जम्मू कश्मीर प्रशासन

अल्ताफ अहमद वानी. (फोटो: फेसबुक//maltafkaloo)

नेशनल कॉन्फ्रेंस के पूर्व विधायक को दुबई जाने से रोका गया

पहलगाम से नेशनल कॉन्फ्रेंस के पूर्व विधायक अल्ताफ़ अहमद वानी ने बताया कि एक पारिवारिक कार्यक्रम में शिरकत करने के लिए उन्हें दुबई की फ्लाइट में चढ़ने से रोक दिया गया. गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि कश्मीर नेताओं की विदेश यात्रा पर लगे प्रतिबंध की दुर्भाग्य से केंद्रशासित प्रशासन द्वारा समीक्षा नहीं की गई थी, मगर अब की जा रही है.

(फाइल फोटो: रॉयटर्स)

जम्मू कश्मीर: ज़िला विकास परिषद चुनाव, पंचायत और नगरपालिका उपचुनाव के लिए अधिसूचना जारी

जम्मू कश्मीर में ज़िला विकास परिषद चुनाव 28 नवंबर से 22 दिसंबर तक आठ चरणों में होंगे. ये चुनाव पिछले साल पांच अगस्त को अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों के निरस्त होने के बाद यहां पहली बड़ी राजनीतिक गतिविधि है. हालांकि कश्मीर के मुख्य दलों ने अब तक यह घोषणा नहीं की है कि वे इस चुनाव में भाग लेंगे या नहीं.

PDP Workers Protest PTI

जम्मू कश्मीर: बाहरियों को ज़मीन ख़रीदने का अधिकार देने का विरोध क्यों हो रहा है

विशेष राज्य का दर्जा हटाने के बाद बड़ा कदम उठाते हुए केंद्र सरकार ने केंद्र शासित जम्मू कश्मीर के ज़मीन मालिकाना अधिकार से संबंधित नियमों में बदलाव किया है, जिसके बाद देशभर से अब कोई भी यहां जमीन ख़रीद सकता है. केंद्र के इस क़दम का विरोध हो रहा है.

नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फ़ारूक़ अब्दुल्ला. (फोटो: पीटीआई)

फ़ारूक़ अब्दुल्ला को नमाज़ अदा करने के लिए दरगाह जाने से रोका गयाः नेशनल कॉन्फ्रेंस

नेशनल कॉन्फ्रेंस का आरोप है कि जम्मू कश्मीर प्रशासन ने शुक्रवार को ईद मिलाद-उन-नबी के मौके पर फ़ारूक़ अब्दुल्ला को दरगाह हज़रतबल जाकर नमाज़ अदा करने के लिए घर से निकलने नहीं दिया गया. पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ़्ती ने प्रशासन के इस क़दम की निंदा करते हुए इसे अधिकारों का गंभीर उल्लंघन बताया है.

(फोटो: पीटीआई)

जम्मू कश्मीर: भूमि क़ानून में हुए बदलाव के बाद कोई भी खरीद सकेगा ज़मीन, स्थानीय नेताओं का विरोध

केंद्र सरकार ने जम्मू कश्मीर विकास अधिनियम की धारा 17 से ‘राज्य का स्थायी नागरिक’ वाक्यांश हटा लिया है. यह धारा केंद्र शासित प्रदेश में ज़मीन के निस्तारण से संबंधित है और नया संशोधन बाहर के लोगों को जम्मू कश्मीर तथा लद्दाख में ज़मीन खरीदने का अधिकार देने का रास्ता खोलता है.

पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती. (फोटो: पीटीआई)

पांच अगस्त का निर्णय वापस लिए बिना चुनाव लड़ने में कोई दिलचस्पी नहीं: महबूबा मुफ़्ती

अगस्त 2019 में अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त किए जाने के क़रीब 14 महीने बाद रिहा होने के बाद पहली बार मीडिया से बातचीत में पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ़्ती ने कहा कि भाजपा ने देश के संविधान को ध्वस्त कर दिया है और संविधान के स्थान पर अपना घोषणापत्र थोपना चाहती है.

Srinagar: In this July 28, 2019, file photo former Jammu and Kashmir chief minister and Peoples Democratic Party (PDP) Chief Mehbooba Mufti addresses a public rally organized to celebrate the partys 20th Foundation Day, in Srinagar. Mufti was released on Tuesday night, Oct. 13, 2020, as the Union Territory administration revoked the Public Safety Act charges against her, more than a year after she was detained following the abrogation of special status of the erstwhile state. (PTI Photo)(PTI13-10-2020 000228B)

जम्मू कश्मीरः पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती 14 महीने की नज़रबंदी के बाद रिहा

पूर्व मुख्यमंत्री और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की अध्यक्ष महबूबा मुफ़्ती पिछले साल पांच अगस्त को अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को ख़त्म कर जम्मू कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा हटाए जाने के बाद से ही नज़रबंद थीं. रिहा होने के बाद मुफ़्ती ने कहा कि जो हमसे छीना गया, उसे वापस लेना होगा.

