जाति व्यवस्था

New Delhi: A roadside vendor sells the Tricolors at a traffic signal ahead of the Independence Day, during Unlock 3.0, in New Delhi, Saturday, Aug 8, 2020. (PTI Photo/Kamal Singh)(PTI08-08-2020 000113B)

हम पराधीनता से स्वाधीनता तक पहुंच गए, पर स्वतंत्रता तक पहुंचना अभी बाकी है

पेरियार ने कहा था, ‘हमें यह मानना होगा कि स्वराज तभी संभव है, जब पर्याप्त आत्मसम्मान हो, अन्यथा यह अपने आप में संदिग्ध मसला है.’ भारतीय संविधान की उद्देशिका बताती है कि भारत अब एक संप्रभु और स्वाधीन राष्ट्र है, लेकिन इसे अभी ‘स्वतंत्र’ बनाया जाना बचा हुआ है.

Indian tribal people sit at a relief camp in Dharbaguda in Chhattisgarh. File Photo Reuters

लोकतंत्र और आज़ादी के असल मायने आदिवासी समाज से सीखने होंगे

विश्व आदिवासी दिवस: आदिवासियों की अपनी बोलचाल की भाषा और आम चर्चा में लोकतंत्र या आज़ादी शब्द का कोई स्थान नहीं है. किसी आदिवासी से इन शब्दों के बारे में पूछें तो वो शायद चुप रहे, लेकिन इसके असली मायने का एहसास उन्हें स्वाभाविक रूप से है.

(फोटो: पीटीआई)

सुप्रीम कोर्ट ने पदोन्नति में एससी-एसटी आरक्षण पर कर्नाटक सरकार का फ़ैसला बरक़रार रखा

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कर्नाटक सरकार के 2018 के उस क़ानून को बरक़रार रखा जिसमें अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के कर्मचारियों को पदोन्नति एवं वरिष्ठता क्रम में आरक्षण की व्यवस्था की गई है.

Kullu Himachal Pradesh Map

हिमाचल प्रदेश: श्मशान गृह से भगाए जाने पर दलित परिवार ने जंगल में किया वृद्धा का अंतिम संस्कार

मामला हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले का है. कुल्लू के उपायुक्त यूनुस ने कहा कि हम सही सूचना हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं. मनाली के एसडीएम और डीसीपी से इस मामले को देखने के लिए कहा गया है.

(फोटो: रॉयटर्स)

पदोन्नति में आरक्षण: क्यों सुप्रीम कोर्ट को एम नागराज फ़ैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए

मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पांच जजों की संविधान पीठ सरकारी नौकरियों में पदोन्नति में आरक्षण देने संबंधित मामले की सुनवाई कर रही है.

Faiyaz Interview Featured

‘दलित समाज में वंचित है तो सिनेमा में भी वंचित होगा’

दलित मुद्दों पर फिल्म बनाने में आने वाली चुनौतियों पर स्वतंत्र फिल्मकार पवन के श्रीवास्तव से बात कर रहे हैं द वायर के फैयाज़ अहमद वजीह.

केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले गृह मंत्री राजनाथ सिंह के साथ. (फोटो: पीआईबी)

दलित ख़ुद पर अत्याचार रोकने के लिए हिंदू धर्म छोड़ बौद्ध धर्म अपना लें: अठावले

केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री ने कहा, बाबासाहब अंबेडकर ने बौद्ध धर्म तब अपनाया जब उन्हें भरोसा हो गया कि दलितों को हिंदू धर्म में न्याय नहीं मिलेगा.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ रामदास अठावले. (फोटो साभार: फेसबुक)

दलितों पर अत्याचार रोकना है तो सवर्ण ग़रीबों को भी आरक्षण दिया जाए: अठावले

केंद्रीय मंत्री अठावले का सुझाव, ‘सवर्ण ग़रीबों को शिक्षा एवं रोज़गार में आरक्षण देने से दलितों पर अत्याचार रुक जाएगा और जाति व्यवस्था ख़त्म होने में मदद मिलेगी.’