चुनाव

बिहार चुनाव की तारीखों की घोषणा करते मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा. (फोटो: पीटीआई)

बिहार: 28 अक्टूबर से तीन चरणों में होंगे विधानसभा चुनाव, मतगणना 10 नवंबर को

नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली बिहार की 243 सदस्यीय विधानसभा का वर्तमान कार्यकाल 29 नवंबर को ख़त्म हो रहा है. चुनाव के लिए तीन चरणों में 28 अक्टूबर, 03 और 07 नवंबर को मतदान होगा. चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही राज्य में चुनाव आचार संहिता लागू हो गई है.

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बीजेपी क्यों चाहती है सुशांत के मुद्दे पर हो बिहार चुनाव?

वीडियो: विधानसभा चुनाव नज़दीक आते ही बिहार की राजनीति गरमाने लगी है. राजद के कद्दावर नेता रघुवंश प्रसाद सिंह ने पार्टी से इस्तीफ़ा दे दिया है. अभिनेता सुशांत सिंह की मौत को भी मुद्दा बनाया जा रहा है. इस पर द वायर के पॉलिटिकल अफेयर्स एडिटर अजय आशीर्वाद और राजनीतिक विश्लेषक सज्जन कुमार से आरफ़ा ख़ानम शेरवानी की बातचीत.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार. (फोटो: पीटीआई)

क्या कोरोना के दौर में बिहार में चुनाव कराना लोगों की ज़िंदगी से खिलवाड़ करना नहीं है

यह सही है कि समय पर चुनाव करवाना चुनाव आयोग की ज़िम्मेदारी है, मगर जिस राज्य में महामारी का आलम ये हो कि मुख्यमंत्री ही तीन महीने बाहर न निकलें, वहां सात करोड़ मतदाताओं के साथ एक माह तक चुनाव प्रक्रिया चलाना बीमारी के जोखिम को और बढ़ा सकता है.

रामाश्रय राय. (फोटो साभार: सीएसडीएस)

रामाश्रय राय: देश के चुनाव संबंधी अध्ययनों को दिशा देने वाले राजनीतिशास्त्री

प्रसिद्ध राजनीतिशास्त्री और सीएसडीएस के संस्थापक सदस्यों में से एक रामाश्रय राय के लेखन में सैद्धांतिक गहराई और व्यावहारिक समझ का अनूठा संगम देखने को मिलता है. एक ओर वे समकालीन विचारकों से संवाद करते हैं, वहीं दूसरी ओर पाठकों को भारतीय राजनीति की ज़मीनी हक़ीक़त से भी रूबरू कराते चलते हैं.

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हरिशंकर परसाई: समाज की रग-रग से वाक़िफ़ व्यंग्यकार

हरिशंकर परसाई व्यंग्य के विषय में ख़ुद कहा करते थे कि व्यंग्य जीवन से साक्षात्कार करता है, जीवन की आलोचना करता है, विसंगतियों, अत्याचारों, मिथ्याचारों और पाखंडों का पर्दाफाश करता है. उनकी रचनाएं उनके इस कथ्य की गवाह हैं.

महाराष्ट्र में डाक मतपत्र का इस्तेमाल करते मतदाता. (फोटो: पीटीआई)

डाक-मतपत्र से वोट देने की आयु सीमा कम करने का फैसला वापस ले चुनाव आयोग: कांग्रेस

कोरोना वायरस से वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा का हवाला देते हुए लोकसभा और विधानसभा चुनावों में डाक-मतपत्र के लिए मतदाताओं की आयु सीमा 80 साल से घटाकर 65 साल कर दी गई है. विपक्षी दलों का कहना है कि चुनाव आयोग बिना विमर्श चुनावी प्रक्रिया बदलने के लिए एकतरफ़ा क़दम उठा रहा है.

Kandhamaal: An elderly voter show her finger marked with indelible ink at Adabadi polling booth during the second phase of Lok Sabha elections in Kandhamaal, Thursday, April 18, 2019. PTI Photos

कोविड-19: लोकसभा और विधानसभा चुनावों में डाक मतपत्र से मतदान की आयु सीमा घटाई गई

कोरोना वायरस को देखते हुए वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा के मद्देनज़र विधि मंत्रालय ने 19 जून को जारी संशोधन में 65 वर्ष या इससे अधिक उम्र के लोगों को डाक मतपत्र के इस्तेमाल की अनुमति दी है. इससे पहले यह आयु सीमा 80 वर्ष थी.

