गृह मंत्रालय

हितेश देव शर्मा. (फोटो: फेसबुक)

प्रतीक हजेला के तबादले के बाद हितेश देव शर्मा बने असम के एनआरसी समन्वयक

पिछले महीने सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और असम सरकार को निर्देश दिया था कि असम के पूर्व एनआरसी समन्वयक प्रतीक हजेला को सात दिनों में उनके मूल राज्य मध्य प्रदेश स्थानांतरित कर दिया जाए.

पत्रकार आतिश तासीर. (फोटो साभार: फेसबुक)

पिता की पहचान छिपाने के आरोप में गृह मंत्रालय ने लेखक आतिश तासीर का ओसीआई कार्ड रद्द किया

पत्रकार आतिश तासीर पाकिस्तान के दिवंगत नेता सलमान तासीर और भारतीय पत्रकार तवलीन सिंह के बेटे हैं. ओसीआई कार्ड किसी ऐसे व्यक्ति को जारी नहीं किया जाता है, जिसके माता-पिता या दादा-दादी पाकिस्तानी हों. लोकसभा चुनाव के दौरान टाइम मैगज़ीन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना करते हुए उन्होंने एक लेख लिखा था, जिसका शीर्षक ‘डिवाइडर-इन-चीफ’ था.

Kanchanpur: Bru refugees display placards during an indefinite road blockade at Laxmipur between Dasda and Anandabazar subdivision during a protest demanding resumption of free ration and cash-dole to them, in Kanchanpur, Wednesday, Nov. 6, 2019. (PTI Photo)(PTI11_6_2019_000023B)

मुफ्त राशन की व्यवस्था बहाल करने की मांग पर ब्रू शरणार्थियों ने सड़क जाम रखा

केंद्र सरकार ने बीते एक अक्टूबर को त्रिपुरा के उत्तरी ज़िलों में स्थित छह ब्रू राहत शिविरों में मुफ्त राशन और नकद सहायता रोक दी, क्योंकि शरणार्थियों ने मिज़ोरम वापस लौटने से इनकार कर दिया था. इसके बाद से शरणार्थी उत्तर त्रिपुरा ज़िले में आनंद बाजार से कंचनपुर के बीच सड़क जाम कर प्रदर्शन कर रहे हैं.

(प्रतीकात्मक फोटो: फेसबुक/Vishwa Samvad Kendra Bharat)

त्रिपुरा: ब्रू राहत शिविरों में कथित तौर पर भूख से मरने वालों की संख्या बढ़कर छह हुई

मिजोरम ब्रू डिस्प्लेस्ड पीपुल्स फोरम ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार द्वारा पिछले महीने से राहत शिविरों के लोगों के लिए मुफ्त राशन और नकद सहायता बंद किए जाने के बाद भुखमरी से लोगों की मौत हुई है.

सीजेआई रंजन गोगोई (फाइल फोटो: पीटीआई)

19 लाख बाहर हों या 40 लाख, ये मायने नहीं रखता, एनआरसी भविष्य के लिए एक आधार दस्तावेज: सीजेआई गोगोई

इस बीच उन्होंने एनआरसी का विरोध करने वालों पर भी निशाना साधा और कहा कि ऐसे लोगों को जमीनी हकीकत की जानकारी नहीं है.

प्रतीक हजेला. (फोटो साभार: फेसबुक/विकिपीडिया)

असम एनआरसी समन्वयक प्रतीक हजेला को मध्य प्रदेश स्थानांतरित करने के लिए केंद्र ने मांगा समय

उच्चतम न्यायालय ने केंद्र और असम सरकार को 18 अक्टूबर को निर्देश दिया था कि असम एनआरसी समन्वयक प्रतीक हजेला को सात दिनों में उनके मूल राज्य मध्य प्रदेश स्थानांतरित कर दिया जाए.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

जन सुरक्षा के हित में ही की जा सकती है फोन टैपिंग: बॉम्बे हाईकोर्ट

यह आदेश सुनाते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने बैंक कर्मचारी को रिश्वत देने के एक मामले में सीबीआई द्वारा नामज़द एक कारोबारी का फोन टैप करने के केंद्रीय गृह मंत्रालय के आदेशों को निरस्त कर दिया.

