जम्मू कश्मीर जन सुरक्षा अधिनियम (पीएसए)

Jammu: CRPF personnel stand guard during restrictions, at Raghunath Bazar in Jammu, Monday, Aug 05, 2019. Restrictions and night curfews were imposed in several districts of Jammu and Kashmir as the Valley remained on edge with authorities stepping up security deployment. (PTI Photo)(PTI8_5_2019_000091B)

जम्मू कश्मीर में कोई नज़रबंद नहीं, 223 लोग हिरासत में: केंद्र सरकार

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री जी. किशन रेड्डी ने लोकसभा में बताया कि 29 जून 2018 से चार अगस्त 2019 के बीच 402 दिनों में जम्मू कश्मीर में आतंकवाद की 455 घटनाएं हुई थीं, जबकि पांच अगस्त 2019 से नौ सितंबर 2020 के बीच 402 दिनों में ऐसी 211 घटनाएं हुईं.

Jammu: Army personnel patrol a street during a curfew, imposed after clashes between two communities over the protest against the Pulwama terror attack, in Jammu, Saturday, Feb. 16, 2019. (PTI Photo)(PTI2_16_2019_000057B)

जम्मू कश्मीर: अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन को प्रेस कॉन्फ्रेंस की नहीं मिली इजाज़त

मानवाधिकार संगठन एमनेस्टी इंटरनेशनल को जम्मू कश्मीर जन सुरक्षा अधिनियम (पीएसए) के कथित दुरुपयोग पर रिपोर्ट जारी करने के लिए प्रशासन द्वारा श्रीनगर में प्रेस वार्ता की अनुमति नहीं दी गई. संगठन ने राज्य में 42 साल से लागू इस क़ानून को ख़त्म करने की मांग की है.