जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय

Vidrohi

‘ये विद्रोही भी क्या तगड़ा कवि था!’

पुण्यतिथि विशेष: विद्रोही अभी ज़िंदा हैं. सारे बड़े-बड़े लोग पहले मर लेंगे, सारे तानाशाह और ज़ुल्मी मर जाएंगे, उसके बाद विद्रोही मरेंगे आराम से, वसंत ऋतु में.

नजीब अहमद. (फोटो साभार: फेसबुक)

पुलिस के दबाव में दिया था ऑटो चालक ने नजीब को जामिया छोड़ने का बयान: सीबीआई

सीबीआई ने दिल्ली हाईकोर्ट को मामले की स्थिति रिपोर्ट सौंपते हुए बताया कि जांच के सिलसिले में ज़ब्त जेएनयू के नौ छात्रों के मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट आनी बाकी है.

Kanhaiya

कन्हैया समेत 15 छात्रों के ख़िलाफ़ जेएनयू की अनुशासनात्मक कार्रवाई रद्द

दिल्ली हाईकोर्ट ने नये सिरे से फैसला करने के लिए मामले को वापस जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के पास भेज दिया.

इलाहाबाद विश्वविद्यालय (फोटो: यूट्यूब)

इलाहाबाद विश्वविद्यालय ने ‘आज़ादी का जश्न’ कार्यक्रम की अनुमति वापस ली

इस कार्यक्रम में समाजशास्त्री सतीश देशपांडे, अभिनेता माया राव, गायक सोनम कालरा और महिला अधिकार कार्यकर्ता आभा भैया को आमंत्रित किया गया था.

(फोटो साभार: रूपेश कुमार सिंह/फेसबुक)

जेएनयू छात्रसंघ पर फिर वाममोर्चा का क़ब्ज़ा, आइसा की गीता कुमारी बनीं अध्यक्ष

सिमोन ज़ोया ख़ान को उपाध्यक्ष, एसएफआई के दुग्गीराला श्रीकृष्ण को महासचिव और डीएसएफ के शुभांशु सिंह को संयुक्त सचिव पद पर जीत हासिल हुई.

(प्रतीकात्मक फोटो: MyViMu.com)

आईटीबीपी में भर्ती के लिए मंदारिन भाषा अनिवार्य

डोकलाम विवाद के बाद आईटीबीपी के जवानों को प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान चीनी भाषा- मंदारिन और तिब्बत में बोली जाने वाली चीनी भाषा के एक स्वरूप का प्रशिक्षण दिया जाएगा.

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‘हमें आज़ादी तो मिल गई है पर पता नहीं कि उसका करना क्या है’

आज़ादी के 70 साल: हमारी हालत अब भी उस पक्षी जैसी है, जो लंबी कैद के बाद पिंजरे में से आज़ाद तो हो गया हो, पर उसे नहीं पता कि इस आज़ादी का करना क्या है.

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय ​की बिल्डिंग. फोटो: पीटीआई

जेएनयू की वर्तमान दाख़िला नीति ग़ैरक़ानूनी है

जेएनयू छात्रसंघ के अध्यक्ष मोहित कुमार पांडेय बता रहे हैं कि विवि प्रशासन द्वारा जारी की गई दाख़िला नीति अकादमिक काउंसिल से पास नहीं है.

दैनिक भारत डॉट ओआरजी द्वारा लगाई गई खबर का स्क्रीन शॉट.

जेएनयू में सुकमा हमले पर जश्न मनाने की फर्ज़ी ख़बर पर वेबसाइटों के ख़िलाफ़ एफआईआर

जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष के मुताबिक, इस फर्ज़ी ख़बर के बाद जेएनयू के छात्रों और शिक्षकों को हत्या और बलात्कार की धमकियां मिल रही हैं.

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छात्रों का विरोध-प्रदर्शन रोकने के लिए जेएनयू पहुंचा हाईकोर्ट

विश्वविद्यालय प्रशासन ने अदालत से प्रशासनिक ब्लॉक के सौ मीटर के अंदर कोई भी विरोध-प्रदर्शन रोकने के लिए निर्देश जारी करने की अपील की है.