प्रतीक हजेला. (फोटो साभार: फेसबुक)

एनआरसी का ऑडिट पूरा होने तक प्रतीक हजेला का पासपोर्ट ज़ब्त रखा जाए: एपीडब्ल्यू संगठन

असम पब्लिक वर्क (एपीडब्ल्यू) नामक संगठन के अध्यक्ष अभिजीत शर्मा ने कहा कि सरकार पर यह पता लगाने की बड़ी ज़िम्मेदारी है कि एक अधिकारी जिसने 1,600 करोड़ रुपये का सरकारी धन ख़र्च किया हो, वह ख़र्च की विस्तृत रिपोर्ट जमा किए बिना कैसे असम छोड़ सकता है.

Srinagar: Security personnel stands guard at a blocked road on the 33rd day of strike and restrictions imposed after the abrogration of Article of 370 and bifurcation of state, in Srinagar, Friday, Sept. 6, 2019. (PTI Photo) (PTI9_6_2019_000063A)

लद्दाख मूल के पुलिसकर्मियों को जम्मू कश्मीर से अपने क्षेत्र में स्थानांतरित किया जाएगा

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जम्मू कश्मीर पुलिस की विभिन्न शाखाओं में कार्यरत लद्दाख के तकरीबन 400 पुलिसकर्मियों के तबादले को मंज़ूरी दे दी है. नया लद्दाख केंद्रशासित प्रदेश 31 अक्टूबर को अस्तित्व में आ जाएगा.

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राजोआना को फांसी से राहत और राजकीय क्षमा पर कुछ विचार

वीडियो: पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के हत्या के दोषी बलवंत सिंह राजोआना को मिली फांसी की सज़ा उम्रक़ैद में बदल दी गई है. इस मुद्दे पर प्रो. अपूर्वानंद का नज़रिया.

(प्रती​कात्मक फोटो: रॉयटर्स)

केंद्र ने अरुणाचल प्रदेश के तीन जिलों में छह और महीने के लिए लगाया आफस्पा

इसी साल अप्रैल महीने में आफस्पा क़ानून को तीन जिलों से आंशिक रूप से हटा दिया गया था. हालांकि, तिराप, चांगलांग और लोंगडिंग जिलों के साथ कुछ थाना क्षेत्रों में इसे 30 सितंबर तक लागू रखने का फैसला किया था, जिसे अब 31 मार्च, 2020 तक बढ़ा दिया.

बलवंत सिं​ह राजोआना और बेअंत सिंह. (फोटो: विकिपीडिया/पीटीआई)

पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के दोषी की मौत की सज़ा उम्रक़ैद में बदली गई: गृह मंत्रालय

चंडीगढ़ में 31 अगस्त 1995 को सिविल सचिवालय के बाहर एक विस्फोट में तत्कालीन मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की मौत हो गई थी. बलवंत सिंह राजोआना ने इस हमले की साज़िश रची थी. बेअंत​ सिंह के पोते और कांग्रेस सांसद ने रवनीत सिंह बिट्टू ने केंद्र के फैसले पर उठाया सवाल.

Guwahati: People show their documents after arriving at a National Register of Citizens (NRC) Seva Kendra to check their names on the final draft, in Guwahati, Saturday, Aug 31, 2019. (PTI Photo) (PTI8_31_2019_000080B)

असम के 33 ज़िलों में 200 अतिरिक्त विदेशी नागरिक न्यायाधिकरण बनाएगी सरकार

असम में अंतिम एनआरसी 31 अगस्त को जारी की गई थी, जिसमें 19 लाख से ज़्यादा आवेदकों के नाम शामिल नहीं थे. एनआरसी में जिन लोगों के नाम शामिल नहीं हैं उन्हें अंतिम एनआरसी के प्रकाशन के 120 दिन के भीतर विदेशी नागरिक न्यायाधिकरण में अपील दायर करनी होगी.

