गोरखपुर

Muzaffarpur: A woman carrying a child showing symptoms of Acute Encephalitis Syndrome (AES) arrives at Shri Krishna Medical College and hospital for treatment, in Muzaffarpur, Sunday, June 16, 2019. With one more death of a child on Sunday morning, the death toll in the district rose to 83 this month. (PTI Photo) (PTI6_16_2019_000043B)

साल दर साल काल के गाल में समाते बच्चे और गाल बजाते नेता

सोमवार को मुज़फ़्फ़रपुर दौरे पर पहुंचे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कई योजनाओं की घोषणा की, तो उन्हें 2014 में की गई घोषणाओं के बारे में ध्यान दिलाया गया, जिस पर वह असहज हो गए. दरअसल वे पांच साल पूर्व की गई अपनी ही घोषणाएं फिर से दोहरा रहे थे जो अब तक या तो अमल में ही नहीं आ सकी हैं या आधी-अधूरी हैं.

(फाइल फोटो: रॉयटर्स)

उत्तर प्रदेश: पूर्वांचल के गन्ना किसानों की सुध क्यों नहीं ले रही है सरकार?

उत्तर प्रदेश में अब भी गन्ना किसानों का 10,626 करोड़ रुपये बकाया है और जून के महीने में भी गन्ने की फसल खेतों में खड़ी है. उत्तर प्रदेश में 2014 के लोकसभा और 2017 के विधानसभा चुनाव में गन्ना किसानों की समस्याओं को भाजपा ने प्रमुखता से उठाया था, लेकिन केंद्र और प्रदेश में सरकार बनने के बाद भी उनकी समस्याएं हल नहीं हो सकी हैं.

(फोटो साभार: फेसबुक)

गाय का नाम जपने वाली योगी सरकार में गायों का हाल बुरा क्यों है?

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह ज़िले गोरखपुर के बांसगांव और पड़ोसी ज़िले महराजगंज के मधवलिया गोसदन में बड़ी संख्या में गोवंशीय पशुओं की मौत हुई है.

Kushinagar

उत्तर प्रदेश: कुशीनगर में घर से खींचकर परिजन के सामने नाबालिग से सामूहिक बलात्कार

उत्तर प्रदेश के कुशीनगर ज़िले के अहिरौली बाज़ार थाना क्षेत्र स्थित एक गांव में हुई घटना में नाली बनाने को लेकर आरोपियों का नाबालिग के परिवार के साथ झगड़ा हुआ था. प्रदेश के हमीरपुर और मेरठ में नाबालिग लड़कियों की बलात्कार के बाद हत्या. कानपुर में भी नाबालिग से बलात्कार का मामला सामने आया है.

भोजपुरी फिल्म एगो चुम्मा दे द राजाजी में दिल्ली भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी और गोरखपुर से भाजपा उम्मीदवार रविकिशन एक साथ नज़र आए थे. (फोटो साभार: फेसबुक)

भोजपुरी सिनेमा की दुनिया और सितारों की राजनीति

गोरखपुर से भाजपा प्रत्याशी और भोजपुरी सिनेमा के सुपरस्टार रवि किशन ने कहा है कि वह गोरखपुर में भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री बनाएंगे, लेकिन सच्चाई यह है कि भोजपुरी फिल्में ठहराव के दौर से गुज़र रही हैं. भोजपुरी फिल्म उद्योग लगातार मंदा पड़ता जा रहा है और उसके अच्छे दिन चले गए हैं.

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योगी के गोरखपुर में मुस्लिम इलाक़ों का हाल

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर लोकसभा क्षेत्र के मुस्लिम इलाक़ों का जायज़ा लिया द वायर की सीनियर एडिटर आरफ़ा ख़ानम शेरवानी ने.

