जीडीपी

NSC PC Mohnan JV Meenakshi

मोदी सरकार पर रोज़गार और जीडीपी के आंकड़े छिपाने का आरोप, सांख्यिकी आयोग के दो सस्दयों का इस्तीफ़ा

राष्ट्रीय सांख्यिकी आयोग से इस्तीफ़ा देते हुए कार्यकारी अध्यक्ष पीसी मोहनन ने कहा कि सरकार आयोग के काम को गंभीरता से नहीं ले रही है और सदस्यों की सलाह को नज़रअंदाज़ कर रही है.

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किसान क़र्ज़ माफ़ी के ख़िलाफ़ शोर कॉर्पोरेट जगत के इशारे पर हो रहा है: कृषि विशेषज्ञ

कृषि मामलों के विशेषज्ञ देवेंद्र शर्मा ने कहा कि किसान क़र्ज़ माफ़ी के हकदार हैं. इससे निश्चित तौर पर किसानों को राहत मिली है लेकिन यह थोड़ी ही है, किसानों के लिए देश में बहुत कुछ और करने की आवश्यकता है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री अरुण जेटली (फोटो: पीटीआई)

किसानों की क़र्ज़ माफ़ी पर हंगामा, बैंकों को एक लाख करोड़ देने पर चुप्पी

सरकार सरकारी बैंकों में एक लाख करोड़ रुपये क्यों डाल रही है? किसान का लोन माफ़ करने पर कहा जाता है कि फिर कोई लोन नहीं चुकाएगा. यही बात उद्योगपतियों के लिए क्यों नहीं कही जाती?

Demonetisation Notebandi Reuters

नोटबंदी से हुआ था जीडीपी वृद्धि दर को नुकसान: रिपोर्ट

अमेरिका के राष्ट्रीय आर्थिक शोध ब्यूरो द्वारा जारी एक रिसर्च पेपर में बताया गया है कि नोटबंदी के बाद 2016 में नवंबर-दिसंबर महीने के दौरान रोजगार सृजन में तीन प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई थी.

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह. (फोटो: रॉयटर्स)

मैं ऐसा प्रधानमंत्री नहीं था जो मीडिया से बात करने में डरता हो: मनमोहन सिंह

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि वे नियमित तौर पर प्रेस से बात करते थे और हर विदेश यात्रा के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस करते थे. सिंह के इस बयान को मीडिया से बातचीत न करने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कटाक्ष के रूप में देखा जा रहा है.

New Delhi: Prime Minister Narendra Modi and BJP President Amit Shah during BJP Election committee meeting at BJP Headquarters in New Delhi on Sunday. PTI Photo by Vijay Verma (PTI4_8_2018_000160B)

अगर 35 लाख लोगों की नौकरी गई है तो मोदी-शाह किन्हें रोज़गार देने की बात कर रहे हैं

उन 35 लाख लोगों को प्रधानमंत्री सपने में आते होंगे, जिनके एक सनक भरे फैसले के कारण नौकरियां चली गईं. नोटबंदी से दर-ब-दर हुए इन लोगों तक सपनों की सप्लाई कम न हो इसलिए विज्ञापनों में हज़ारों करोड़ फूंके जा रहे हैं. मोदी सरकार ने साढ़े चार साल में करीब 5000 करोड़ रुपये इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट के विज्ञापनों पर ख़र्च किए हैं.

Surjit Bhalla, a member of Prime Minister Narendra Modi's Economic Advisory Council, poses for a picture after an interview with Reuters in New Delhi, October 17, 2017. REUTERS/Adnan Abidi/Files

अर्थशास्त्री सुरजीत भल्ला का प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद से इस्तीफ़ा

सुरजीत भल्ला का इस्तीफ़ा ऐसे समय में आया है जब बीते 15 महीनों में आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल, नीति आयोग के उपाध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया और मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यम समेत 3 अर्थशास्त्री सरकार का साथ छोड़ चुके हैं.

