जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय

कन्हैया कुमार. (फोटो: फेसबुक/kanhaiya.kumar)

जेएनयू राजद्रोह मामला: दिल्ली सरकार ने कन्हैया कुमार पर मुकदमा चलाने की मंजूरी दी

दिल्ली पुलिस ने जेएनयू परिसर में नौ फरवरी 2016 को आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कथित तौर पर भारत विरोधी नारे लगाने के लिए जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार समेत पूर्व छात्रों उमर ख़ालिद तथा अनिर्बान भट्टाचार्य के ख़िलाफ़ भी आरोप-पत्र दाख़िल किया था.

New Delhi: JNU students during their march from the University campus to Rashtrapati Bhavan to 'save public education', in New Delhi, Monday, Dec. 9, 2019. (PTI Photo/Kamal Singh)  (PTI12_9_2019_000282B)

जेएनयू और डीयू के कुलपति अपने विश्वविद्यालयों की जड़ खोदने में क्यों लगे हैं?

देश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में से एक जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय और दिल्ली विश्वविद्यालय को कुछ हद तक स्वायत्तता प्राप्त है. स्वायत्तता के नाम पर यहां के कुलपतियों को असीमित अधिकार मिल जाते हैं. इन अधिकारों का उपयोग कर वे विश्वविद्यालय को बेहतर बनाने के बजाय उसे बर्बाद करने में लगे रहते हैं.

फीस बढ़ोतरी के खिलाफ सोमवार को जेएनयू छात्रों के विरोध प्रदर्शन का दृश्य. (फोटो: एएनआई)

दिल्ली: भारी विरोध के बाद जेएनयू ने आंशिक तौर पर वापस लिया फीस बढ़ोतरी का फैसला

नए फैसले के अनुसार, सिंगल रूम का किराया 200 रुपये जबकि डबल रूम का किराया 100 रुपये होगा. इसके साथ ही विश्वविद्यालय आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को सहायता मुहैया कराएगा.

(फोटो: पीटीआई)

दिल्ली: फीस बढ़ोतरी को लेकर जेएनयू छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी, शिक्षक संघ ने किया समर्थन

फीस वृद्धि, कर्फ्यू के वक्त और ड्रेस कोड जैसी पाबंदियों को वापस लिए जाने की मांग करने वाले छात्रों पर की गई बर्बर पुलिसिया कार्रवाई की निंदा करते हुए जेएनयू शिक्षक संघ ने कुलपति के इस्तीफे की मांग की.

New Delhi: Jawaharlal Nehru University students try to open the gates during a protest against the administration's 'anti-students' policy, in New Delhi, Monday, Nov. 11, 2019. Students wanted to march towards the All India Council for Technical Education (AICTE), where Vice President Venkaiah Naidu was addressing the university's convocation at an auditorium. (PTI Photo)(PTI11_11_2019_000069B)

दिल्ली: फीस वृद्धि और ड्रेस कोड के विरोध में जेएनयू के छात्रों ने किया विरोध प्रदर्शन

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के छात्रों की मांग है कि मसौदा छात्रावास मैनुअल को वापस लिया जाए, जिसमें उनके अनुसार फीस वृद्धि, कर्फ्यू का वक्त और ड्रेस कोड जैसी पाबंदियों का प्रावधान है.

जेएनयूएसयू प्रेसिडेंट आईशी घोष (पीले कपड़े में) और उपाध्यक्ष साकेत मून. (बाएं से दाएं.) (फोटो: ट्विटर)

जेएनयू प्रशासन ने छात्र संघ को ऑफिस खाली करने को कहा, जेएनयूएसयू ने किया इनकार

जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी के प्रशासन का कहना है कि चुनाव में लिंग्दोह कमेटी की सिफारिशों का उल्लंघन करने की वजह से अब तक यूनियन अधिसूचित नहीं हुई है. वहीं, छात्र संघ की अध्यक्ष आईशी घोष ने कहा कि 8500 स्टूडेंट्स की यूनियन की आवाज को इस तरह प्रशासन बंद नहीं कर सकता.

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हरियाणा: उमर खालिद पर गोली चलाने वाले शख़्स को शिवसेना ने दिया टिकट

13 अगस्त 2018 को छात्र नेता उमर खालिद पर दिल्ली के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब के बाहर दो लोगों ने हमला किया था. इनमें से एक नवीन दलाल को शिवसेना ने बहादुरगढ़ विधानसभा सीट से टिकट दिया है.

