ज्योतिरादित्य सिंधिया

शिवराज सिंह चौहान के साथ कमलनाथ. (फोटो: पीटीआई)

मध्य प्रदेश: क्या उपचुनावों में जीत कांग्रेस को फिर सत्ता में ला सकती है?

आगर-मालवा और जौरा के विधायकों के निधन के कारण विधानसभा की दो सीटें पहले से ही खाली थीं. अब कांग्रेस के बागी 22 विधायकों के इस्तीफ़े के बाद राज्य में 24 सीटों पर उपचुनाव होने हैं.

Bhopal: BJP leader Jyotiraditya Scindia being felicitated by party leader Shivraj Singh Chauhan, at party office in Bhopal, Thursday, March 12, 2020. (PTI Photo)(PTI12-03-2020_000214B)

सीएम बनते ही शिवराज ने कमलनाथ द्वारा की नियुक्तियों को रद्द किया, सिंधिया के ख़िलाफ़ केस बंद

ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनके करीबी विधायकों द्वारा बगावत करने के बाद तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने कुछ नई नियुक्तियां की थीं, जिस पर विपक्ष ने कड़ा विरोध जताया था.

Bhopal: BJP leader Jyotiraditya Scindia being felicitated by party leader Shivraj Singh Chauhan, at party office in Bhopal, Thursday, March 12, 2020. (PTI Photo)(PTI12-03-2020_000214B)

​शिवराज सिंह चौहान ने चौथी बार मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली

बीते 10 मार्च को ज्योतिरादित्य सिंधिया के 22 विधायकों के साथ कांग्रेस से इस्तीफ़ा देने के बाद मध्य प्रदेश की कांग्रेस नेतृत्व वाली सरकार संकट में आ गई थी. कई दिनों के सियासी घमासान के बाद कांग्रेस सरकार में मुख्यमंत्री रहे कमलनाथ ने बहुमत साबित करने से पहले ही पद से इस्तीफ़ा दे दिया था.

भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और भाजपा नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया की मौजूदगी में भाजपा की सदस्यता ग्रहण करते कांग्रेस के 22 बागी विधायक. (फोटो: ट्विटर/@JM_Scindia)

मध्य प्रदेश: सिंधिया की मौजूदगी में कांग्रेस के 22 बागी विधायक भाजपा में शामिल हुए

हाल ही में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल होने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि मध्य प्रदेश के विकास, प्रगति और उन्नति के अपने संकल्प के साथ कांग्रेस के सभी 22 पूर्व विधायकों ने राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा जी के निवास पर भाजपा की सदस्यता ग्रहण की.

Bhopal: Congress Madhya Pradesh President Kamal Nath and AICC General Secretary Digvijay Singh arrive to chair Madhya Pradesh Congress Coordination Committee meeting at PCC Headquarters, in Bhopal, on Thursday. (PTI Photo) (PTI5_24_2018_000029B)

बहुमत साबित करने से पहले मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने दिया इस्तीफ़ा

उच्चतम न्यायालय 20 मार्च को मध्य प्रदेश की कांग्रेस नेतृत्व वाली कमलनाथ सरकार को बहुमत साबित करने का निर्देश दिया था. बीते 10 मार्च को ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ 22 विधायकों के इस्तीफ़ा देने के बाद कमलनाथ सरकार संकट में आ गई थी.

Bhopal: Congress Madhya Pradesh President Kamal Nath and AICC General Secretary Digvijay Singh arrive to chair Madhya Pradesh Congress Coordination Committee meeting at PCC Headquarters, in Bhopal, on Thursday. (PTI Photo) (PTI5_24_2018_000029B)

मध्य प्रदेश: भाजपा की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सभी पक्षों को भेजा नोटिस, कल होगी सुनवाई

भाजपा नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की 12 घंटों के भीतर विश्वास मत कराने संबंधी याचिका पर मंगलवार को सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने विधानसभा के स्पीकर, मुख्यमंत्री कमलनाथ और मध्य प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव को नोटिस जारी किया है.

Bhopal: Madhya Pradesh Chief Minister Kamal Nath along with Congress party MLAs during the budget session of state assembly, in Bhopal, Monday, March 16, 2020. (PTI Photo)(PTI16-03-2020_000024B)

मध्य प्रदेश: राज्यपाल ने मुख्यमंत्री कमलनाथ को 17 मार्च को शक्ति परीक्षण करने का दिया निर्देश

राज्यपाल ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ को लिखे गए पत्र में कहा है कि अगर आप 17 मार्च को शक्ति परीक्षण नहीं करेंगे तो यह माना जाएगा कि वास्तव में आपको विधानसभा में बहुमत प्राप्त नहीं है. मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि ऐसा लगता है कि राज्यपाल दबाव में हैं.