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कोटक महिंद्रा बैंक के एमडी बोले, नोटबंदी की योजना बेहतर तरीके से बनाई जाती, तो नतीजा और होता

नोटबंदी के दो साल बाद प्रमुख बैंकर उदय कोटक ने 2000 रुपये का नोट लाने पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर आप 500 और 1000 रुपये के नोट बंद कर रहे हैं, तो उससे बड़ा नोट लाने की क्या ज़रूरत थी?

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नोटबंदी-जीएसटी से अर्थव्यवस्था की रफ्तार धीमी, मंदी झेलने को तैयार रहें: पूर्व आर्थिक सलाहकार

केंद्र की मोदी सरकार के पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यम ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था इस समय संकट में है. उसे मंदी झेलने को तैयार रहना चाहिए.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री अरुण जेटली (फोटो: पीटीआई )

जीडीपी विकास के नए आंकड़ों पर भरोसा करना क्यों मुश्किल है

अर्थशास्त्र का नियम है कि ज़्यादा निवेश, बढ़ी हुई जीडीपी का कारण बनता है, ऐसे में निवेश-जीडीपी अनुपात में कमी आने के बावजूद जीडीपी में बढ़ोतरी कैसे हो सकती है?

Workers operate metal cutting machines inside a workshop at an industrial area in Mumbai, India, November 30, 2018. REUTERS/Francis Mascarenhas

दूसरी तिमाही में जीडीपी दर 7.1 प्रतिशत, तीन तिमाहियों में रही सबसे कम

देश की आर्थिक वृद्धि दर इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही ‘अप्रैल-जून’ में 8.2 प्रतिशत रही. पिछले वित्त वर्ष की अंतिम तिमाही ‘जनवरी-मार्च’ में यह 7.7 प्रतिशत रही.

FILE PHOTO: A security personnel member stands guard at the entrance of the Reserve Bank of India (RBI) headquarters in Mumbai, India, August 2, 2017. REUTERS/Shailesh Andrade/File Photo

रिज़र्व बैंक की प्रतिष्ठा है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि वह हमेशा सही हो: अरविंद सुब्रमण्यम

अपनी आने वाली किताब ‘ऑफ काउंसल: द चैलेंजेस ऑफ द मोदी-जेटली इकोनॉमी’ में पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार ने कहा है कि आईएलएंडएफएस की ताजा विफलता से न केवल वाणिज्यिक बल्कि गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां भी प्रभावित हुईं. इन विफलताओं के लिए रिज़र्व बैंक को ज़िम्मेदार ठहराया जाना चाहिए.

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पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार बोले, अर्थव्यवस्था के लिए झटका थी नोटबंदी

नोटबंदी के समय देश के मुख्य आर्थिक सलाहकार रहे अरविंद सुब्रमण्यम ने बताया कि नोटबंदी से पहले दर्ज हुई 8% की आर्थिक वृद्धि इस फैसले के बाद 6.8 % पर पहुंच गई थी. उन्होंने यह भी कहा कि इस बात पर कोई संदेह नहीं है कि नोटबंदी से अर्थव्यवस्था की रफ़्तार धीमी हुई.

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देश की आर्थिक वृद्धि दर से संतुष्ट नहीं, अर्थव्यवस्था को और प्रगति करनी चाहिए: प्रणब मुखर्जी

बेंगलुरु में एक स्कूली कार्यक्रम में बोलते हुए पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कहा कि पूर्व वित्त मंत्री होने के नाते मुझे लगता है कि भारतीय अर्थव्यवस्था 5-6 हज़ार अरब डॉलर की होनी चाहिए.

Mumbai: RBI Governor Urjit Patel (2nd L) with deputy governors arrive for a post-monetary policy press conference, in Mumbai, Friday, Oct 5, 2018. (PTI Photo/Shirish Shete) (PTI10_5_2018_000090B)

मौद्रिक नीति समीक्षा: रिज़र्व बैंक ने महंगाई दर के अनुमान को घटाया, रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं

रिज़र्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही के लिए खुदरा मुद्रास्फीति के अनुमान को कम कर 3.9 से 4.5 प्रतिशत कर दिया है.