पीस पार्टी के प्रमुख डॉ. अयूब. (फोटो साभार: फेसबुक)

उत्तर प्रदेश: पीस पार्टी क्यों अलग-थलग पड़ गई है

गोरखपुर लोकसभा उपचुनाव में सपा-बसपा को साथ लाने का दावा करने वाली पीस पार्टी शिवपाल यादव की पार्टी के साथ मिलकर चुनाव लड़ रही है. पार्टी ने 17 लोकसभा सीटों अपने प्रत्याशी उतारे हैं, लेकिन किसी भी सीट पर सफलता तो दूर वह ठीक-ठाक प्रदर्शन करने के प्रति भी आश्वस्त नहीं है.

Gorakhpur

योगी आदित्यनाथ के गोरखपुर में मुस्लिमों की क्या स्थिति है?

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर लोकसभा क्षेत्र में मुस्लिमों की हालत का जायज़ा ले रही हैं द वायर की सीनियर एडिटर आरफ़ा ख़ानम शेरवानी.

Arfa Yogi Hindu Yuwa Vahini

हिंदू युवा वाहिनी के 17 साल- योगी के मुख्यमंत्री बनने तक की पूरी कहानी

गोरखपुर लोकसभा क्षेत्र में हिंदू युवा वाहिनी के उदय से लेकर योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने तक के सफर पर हिंदू युवा वाहिनी के अध्यक्ष सुनील, महामंत्री प्रेमशंकर मिश्र, वरिष्ठ पत्रकार मनोज सिंह और प्रोफेसर चंद्रभूषण से विस्तार में चर्चा कर रही हैं द वायर की सीनियर एडिटर आरफ़ा ख़ानम शेरवानी.

Lucknow: Kafeel Khan, an accused in the BRD Medical Hospital case involving the death of children, speaks at a press conference in Lucknow on Sunday, June 17, 2018. (PTI Photo) (PTI6_17_2018_000100B)

गोरखपुर ऑक्सीजन कांड: निलंबित डॉक्टर ने बच्चों की मौत की सीबीआई जांच की मांग की

गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन संकट के आरोप में निलंबित किए गए डॉ. कफ़ील ख़ान का कहना है कि बच्चों की मौत के जिम्मेदार लोग खुले घूम रहे हैं. असली दोषी वे अधिकारी हैं जो बकाया भुगतान के लिए आपूर्तिकर्ताओं से पत्र की मांग कर रहे थे. डॉ. कफ़ील ने मामले को उत्तर प्रदेश के बाहर स्थानांतरित किए जाने की भी मांग की है.

कांग्रेस नेता अजय राय. (फोटो साभार: फेसबुक)

कांग्रेस ने बनारस से नरेंद्र मोदी के ख़िलाफ़ अजय राय को दिया टिकट

कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश की गोरखपुर लोकसभा सीट से मधुसूदन तिवारी को चुनाव मैदान में उतारा. भाजपा ने गोरखपुर से अभिनेता रवि किशन को टिकट दिया है.

Ravi Kishan PTI

नेताओं और कार्यकर्ताओं के विरोध के बावजूद भाजपा ने गोरखपुर से रवि किशन को टिकट क्यों दिया?

विशेष रिपोर्ट: गोरखपुर में भाजपा आत्मविश्वास की कमी से जूझ रही है. प्रत्याशी चयन में एक महीना लगना और इस दौरान दर्जन भर नेताओं का नाम आना व ख़ारिज होना इसका उदाहरण है. आखिर में ऐसे प्रत्याशी को ‘आयात’ करना पड़ा, जिसे लेकर पार्टी और समर्थकों में उत्साह नहीं दिख रहा है.

अभिनेता रवि किशन और गोरखपुर से सांसद प्रवीण निषाद. (फोटो साभार: फेसबुक)

भाजपा ने रवि किशन को गोरखपुर से, प्रवीण निषाद को संत कबीर नगर से प्रत्याशी बनाया

संत कबीर नगर से सांसद शरद त्रिपाठी को भाजपा ने टिकट नहीं दिया है. त्रिपाठी पिछले महीने संत कबीर नगर में एक बैठक के दौरान ज़िले की मेंहदावल सीट से भाजपा विधायक राकेश बघेल को जूते से पीटने के बाद चर्चा में आए थे.

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ. (फोटो: पीटीआई)

क्या योगी आदित्यनाथ की गोरखपुर सीट से ‘योग्य उम्मीदवार’ नहीं ढूंढ पा रही है भाजपा?