(फोटो साभार: फेसबुक/कमलनाथ)

मध्य प्रदेश: शक्ति परीक्षण के बिना विधानसभा की कार्यवाही स्थगित, सुप्रीम कोर्ट पहुंची भाजपा

मध्य प्रदेश विधानसभा में शक्ति परीक्षण कराने की भाजपा की मांग और प्रदेश सरकार द्वारा स्पीकर का ध्यान कोरोना वायरस के खतरे की ओर आकर्षित किए जाने के बीच विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही 26 मार्च तक स्थगित कर दी. वहीं पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की 12 घंटों के भीतर विश्वास मत कराने संबंधी याचिका पर मंगलवार को सुनवाई करने पर सुप्रीम कोर्ट सहमत हो गया है.

कमलनाथ. (फोटो साभार: फेसबुक/कमलनाथ)

मध्य प्रदेश: 16 मार्च को होगा विश्वास प्रस्ताव पर मतदान

मध्य प्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन ने निर्देश दिए हैं कि विश्वासमत की संपूर्ण प्रक्रिया की वीडियोग्राफी विधानसभा स्वतंत्र व्यक्तियों से कराएगी. संपूर्ण कार्यवाही हर हाल में 16 मार्च 2020 को प्रारम्भ होगी और यह स्थगित, विलंबित या निलंबित नहीं की जाएगी.

Bhopal: BJP leader Jyotiraditya Scindia files his nomination papers to Returning Officer AP Singh for Rajya Sabha elections, at Madhya Pradesh Assembly in Bhopal, Friday, March 13, 2020. (PTI Photo)(PTI13-03-2020_000038B)

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने राज्यसभा चुनाव के लिए भाजपा उम्मीवार के तौर पर भरा नामांकन

मध्य प्रदेश की तीन राज्यसभा सीटों के लिए 26 मार्च को मतदान होना है. वर्तमान में मध्य प्रदेश से कांग्रेस के दिग्विजय सिंह और भाजपा के प्रभात झा और सत्यनारायण जटिया राज्यसभा सांसद हैं. इन तीनों का कार्यकाल अगले महीने समाप्त हो रहा है. कांग्रेस ने दिग्विजय सिंह को फिर से अपना उम्मीदवार बनाया है.

Bhopal: BJP leader Jyotiraditya Scindia being felicitated by party leader Shivraj Singh Chauhan, at party office in Bhopal, Thursday, March 12, 2020. (PTI Photo)(PTI12-03-2020_000214B)

शिवराज सिंह चौहान ने कमलनाथ को ‘रावण’ और ज्योतिरादित्य सिंधिया को बताया ‘विभीषण’

कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए ज्योतिरादित्य सिंधिया की ओर इशारा करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि रावण की लंका अगर पूरी तरह जलानी है तो विभीषण की तो ज़रूरत होती है और अब सिंधिया जी हमारे साथ हैं. मिलकर लड़ेंगे.

Bhopal: BJP leader Jyotiraditya Scindia being welcomed by his supporters on his arrival at Bhopal Airport, Thursday, March 12, 2020. (PTI Photo)
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मध्य प्रदेश: ज्योतिरादित्य सिंधिया के ख़िलाफ़ बंद मामला आर्थिक अपराध शाखा ने फिर से खोला

एक शिकायतकर्ता ने साल 2014 में आरोप लगाया था कि ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ग्वालियर में एक संपत्ति के दस्तावेज़ों में हेर-फेर कर 6,000 फुट की ज़मीन का हिस्सा उन्हें बेचा था.

New Delhi: Former Congress leader Jyotiraditya Scindia greets as he arrives to join Bharatiya Janata Party (BJP), at party headquarters in New Delhi, Wednesday, March 11 , 2020. (PTI Photo/Arun Sharma) (PTI11-03-2020_000124B)

ज्योतिरादित्य सिंधिया के पाला बदलने से भाजपा-कांग्रेस और ख़ुद उन्हें क्या हासिल होगा?

कांग्रेस से भाजपा में शामिल होने के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया के राजनीतिक भविष्य को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं. एक सवाल ये भी है कि क्या भाजपा में भी उनका वही रुतबा क़ायम रह पाएगा, जो कांग्रेस में था?

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भाजपा में शामिल सिंधिया: बचेगी मध्य प्रदेश में कमलनाथ की सरकार?