Narendra Modi at Amul Plant Twitter namo featured

रुपया 73 पर, बेरोज़गारी आसमान पर और प्रधानमंत्री इवेंट पर

अनिल अंबानी समूह पर 45,000 करोड़ रुपये का कर्जा है. अगर आप किसान होते और पांच लाख का कर्जा होता तो सिस्टम आपको फांसी का फंदा पकड़ा देता. अनिल अंबानी राष्ट्रीय धरोहर हैं. ये लोग हमारी जीडीपी के ध्वजवाहक हैं. भारत की उद्यमिता की प्राणवायु हैं.

Jammu: Special Police Officers (SPO) applicants stand in a queue to submit their forms at Police line, in Jammu, Thursday, Sept 20, 2018. (PTI Photo)(PTI9_20_2018_000028B)

भारत में उच्च शिक्षा प्राप्त युवा सर्वाधिक बेरोज़गार: रिपोर्ट

अजीम प्रेमजी विश्वविद्यालय की ओर से जारी किए गए अध्ययन में बताया गया है कि जीडीपी में वृद्धि के साथ नौकरियों के मौके कम हो गए हैं.

New Delhi: Congress President Rahul Gandhi addresses a press conference in New Delhi on Thursday, August 30, 2018. The party spokesperson Randeep Singh Surjewala is also seen. (PTI Photo/Kamal Singh)  (PTI8_30_2018_000228B)

प्रधानमंत्री जवाब दें कि उन्होंने अर्थव्यवस्था की धज्जियां क्यों उड़ाईं?: राहुल गांधी

कांग्रेस अध्यक्ष ने गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि प्रधानमंत्री ने 15-20 पूंजीपतियों के लिए नोटबंदी की थी. यह ग़लती नहीं बल्कि छोटे उद्योगों और छोटे व्यापारियों पर हमला था.

Patna: Rashtriya Janata Dal (RJD) spokesperson Shivanand Tiwari speaks to media on Muzaffarpur shelter home rape case at party office, in Patna on Wednesday, Aug 8, 2018. (PTI Photo) (PTI8_8_2018_000301B)

मनमोहन सिंह के कार्यकाल में हासिल हुई सर्वाधिक 10.08 प्रतिशत की वृद्धि दर: सांख्यिकी मंत्रालय

कांग्रेस की ओर से कहा गया है कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन शासन के दौरान औसतन 8.1 प्रतिशत की जीडीपी वृद्धि दर मोदी सरकार के कार्यकाल की औसत वृद्धि दर 7.3 प्रतिशत से अधिक रही है.

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हमें राजनीतिक आज़ादी तो मिल गई, लेकिन सामाजिक और आर्थिक आज़ादी कब मिलेगी?

आज़ादी के 71 साल: सरकार यह महसूस नहीं करती है कि शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और सामाजिक सुरक्षा पर किया गया सरकारी ख़र्च वास्तव में बट्टे-खाते का ख़र्च नहीं, बल्कि बेहतर भविष्य के लिए किया गया निवेश है.

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क्या आपको 24 जुलाई 1991 का दिन याद है?

यह वह दिन है, जब तत्कालीन वित्तमंत्री डाॅ. मनमोहन सिंह ने लोकसभा में वित्तवर्ष 1991-92 का आम बजट पेश करते हुए भारत के आर्थिक नीतियों में बदलाव की घोषणा की थी.

(फोटो: रॉयटर्स)

फ्रांस से आगे निकला भारत लेकिन प्रति व्यक्ति जीडीपी फ्रांस से 20 गुना कम

भारत की आबादी एक अरब 37 करोड़ है और फ्रांस की साढ़े छह करोड़. फ्रांस की प्रति व्यक्ति जीडीपी भारत से 20 गुना ज़्यादा है. ये आपको अरुण जेटली नहीं बताएंगे क्योंकि इससे हेडलाइन की चमक फीकी हो जाती है.

