चीफ जस्टिस

सीजेआई एसए बोबडे. (फोटो: पीटीआई)

मुकदमे से पहले अनिवार्य मध्यस्थता वाले कानून के लिए यह उपयुक्त समय है: सीजेआई

सीजेआई एसए बोबडे ने कहा कि वैश्विक समुदाय के एक अभिन्न सदस्य तथा व्यापार और निवेश के लिहाज से महत्वपूर्ण होने के नाते भारत अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता में किस तरह से शामिल होता है इसका सीमा पार अंतरराष्ट्रीय व्यापार, वाणिज्य और निवेश के प्रवाह पर महत्वपूर्ण प्रभाव होता है.

पूर्व मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई. (फोटो: पीटीआई)

सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व सीजेआई गोगोई पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली महिला की नौकरी बहाल की

सुप्रीम कोर्ट की पूर्व महिला कर्मचारी ने शीर्ष अदालत के 22 जजों को पत्र लिखकर आरोप लगाया था कि पूर्व सीजेआई जस्टिस रंजन गोगोई ने अक्टूबर 2018 में उनका यौन उत्पीड़न किया था.

सीजेआई एसए बोबडे. (फोटो: पीटीआई)

विश्वविद्यालयों को किसी उत्पादन इकाई की तरह काम नहीं करना चाहिए: सीजेआई बोबडे

सीजेआई शरद अरविंद बोबडे ने राष्ट्रसंत तुकादोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय के 107वें दीक्षांत समारोह में कहा कि नागरिकता सिर्फ लोगों के अधिकारों के बारे में ही नहीं बल्कि समाज के प्रति उनके कर्तव्यों के बारे में भी है.

इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज एसएन शुक्ला. (फोटो: allahabadhighcourt.in)

मेडिकल कॉलेज घोटाला: सीबीआई ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज नारायण शुक्ला को नामज़द किया

सीबीआई ने इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ के जस्टिस नारायण शुक्ला के साथ छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश आईएम कुद्दूसी, प्रसाद एजुकेशन ट्रस्ट के भगवान प्रसाद यादव और पलाश यादव, ट्रस्ट तथा दो अन्य भावना पांडेय और सुधीर गिरि को मेडिकल कॉलेज रिश्वत घोटाला मामले में नामज़द किया है.

**EDS: FILE PHOTO** New Delhi: In this Saturday, Aug 17, 2019 file photo Justice Sharad Bobde attends the 17th All India Meet of State Legal Services Authorities, in Nagpur, Maharashtra. Justice Bobde will succeed Justice Ranjan Gogoi as the next Chief Justice of India.(PTI Photo) (PTI10_29_2019_000034B)

सीजेआई बोबडे अयोध्या, निजता के अधिकार सहित ऐतिहासिक फैसलों में रहे शामिल

जस्टिस बोबडे रविवार को सेवानिवृत्त हुए जस्टिस रंजन गोगोई का स्थान लेंगे. मुख्य न्यायाधीश के रूप में बोबडे का कार्यकाल करीब 17 महीने का होगा और वह 23 अप्रैल 2021 को सेवानिवृत्त होंगे.

जस्टिस शरद अरविंद बोबडे. (फोटो: पीटीआई)

जस्टिस एसए बोबडे ने भारत के 47वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली

एसए बोबडे मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस रह चुके हैं. वह कई महत्वपूर्ण पीठों का हिस्सा रहे हैं. इसके अलावा मुंबई में महाराष्ट्र नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी और नागपुर में महाराष्ट्र नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के वह चांसलर भी हैं.

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केंद्र ने जस्टिस एके कुरैशी को त्रिपुरा हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया

बीते पांच सितंबर को सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने अपने फैसले में संशोधन करते हुए जस्टिस एके कुरैशी को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की जगह त्रिपुरा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बनाने की सिफारिश की थी.

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केंद्र ने जस्टिस कुरैशी की नियुक्ति को लेकर सुप्रीम कोर्ट से और समय मांगा

बीते सितंबर महीने में सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने अपने फैसले में संशोधन करते हुए जस्टिस एके कुरैशी को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की जगह त्रिपुरा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बनाने की सिफारिश की थी.

