जेईई

सुप्रीम कोर्ट (फोटो: पीटीआई)

जेईई-नीट परीक्षा: सुप्रीम कोर्ट ने छह ग़ैर-भाजपा शासित राज्यों की पुनर्विचार याचिका ख़ारिज की

छह राज्यों के मंत्रियों ने सुप्रीम कोर्ट के 17 अगस्त के फ़ैसले पर पुनर्विचार की मांग करते हुए दावा किया था कि अदालत छात्रों की सुरक्षा और जीने के अधिकार की रक्षा में विफल रही है और उसने कोविड-19 महामारी के दौरान परीक्षाओं के आयोजन में आने वाली परेशानियों को नज़रअंदाज़ किया है.

बॉम्बे हाईकोर्ट (फोटो: पीटीआई)

बॉम्बे हाईकोर्ट का जेईई-मेन पर रोक लगाने से इनकार

इंजीनियरिंग के लिए संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) मेन मंगलवार को देशभर में शुरू हो गई. बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर पीठ ने कहा कि महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र के बाढ़ग्रस्त इलाकों में रहने वाले छात्र, जो परीक्षा केंद्र नहीं पहुंच सकते, वे दोबारा परीक्षा के लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी को आवेदन कर सकते हैं.

नई दिल्ली में बीते दिनों युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नीट और जेईई स्थगित करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था. (फोटो: पीटीआई)

सात राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने नीट-जेईई स्थगित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट जाने का फ़ैसला किया

कोरोना वायरस की वजह से नीट और जेईई स्थगित करने से संबंधित एक याचिका सुप्रीम कोर्ट ख़ारिज कर चुका है. इस बीच, ​केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पो​खरियाल ‘निशंक’ ने परीक्षा केंद्रों की संख्या में बढ़ोतरी की जानकारी देते हुए कहा है कि छात्रों के करिअर का ध्यान रखते हुए ऐतिहासिक रूप से निर्णय लिए जा रहे हैं.

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नीट और जेईई छात्रों की चिंताओं का कैसे निकलेगा समाधान?

वीडियो: मेडिकल प्रवेश परीक्षा (नीट) और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा (जेईई) की परिक्षाएं सितंबर में तय शेड्यूल के मुताबिक ही होंगी. सुप्रीम कोर्ट ने इन परीक्षाओं को स्थगित करने की मांग वाली याचिका ख़ारिज कर दी. इस मुद्दे पर जामिया हमदर्द के वाइस चांसलर प्रो. ई. हसनैन से द वायर की सीनियर एडिटर आरफ़ा ख़ानम शेरवानी की बातचीत.

New Delhi: A view of the Supreme Court of India in New Delhi, Monday, Nov 12, 2018. (PTI Photo/ Manvender Vashist) (PTI11_12_2018_000066B)

नीट और जेईई की परीक्षाएं स्थगित करने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार

जेईई की परीक्षा एक से छह सितंबर के बीच और नीट की परीक्षा 13 सितंबर को होनी है. विभिन्न राज्यों के 11 छात्रों ने सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में कहा था कि कोरोना के मद्देनज़र इन्हें रद्द किया जाना चाहिए. अदालत ने याचिका ख़ारिज करते हुए कहा कि ऐसा करने से छात्रों का करिअर संकट में पड़ जाएगा.