**FILE PHOTO** Jammu: In this file photo dated March 4, 2017, Jammu and Kashmir Chief Minister Mehbooba Mufti looks on during the Red Cross Mela at Gulshan Ground in Jammu. BJP on Tuesday, June 19, 2018, has pulled out of the alliance government with Mehbooba Mufti-led People's Democratic Party in Jammu & Kashmir. (PTI Photo) (PTI6_19_2018_000085B)

महबूबा मुफ़्ती की रिहाई के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंचीं उनकी बेटी, बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की

पीडीपी नेता और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती को 2019 में जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने से कुछ घंटे पहले एहतियातन हिरासत में लिया गया था, लेकिन उनकी छह महीने की हिरासत अवधि समाप्त होने से पहले ही उन पर पीएसए लगा दिया गया. तब से लगातार उनकी हिरासत अवधि को बढ़ाया जा रहा है.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

जम्मू कश्मीर में दो के अलावा बाकी ज़िलों में 4जी इंटरनेट सेवा नहीं होगी बहाल

जम्मू कश्मीर प्रशासन की ओर से कहा गया है कि स्थितियों की समीक्षा के बाद यह निर्णय लिया गया है. आदेश में कहा गया है कि इस बात की पक्की सूचना मिली है कि आतंकी गिरोह भोले-भाले युवकों की भावनाएं भड़काने और उन्हें बहला-फुसलाकर आतंकी संगठनों में शामिल करने की निरंतर कोशिश कर रहे हैं.

(फाइल फोटो: रॉयटर्स)

जम्मू कश्मीरः 31 अगस्त तक 12.5 लाख लोगों को डोमिसाइल सर्टिफिकेट जारी

जम्मू कश्मीर प्रशासन का कहना है कि स्थायी आवास प्रमाण-पत्र (पीआरसी) धारकों को 99 फीसदी से अधिक डोमिसाइल सर्टिफिकेट जारी किए गए हैं. इस साल अप्रैल में जारी किए गए नए डोमिसाइल नियमों में केंद्रशासित प्रदेश का निवासी होने की परिभाषा तय की गई थी.

(फोटो: पीटीआई)

संसद की स्थायी समिति के एजेंडे से जम्मू कश्मीर में इंटरनेट का मसला हटाया गया: रिपोर्ट

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला द्वारा संसदीय समितियों की बैठकों में अदालत में विचाराधीन मामलों को नहीं लेने का सुझाव दिया गया था. इस संबंध में सूचना प्रौद्योगिकी पर संसद की स्थायी समिति के अध्यक्ष कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर कहा है कि जम्मू कश्मीर में इंटरनेट का मसला अब अदालत में लंबित नहीं है.

जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट. (फोटो साभार: फेसबुक)

नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता से पाबंदी हटने के बाद पार्टी ने हाईकोर्ट से रिहाई की याचिका वापस ली

जम्मू कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा हटाने के बाद हिरासत में लिए गए नेशनल कॉन्फ्रेंस के 16 सदस्यों को रिहा करने के लिए नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फ़ारूक़ अब्दुल्ला और उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी. इसके जवाब में प्रशासन ने कहा था कि उनकी पार्टी का कोई नेता हिरासत में नहीं है.

FILE PHOTO: Children play games on their mobile phones in a neighbourhood in Srinagar October 10, 2019. REUTERS/Danish Ismail

जम्मू कश्मीर: साल भर के प्रतिबंध के बाद दो ज़िलों में ट्रायल के आधार पर 4जी इंटरनेट सेवा बहाल

जम्मू कश्मीर के गृह विभाग द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, 4जी मोबाइल इंटरनेट सेवा जम्मू क्षेत्र के उधमपुर ज़िले और कश्मीर के गांदेरबल ज़िले में तत्काल प्रभाव से बहाल होंगी.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

जम्मू कश्मीर के कुछ इलाकों में ट्रायल के रूप से शुरू होगी 4जी इंटरनेट सेवा: केंद्र

पिछले साल अगस्त में जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा ख़त्म कर इसे दो भागों में बांटने के बाद से ही यहां 4जी इंटरनेट सेवाएं बंद हैं. अब केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि जम्मू के एक और कश्मीर के एक ज़िले में 4जी सेवा शुरू की जाएगी.

Srinagar: Security personnel patrols a deserted street at Lal Chowk on the 33rd day of strike and restrictions imposed after the abrogration of Article of 370 and bifurcation of state, in Srinagar, Friday, Sept. 6, 2019. (PTI Photo) (PTI9_6_2019_000065B)

उर्दू वाला चश्मा: सलाम कश्मीर

ऑडियो: जम्मू कश्मीर में आर्टिकल 370 और 35 ए के कई प्रावधानों के ख़त्म होने और राज्य का विशेष दर्जा ख़त्म कर दो केंद्रशासित प्रदेशों में बांटने के फ़ैसले को एक साल पूरा हो रहा है. इस बारे में गुरमेहर कौर का नज़रिया.