जम्मू कश्मीर

(फाइल फोटो: पीटीआई)

कश्मीरी पंडितों ने 31वें ‘विस्थापन दिवस’ पर जम्मू में प्रदर्शन किया

विस्थापित कश्मीरी पंडितों ने घाटी में वापसी, पुनर्वास और घाटी में बसने के लिए एक स्थान देने की अपनी मांगों के समर्थन में जम्मू स्थित संयुक्त राष्ट्र सैन्य पर्यवेक्षक समूह के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया. उन्होंने मांग की कि 1990 में उन लोगों को घाटी से बाहर करने के पीछे ज़िम्मेदार लोगों को दंडित करने के लिए एक ‘नरसंहार आयोग’ का गठन किया जाए.

balakot airstrike

फेक न्यूज़ के आधार पर मीडिया ने चलाई ‘पाकिस्तान के बालाकोट में हुई 300 मौतें स्वीकारने’ की ख़बर

एएनआई ने एक छेड़छाड़ किए गए वीडियो के आधार पर कहा कि पूर्व पाक राजनयिक ज़फर हिलाली ने भारत द्वारा की गई बालाकोट एयरस्ट्राइक में 300 मौतों की बात स्वीकारी है. हालांकि कई फैक्ट-चेक में सामने आए असली वीडियो में हिलाली को भारत के इस दावे को ग़लत कहते हुए सुना जा सकता है.

वहीद पारा. (फोटो साभार: फेसबुक/@parawahid)

जम्मू कश्मीर: ज़मानत के ठीक बाद वहीद पारा को अन्य आतंकी मामले में हिरासत में लिया गया

टेरर फंडिंग के आरोप में एनआईए द्वारा गिरफ़्तार पीडीपी की युवा इकाई के नेता वहीद पारा को शनिवार को अदालत ने ज़मानत देते हुए कहा था कि उन पर लगाए आरोपों का कोई अर्थ नहीं है. इसी दिन उनकी रिहाई के फौरन बाद पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस विंग ने एक अन्य मामले में उन्हें हिरासत में ले लिया.

वहीद पारा (फोटो साभार: फेसबुक/@parawahid)

पीडीपी नेता को ज़मानत देते हुए अदालत ने कहा, एनआईए की चार्जशीट में संलिप्तता का ज़िक्र तक नहीं

टेरर फंडिंग के आरोप में एनआईए द्वारा गिरफ़्तार किए गए पीडीपी की युवा इकाई के नेता वहीद पारा को ज़मानत देते हुए अदालत ने कहा कि उन पर लगाए गए आरोपों का कोई अर्थ नहीं है. उनका नाम न आरोपियों में है, न ही चार्जशीट में लेकिन उनकी जांच की जा रही है.

पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती. (फोटो: पीटीआई)

यह अपमानजनक है कि जांच एजेंसियां मेरे पिता की क़ब्र पर ऑडिट कर रही हैं: महबूबा मुफ़्ती

पीडीपी की युवा इकाई के नेता वहीद पर्रा को टेरर फंडिंग के आरोप में एनआईए द्वारा गिरफ़्तार किए जाने समेत अन्य मामलों में विभिन्न एजेंसियों की जांच पर पार्टी अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती ने कहा कि एक भी मामला साबित होने पर वे परिणाम भुगतने को तैयार हैं.

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह (फोटो: पीटीआई)

जम्मू के साथ भेदभाव के आरोप के बाद केंद्रशासित राज्य प्रशासन ने नौकरी का विज्ञापन रद्द किया

जम्मू कश्मीर सर्विस सेलेक्शन बोर्ड ने एक जनवरी को कृषि विभाग में भर्ती के लिए आवेदन मंगाया था. कश्मीर में 136 और जम्मू में 20 पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया था. कृषि स्नातकों ने केंद्र शासित राज्य प्रशासन पर जम्मू और कश्मीर क्षेत्रों में पदों की संख्या को लेकर भेदभाव का आरोप लगाया था.

सतपाल निश्चल के शव को कंधा देते उनके परिजन और रिश्तेदार.  (फोटो: पीटीआई)

जम्मू कश्मीर: डोमिसाइल सर्टिफिकेट मिलने के बाद कारोबारी की हत्या, आतंकियों ने दी और हमलों की चेतावनी

मूल रूप से पंजाब के रहने वाले श्रीनगर के 70 वर्षीय कारोबारी सतपाल निश्चल को कुछ हफ्ते पहले नए नियमों के तहत डोमिसाइल प्रमाणपत्र मिला था. एक आतंकी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट ने उन पर हमले की ज़िम्मेदारी लेते हुए कहा है कि डोमिसाइल प्रमाणपत्र हासिल करने वाले ऐसे सभी बाहरी आरएसएस एजेंट्स हैं.

(फोटो: रॉयटर्स)

सेना ने मानवाधिकार के मुद्दों से निपटने और पारदर्शिता लाने के लिए नया प्रकोष्ठ बनाया

मेजर जनरल गौतम चौहान ने दिल्ली स्थित सेना मुख्यालय में अतिरिक्त महानिदेशक (मानवाधिकार) के रूप में पदभार ग्रहण किया है. पूर्वोत्तर क्षेत्र और जम्मू कश्मीर के कुछ क्षेत्रों में इस तरह के अभियान के दौरान सशस्त्र बलों पर मानवाधिकारों के उल्लंघन के आरोप लगे हैं.

