जेएनयू

नजीब की मां फातिमा नफीस बेटे की तस्वीर लिए हुए (फोटो: पीटीआई)

सीबीआई हार सकती है लेकिन मैं अपनी लड़ाई जारी रखूंगी: नजीब की मां

जेएनयू छात्र नजीब की मां फातिमा नफीस ने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर भरोसा है और उन्हें न्याय मिलेगा. ईश्वर उन लोगों को सजा देगा जिन्होंने नजीब को उसकी मां से छीन लिया.

नजीब अहमद. (फोटो साभार: फेसबुक)

लापता जेएनयू छात्र नजीब का नहीं मिला कोई सुराग, बंद कर सकते हैं जांच: सीबीआई

सीबीआई ने दिल्ली हाईकोर्ट को बताया कि हमने मामले में क्लोजर रिपोर्ट लगाने का सोचा है. हम अब तक नजीब अहमद का पता नहीं लगा पाए हैं. लेकिन, अन्य पक्षों का आकलन करने का एक और प्रयास कर रहे हैं.

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देशद्रोह विवाद: जेएनयू पैनल ने उमर खालिद, कन्हैया के दंड को बरक़रार रखा

जेएनयू के पांच सदस्यीय पैनल ने नौ फरवरी 2016 की घटना के मामले में उमर खालिद के निष्कासन और कन्हैया कुमार पर लगाए गए 10,000 रुपये के जुर्माने को बरक़रार रखा है.

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संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार विशेषज्ञों ने प्रो. जीएन साईबाबा को रिहा करने की अपील की

दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रो. जीएन साईबाबा माओवादियों से संबंध के आरोप में मई 2014 में गिरफ़्तार किया गया था. उन्हें उम्रक़ैद की सज़ा मिली हुई है.

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (फोटो: पीटीआई)

जेएनयू में इस्लामिक आतंकवाद कोर्स पर विवाद, अल्पसंख्यक आयोग ने जारी किया नोटिस

माकपा ने उच्च शिक्षण संस्थानों में भाजपा सरकार की दखलअंदाज़ी को शिक्षा प्रणाली के लिए ख़तरनाक बताया. जमीयत ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय से दख़ल देने की मांग की.

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जेएनयू वीसी द्वारा हटाए गए डीन और अध्यापक हाईकोर्ट द्वारा बहाल

जेएनयू प्रशासन के अनिवार्य उपस्थिति संबंधी फ़ैसले को शिक्षकों ने दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी है. कोर्ट ने 7 दिन के अंदर विश्वविद्यालय से जवाब देने को कहा.

नजीब की मां फातिमा नफीस बेटे की तस्वीर लिए हुए (फोटो: पीटीआई)

नजीब की मां ने मीडिया संस्थानों पर किया मानहानि का मुक़दमा

जेएनयू से लापता हुए छात्र नजीब अहमद के आईएसआईएस से जुड़ने की ख़बर प्रसारित करने के ख़िलाफ़ उनकी मां फ़ातिमा नफ़ीस ने 2.2 करोड़ रुपये का हर्जाना मांगा है.

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) (फोटो: पीटीआई)

जेएनयू को धीरे-धीरे खत्म किया जा रहा है: रोमिला थापर

जेएनयू की स्थापना के वक्त इससे जुड़ने वाले शिक्षाविदों में थापर भी थीं. उन्होंने कहा कि बहस की स्वतंत्रता न देना और केवल आधिकारिक विचारों को महत्व देना, इस बात की ओर इशारा है कि जो सत्ता में हैं कहीं न कहीं खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं.

New Delhi: Journalists from various organisations protest outside the Police Headquarter against 2 women journalist molestation case in New Delhi, on Saturday. PTI Photo by Ravi Choudhary (PTI3_24_2018_000101B)

पुलिस की अभद्रता के विरोध में दिल्ली पुलिस मुख्यालय पर पत्रकारों का प्रदर्शन

जेएनयू छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों द्वारा शुक्रवार को निकाले गए मार्च के दौरान दिल्ली पुलिस पर मीडियाकर्मियों से मारपीट और छेड़छाड़ का आरोप लगा है.

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) (फोटो: पीटीआई)

जेएनयू में पश्तो पढ़ने वाले विद्यार्थी परेशान क्यों हैं?

