जम्मू कश्मीर बैंक

(फोटो साभार: ट्विटर)

जे एंड के बैंक को पीएसयू के रूप में मान्यता देने के ख़िलाफ़ उतरे बैंक कर्मचारी

श्रीनगर में ऑल इंडिया जम्मू एंड कश्मीर बैंक ऑफिसर्स फेडरेशन के बैनर तले बैंक के सैकड़ों कर्मचारियों ने प्रदर्शन करते हुए बैंक को सार्वजनिक उपक्रम मानने के फ़ैसले को वापस लेने की मांग की.

‘जे एंड के बैंक’ (फोटो: ट्विटर)

‘जे एंड के बैंक’ को आरटीआई, सीवीसी और राज्य विधानमंडल के दायरे में लाया गया

राज्यपाल सत्यपाल मलिक के इस फैसले को लेकर सियासी बयानबाज़ी तेज़ हो गई है. पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती ने कहा कि राज्य के विशेष दर्जे के कारण इस फैसले को रद्द करना चाहिए. वहीं केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कहा कि राज्य की सत्ता में रहे कुछ परिवार बैंक को अपनी जागीर समझ दुरुपयोग करते आए हैं.

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जम्मू कश्मीर में भाजपा नेता की पत्नी और सेना के बीच में क्यों ठन गई है?

सेना के गोला-बारूद डिपो के नज़दीक प्रतिबंधित क्षेत्र में कोर्ट के आदेश के बावजूद निर्माण करवाने के मामले में सेना द्वारा भाजपा नेता और विधानसभा स्पीकर निर्मल सिंह की पत्नी ममता सिंह सहित कई प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के ख़िलाफ़ अवमानना की कार्यवाही की मांग की गई है.

जम्मू कश्मीर के उपमुख्यमंत्री कवींद्र गुप्ता (बाएं) और जम्मू कश्मीर विधानसभा अध्यक्ष निर्मल सिंह (दाएं) (फोटो साभार: फेसबुक)

जम्मू कश्मीर भाजपा नेताओं द्वारा विवादित ज़मीन के लिए लिया गया 29 करोड़ का क़र्ज़ एनपीए घोषित

निर्मल सिंह और कुछ बड़े भाजपा नेताओं ने वर्ष 2000 में हिमगिरी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट लिमिटेड नामक कंपनी का गठन किया था. कंपनी के पास जम्मू कश्मीर बैंक के 29.31 करोड़ रुपये ऋण के रूप में बकाया है. ज़मीन पर निर्माण होने से सेना को है आपत्ति.

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सेना पर सवाल से आगबबूला होने वाले भाजपा नेताओं को अब सेना से क्यों शिकायत है?

जम्मू कश्मीर भाजपा के शीर्ष नेताओं की एक कंपनी ने भारतीय सेना के नगरोटा आयुध भंडार के पास प्रतिबंधित इलाके में ज़मीन ख़रीदकर निर्माण करवाना शुरू किया है. सेना ने इस पर आपत्ति जताई है. इसके बाद पूर्व उपमुख्यमंत्री और विधानसभा स्पीकर निर्मल सिंह का कहना है कि निर्माण पर राजनीति के चलते सवाल उठाए जा रहे हैं.