Guwahati: An official checks the documents submitted by people at an National Register of Citizens (NRC) Seva Kendra in Guwahati, Friday, Aug 30, 2019. The NRC with the final list of citizens will be published tomorrow on August 31, 2019. Chief Minister of Assam Sarbananda Sonowal has asked people not to panic, and has directed all Government agencies of Assam to cooperate with people. (PTI Photo)(PTI8_30_2019_000055B)

एनआरसी से बाहर हुए लोगों से नहीं छिनेगा मताधिकार, नहीं माने जाएंगे डी-वोटर: चुनाव आयोग

चुनाव आयोग के एक अधिकारी के अनुसार जिन रजिस्टर्ड वोटर का नाम एनआरसी की अंतिम सूची में नहीं आया है, वे डी-वोटर नहीं कहलाएंगे. असम में डाउटफुल या संदिग्ध वोटर उन मतदाताओं की श्रेणी है, जिनकी नागरिकता संदेह के घेरे में होती है.

Guwahati: Members of Assam Public Works (APW) sit in protest after declaration of final draft of National Register of Citizens (NRC), in Guwahati, Saturday, Aug 31, 2019,. (PTI Photo) (PTI8_31_2019_000121B)

नॉर्थ ईस्ट डायरी: एनआरसी की सूची से क्यों नाख़ुश हैं मूल याचिकाकर्ता

असम से विदेशियों को निकालने के लिए 2009 में असम पब्लिक वर्क्स (एपीडब्ल्यू) नाम के गैर-सरकारी संगठन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी. 31 अगस्त को आई एनआरसी की अंतिम सूची से संगठन असंतुष्ट है और इसके 100 फीसदी रीवेरीफिकेशन की मांग कर रहा है. एपीडब्ल्यू के अध्यक्ष अभिजीत शर्मा से मीनाक्षी तिवारी की बातचीत.

New Delhi: Home Minister Amit Shah addresses during the 46th National Management Convention of the All India Management Association (AIMA), in New Delhi, Tuesday, Sept. 17, 2019. (PTI Photo/Kamal Singh)(PTI9_17_2019_000034B)

विदेशी चंदा पाने वाले एनजीओ को देना होगा धर्मांतरण में शामिल नहीं होने का शपथ-पत्र

गृह मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, एनजीओ के पदाधिकारियों, कर्मचारियों और हर सदस्य को यह प्रमाणित करना होगा कि धर्मांतरण कराने और सांप्रदायिक तनाव फैलाने के लिए न तो उसे सज़ा हुई है और न ही दोषी ठहराया गया है.

Jammu: CRPF personnel stand guard during restrictions, at Raghunath Bazar in Jammu, Monday, Aug 05, 2019. Restrictions and night curfews were imposed in several districts of Jammu and Kashmir as the Valley remained on edge with authorities stepping up security deployment. (PTI Photo)(PTI8_5_2019_000091B)

दक्षिणी कश्मीर में सेना ने लगाए अनुच्छेद 370 हटने से फायदे के पोस्टर

पोस्टरों के बारे में पूछे जाने पर 4 सितंबर को लेफ्टिनेंट जनरल केजेएस ढिल्लन ने कहा था कि यहां कोई संगठित अभियान नहीं चल रहा है.

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यूएन शरणार्थी प्रमुख की अपील, एनआरसी जारी होने के बाद कोई भी व्यक्ति राष्ट्रविहीन न हो

असम एनआरसी में शामिल होने के लिए 3,30,27,661 लोगों ने आवेदन दिया था. इनमें से 3,11,21,004 लोगों को शामिल किया गया है और 19,06,657 लोगों को बाहर कर दिया गया है.

Guwahati: An official checks the documents submitted by people at an National Register of Citizens (NRC) Seva Kendra in Guwahati, Friday, Aug 30, 2019. The NRC with the final list of citizens will be published tomorrow on August 31, 2019. Chief Minister of Assam Sarbananda Sonowal has asked people not to panic, and has directed all Government agencies of Assam to cooperate with people. (PTI Photo)(PTI8_30_2019_000055B)

असम: महिला ने एनआरसी में नाम न होने की अफवाह के बाद की आत्महत्या

महिला के परिवार के सदस्यों ने दावा किया कि सोनितपुर के दुलाबाड़ी इलाके की रहने वाली सायरा बेगम ने एनआरसी में अपना नाम ना होने की खबर सुनने के बाद कुएं में कूदकर आत्महत्या कर ली.