विशेष रिपोर्ट: पिछले उपचुनाव में गोरखपुर से मिली हार के चलते पूरे देश में भाजपा के लिए सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली सीट अब पार्टी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिए सबसे अधिक चिंता की सीट बन गई है.

New Delhi: Bharatiya Janata Party leader and Union Minister JP Nadda greets Nishad Party leader and Gorakhpur (UP) MP Praveen Nishad after he joined BJP, in New Delhi, Thursday, April 04, 2019. (PTI Photo/Arun Sharma)(PTI4_4_2019_000037B)

लोकसभा उपचुनाव में गोरखपुर सीट पर भाजपा को हराने वाले सांसद प्रवीण निषाद भाजपा में शामिल

एक समाचार चैनल ने अपने स्टिंग ऑपरेशन में दावा किया है कि गोरखपुर से सांसद प्रवीण निषाद ने लोकसभा चुनाव में काला धन ख़र्च करने की बात स्वीकार की और इस चुनाव में भी काले धन के इस्तेमाल से उन्हें कोई ऐतराज़ नहीं था.

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योगी आदित्यनाथ के कथित भड़काऊ भाषण मामले में याचिकाकर्ता गैंगरेप केस में गिरफ़्तार

सामाजिक कार्यकर्ता परवेज़ परवाज़ के खिलाफ गैंगरेप का यह मामला पहली विवेचना में फर्जी पाया गया था, दोबारा विवेचना के बाद उनकी गिरफ़्तारी हुई.

Lucknow: Kafeel Khan, an accused in the BRD Medical Hospital case involving the death of children, speaks at a press conference in Lucknow on Sunday, June 17, 2018. (PTI Photo) (PTI6_17_2018_000100B)

गोरखपुर: नौ साल पुराने मामले में डॉ. कफ़ील ख़ान और उनके भाई गिरफ़्तार

मुज़फ़्फ़र आलम नामक व्यक्ति ने साल 2009 में डॉ. कफ़ील और उनके भाई अदील अहमद ख़ान के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया था. बीते शनिवार को भी कफ़ील ख़ान को गिरफ़्तार किया गया था, हालांकि बाद में उन्हें जमानत मिल गई थी.

Gorakhpur Edit

क्या उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पूर्वांचल में बच्चों की मौत पर लगाम लगा पाएगी?

वीडियो: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर और उससे लगे ज़िलों में विभिन्न बीमारियों से होने वाली बच्चों की मौत पर वरिष्ठ पत्रकार अभिसार शर्मा की ग्राउंड रिपोर्ट.

Behraich District hospital ANI

उत्तर प्रदेश के बहराइच ज़िला अस्पताल में 71 बच्चों की मौत

यहां पर बीते 45 दिनों में 71 बच्चों की मौत हो चुकी है. मेडिकल सुपरिटेंडेंट का कहना है कि सीमित संसाधनों की वजह से अस्पताल को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है.

gorakhpur

गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में इंसेफलाइटिस से मौतों में ‘चमत्कारिक’ कमी का सच क्या है?

उत्तर प्रदेश सरकार यदि इंसेफलाइटिस से मौतों में कमी आने का दावा कर रही है तो उसे पिछले पांच वर्षों का अगस्त महीने तक गोरखपुर स्थित बीआरडी मेडिकल कॉलेज में मरीजों की संख्या और मौतों की रिपोर्ट जारी करनी चाहिए.

Moradabad: Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath attends a function at Dr BR Ambedkar Police Academy, in Moradabad on Monday, July 9, 2018. (PTI Photo) (PTI7_9_2018_000114B)

बीआरडी अस्पताल में बच्चों की मौत आंतरिक राजनीति के कारण हुई थी: योगी आदित्यनाथ

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री का कहना है कि बीआरडी अस्पताल में बच्चों की मौत ऑक्सीजन की कमी से नहीं हुई थी.