**EDS: FILE PHOTO** New Delhi: In this Saturday, Aug 17, 2019 file photo Justice Sharad Bobde attends the 17th All India Meet of State Legal Services Authorities, in Nagpur, Maharashtra. Justice Bobde will succeed Justice Ranjan Gogoi as the next Chief Justice of India.(PTI Photo) (PTI10_29_2019_000034B)

कॉलेजियम में पर्याप्त पारदर्शिता, इसकी चर्चाओं का खुलासा करने की जरूरत नहीं: भावी सीजेआई बोबडे

देश के अगले मुख्य न्यायाधीश जस्टिस शरद अरविंद बोबडे ने यह भी कहा कि सरकार जजों की नियुक्ति में देरी नहीं कर रही है. उन्होंने कहा कि किसी मामले की सुनवाई से हटने के संबंध में जज को कोई कारण बताने की जरूरत नहीं है.

New Delhi: In this Friday, Nov. 30, 2018 file photo, Chief Justice of India Justice Ranjan Gogoi and Supreme Court of India Judge Justice SA Bobde in New Delhi. Gogoi on Friday, Oct. 18, 2019 wrote to the Centre recommending justice SA Bobde as his successor. As per tradition, the sitting CJI has to write and recommend his immediate successor.(PTI Photo/Kamal Singh) (PTI10_18_2019_000024)

जस्टिस एसए बोबडे होंगे अगले मुख्य न्यायाधीश, 18 नवंबर को लेंगे शपथ

हाल ही में मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने केंद्र सरकार को एक पत्र लिखकर सुप्रीम कोर्ट में अपने बाद वरिष्ठतम न्यायाधीश एसए बोबडे को अपना उत्तराधिकारी बनाने की सिफ़ारिश की थी.

New Delhi: In this Friday, Nov. 30, 2018 file photo, Chief Justice of India Justice Ranjan Gogoi and Supreme Court of India Judge Justice SA Bobde in New Delhi. Gogoi on Friday, Oct. 18, 2019 wrote to the Centre recommending justice SA Bobde as his successor. As per tradition, the sitting CJI has to write and recommend his immediate successor.(PTI Photo/Kamal Singh) (PTI10_18_2019_000024)

चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने अपने उत्तराधिकारी के तौर पर जस्टिस बोबडे के नाम की सिफ़ारिश की

सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने अपने उत्तराधिकारी के रूप में जस्टिस एसए बोबडे के नाम की सिफ़ारिश करते हुए विधि एवं न्याय मंत्रालय को पत्र लिखा है.

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कॉलेजियम ने बदला फैसला, जस्टिस कुरैशी को त्रिपुरा हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस बनाने की सिफारिश

इससे पहले इस साल मई महीने में कोलेजियम ने जस्टिस कुरैशी को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस बनाए जाने की सिफारिश की थी.

Court Hammer (2)

देश की अदालतों में दो लाख से अधिक मामले 25 साल से लंबित: सीजेआई रंजन गोगोई

चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने एक कार्यक्रम में कहा कि बड़ी संख्या में मामलों के लंबित होने को लेकर न्यायपालिका की आलोचना होती है, लेकिन देरी के लिए केवल न्यायपालिका ही नहीं, बल्कि न्याय प्रदान करने वाली व्यवस्था में कार्यपालिका की भी कुछ ज़िम्मेदारी बनती है.

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जस्टिस एए क़ुरैशी की नियुक्ति पर 14 अगस्त तक फ़ैसला ले केंद्र: सुप्रीम कोर्ट

केंद्र सरकार ने 22 जुलाई को बॉम्बे हाईकोर्ट के जस्टिस एए क़ुरैशी को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाए जाने की सुप्रीम कोर्ट कॉलिजियम की सिफ़ारिश पर निर्णय लेने के लिए दो सप्ताह का समय मांगा था. केंद्र सरकार ने अब और दस दिन का समय मांगा है.

New Delhi: A view of Supreme Court of India in New Delhi, Thursday, Nov. 1, 2018. (PTI Photo/Ravi Choudhary) (PTI11_1_2018_000197B)

2019 की पहली छमाही में बच्चों से बलात्कार के 24 हज़ार से ज़्यादा मामले दर्ज हुए

सुप्रीम कोर्ट ने देश में बच्चों के साथ बढ़ते बलात्कार के मामलों पर स्वतः संज्ञान लेते हुए इस बारे में दिशानिर्देश तैयार करने का निर्णय लिया है. सीजेआई की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि यह चौंकाने वाला है कि इस साल अब तक दर्ज 24 हज़ार से अधिक मामलों में से सिर्फ 6,449 मामलों में सुनवाई शुरू हुई है.