Guwahati: Members of Assam Public Works (APW) sit in protest after declaration of final draft of National Register of Citizens (NRC), in Guwahati, Saturday, Aug 31, 2019,. (PTI Photo) (PTI8_31_2019_000121B)

असम: ‘दोषपूर्ण’ एनआरसी से मूल याचिकाकर्ता नाराज़, उठाए सॉफ्टवेयर पर सवाल

सुप्रीम कोर्ट में एनआरसी अपडेट को लेकर मूल याचिका दायर करने वाले असम पब्लिक वर्क्स के अध्यक्ष अभिजीत शर्मा ने कहा कि इस एनआरसी से तय हो गया है कि असम में अवैध प्रवासियों का मुद्दे कभी हल नहीं होगा. इतने खर्च के बावजूद प्रशासन त्रुटिहीन एनआरसी नहीं निकाल सका, असम के लोग आज ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं.

हिमंता बिस्वा शर्मा. (फोटो साभार: फेसबुक/Himanta Biswa Sarma)

एनआरसी पर भाजपा ने उठाया सवाल, कहा- एनआरसी अपडेट पर भरोसा नहीं

असम के वित्त मंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा ने शनिवार को जारी हुई एनआरसी पर सवाल उठाते हुए कहा कि 1971 से पहले आए कई लोगों के नाम इसमें नहीं जुड़े हैं. सुप्रीम कोर्ट को सीमावर्ती जिलों में कम से कम 20 प्रतिशत और शेष असम में 10 प्रतिशत रीवेरिफिकेशन की अनुमति देनी चाहिए.

फोटो: रॉयटर्स/nrcassam.nic.in

असम: एनआरसी की अंतिम सूची से नाराज़ ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन जाएगा सुप्रीम कोर्ट

ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन का कहना है कि एनआरसी अपूर्ण है. अपडेट प्रक्रिया में कुछ खामियां हैं, जिन्हें दूर करने के लिए शीर्ष न्यायालय से अपील करेंगे. एनआरसी अपडेट को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंचने वाले असम पब्लिक वर्क्स एनआरसी से निकाले गए नामों को लेकर नाखुशी जाहिर की है.

असम के बारपेटा इलाके में एनआरसी की अंतिम सूची में अपना नाम देखने के लिए एक एनआरएस सेवा केंद्र के बाहर लाइन में लगे लोग. (फोटो: एएनआई)

असम: एनआरसी की अंतिम सूची जारी, 19 लाख से अधिक लोग बाहर

असम में भारतीयों की पहचान करने के लिए शनिवार को एनआरसी की अंतिम सूची प्रकाशित कर दी गई. 3.3 करोड़ आवेदकों में से 19 लाख से अधिक लोग अंतिम सूची में से बाहर कर दिए गए हैं.

Data entry operators of National Register of Citizens (NRC) carry out correction of names and spellings at an NRC Seva Kendra at Birubari in Guwahati. PTI Photo

क्या है असम में एनआरसी की कहानी

असम में एनआरसी का प्रकाशन बीते कुछ समय से राजनीतिक चर्चाओं का केंद्र बना हुआ है. एक बड़ा तबका इसके लिए राज्य की भाजपा सरकार को ज़िम्मेदार मानता है, लेकिन यह सच नहीं है.

NRC Assam PTI

जानिए क्या है एनआरसी और उसके पीछे की कहानी

वीडियो: असम में चल रही एनआरसी के कारण भले ही इसकी चर्चा अब पूरे देश में हो रही है, लेकिन इसकी जड़ें बेहद पुरानी हैं. एनआरसी से जुड़े विभिन्न पहलुओं के बारे में बता रही हैं मीनाक्षी तिवारी.

BJP national president Amit Shah with the party’s Assam president Sarbananda Sonowal during a party workers conference in Dibrugarh, Assam on Friday. Credit: PTI

असम: एनआरसी को लेकर भाजपा के सुर क्यों बदल गए हैं?

विशेष रिपोर्ट: एनआरसी का पहला मसौदा जारी होने के बाद से अमित शाह समेत कई भाजपा नेता ‘घुसपैठियों’ को निकालने के लिए पूरे देश में एनआरसी लाने की पैरवी कर रहे थे. अब असम में एनआरसी के प्रकाशन से पहले भाजपा ने इसके ख़िलाफ़ मोर्चा खोल दिया है.

