गुजरात सरकार

गुजरात सरकार ने डुप्लीकेट रजिस्ट्रेशन को मृत्यु प्रमाण पत्र और मौत के आंकड़ों में फ़र्क़ की वजह बताया

गुजराती दैनिक दिव्य भास्कर ने एक रिपोर्ट में बताया है कि राज्य में 1 मार्च से 10 मई के बीच 1.23 लाख मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं, लेकिन इस बीच सरकारी आंकड़ों में सिर्फ 4,218 कोरोना मौतें दर्ज हैं. इस पर गृह राज्यमंत्री प्रदीपसिंह जडेजा ने कहा है कि सर्टिफिकेट के आधार पर मौतों की संख्या बताना सही नहीं है.

गुजरात ‘मॉडल’ को चुनौती देने वाले केवड़िया कॉलोनी संघर्ष का पुनरावलोकन

जहां देश एक ओर ‘गुजरात मॉडल’ के भेष में पेश किए गए छलावे को लेकर आज सच जान रहा है, वहीं गुजरात के केवड़िया गांव के आदिवासियों ने काफ़ी पहले ही इसके खोखलेपन को समझकर इसके ख़िलाफ़ सफलतापूर्वक एक प्रतिरोध आंदोलन खड़ा किया था.

गुजरात: कथित तौर पर कोविड के ख़ात्मे के लिए दो धार्मिक जुलूस निकाले गए, क़रीब 70 लोग गिरफ़्तार

बीते चार दिनों में गुजरात के दो गांवों में ‘कोविड-19 ख़त्म करने’ के लिए धार्मिक जुलूस निकालने के आरोप में पुलिस ने 69 लोगों को गिरफ़्तार किया है. पुलिस ने कहा कि गांव के लोगों के एक वर्ग का मानना था कि उनके स्थानीय देवता के मंदिर पर पानी डालने से कोविड-19 का ख़ात्मा हो सकता है.

गुजरात हाईकोर्ट ने कहा- कोविड संक्रमण को रोकने के लिए उठाए गए क़दम ‘पर्याप्त नहीं’

गुजरात हाईकोर्ट ने कहा है कि यह सच है कि राज्य सरकार द्वारा क़दम उठाए गए हैं, लेकिन वर्तमान स्थिति में यह पर्याप्त नहीं है और वायरस के प्रसार को रोकने के लिए आगे भी जनता को महामारी के गंभीर प्रभाव के बारे में जागरूक करने की आवश्यकता है. वर्तमान परिस्थितियों में और अधिक प्रतिबंध लगाने के बारे में सोचा जा सकता है.

कोविड-19 से निपटने का गुजरात सरकार का तरीका संतोषजनक नहीं है: हाईकोर्ट

गुजरात हाईकोर्ट ने कोविड-19 वैश्विक महामारी से निपटने के राज्य सरकार के तरीके पर नाराज़गी जताते हुए कहा कि डॉक्टरों के मरीज़ों को नहीं देखने के कारण अस्पतालों के बाहर संक्रमितों की मौत हो रही है. हाईकोर्ट ने अहमदाबाद में निर्धारित कोविड-19 अस्पतालों पर सवाल उठाया, जो केवल ‘108’ एंबुलेंस में आने वाले मरीज़ों को ही भर्ती कर रहे थे और निजी वाहनों में लाए गए मरीज़ों की अनदेखी कर रहे थे.

कोविड-19: रेमडेसिविर वितरण अभियान के ख़िलाफ़ गुजरात भाजपा अध्यक्ष और अन्य को नोटिस

रेम​डेसिविर इंजेक्शन की जमाखारी और वितरण के आरोप में गुजरात हाईकोर्ट ने विधानसभा में विपक्ष के नेता परेश धानाणी की याचिका पर राज्य भाजपा अध्यक्ष सीआर पाटिल, विधायक हर्ष सांघवी और अन्य को नोटिस जारी किया है. भाजपा ने सूरत कार्यालय से ये इंजेक्शन मुफ़्त बांटने का अभियान दस अप्रैल से शुरू किया था.

कोविड मरीजों के लिए पर्याप्त बेड होने के गुजरात सरकार के दावे पर हाईकोर्ट ने सवाल खड़ा किया

गुजरात हाईकोर्ट की पीठ ने राज्य सरकार से कहा कि शिकायतें आ रही हैं कि मरीज़ों को भर्ती नहीं किया जा रहा है, क्योंकि अस्पतालों में जगह नहीं हैं. बेड उपलब्ध नहीं हैं. आपने जो आंकड़ा दिया है, अगर ये सही है तब लोग इधर-उधर क्यों चक्कर काट रहे हैं.