पश्तो भाषा के बीए फाइनल वर्ष के विद्यार्थियों का आरोप है कि प्रॉस्पेक्टस में 5 साल का इंटीग्रेटेड कोर्स बताया गया था, लेकिन अब प्रशासन एमए में 2018-19 के सत्र के बजाय अगले सत्र में प्रवेश देने की बात कह रहा है.

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय का ऐड-ब्लॉक. (फोटो: पीटीआई)

ऐड-ब्लॉक के बाहर प्रदर्शन करने को लेकर जेएनयू छात्रसंघ पर 10-10 हज़ार रुपये का जुर्माना

अनिवार्य उपस्थिति के विरोध में ऐड-ब्लॉक के पास वाली सड़क को ब्लॉक करने पर जेएनयू प्रशासन ने एनएसयूआई की छात्र इकाई के चार सदस्यों पर 20-20 हज़ार रुपये का जुर्माना लगाया.

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बीएचयू भारतीयता का प्रतीक, जेएनयू ग़ैर-भारतीयता का: संघ

संघ से जुड़ी साप्ताहिक पत्रिकाओं पांचजन्य और ऑर्गनाइजर के 70 साल पूरे होने के अवसर पर हुए एक समारोह में संघ के वरिष्ठ नेता मनमोहन वैद्य ने कहा ये पत्रिकाएं आरएसएस का मुखपत्र नहीं बल्कि राष्ट्रवादी प्रकाशन हैं.

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (फोटो: पीटीआई)

जेएनयू छात्रसंघ का आरोप, अटेंडेंस के लिए डीन ने छात्रों को बंधक बनाया

जेएनयू प्रशासन द्वारा उपस्थिति अनिवार्य करने के फैसले का विरोध एबीवीपी, एनएसयूआई, बापसा समेत जेएनयू के प्रमुख छात्र संगठन कर रहे हैं.

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय का ऐड-ब्लॉक. (फोटो: पीटीआई)

जेएनयू के कुलपति पर विश्वविद्यालय को स्कूल बनाने का आरोप क्यों लग रहा है?

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में छात्रों की उपस्थिति अनिवार्य करने के प्रशासन के फैसले को छात्र-छात्राएं और शिक्षकों का एक समूह जेएनयू की परंपरा के ख़िलाफ़ बता रहा है.

राजस्थान के शिक्षामंत्री वासुदेव देवनानी और भौतिक विज्ञान न्यूटन. (फोटो साभार: ​फेसबुक/विकिपीडिया)

गुरुत्वाकर्षण का सिद्धांत न्यूटन से पहले ब्रह्मगुप्त ने दिया था: राजस्थान के शिक्षामंत्री

गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर बल देते हुए शिक्षामंत्री वासुदेव देवनानी ने कहा कि जेएनयू का छात्रनेता कन्हैया कुमार राजस्थान में पैदा नहीं होना चाहिए.

जेएनयू छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार. (फाइल फोटो: पीटीआई)

दंगे अब हर घर तक पहुंच गए हैं: कन्हैया कुमार

जेएनयू छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष ने कहा, घरों में भोजन के टेबल दो हिस्से में बंट गए हैं. अगर कोई पिता धर्मनिरपेक्षता का पक्ष लेता है, तो बेटा उसे पाकिस्तान समर्थक बता देता है.

Vidrohi

‘ये विद्रोही भी क्या तगड़ा कवि था!’

पुण्यतिथि विशेष: विद्रोही अभी ज़िंदा हैं. सारे बड़े-बड़े लोग पहले मर लेंगे, सारे तानाशाह और ज़ुल्मी मर जाएंगे, उसके बाद विद्रोही मरेंगे आराम से, वसंत ऋतु में.

नजीब अहमद. (फोटो साभार: फेसबुक)

पुलिस के दबाव में दिया था ऑटो चालक ने नजीब को जामिया छोड़ने का बयान: सीबीआई

सीबीआई ने दिल्ली हाईकोर्ट को मामले की स्थिति रिपोर्ट सौंपते हुए बताया कि जांच के सिलसिले में ज़ब्त जेएनयू के नौ छात्रों के मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट आनी बाकी है.