प्रतीकात्मक. (फोटो: रॉयटर्स)

असम: बीएसएफ सब इंस्पेक्टर और उनकी पत्नी विदेशी घोषित

इससे पहले विदेशी नागरिक प्राधिकरण कारगिल युद्ध में भाग ले चुके मोहम्मद सनाउल्लाह और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के जवान मामुद अली को भी विदेशी घोषित कर चुका है. सनाउल्ला की घटना के तुरंत बाद, सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने कहा था कि किसी भी जवान को किसी प्रकार की कठिनाई नहीं होगी.

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असम: एनआरसी के ख़िलाफ़ एबीवीपी का विरोध-प्रदर्शन, कहा- मूल निवासियों के नाम छूटे

एनआरसी के प्रकाशन को आगे बढ़ाने की मांग करते हुए एबीवीपी ने कहा कि वर्तमान सूची में बहुत से मूल निवासियों के नाम छूटे हैं और अवैध प्रवासियों के नाम जोड़े गए हैं. जब तक इसे दोबारा सत्यापित कर सौ फीसदी ‘त्रुटिहीन’ नहीं बनाया जाता, इसका प्रकाशन नहीं होना चाहिए.

NRC Amit Shah PTI

एनआरसी की अंतिम सूची में छूटे लोगों के लिए अपील करने की व्यवस्था करेगी सरकार: गृह मंत्रालय

गृहमंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में कहा गया कि अगर किसी का नाम सूची में नहीं है तो वह फॉरेनर्स ट्रिब्यूनल में 120 दिन के अंदर अपील दायर कर सकते हैं. यह समय सीमा पहले 60 दिन की थी.

An Indian police officer stands behind the concertina wire during restrictions on Eid-al-Adha after the scrapping of the special constitutional status for Kashmir by the Indian government, in Srinagar, August 12, 2019. REUTERS/Danish Ismail

जम्मू कश्मीर: शेहला राशिद का सेना द्वारा अत्याचार का आरोप, सेना का इनकार

शेहला राशिद के सेना द्वारा पूरे क्षेत्र में डर का माहौल बना देने के आरोपों को सेना ने ख़ारिज करते हुए आधारहीन बताया. शेहला का कहना है कि अगर सेना इनकी निष्पक्ष जांच करना चाहे, तो वे ऐसी घटनाओं की जानकारी दे सकती हैं.

Indian security force personnel keep guard alongside a road during restrictions after the government scrapped the special constitutional status for Kashmir, in Srinagar August 15, 2019. REUTERS/Danish Ismail

370 का जश्न और सहमा हुआ कश्मीर

इस पूरे अध्याय ने कश्मीर की आवाज़ और बोलने का हक़ दोनों छीन लिया, लेकिन कहा गया कि कश्मीरी जनता खुश है. अजीत डोभाल को सबने चार कश्मीरियों के साथ खाना खाते तो देखा पर किसी को नहीं पता कि उन तस्वीरों में पीछे कितने सैनिक बंदूक ताने खड़े थे.

New Delhi: Jammu and Kashmir National Conference President Farooq Abdullah addresses an all party condolence meeting organised for former prime minister Atal Bihari Vajpayee, in New Delhi on Monday, Aug 20, 2018. (PTI Photo/Kamal Kishore) (PTI8_20_2018_000249B)

शाह ने कहा- फ़ारूक़ अब्दुल्ला को गिरफ़्तार नहीं किया गया, फ़ारूक़ ने कहा- संसद में झूठ बोल रहे

नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता और सांसद फ़ारूक़ अब्दुल्ला ने कहा कि पिछले 70 सालों से इन लोगों ने इस राज्य के लोगों की पीठ में छूरा भोंका है. मैं अपना सीना ताने खड़ा हूं… मेरी पीठ पर नहीं मेरे सीने पर गोली चलाओ.