मोहम्मद दानिश, सतीश चंद्र यादव, साकेत मून और आईशी घोष. (बाएं से दाएं. (फोटो: ट्विटर)

जेएनयू छात्रसंघ चुनाव में चारों पदों पर लेफ्ट यूनिटी के उम्मीदवारों की जीत

वामपंथी छात्र संगठनों एआईएसए, एसएफआई, एआईएसएफ और डीएसएफ के संयुक्त मोर्चे की अध्यक्ष पद की उम्मीदवार आईशी घोष जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ की अध्यक्ष चुनी गई हैं. उन्होंने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के मनीष जांगिड़ को हराया है. एसएफआई को 13 साल बाद अध्यक्ष पद मिला है.

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय. (फोटो: पीटीआई)

जेएनयू छात्रसंघ चुनाव: दिल्ली हाईकोर्ट ने 17 सितंबर तक नतीजे घोषित करने पर लगाई रोक

छात्रसंघ चुनाव में काउंसिलर पद के लिए खड़े दो छात्रों का आरोप है कि प्रशासन ने ग़लत तरीके से उनका नामांकन ख़ारिज किया है, जिसके ख़िलाफ़ उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट में अपील की है.

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय. (फोटो: शोम बसु)

स्वच्छता के नाम पर जेएनयू की ‘बोलती दीवारों’ को चुप कराने का निर्णय कहां तक सही है?

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्वच्छता अभियान के तहत कैंपस की दीवारों पर पोस्टर लगाने पर रोक लगा दी है. प्रशासन के इस क़दम से छात्र-छात्राओं में रोष है.

उमर ख़ालिद और कन्हैया कुमार. (फोटो: पीटीआई)

राजद्रोह मामले में कन्हैया और अन्य के ख़िलाफ़ केस चलाने की अभी नहीं मिली मंज़ूरी: दिल्ली पुलिस

अदालत ने पुलिस से कहा कि वह मंज़ूरी हासिल करने के बाद आरोप-पत्र दाख़िल कर सकती थी. इतनी जल्दबाज़ी क्या थी. जेएनयू के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार और पूर्व छात्रों उमर ख़ालिद व अनिर्बान भट्टाचार्य के ख़िलाफ़ देश विरोधी नारे लगाने का आरोप है.

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय. (फोटो: पीटीआई)

जेएनयू राजद्रोह मामला: अदालत ने दिल्ली पुलिस से कहा- दिल्ली सरकार से जल्द लेकर आएं मंजूरी

दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट ने मुकदमा चलाने के लिए दिल्ली सरकार से आवश्यक मंजूरी लेने की समयसीमा बढ़ाते हुए मामले की सुनवाई 28 फरवरी तक के लिए टाल दी.

उमर ख़ालिद और कन्हैया कुमार. (फोटो: पीटीआई)

जेएनयू राजद्रोह मामले में पुलिस के गवाह बने सभी 14 छात्र-छात्राओं का संबंध एबीवीपी से: रिपोर्ट

दिल्ली पुलिस ने अपने आरोप-पत्र में 24 पुलिसकर्मियों, जेएनयू के 14 छात्र-छात्राओं और ज़ी न्यूज़ के चार कर्मचारियों समेत 77 लोगों को गवाह बनाया है. जेएनयू छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार, उमर ख़ालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य समेत 10 लोगों पर देशविरोधी नारे लगाने का आरोप है.

उमर ख़ालिद और कन्हैया कुमार. (फोटो: पीटीआई)

जेएनयू राजद्रोह: कोर्ट ने पुलिस से पूछा, सरकार की मंज़ूरी बिना आरोप-पत्र क्यों दाख़िल किया

कोर्ट ने कहा कि समुचित मंज़ूरी बिना अदालत आरोप-पत्र पर संज्ञान नहीं लेगी. जेएनयू के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार, पूर्व छात्र उमर ख़ालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य पर परिसर में एक कार्यक्रम के दौरान राष्ट्र विरोधी नारे लगाने का आरोप है.

(फोटो साभार: आज़ाद फ़ाउंडेशन)

‘पुरुषों के वर्चस्व वाले क्षेत्र में काम कर रहीं महिलाएं समाज की रूढ़िवादी सोच को तोड़ती हैं’

दिल्ली में हुए एक कॉन्फ्रेंस में निर्माण कार्य, इलेक्ट्रिशियन, मोटर मैकेनिक, पशु चिकित्सक और कैब ड्राइवर जैसे पुरुष वर्चस्व वाले क्षेत्रों में कार्यरत महिलाओं ने अपने अनुभव साझा किए.