महबूबा मुफ़्ती. (फोटो: पीटीआई)

केंद्र जांच एजेंसियों को ‘हथियार’ की तरह कर रहा इस्तेमाल: महबूबा मुफ़्ती

पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती ने कहा कि जब तक जम्मू कश्मीर को अनुच्छेद 370 के तहत मिले विशेष दर्ज़े को बहाल नहीं किया जाता है, तब तक वह चुनाव नहीं लड़ेंगी. उन्होंने कहा कि अगर सरकार उन्हें हिरासत में लेना चाहती है तो सीधे उनके पास आए, लेकिन परिवार के सदस्यों, दोस्तों और पार्टी के सहयोगियों को परेशान करना बंद कर दे.

New Delhi: Activist Shehla Rashid during opposition parties' protest, demanding the release of leaders detained in J&K, at Jantar Mantar in New Delhi, Thursday, Aug 22, 2019. (PTI Photo/Ravi Choudhary)(PTI8_22_2019_000035B)

शहला राशिद के ख़िलाफ़ अपमानजनक और निजी सामग्री प्रकाशित करने से उनके पिता और मीडिया पर रोक

शहला राशिद, उनकी मां ज़ुबेदा अख़्तर और बहन अस्मा राशिद ने यह कहते हुए मुक़दमा दायर किया था कि उनके पिता अब्दुल राशिद शोरा झूठे और तुच्छ आरोप लगाकर उनकी प्रतिष्ठा को कम करने का काम कर रहे हैं, जिसमें उन्हें राष्ट्रविरोधी कहना तक शामिल है. प्रतिवादियों में अब्दुल, कुछ मीडिया आउटलेट्स, फेसबुक, ट्विटर, यूट्यूब और गूगल शामिल हैं.

Srinagar: National Conference (NC) candidate Salmaan Sagar flashes victory sign after his lead in the municipality election results, in Srinagar, Tuesday, Dec. 22, 2020. (PTI Photo/S. Irfan)(PTI22-12-2020 000123B)

जम्मू कश्मीर डीडीसी चुनाव: गुपकर गठबंधन को 110 सीटें, भाजपा 74 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी

जम्मू कश्मीर में जिला विकास परिषद (डीडीसी) की 280 सीटों के लिए आठ चरण में चुनाव कराए गए थे. इस चुनाव में 2,178 उम्मीदवार मैदान में थे. जम्मू कश्मीर का विशेष राज्य का दर्ज़ा ख़त्म किए जाने के बाद इस केंद्र शासित प्रदेश में यह पहला चुनाव था.

(फोटोः पीटीआई)

जम्मू कश्मीर: डीडीसी चुनाव मतगणना की पूर्व संध्या पर कम से कम 20 नेता हिरासत में

डीडीसी चुनाव नतीजे आने के एक दिन पहले जम्मू कश्मीर में अधिकारियों ने बताया कि कम से कम 20 राजनीतिक नेताओं को हिरासत में लिया है. इनमें महबूबा मुफ़्ती की पार्टी पीडीपी के तीन वरिष्ठ नेता भी शामिल हैं. मुफ़्ती ने आरोप लगाया कि भाजपा पर चुनाव नतीजों से छेड़छाड़ करने की कोशिश कर रही है.

नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फ़ारूक़ अब्दुल्ला. (फोटो: पीटीआई)

जम्मू कश्मीर: ईडी ने पूर्व मुख्यमंत्री फ़ारूक़ अब्दुल्ला की 11.86 करोड़ की संपत्ति ज़ब्त की

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जम्मू एवं कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन (जेकेसीए) में कथित वित्तीय अनियमितताओं के संबंध में यह कार्रवाई की है. कुर्क की गईं संपत्तियों में फ़ारूक़ अब्दुल्ला का गुपकर रोड पर स्थित एक आवास भी है, जहां वह कई दशकों से रह रहे हैं. नेशनल कॉन्फ्रेंस ने कहा कि इस कार्रवाई को अदालत में चुनौती दी जाएगी.

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श्रीनगर: सेशन जज ने याचिका सुनने से मना करते हुए कहा- हाईकोर्ट जज ने ज़मानत देने से इनकार किया है

श्रीनगर के प्रधान सत्र न्यायाधीश ने कहा है कि मारपीट के एक मामले में ज़मानत अर्ज़ी के संदर्भ में जम्मू और कश्मीर हाईकोर्ट के एक जज की ओर से उन्हें कथित तौर पर प्रभावित करने की कोशिश की गई, जिसके बाद उन्होंने मामले को सुनने में असमर्थता ज़ाहिर की.

(फोटो: पीटीआई)

रोशनी क़ानून पर पुनर्विचार याचिका सुनने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, हाईकोर्ट से फ़ैसला लेने कहा

रोशनी क़ानून निरस्त करने के फ़ैसले के ख़िलाफ़ दायर पुनर्विचार याचिकाएं सुनने से मना करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दो समानांतर कार्यवाही नहीं चल सकतीं. सभी याचिकाकर्ताओं को पुनर्विचार करने वाली पीठ के पास जाना चाहिए और उच्च न्यायालय को इन सभी को सुनना चाहिए.