19 जून को सर्वदलीय बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी. (फोटो साभार: पीआईबी)

सरकार कह रही है कि यह राजनीति का समय नहीं, लेकिन वह ख़ुद क्या कर रही है

मुख्य विपक्षी दल के सवाल करने को उसकी क्षुद्रता बताया जा रहा है. 20 सैनिकों के मारे जाने के बाद कहा गया कि बिहार रेजीमेंट के जवानों ने शहादत दी, यह बिहार के लोगों के लिए गर्व की बात है. अन्य राज्यों के जवान भी मारे गए, उनका नाम अलग से क्यों नहीं? सिर्फ बिहार का नाम क्यों? क्या यह क्षुद्रता नहीं?

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देश कोरोना से लड़ रहा है भाजपा चुनाव लड़ रही है

वीडियो: एक तरफ़ देश में कोरोना का ख़तरा दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है, दूसरी ओर राज्यसभा चुनाव से पहले राजस्थान में सियासी हलचल तेज़ हो चुकी है. इस मुद्दे पर आरफ़ा ख़ानम शेरवानी की द वायर के अजय आशीर्वाद और टॉक जर्नलिज़्म के संस्थापक अविनाश कल्ला से बातचीत.

(फोटो: पीटीआई)

लोकसभा चुनाव में प्रचार पर भाजपा ने किया सर्वाधिक ख़र्च: एडीआर

चुनाव सुधार से संबंधित शोध संस्था एसोसिएशन फॉर डे​मोक्रेटिक रिफॉर्म्स की रिपोर्ट के अनुसार, भाजपा ने चुनाव में 1141.72 करोड़ रुपये ख़र्च किए, वहीं कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव में 626.36 करोड़ रुपये व्यय किया है.

लाल क़िला. (फोटो साभार: विकिमीडिया कॉमंस)

दिल्ली विधानसभा चुनावः चांदनी चौक के चुनावी मैदान में पुराने चेहरे नए दल के साथ उतरे

देश का व्यापारिक केंद्र कहे जाने वाले चांदनी चौक विधानसभा क्षेत्र में 1998 से 2013 तक लगातर चार बार कांग्रेस जीती है, लेकिन 2015 में आम आदमी पार्टी की अलका लांबा ने इस सीट से जीत दर्ज की. 1993 में पहली और आखिरी बार भाजपा इस सीट से जीती थी.

दिल्ली के बुराड़ी में भाजपा नेताओं के साथ बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार. (फोटो: ट्विटर/@Jduonline)

दिल्ली में चुनाव प्रचार करने उतरे नीतीश कुमार, कहा- 2005 के बिहार की याद दिलाता है बुराड़ी

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के साथ बुराड़ी में जदयू उम्मीदवार के समर्थन में एक रैली को संबोधित किया. दिल्ली में शिक्षा का स्तर सुधारने के केजरीवाल के दावे पर सवाल उठाते हुए नीतीश कुमार ने पूछा कि उन्होंने पिछले पांच साल में कितने स्कूल बनाए.

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मुफ्त की घोषणाएं कर केंद्र और दिल्ली सरकार विज्ञापन में ख़र्च कर रहीं पैसा: अलका लांबा

वीडियो: दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर चांदनी चौक सीट से कांग्रेस प्रत्याशी और विधायक अलका लांबा से रीतू तोमर की बातचीत.

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दिल्ली चुनाव: बुराड़ी की जनता बोली- जिसने हमारे लिए काम किया, उसे देंगे वोट

वीडियो: उत्तरी दिल्ली के बुराड़ी विधानसभा क्षेत्र से आम आदमी पार्टी से संजीव झा, भाजपा-जदयू गठबंधन से शैलेंद्र कुमार और कांग्रेस-राजद गठबंधन से प्रमोद त्यागी चुनाव मैदान में हैं. यहां के मतदाताओं ने राज्य और केंद्र की योजनाओं समेत नागरिकता क़ानून पर अपनी राय साझा की.

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दिल्ली विधानसभा चुनाव: क्या बदल पाएगी चांदनी चौक की सूरत?

वीडियो: दिल्ली का दिल कहे जाने वाले चांदनी चौक में मुख्य मुक़ाबला कांग्रेस की अलका लांबा, आम आदमी पार्टी के प्रह्लाद सिंह साहनी और भाजपा के सुमन कुमार गुप्ता के बीच है. यहां के मुद्दों पर रीतू तोमर ने लोगों से बातचीत की.