गुजरात सरकार को कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए लॉकडाउन लगाना चाहिए: आईएमए

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की ओर से कहा गया है कि अगर संभव हो तो गुजरात सरकार को 14 दिनों का पूर्ण लॉकडाउन लगाना चाहिए. अगर राज्य सरकार इसके पक्ष में नहीं है तो उसे लोगों को उनके घरों तक सीमित करने के लिए पाबंदी लगाने के बारे में सोचना चाहिए. गुजरात हाईकोर्ट ने डॉक्टरों से कोविड-19 के बढ़ते मामलों को देखते हुए सुझाव मांगें थे.

कोविड-19: गुजरात के डिप्टी सीएम ने कहा, प्रशासन की जितनी क्षमता, उससे ज़्यादा बिस्तर चाहिए

गुजरात के उप मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री नितिन पटेल ने कहा कि गुजरात में कोरोना वायरस के रोज़ाना 9,000 से ज़्यादा मामले सामने आ रहे हैं. समय-समय पर नई सुविधाएं और बिस्तर बढ़ा रहे हैं, लेकिन ये मांग की तुलना में कम पड़ रहे हैं.

गुजरात में कोविड-19 की ‘सुनामी’ क्योंकि राज्य सरकार ने अदालत और केंद्र की नहीं सुनी: हाईकोर्ट

गुजरात हाईकोर्ट ने राज्य में कोविड-19 की स्थिति और लोगों की समस्याओं पर स्वत: संज्ञान लेते हुए दायर जनहित याचिका को सुनते हुए कहा कि राज्य सरकार ने जितनी चाहिए थी, उतनी सतर्कता नहीं बरती. अदालत ने राज्य सरकार के बेड की उपलब्धता, जांच सुविधा, ऑक्सीजन, रेमडेसिविर इंजेक्शन संबंधी दावों पर भी आशंका जताई है.

कोविड-19: गुजरात में शवों के अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को घंटों करना पड़ रहा इंतज़ार

कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर की वजह से गुजरात में मरने वालों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है. शवों की संख्या बढ़ने से लगातार इस्तेमाल के कारण गुजरात के सूरत शहर में कुछ शवदाह गृह में धातु की भट्ठियां पिघल रही हैं या उनमें दरार आ गई है. राज्य के अन्य शहरों में स्थित अंतिम संस्कार स्थल भी शवों की बढ़ती संख्या के कारण दबाव महसूस कर रहे हैं.

कोविड-19 पर गुजरात सरकार के दावे असलियत से विपरीत: हाईकोर्ट

गुजरात हाईकोर्ट ने राज्य में कोरोना वायरस की स्थिति पर स्वत: संज्ञान लेते हुए दायर जनहित याचिका पर कहा कि लोग अब सोच रहे हैं कि वे भगवान की दया पर हैं. पीठ ने कहा कि लोगों में ‘विश्वास की कमी’ है. इससे पहले स्वत: संज्ञान लेते हुए न्यायालय ने कहा था कि प्रदेश ‘स्वास्थ्य आपातकाल जैसी स्थिति’ की तरफ बढ़ रहा है.

कोविड-19: कई राज्यों में कमी के बीच गुजरात भाजपा अध्यक्ष ने बांटे रेमडेसिविर के इंजेक्शन

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोविड-19 में इस्तेमाल के लिए जून 2020 में रेमडेसिविर को मंज़ूरी दी थी. इसे केवल प्रिस्क्रिप्शन पर अस्पतालों और फार्मेसी द्वारा एक इंजेक्शन के रूप में बेचा जा सकता है. गुजरात भाजपा अध्यक्ष सीआर पाटिल ने इसे बिना किसी दाम के दो अस्पतालों और पार्टी कार्यालय में वितरित कराया.

कोविड-19: हाईकोर्ट ने कहा- गुजरात ‘स्वास्थ्य आपातकाल’ की​ स्थिति की ओर बढ़ रहा है

गुजरात हाईकोर्ट ने राज्य में कोरोना वायरस की स्थिति पर स्वत: संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका की कार्यवाही शुरू की. कोरोना वायरस की स्थिति को लेकर हाईकोर्ट में दाख़िल इस तरह की यह दूसरी जनहित याचिका है. बीते साल हाईकोर्ट ने कहा था कि सरकार द्वारा संचालित अहमदाबाद सिविल अस्पताल की हालत दयनीय और कालकोठरी से भी बदतर है.

गुजरात: भाजपा कार्यकर्ताओं की पिटाई करने के आरोप के बाद पुलिस अधिकारी का तबादला

भाजपा ने दावा किया है कि अमरेली में पार्टी प्रमुख सीआर पाटिल से संबंधित एक कार्यक्रम की तैयारी कर रहे उनके कार्यकर्ताओं को सहायक पुलिस आयुक्त (एएसपी) अभय सोनी द्वारा पीटा गया. वहीं सोनी का कहना है कि उन्होंने कार्यकर्ताओं से सिर्फ़ वहां से जाने के लिए कहा था, क्योंकि रात बहुत ज़्यादा हो गई थी.