई)

कोविड-19 जांच के लिए सरकार की मंज़ूरी की ज़रूरत नहीं: गुजरात हाईकोर्ट

अहमदाबाद मेडिकल एसोसिएशन ने गुजरात सरकार के उस आदेश के ख़िलाफ़ उच्च न्यायालय का रुख़ किया है, जिसके तहत निजी डॉक्टरों और अस्पतालों को नामित स्वास्थ्य अधिकारियों की मंज़ूरी के बिना कोविड-19 की जांच की अनुमति नहीं थी.

(फोटो साभार: फेस ऑफ नेशन वेबसाइट)

गुजरात: राजद्रोह मामले में गिरफ़्तार पत्रकार के ख़िलाफ़ आरोप सिद्ध नहीं, ज़मानत मिली

बीते 11 मई को एक गुजराती समाचार पोर्टल के संपादक को मुख्यमंत्री विजय रूपाणी को पद से हटाए जाने की अटकलों पर प्रकाशित एक ख़बर के लिए राजद्रोह के आरोप में मामला दर्ज करते हुए हिरासत में लिया गया था. स्थानीय अदालत ने कहा है कि पुलिस द्वारा दिए गए दस्तावेज पढ़ने पर ऐसा कोई गंभीर अपराध नहीं दिखता.

Bhubaneswar: A medic works on a sample for COVID-19 Rapid Test at a camp during the nationwide lockdown imposed in a bid to contain the spread of coronavirus, in Bhubaneswar, Monday, April 20, 2020. (PTI Photo)(PTI20-04-2020_000087B)

क्या गुजरात सरकार द्वारा आंकड़े कम दिखाने के लिए जानबूझकर कोविड टेस्टिंग की रफ़्तार कम की गई है?

राज्य सरकार द्वारा प्राइवेट लैब में कोविड टेस्ट करवाने के लिए उसकी अनुमति लेना अनिवार्य कर दिया गया है, ऐसे में अहमदाबाद में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच अस्पतालों में ढेरों कोविड संभावित मरीज़ भर्ती होने के कई दिन बाद भी टेस्ट के लिए इंतज़ार करने को मजबूर हैं.

धमन-1 को लॉन्च करते मुख्यमंत्री विजय रूपाणी और उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल. (फोटो साभार: ट्विटर)

अहमदाबाद के विवादित वेंटिलेटर बनाने वाली कंपनी के प्रमोटर भाजपा के नेताओं के क़रीबी हैं

गुजरात सरकार द्वारा जिस कंपनी के ‘दस दिनों’ में कोविड मरीज़ों के लिए वेंटिलेटर्स बनाने का दावा किया गया था, जिन्हें राज्य के डॉक्टरों में मानकों पर खरा न उतरने की बात कही थी, उस कंपनी के प्रमोटर्स उसी उद्योगपति परिवार से जुड़े हैं, जिन्होंने साल 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनका नाम लिखा सूट तोहफ़े में दिया था.

(प्रतीकात्मक फोटो: द वायर)

गुजराती पोर्टल के संपादक के ख़िलाफ़ कार्रवाई और पत्रकार को दिल्ली पुलिस के नोटिस की निंदा

एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने कहा कि राज्य और केंद्र सरकारों को स्वतंत्र मीडिया को धमकाने के लिए कानून का दुरुपयोग करने से बचना चाहिए. प्रेस क्लब ऑफ इंडिया ने भी इंडियन एक्सप्रेस के पत्रकार को दिल्ली पुलिस द्वारा नोटिस जारी करने की कार्रवाई की निंदा की है.

(फोटो साभार: फेस ऑफ नेशन वेबसाइट)

गुजराती समाचार पोर्टल के संपादक पर राजद्रोह के आरोप में मुकदमा दर्ज

पुलिस के अनुसार, फेस ऑफ नेशन के संपादक धवल पटेल ने कथित तौर पर 7 मई को एक समाचार लिखा, जिसका शीर्षक था, ‘मनसुख मंडाविया को हाई कमांड ने बुलाया, गुजरात में नेतृत्व परिवर्तन की संभावना’. मंडाविया केंद्रीय मंत्री और गुजरात से राज्यसभा सांसद हैं.

(फोटो: पीटीआई)

गुजरात: अहमदाबाद और सूरत में दूध और दवाई के अलावा एक सप्ताह के लिए सभी दुकानें बंद

महाराष्ट्र और गुजरात के कुछ जिलों में कोरोना वायरस मरीजों की अधिक मृत्यु दर पर चिंता व्यक्त करते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने दोनों राज्यों से कहा कि वे प्रारंभिक निगरानी, संपर्कों का तेजी से पता लगाने और शुरू में ही रोग निदान जैसे कदमों पर ध्यान केंद्रित करें ताकि इन क्षेत्रों में मौत के मामलों में कमी आ सके.

गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी. (फोटो: पीटीआई)

कोरोना वायरस से लड़ने में गुजरात सक्षम, तबलीग़ी जमात के कारण मामले बढ़े: मुख्यमंत्री

गुजरात के कुछ इलाकों में प्रवासी मज़दूरों के सड़कों पर उतरने की घटना पर मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने कहा कि राज्य में एक-दो छोटी घटनाएं ज़रूर हुई हैं, लेकिन इसका कारण यह नहीं है कि सरकार की मदद उन लोगों तक नहीं पहुंच रही है.

(फोटो: पीटीआई)

कोरोना वायरस: गुजरात के अस्पताल में धर्म के आधार पर मरीज़ों के अलग वॉर्ड बनाने का आरोप

यह मामला गुजरात के अहमदाबाद सिविल हॉस्पिटल का है. यहां हिंदुओं और मुसलमानों के लिए अलग-अलग वॉर्ड बनाए जाने का मामला सामने आया है. अस्पताल प्रशासन का कहना है कि राज्य सरकार के आदेश पर ऐसा किया गया है. सरकार ने ऐसे किसी आदेश से इनकार किया है.

(फोटो साभार: ट्विटर)

गुजरात दंगा: तीसरे दिन भी हुई आगजनी, खंभात क्षेत्रों में अशांत क्षेत्र अधिनियम लागू होगा

गुजरात में आणंद जिले के खंभात कस्बे में लगातार तीसरे दिन तनाव बना रहा और भीड़ ने मंगलवार को कुछ हिंदू समुदाय के समूहों द्वारा आहूत बंद के दिन सड़क किनारे दो झोपड़ियों और मोटरसाइकिलों को जला दिया. रविवार को इस कस्बे में सांप्रदायिक झड़पें हुई थीं.