छंटनी

(फोटो: रॉयटर्स/इलस्ट्रेशन: द वायर)

द हिंदू ने 20 पत्रकारों को निकाला, बंद हो सकता है मुंबई संस्करण

कोरोना महामारी और लॉकडाउन के चलते मीडिया में नौकरियों के जाने का सिलसिला लगातार जारी है. सोमवार को द हिंदू के मुंबई ब्यूरो के 20 पत्रकारों को एचआर विभाग की ओर से इस्तीफ़ा देने को कहा गया है.

सुप्रीम कोर्ट. (फोटो: रॉयटर्स)

लॉकडाउन: समाचार पत्र संगठन ने कहा- केंद्र और राज्यों पर विज्ञापन के करोड़ों रुपये बकाया

पत्रकार संगठनों ने लॉकडाउन के दौरान सभी बर्ख़ास्तगी नोटिसों को निलंबित करने, वेतन कटौती वापस लेने, बिना वेतन छुट्टी पर भेजे जाने संबंधी नोटिस निलंबित रखने का निर्देश देने के लिए एक जनहित याचिका दाख़िल की है. इसके बचाव में इंडियन न्यूज़पेपर सोसायटी और न्यूज़ ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन ने हफ़लनामा दायर किया है.

(फोटो: पीटीआई)

कोविड-19 से कारोबार प्रभावित, 1400 कर्मचारियों की छंटनी करेंगे: ओला सीईओ

ओला सीईओ ने कर्मचारियों को भेजे गए एक ईमेल में बताया है कि बीते दो महीने में लॉकडाउन के दौरान उनकी आमदनी में 95 फीसदी की गिरावट आई है. उन्होंने यह भी कहा कि कारोबार का भविष्य बेहद अनिश्चित है और इस संकट का असर लंबे समय तक रहने वाला है.

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कोरोना वायरस महामारी में पत्रकारों पर बेकारी-बीमारी का ख़तरा

कोरोना वायरस संबंधित छंटनी अब भारतीय मीडिया उद्योग पर भी दिखने लगी है, कई समाचार पत्र और न्यूज़ चैनल ऐसे हैं जिनमें मीडियाकर्मियों की नौकरी जा रही हैं. इसी बीच एक निजी चैनल के कर्मचारियों में भी संक्रमण पाया गया है. इसे मुद्दे पर वरिष्ठ पत्रकार उर्मिलेश की राय.

(फोटो: पीटीआई)

कोरोना संकट के बीच स्विगी करेगा 1,100 कर्मचारियों की छंटनी

कंपनी का कहना है कि कोरोना वायरस संकट की वजह से उसके व्यवसाय पर नकारात्मक असर पड़ा है, इसलिए वह देशभर के अपने विभिन्न कार्यालयों में कर्मचारियों की संख्या कम कर रहे हैं. इससे पहले जोमैटो ने भी अपने 13 प्रतिशत कर्मचारियों की छंटनी और कर्मचारियों की तनख्वाह में कटौती की घोषणा की थी.

Bengaluru: BJP workers wear masks of Prime Minister Narendra Modi as they arrive in support of Bengaluru Central candidate PC Mohan, as he filed his nomination papers ahead of Lok Sabha Election 2019, in Bengaluru, Friday, March 22, 2019. (PTI Photo/Shailendra Bhojak) (PTI3_22_2019_000078B)

कोविड-19 के संकट काल में भारत का मध्यम वर्ग कहां है?

मध्यम वर्ग को पता है कि छह साल में उसकी कमाई घटी ही है, बिजनेस में गच्चा ही खाया है. उसके मकानों की कीमत गिर गई है, हर राज्य में सरकार नौकरी की प्रक्रिया की दुर्गति है, वह सब जानता है, लेकिन ये समस्याएं न तो नौजवानों की प्राथमिकता हैं और न ही उनके मध्यमवर्गीय माता-पिता की.

(फोटो: रॉयटर्स)

उबर ने 3,500 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला: रिपोर्ट

डेली मेल की रिपोर्ट के अनुसार, उबर के फीनिक्स सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की प्रमुख रफिन शेवलॉ ने इन 3,500 कर्मचारियों को जूम ऐप के माध्यम से कॉल किया और कहा कि आज आपका आखिरी दिन है.

A food delivery man is seen on a deserted road during a nationwide lockdown imposed in the wake of novel coronavirus, in Bengaluru, Saturday, April 11, 2020. Photo: PTI

लॉकडाउन: तेरह फीसदी कर्मचारियों की छंटनी करेगा जोमैटो, वेतन में होगी कटौती

जोमैटो के संस्थापक और सीईओ दीपिंदर गोयल का कहना है कि कोविड लॉकडाउन के चलते हमारा कारोबार गंभीर रूप से प्रभावित हुआ है और हमें अपने सभी कर्मचारियों के लिए पर्याप्त काम मिल पाने की उम्मीद नहीं दिख रही है.

असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल. (फोटो साभार: फेसबुक/Sarbananda Sonowal)

असम में कंपनियों को 300 कर्मचारियों की छंटनी के लिए सरकार से नहीं लेनी होगी अनुमति

असम की भाजपा सरकार के औद्योगिक विवाद (असम संशोधन) विधेयक को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मंज़ूरी दी. गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि संशोधन का लक्ष्य राज्य में कारोबार के लिए सकारात्मक माहौल पैदा करना है.

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छंटनी के ख़तरे के बीच आईटी सेक्टर के कर्मचारी बनाएंगे यूनियन

फोरम फॉर इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एम्प्लायइज की अध्यक्ष वासुमति का आरोप है कि आईटी कम्पनियां मुनाफा कमाने के उद्देश्य से अप्रैज़ल प्रक्रिया में ‘खराब परफॉरमेंस’ का बहाना बनाकर कर्मचारियों को निकाल रही हैं.