(फोटो: रॉयटर्स)

अर्थव्यस्था को अभी लंबा रास्ता तय करना है, क्योंकि प्रति व्यक्ति आय काफी कम है: नीति आयोग

नीति आयोग के उपाध्यक्ष ने कहा कि भारत भले ही दुनिया की छठी बड़ी अर्थव्यवस्था है, लेकिन हमारी प्रति व्यक्ति आय फ्रांस के मुकाबले 20 गुना कम है.

Modi Global Entrepreneurship Summit 2017 PTI

क्या 2019 में मोदी को अर्थव्यवस्था की बदहाली की कीमत चुकानी पड़ सकती है?

नोटबंदी के फ़ैसले के बाद से अर्थव्यवस्था के और अधिक वित्तीयकरण के प्रयासों का परिणाम होगा कि आगे किसी भी वैश्विक आर्थिक संकट के दौरान देश की अर्थव्यवस्था को ज़्यादा चोट पहुंच सकती है.

Panchkula: Vehicles burn in violence following Dera Sacha Sauda chief Gurmeet Ram Rahim’s conviction in Panchkula on Friday. PTI Photo  (PTI8_25_2017_000183B)

हिंसा से 2017 में देश की जीडीपी पर प्रतिकूल प्रभाव, 80 लाख करोड़ का नुकसान

एक ऑस्ट्रेलियाई संस्थान की 163 देशों की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि हिंसा से 2017 के दौरान भारत को जीडीपी के नौ प्रतिशत के बराबर नुकसान हुआ है. यह नुकसान प्रति व्यक्ति 40 हजार रुपये से अधिक है.

Mumbai: RBI Governor Urjit Patel (C), Deputy Governor Viral Acharya (L) and Executive Director Micheal Patra (R) during the customary post monetary policy review press conference, in Mumbai on Wednesday, June 08, 2018. (PTI Photo/Shirish Shete)(PTI6_6_2018_000105B)

रिज़र्व बैंक ने ब्याज दर बढ़ाई, बैंक क़र्ज़ होगा महंगा

मोदी सरकार आने के बाद पहली बार रिज़र्व बैंक ने रेपो दरों में 0.25 फीसदी का इज़ाफ़ा किया है. अब रेपो रेट 6.25 प्रतिशत और रिवर्स रेपो रेट 6 प्रतिशत है.

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प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की शर्तें उसे महिला विरोधी बनाती हैं

बेस्ट ऑफ 2018: प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत दी गई पात्रता शर्तें इसका उद्देश्य पूरा करने की राह में रोड़ा हैं.

Pharmacists dispense free medication, provided by the government, to patients at Rajiv Gandhi Government General Hospital (RGGGH) in Chennai July 12, 2012. Chennai is the capital of Tamil Nadu, one of two Indian states offering free medicine for all. The state provides a glimpse of the hurdles India faces as it embarks on a programme to extend free drug coverage nationwide. Picture taken July 12, 2012. To match Analysis INDIA-DRUGS/             REUTERS/Babu (INDIA - Tags: SOCIETY DRUGS HEALTH) - RTR357H6

दुनिया के सबसे बड़े स्वास्थ्य कार्यक्रम से ग़रीबों का नहीं कॉरपोरेट का भला होगा

यह बजट दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के बारे में न होकर एक ऐसे देश का बजट था, जो स्वास्थ्य पर दुनिया के किसी भी देश की तुलना में कम ख़र्च करता है, जहां सरकार चाहे कोई भी हो, नागरिकों के स्वास्थ्य को लेकर कोई प्रतिबद्धता नहीं दिखाती.

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स्वास्थ्य सेवाओं पर न्यूनतम ख़र्च कर रही है केंद्र सरकार: दिल्ली हाईकोर्ट

अदालत ने कहा कि स्वास्थ्य और शिक्षा पर सरकारी निवेश न्यूनतम. हेल्थकेयर पर जीडीपी का महज़ 0.3 फीसदी होता है ख़र्च.

