जेएनयू प्रशासन

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) (फोटो: पीटीआई)

जेएनयू में पश्तो पढ़ने वाले विद्यार्थी परेशान क्यों हैं?

पश्तो भाषा के बीए फाइनल वर्ष के विद्यार्थियों का आरोप है कि प्रॉस्पेक्टस में 5 साल का इंटीग्रेटेड कोर्स बताया गया था, लेकिन अब प्रशासन एमए में 2018-19 के सत्र के बजाय अगले सत्र में प्रवेश देने की बात कह रहा है.

Kanhaiya

कन्हैया समेत 15 छात्रों के ख़िलाफ़ जेएनयू की अनुशासनात्मक कार्रवाई रद्द

दिल्ली हाईकोर्ट ने नये सिरे से फैसला करने के लिए मामले को वापस जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के पास भेज दिया.

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय ​की बिल्डिंग. फोटो: पीटीआई

जेएनयू की वर्तमान दाख़िला नीति ग़ैरक़ानूनी है

जेएनयू छात्रसंघ के अध्यक्ष मोहित कुमार पांडेय बता रहे हैं कि विवि प्रशासन द्वारा जारी की गई दाख़िला नीति अकादमिक काउंसिल से पास नहीं है.