Moradabad: Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath attends a function at Dr BR Ambedkar Police Academy, in Moradabad on Monday, July 9, 2018. (PTI Photo) (PTI7_9_2018_000114B)

गोरखपुर दंगा: सुप्रीम कोर्ट ने योगी सरकार से पूछा, क्यों न चलाएं आदित्यनाथ पर मुक़दमा

योगी आदित्यनाथ पर 2007 में कथित भड़काऊ भाषण देकर दंगे भड़काने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने योगी सरकार को नोटिस जारी कर चार हफ़्तों के भीतर जवाब मांगा है.

योगी आदित्यनाथ से आशीर्वाद लेते गोरखनाथ स​र्कल अधिकारी प्रवीण सिंह. (फोटो साभार: ट्विटर)

योगी आदित्यनाथ के सामने वर्दी में घुटनों के बल बैठे पुलिस अफसर की तस्वीर पर विवाद

विवाद होने पर डीएसपी रैंक के संबंधित अधिकारी प्रवीण सिंह जो गोरखनाथ क्षेत्र के सर्कल अधिकारी हैं, ने कहा कि ​यह केवल बाबा गोरखनाथ के प्रति उनकी सच्ची श्रद्धा है, इससे ज़्यादा कुछ नहीं.

गोरखपुर विश्वविद्यालय. (फोटो: धीरज मिश्रा/द वायर)

गोरखपुर विश्वविद्यालय: एससी-ओबीसी के लिए आरक्षित शिक्षक पद पर सामान्य आवेदकों की भर्ती

विशेष रिपोर्ट: गोरखपुर विश्वविद्यालय प्रशासन पर आरोप है कि शिक्षक भर्ती के दौरान जनरल कैटेगरी में भी एक ख़ास जाति को तरजीह दी गई. चयन प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवाल.

फोटो साभार: एएनआई

गोरखपुर बीआरडी मेडिकल कॉलेज के छह में से चार एनस्थीसिया डॉक्टरों का इस्तीफा

मेडिकल कॉलेज प्रशासन पर उत्पीड़न का आरोप लगाकर चारों डॉक्टरों ने इस्तीफा दिया. ट्रामा सेंटर, इमरजेंसी, सर्जरी और आईसीयू सेवाएं हो सकती हैं प्रभावित.

फोटो साभार: एएनआई

गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में छह महीनों में 1049 बच्चों की मौत

बीआरडी मेडिकल कॉलेज में साल 2017 में छह महीनों में 1,201 बच्चों की मौत हुई थी. दोनों वर्ष के आंकड़ों से पता चलता है कि नियोनेटल डेथ में कमी आई है जबकि इंसेफलाइटिस से बच्चों की मौत बढ़ गई है.

Lucknow: Kafeel Khan, an accused in the BRD Medical Hospital case involving the death of children, speaks at a press conference in Lucknow on Sunday, June 17, 2018. (PTI Photo) (PTI6_17_2018_000100B)

डॉ. कफ़ील ख़ान ने भाई पर हमले के लिए भाजपा सांसद को ठहराया ज़िम्मेदार

गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में बच्चों की मौत मामले के आरोपी डॉक्टर कफ़ील ने मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है. बांसगांव से भाजपा सांसद कमलेश पासवान ने आरोपों से इनकार किया.

घायल काशिफ़ जैम

गोरखपुर में डॉ. कफ़ील ख़ान के भाई को गोली मारी गई

डॉ. कफ़ील के भाई काशिफ़ जमील पर अज्ञात हमलावरों ने तीन गोलियां चलाईं. गोरखपुर के निजी अस्पताल में चल रहा है इलाज. आॅपरेशन के बाद गोलियां निकाली गईं.

प्रतीकात्मक फोटो पीटीआई

उत्तर प्रदेश में प्रदूषण के चलते बढ़ रही हैं असमय मौतें, लखनऊ में सालाना 4 हज़ार लोगों की मौत

एक अध्ययन के अनुसार कानपुर में प्रदूषण के चलते सालाना करीब 4 हज़ार से अधिक मौतें हो जाती हैं. वहीं लखनऊ में हर दिन औसतन 11 लोग प्रदूषण के चलते जान गंवा रहे हैं.

