गुजरात सरकार

सीआर पाटिल. (फोटो साभार: फेसबुक)

कोविड-19: रेमडेसिविर वितरण अभियान के ख़िलाफ़ गुजरात भाजपा अध्यक्ष और अन्य को नोटिस

रेम​डेसिविर इंजेक्शन की जमाखारी और वितरण के आरोप में गुजरात हाईकोर्ट ने विधानसभा में विपक्ष के नेता परेश धानाणी की याचिका पर राज्य भाजपा अध्यक्ष सीआर पाटिल, विधायक हर्ष सांघवी और अन्य को नोटिस जारी किया है. भाजपा ने सूरत कार्यालय से ये इंजेक्शन मुफ़्त बांटने का अभियान दस अप्रैल से शुरू किया था.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

कोविड मरीजों के लिए पर्याप्त बेड होने के गुजरात सरकार के दावे पर हाईकोर्ट ने सवाल खड़ा किया

गुजरात हाईकोर्ट की पीठ ने राज्य सरकार से कहा कि शिकायतें आ रही हैं कि मरीज़ों को भर्ती नहीं किया जा रहा है, क्योंकि अस्पतालों में जगह नहीं हैं. बेड उपलब्ध नहीं हैं. आपने जो आंकड़ा दिया है, अगर ये सही है तब लोग इधर-उधर क्यों चक्कर काट रहे हैं.

(फोटो: पीटीआई)

गुजरात सरकार को कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए लॉकडाउन लगाना चाहिए: आईएमए

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की ओर से कहा गया है कि अगर संभव हो तो गुजरात सरकार को 14 दिनों का पूर्ण लॉकडाउन लगाना चाहिए. अगर राज्य सरकार इसके पक्ष में नहीं है तो उसे लोगों को उनके घरों तक सीमित करने के लिए पाबंदी लगाने के बारे में सोचना चाहिए. गुजरात हाईकोर्ट ने डॉक्टरों से कोविड-19 के बढ़ते मामलों को देखते हुए सुझाव मांगें थे.

नितिन पटेल. (फोटो साभार: फेसबुक)

कोविड-19: गुजरात के डिप्टी सीएम ने कहा, प्रशासन की जितनी क्षमता, उससे ज़्यादा बिस्तर चाहिए

गुजरात के उप मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री नितिन पटेल ने कहा कि गुजरात में कोरोना वायरस के रोज़ाना 9,000 से ज़्यादा मामले सामने आ रहे हैं. समय-समय पर नई सुविधाएं और बिस्तर बढ़ा रहे हैं, लेकिन ये मांग की तुलना में कम पड़ रहे हैं.

सूरत के एक श्मशान गृह में कोविड-19 से जान गंवाने वालों के शव. (फोटो: पीटीआई)

गुजरात में कोविड-19 की ‘सुनामी’ क्योंकि राज्य सरकार ने अदालत और केंद्र की नहीं सुनी: हाईकोर्ट

गुजरात हाईकोर्ट ने राज्य में कोविड-19 की स्थिति और लोगों की समस्याओं पर स्वत: संज्ञान लेते हुए दायर जनहित याचिका को सुनते हुए कहा कि राज्य सरकार ने जितनी चाहिए थी, उतनी सतर्कता नहीं बरती. अदालत ने राज्य सरकार के बेड की उपलब्धता, जांच सुविधा, ऑक्सीजन, रेमडेसिविर इंजेक्शन संबंधी दावों पर भी आशंका जताई है.

(फोटो: रॉयटर्स)

कोविड-19: गुजरात में शवों के अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को घंटों करना पड़ रहा इंतज़ार

कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर की वजह से गुजरात में मरने वालों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है. शवों की संख्या बढ़ने से लगातार इस्तेमाल के कारण गुजरात के सूरत शहर में कुछ शवदाह गृह में धातु की भट्ठियां पिघल रही हैं या उनमें दरार आ गई है. राज्य के अन्य शहरों में स्थित अंतिम संस्कार स्थल भी शवों की बढ़ती संख्या के कारण दबाव महसूस कर रहे हैं.

(फोटो: पीटीआई)

कोविड-19 पर गुजरात सरकार के दावे असलियत से विपरीत: हाईकोर्ट

गुजरात हाईकोर्ट ने राज्य में कोरोना वायरस की स्थिति पर स्वत: संज्ञान लेते हुए दायर जनहित याचिका पर कहा कि लोग अब सोच रहे हैं कि वे भगवान की दया पर हैं. पीठ ने कहा कि लोगों में ‘विश्वास की कमी’ है. इससे पहले स्वत: संज्ञान लेते हुए न्यायालय ने कहा था कि प्रदेश ‘स्वास्थ्य आपातकाल जैसी स्थिति’ की तरफ बढ़ रहा है.