Chidambaram Photo by The Wire

मोदी अब अच्छे दिन के बारे में बात नहीं करते, उन्हें पता है कि लोग हंसेंगे: पी.चिदंबरम

साक्षात्कार: पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम से नरेंद्र मोदी सरकार, जीएसटी, रॉबर्ट वाड्रा, कार्ति चिदंबरम, विपक्ष, गुजरात चुनाव समेत विविध विषयों पर विस्तृत बातचीत.

JNU copy

‘मां नहीं चाहती थीं कि मैं जेएनयू पढ़ने जाऊं, तो मैंने मरने की ठान ली’

कैंपस की कहानियां: इस विशेष सीरीज़ में दिल्ली में अनुवादक का काम करने वाली रश्मि जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय से जुड़े अपने अनुभव साझा कर रही हैं.

नजीब अहमद. (फोटो साभार: फेसबुक)

जेएनयू छात्र नजीब के लापता होने के एक साल बाद भी सीबीआई खाली हाथ

एबीवीपी से जुड़े छात्रों से कथित तौर पर बहस के बाद पिछले साल 15 अक्टूबर से नजीब अहमद जेएनयू परिसर के माही-मांडवी हॉस्टल लापता हैं.

Allahabad: Newly elected Allahabad University Students Union President Avanish Kumar Yadav (center) along with suppoters celebrate after Samajwadi Chhatra Sabha won four out of the five posts in Allahabad on Sunday. PTI Photo  (PTI10_15_2017_000071B)

छात्र-छात्राओं के लिए राजनीति क्यों ज़रूरी है

इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में समाजवादी छात्र सभा ने अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सांस्कृतिक सचिव और उपमंत्री का पद जीता, एबीवीपी की केवल एक पद पर जीत.

Kanhaiya

कन्हैया समेत 15 छात्रों के ख़िलाफ़ जेएनयू की अनुशासनात्मक कार्रवाई रद्द

दिल्ली हाईकोर्ट ने नये सिरे से फैसला करने के लिए मामले को वापस जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के पास भेज दिया.

जयप्रकाश नारायण. (जन्म: 11 अक्टूबर 1902  मृत्यु: 08 October 1979)

कहते हैं उनको जयप्रकाश जो नहीं मरण से डरता है…

पुण्यतिथि विशेष: आपातकाल की चर्चा तब तक पूरी नहीं होती जब तक स्वाधीनता संग्राम सेनानी और प्रसिद्ध समाजवादी नेता जयप्रकाश नारायण की चर्चा न की जाए.

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय ​की बिल्डिंग. फोटो: पीटीआई

जेएनयू के पूर्व प्रोफेसरों ने कहा, अतीत में कोई भी कुलपति लगातार नियमों के विरुद्ध नहीं गया

जेएनयू के कुलपति एम जगदीश कुमार पर परिपाटी तोड़ने और संकाय सदस्यों की आपत्ति को तवज्जो न देने का आरोप.

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‘बीएचयू को जेएनयू नहीं बनने देंगे’ का क्या मतलब है?

बीते कई दशकों से एक साधन-संपन्न और बड़ा केंद्रीय विश्वविद्यालय होने के बावजूद बीएचयू पूर्वांचल में ज्ञान और स्वतंत्रता की संस्कृति का केंद्र क्यों नहीं बन सका!

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वीसी साहेब! आंदोलन करती ये लड़कियां बीएचयू का नाम रोशन कर रही हैं

आप गलत कह रहे हैं कि बीएचयू को बदनाम किया जा रहा है. लड़कियां अपनी आज़ादी और सुरक्षा का हक़ मांग रही हैं. यह आज़ादी उनकी प्रतिभा को और निखारेगी. वे निखरेंगी तो बीएचयू भी निखरेगा.

(रोहित वेमुला की आत्महत्या के बाद प्रदर्शन करते हैदराबाद विश्वविद्यालय के छात्र छात्राएं, फोटो: पीटीआई)

हैदराबाद विश्वविद्यालय: रोहित वेमुला की पार्टी को मिली छात्रसंघ चुनाव में जीत

आंबेडकर स्टूडेंट एसोसिएशन और स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया के गठबंधन वाली एलायंस फॉर सोशल जस्टिस (एएसजे) ने छात्रसंघ के सभी पदों पर जीत हासिल की है.