New Delhi: Congress MP Adhir Ranjan Chowdhury speaks in the Lok Sabha during the ongoing Budget Session of Parliament, in New Delhi, Tuesday, Aug 6, 2019. (LSTV/PTI Photo) (PTI8_6_2019_000020B)

कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने पूछा, जम्मू कश्मीर आंतरिक मामला है या द्विपक्षीय?

लोकसभा में कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने जम्मू कश्मीर संबंधी संकल्प पेश किए जाने का विरोध करते हुए कहा कि केंद्र सरकार को स्थित स्पष्ट करनी चाहिए.

New Delhi: Union Home Minister Amit Shah speaks during the resolution on Kashmir in the Lok Sabha, in New Delhi, Tuesday, Aug 6, 2019. (LSTV/PTI Photo) (PTI8_6_2019_000028B)

जम्मू कश्मीर में पीओके और अक्साई चीन समाहित हैं, जान दे देंगे इसके लिए: अमित शाह

गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में जम्मू कश्मीर पुनर्गठन विधेयक और अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को ख़त्म करने संबंधी संकल्प पेश किया.

गृह मंत्री अमित शाह. (फोटो: पीटीआई)

जम्मू कश्मीर की स्थिति सामान्य होने पर पूर्ण राज्य का दर्जा वापस दिया जा सकता है: अमित शाह

राज्यसभा में गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि जम्मू कश्मीर में आतंकवाद और गरीबी का मूल कारण अनुच्छेद 370 था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शाह के भाषण को अतीत के ऐतिहासिक अन्याय को सटीक ढंग से रेखांकित करने वाला बताया.

New Delhi: The statue of Mahatma Gandhi in the backdrop of the Parliament House during the Monsoon Session, in New Delhi on Friday, July 20, 2018. (PTI Photo/Kamal Kishore) (PTI7_20_2018_000250B)

जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने संबंधी प्रावधानों एवं विधेयक को राज्यसभा की मंज़ूरी

जम्मू कश्मीर पुनर्गठन विधेयक और जम्मू कश्मीर आरक्षण (द्वितीय संशोधन) विधेयक 2019 को 61 के मुकाबले 125 मतों से मंजूरी दे दी गई.

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान. (फोटो: रॉयटर्स)

भारत सरकार का एकतरफा क़दम कश्मीर की विवादित स्थिति को बदल नहीं सकता: पाकिस्तान

पाकिस्तान ने जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 समाप्त करने संबंधी भारत के फैसले को ख़ारिज किया. पाकिस्तान के राष्ट्रपति ने मंगलवार को संसद का संयुक्त सत्र बुलाया.

Jammu: CRPF personnel stand guard during restrictions, at Raghunath Bazar in Jammu, Monday, Aug 05, 2019. Restrictions and night curfews were imposed in several districts of Jammu and Kashmir as the Valley remained on edge with authorities stepping up security deployment. (PTI Photo)(PTI8_5_2019_000091B)

राष्ट्रपति ने जम्मू कश्मीर में भारत का संविधान लागू करने संबंधी प्रावधान का आदेश जारी किया

जम्मू कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को ख़त्म करने के केंद्र की मोदी सरकार के फैसले के बाद सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में हाई अलर्ट. सुरक्षा बलों को सतर्क रहने को कहा गया.

Srinagar:  Security personnel guarding at Lal Chowk during curfew in Srinagar on Tuesday. PTI Photo by S Irfan      (PTI9_13_2016_000101B)

कश्मीर घाटी में 10,000 अतिरिक्त केंद्रीय बलों को तैनात करेगा केंद्र

पुलवामा हमले के बाद भी जम्मू कश्मीर में केंद्रीय बलों की 100 कंपनियां तैनात की गई थीं. पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती ने कहा कि जम्मू कश्मीर एक राजनीतिक समस्या है, जो सैन्य विकल्प से नहीं सुलझेगी.

Brinda Karat Tripura Twitter CPIM

माकपा नेता वृंदा करात ने अमित शाह को लिखा पत्र, नफ़रत फैलाने वाले वीडियो पर कार्रवाई की मांग की

करात ने कहा, ‘ये वीडियो किसी एक समुदाय द्वारा किसी विशेष समुदाय के ख़िलाफ़ हिंसा भड़काने और उन्हें धमकाने वाले हैं.’