Nath Manuscript Featured

नाथ संप्रदाय: धार्मिक मेल-जोल की राजनीति से हिंदुत्व की राजनीति तक

आज भले ही योगी आदित्यनाथ सियासी फ़ायदे के लिए संप्रदायों का ध्रुवीकरण करते हों, लेकिन हाल ही में सामने आए दो अप्रकाशित सिद्धांत बताते हैं कि 20वीं शताब्दी से पहले, नाथ संप्रदाय के सदस्य सत्ता पाने के लिए धार्मिक मेलजोल का सहारा लिया करते थे.

Gorakhpur: Samajwadi Party candidate Praveen Kumar Nishad flashes victory sign after his success in the bypoll elections, in Gorakhpur on Wednesday. PTI photo(PTI3_14_2018_000163B)

भाजपा के सेवक हो गए हैं अफ़सर, मेरी कोई नहीं सुनता: गोरखपुर सांसद प्रवीण निषाद

गोरखपुर के नवनिर्वाचित सांसद प्रवीण निषाद ने आरोप लगाया कि जनपद से मुख्यमंत्री होने के नाते ज़िला प्रशासन योगी आदित्यनाथ के दबाव में है.

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जिनकी देश की आज़ादी में कोई भूमिका नहीं थी वो दूसरों को देशभक्ति का सर्टिफिकेट बांट रहे हैं

स्वतंत्रता के आंदोलन में आरएसएस की कोई भूमिका नहीं रही. आज़ादी के आंदोलन में हिस्सा लेने का उनका कोई इतिहास नहीं है इसीलिए वो समाजवाद के इतिहास को भी मिटाना चाहते हैं.

(फोटो: पीटीआई)

अगर भाजपा को उसके गढ़ में हराया जा सकता है तो कहीं भी हराया जा सकता है: अखिलेश यादव

सपा प्रमुख ने कहा कि राज्यसभा चुनाव में सत्‍ता और धनबल का दुरुपयोग कर भाजपा ने सपा और बसपा के रिश्ते को और भी मजबूत कर दिया है.

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मेरी हत्या कराने के फ़िराक़ में है योगी सरकार: मायावती

बसपा सुप्रीमो ने कहा कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव अभी राजनीति में थोड़े कम तजुर्बेकार हैं, अगर मैं उनकी जगह पर होती तो अपने उम्मीदवार के बजाए उनके उम्मीदवार को जिताने की कोशिश करती.

गोरखपुर के पूर्व ज़िलाधिकारी राजीव रौतेला और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ. (फोटो: पीटीआई/फेसबुक)

प्रेस परिषद ने गोरखपुर उपचुनाव के दौरान मीडिया पर प्रतिबंध को लेकर योगी सरकार से रिपोर्ट मांगी

बीते 14 मार्च को गोरखपुर उपचुनाव की मतगणना के दौरान गोरखपुर के ज़िलाधिकारी राजीव रौतेला पर आरोप लगा था कि जैसे ही भाजपा गिनती पीछे हुई उन्होंने मीडिया को मतगणना केंद्र पर आने से प्रतिबंधित कर दिया था.

डॉ. संजय निषाद. (फोटो साभार: फेसबुक/निषाद पार्टी)

कौन हैं संजय निषाद, जिनकी निषाद पार्टी ने योगी को उनके गढ़ में मात दी

गोरखपुर से ग्राउंड रिपोर्ट: गोरक्षपीठ को निषादों का बताने वाले संजय उन चंद लोगों में हैं, जो गोरखपुर में रहते हुए हिंदू युवा वाहिनी को दंगा करने वाला, मुसलमानों, दलितों, अति पिछड़ों और निषादों पर अत्याचार करने वाला ‘संगठित गिरोह’ बताते रहे हैं.

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‘चाणक्य नीति’ जैसा कुछ नहीं, सब मीडिया मैनेजमेंट है

जहां भाजपा सफल हो जाती है, वहां ये कथित ‘चाणक्य नीति’ का ढोल पीटते हैं, जहां विफल हो जाते हैं तो कहते हैं कि अति-आत्मविश्वास हमें ले डूबा.