गुजरात के प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सीआर पाटिल. (फोटो: फेसबुक)

कोविड-19: कई राज्यों में कमी के बीच गुजरात भाजपा अध्यक्ष ने बांटे रेमडेसिविर के इंजेक्शन

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोविड-19 में इस्तेमाल के लिए जून 2020 में रेमडेसिविर को मंज़ूरी दी थी. इसे केवल प्रिस्क्रिप्शन पर अस्पतालों और फार्मेसी द्वारा एक इंजेक्शन के रूप में बेचा जा सकता है. गुजरात भाजपा अध्यक्ष सीआर पाटिल ने इसे बिना किसी दाम के दो अस्पतालों और पार्टी कार्यालय में वितरित कराया.

(फोटो: रॉयटर्स)

कोविड-19: हाईकोर्ट ने कहा- गुजरात ‘स्वास्थ्य आपातकाल’ की​ स्थिति की ओर बढ़ रहा है

गुजरात हाईकोर्ट ने राज्य में कोरोना वायरस की स्थिति पर स्वत: संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका की कार्यवाही शुरू की. कोरोना वायरस की स्थिति को लेकर हाईकोर्ट में दाख़िल इस तरह की यह दूसरी जनहित याचिका है. बीते साल हाईकोर्ट ने कहा था कि सरकार द्वारा संचालित अहमदाबाद सिविल अस्पताल की हालत दयनीय और कालकोठरी से भी बदतर है.

(प्रतीकात्मक फोटो: एएनआई)

गुजरात: भाजपा कार्यकर्ताओं की पिटाई करने के आरोप के बाद पुलिस अधिकारी का तबादला

भाजपा ने दावा किया है कि अमरेली में पार्टी प्रमुख सीआर पाटिल से संबंधित एक कार्यक्रम की तैयारी कर रहे उनके कार्यकर्ताओं को सहायक पुलिस आयुक्त (एएसपी) अभय सोनी द्वारा पीटा गया. वहीं सोनी का कहना है कि उन्होंने कार्यकर्ताओं से सिर्फ़ वहां से जाने के लिए कहा था, क्योंकि रात बहुत ज़्यादा हो गई थी.

(फोटो: रॉयटर्स)

गुजरात में दो वर्षों में 313 शेरों की मौत: वन मंत्री

गुजरात के वन मंत्री गणपत वसावा ने विधानसभा में बताया कि 313 शेरों में 23 की मौत अप्रा​कृतिक कारणों से हुई. उन्होंने कहा कि 2019 में 154 और 2020 में 159 शेरों की मौत हुई. इनमें 90 शेरनी, 71 शेर और 152 शावक शामिल हैं.

गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी (दाएं) और उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल (बाएं). (फोटो: पीटीआई)

गुजरात: पिछले दो साल में प्रतिदिन दो हत्याएं, चार बलात्कार और अपहरण की छह घटनाएं हुईं

गुजरात के गृह विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, 31 दिसंबर 2020 तक पिछले दो साल में राज्य के विभिन्न हिस्सों में 1,944 हत्याएं, 3,095 बलात्कार, अपहरण के 4,829 मामले और आत्महत्या के 14,000 से अधिक मामले सामने आए हैं. इसके अलावा 198.30 करोड़ मूल्य की भारत में निर्मित विदेशी शराब की 15 करोड़ से अधिक बोतलें ज़ब्त की गई हैं.

Bharuch

गुजरात: कृषि रसायन की फैक्ट्री में आग लगने से दो श्रमिकों की मौत, कई ज़ख़्मी

घटना भरुच की है, जहां कृषि रसायन कंपनी यूनाइटेड फॉस्फोरस लिमिटेड के झगड़िया संयंत्र में मंगलवार देर रात आग लग गई. पुलिस के अनुसार अभी इसका कारण ज्ञात नहीं हो सका है. दो श्रमिकों के शव बरामद हो चुके हैं और पांच से अधिक लापता हैं. राज्य के श्रम व रोजगार विभाग ने संयंत्र बंद करने का आदेश दिया है.

(फोटो साभार: फेसबुक)

गुजरात: अल्पसंख्यकों को घर आवंटित करने का विरोध, नगर निगम चुनाव के विरोध की चेतावनी

गुजरात के वडोदरा शहर का मामला. वडोदरा नगर निगम में शामिल किए गए भायली इलाके के निवासियों ने मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत अल्पसंख्यक समुदाय को घर आवंटित करने का विरोध करते हुए क्षेत्र को अशांत क्षेत्र अधिनियम के तहत लाने की मांग की है.

नरेंद्र मोदी (फोटो साभारः वेबसाइट)

1974 में नरेंद्र मोदी ने आंदोलनजीवियों को सरकार के ख़िलाफ़ सड़कों पर उतारा था…

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को राज्यसभा में कहा कि कुछ समय से देश में एक नई जमात पैदा हुई है, आंदोलनजीवी. वकीलों, छात्रों, मज़दूरों के आंदोलन में नज़र आएंगे, कभी पर्दे के पीछे, कभी आगे. ये पूरी टोली है जो आंदोलन के बिना जी नहीं सकते और आंदोलन से जीने के लिए रास्ते ढूंढते रहते हैं.