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बजट 2018: वादों और दावों की भूलभुलैया

दो हज़ार करोड़ के फंड के साथ पचास करोड़ लोगों को बीमा देने की करामात भारत में ही हो सकती है. यहां के लोग ठगे जाने में माहिर हैं. दो बजट पहले एक लाख बीमा देने का ऐलान हुआ था, आज तक उसका पता नहीं है.

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क्या मोदी सरकार का ‘इंडिया शाइनिंग’ पल आ चुका है?

1999 में एनडीए-1 ने 8% जीडीपी वृद्धि दर के साथ अपनी पारी की शुरुआत की थी, लेकिन बाद के तीन वित्तीय वर्षों के बीच जीडीपी वृद्धि दर में तेज़ गिरावट देखी गई. यही कहानी एनडीए-2 में भी दोहराई जा रही है.

New Delhi: AICC Vice President Rahul Gandhi interacts with street vendors at his residence in New Delhi on Saturday. PTI Photo by Atul Yadav(PTI3_15_2014_000126B)

मोदी सरकार के भारी-भरकम दावे हवा में उड़ गए, डींग हांकने से सच्चाई छुप नहीं सकती: कांग्रेस

राहुल गांधी ने कहा, रोज़गार सृजन 8 साल, बैंक ऋण कारोबार 63 साल और नया निवेश 13 साल के निचले स्तर पर.

​​(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

सरकार का अनुमान, चार साल के न्यूनतम स्तर पर रहेगी वृद्धि दर

जीडीपी का अनुमान लगाने वाली सरकारी एजेंसी केंद्रीय सांख्यिकीय कार्यालय ने जानकारी दी है कि इस वित्त वर्ष वृद्धि दर 6.5 प्रतिशत रहने की संभावना है.

पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा और द वायर के संस्थापक संपादक एमके वेणु. (फोटो: द वायर)

मोदी के कार्यकाल को देखें तो यह आर्थिक मोर्चे पर नाकामी की कहानी है: यशवंत सिन्हा

विशेष साक्षात्कार: पूर्व वित्त मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता यशवंत सिन्हा से मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों, कृषि संकट और बेरोज़गारी जैसे मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं द वायर के संस्थापक संपादक एमके वेणु.

(फोटो: रॉयटर्स)

विशेषज्ञों की राय, चालू वित्त वर्ष में सात प्रतिशत से कम रहेगी भारत की वृद्धि दर

​विशेषज्ञों के अनुसार, जीएसटी के क्रियान्वयन से पैदा हुई अड़चनों तथा नोटबंदी के प्रभाव से अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर पर असर पड़ेगा.

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2017 में ज़्यादातर देशों की जीडीपी बढ़ी, बेरोज़गारी घटी लेकिन भारत में ऐसा नहीं हुआ

2017 को एक ऐसे साल के तौर पर याद किया जाएगा, जिसमें भारतीय अर्थव्यवस्था को अपने ही हाथों भारी नुकसान पहुंचाया गया. इससे जीडीपी में तीव्र गिरावट आयी और पहले से ही नए रोज़गार निर्माण की ख़राब स्थिति और बदतर हुई.

(प्रतीकात्मक फोटो साभार: Health Doctor India)

भारत में स्वास्थ्य पर ख़र्च हुआ जीडीपी का 1.5 फीसदी, अमेरिका ने ख़र्च किया 17.43 फीसदी

स्वास्थ्य राज्यमंत्री की ओर से पेश आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2015-16 में 1.4 फीसदी और वर्ष 2014-15 में 1.2 फीसदी राशि स्वास्थ्य पर ख़र्च हुई.

Workers stand as a crane loads wheat onto a ship at Mundra Port in the western Indian state of Gujarat April 1, 2014. REUTERS/Amit Dave/File Photo

एशियाई विकास बैंक ने जीडीपी वृद्धि दर का अनुमान घटाकर 6.7 प्रतिशत किया

बैंक ने सुस्त वृद्धि दर, नोटबंदी व जीएसटी से उत्पन्न चुनौतियों को ज़िम्मेदार ठहराया. पूर्वानुमान से सेंसेक्स टूटा.