Episode TN Final

हम भी भारत, एपिसोड 01: छात्र राजनीति और देश

हम भी भारत की पहली कड़ी में आरफ़ा ख़ानम शेरवानी देश में छात्र राजनीति की दशा​-दिशा पर जेएनयू छात्रसंघ की पूर्व उपाध्यक्ष शहला राशिद, एबीवीपी की जाह्नवी ओझा और पत्रकार सृष्टि श्रीवास्तव से चर्चा कर रही हैं.

Home Ministry Twitter

जेएनयू, डीयू, आईआईटी समेत कई संगठन नहीं ले सकेंगे विदेशी चंदा

एफसीआरए के तहत पांच साल से वार्षिक रिटर्न जमा न करने की वजह से गृह मंत्रालय ने लगाया प्रतिबंध. 1,222 एनजीओ को बैंक खाते सत्यापित कराने के लिए नोटिस.

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क्या मोदी प्रधानमंत्री की जगह ट्रोल्स के सरदार बनते जा रहे हैं?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा गाली-गलौज करने वाले ट्विटर हैंडल्स को फॉलो करने पर कई बार सवाल उठाए गए हैं, लेकिन ऐसा लगता है कि उन्हें इससे कोई फर्क नहीं पड़ता.

(फोटो साभार: रूपेश कुमार सिंह/फेसबुक)

जेएनयू छात्रसंघ पर फिर वाममोर्चा का क़ब्ज़ा, आइसा की गीता कुमारी बनीं अध्यक्ष

सिमोन ज़ोया ख़ान को उपाध्यक्ष, एसएफआई के दुग्गीराला श्रीकृष्ण को महासचिव और डीएसएफ के शुभांशु सिंह को संयुक्त सचिव पद पर जीत हासिल हुई.

(रामजस कॉलेज में इस साल फरवरी में एक सेमिनार को लेकर हिंसक झड़प हो गई थी. इसके बाद छात्रों ने कई दिनों तक प्रदर्शन किया था. (फोटो: पीटीआई)

रामजस कॉलेज की घटना को जेएनयू के देशद्रोह मामले से मत मिलाइए: अदालत

मे​ट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट ने कहा, जेएनयू का आरोप पत्र रामजस कॉलेज विवाद के मामले में प्रासंगिक नहीं है. ये दो अलग मामले हैं.

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) (फोटो: पीटीआई)

जेएनयू छात्रसंघ के अध्यक्ष पद की महिला उम्मीदवारों से बातचीत

इस बार जेएनयू छात्रसंघ चुनाव में अध्यक्ष पद के लिए महिला उम्मीदवार मैदान में हैं. आइसा, एसएफआई व डीएसएफ की उम्मीदवार गीता कुमारी, एबीवीपी की निधि त्रिपाठी, एआईएसएफ की अपराजिता राजा, बाप्सा की शबाना अली, एनएसयूआई की वृंशिका से बातचीत.

(फोटो: रॉयटर्स)

हमें ऐसा माहौल बनाना होगा जहां मज़दूर को सबसे ज़्यादा सम्मान मिले: बलराज साहनी

प्रासंगिक: समाजवाद से पहले हमें वो माहौल लाना होगा जहां सिर्फ़ धन-दौलत का होना ही सम्मान देने का पैमाना न बने. हमें ऐसा माहौल बनाना होगा जहां सबसे ज़्यादा सम्मान उस मज़दूर को मिले जो चाहे शारीरिक मेहनत करता हो या मानसिक.

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भाजपा ने कारगिल के शहीदों का इस्तेमाल अपने राजनीतिक फ़ायदे के लिए किया

बहादुर सैनिकों की शहादत पवित्र श्रद्धांजलि की हक़दार है, लेकिन अगर सरकार ने हालात को ज़्यादा सक्षम तरीके से संभाला होता, तो शायद आज वे ज़िंदा होते.

नीतीश कुमार. (फोटो: पीटीआई)

अदालत ने नीतीश कुमार पर कॉपीराइट मामले में 20 हज़ार रुपये का जुर्माना लगाया

जेएनयू के पूर्व छात्र ने आरोप लगाया था कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अनुमोदन से प्रकाशित एक पुस्तक उनके शोध कार्य का चुराया हुआ संस्करण है.