मध्य प्रदेश के पूर्व कांग्रेसी नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बुधवार को भाजपा की सदस्यता हासिल कर ली. पिछले कुछ दिनों से मध्य प्रदेश में चल रहे राजनीतिक उठापटक के बीच सिंधिया ने बीते मंगलवार को कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था. इसी मुद्दे पर द वायर के पॉलिटिकल एडिटर अजय आशीर्वाद और संस्थापक संपादक एमके वेणु से चर्चा कर रही हैं सीनियर एडिटर आरफ़ा ख़ानम शेरवानी.

मुख्यमंत्री कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ शिवराज सिंह चौहान. (फोटो: रॉयटर्स)

मध्य प्रदेश: राज्यसभा की तीन सीटों ने कैसे बदले राज्य में सत्ता के समीकरण

विभिन्न राज्यों में एक के बाद एक विधानसभा चुनाव हारने के बाद राज्यसभा में भाजपा के सदस्यों की संख्या घटने वाली है, जिसके चलते अहम विधेयक पास कराने में मोदी सरकार को समस्याएं आएंगी. यही वजह है कि भाजपा एक-एक सीट जीतने के लिए आर-पार की लड़ाई लड़ रही है.

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भाजपा में शामिल हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया

भाजपा की सदस्यता ग्रहण करते हुए सिंधिया ने कहा कि कांग्रेस में वास्तविकता से इनकार किया जा रहा है और नए विचार, नए नेतृत्व को मान्यता नहीं मिल रही है.

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वो दस कारण जिनके चलते ज्योतिरादित्य सिंधिया ने छोड़ी कांग्रेस

सिंधिया लंबे समय से प्रदेश की राजनीति में अपनी अनदेखी के चलते नाराज चल रहे थे. यह नाराजगी कांग्रेस की सरकार बनने से पहले से थी.

New Delhi: Congress President Rahul Gandhi flanked by Madhya Pradesh Congress leaders Jyotiraditya Scindia (L) and Kamal Nath pose for photos after a meeting, in New Delhi, Thursday, Dec. 13, 2018. (PTI Photo)(PTI12_13_2018_000192B)

सिंधिया के इस्तीफे के बाद क्या मध्य प्रदेश में कांग्रेस अपनी सरकार बचा पाएगी?

मध्य प्रदेश में कांग्रेस के 114 विधायकों में से सिंधिया के खेमे में करीब 30 प्रतिशत विधायक माने जाते हैं जिनकी संख्या 30 से 40 के बीच है. इसलिए कांग्रेस सरकार का गिरना तय माना जा रहा है.

New Delhi: Senior Congress leader Jyotiraditya Scindia addresses a press conference, in New Delhi, on Sunday, June 03, 2018. (PTI Photo/Atul Yadav) (PTI6_3_2018_000066B)

ज्योतिरादित्य सिंधिया का इस्तीफा, कांग्रेस ने कहा- पार्टी विरोधी काम के लिए निष्कासित किया गया

ज्योतिरादित्य सिंधिया मध्य प्रदेश की कांग्रेस सरकार में दरकिनार किए जाने से काफी नाराज चल रहे थे.

भाजपा सांसद केपी यादव. (फोटो साभार: फेसबुक)

मध्य प्रदेश: फर्जी ओबीसी प्रमाणपत्र मामले में भाजपा सांसद और उनके पुत्र के खिलाफ मामला दर्ज

मध्य प्रदेश के गुना से भाजपा सांसद केपी यादव ने लोकसभा चुनाव में कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया को हराया था. पुलिस ने केपी यादव और उनके बेटे के खिलाफ गैर क्रीमी लेयर का ओबीसी प्रमाण पत्र हासिल करने के लिए गलत जानकारी देने का मामला दर्ज किया है.

(फोटो साभार: विकिपीडिया)

व्यापमं घोटाला: पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा में धोखाधड़ी के दोषी 31 लोगों को सात से 10 साल की सज़ा

मध्य प्रदेश में व्यापमं घोटाले से जुड़े 150 मामलों में से 14वें केस में विशेष सीबीआई अदालत का यह फैसला आया है. यह पहली बार है जब व्यापमं घोटाले में इतनी बड़ी तादाद में लोगों को इतनी लंबी अवधि के लिए जेल की सज़ा दी गई है.

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह, कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया. (फोटो: पीटीआई)

मध्य प्रदेश: क्यों कांग्रेस नये प्रदेशाध्यक्ष के नाम पर फैसला नहीं ले पा रही है?

मुख्यमंत्री बनने के बाद कमलनाथ कई बार प्रदेशाध्यक्ष का पद छोड़ने की बात कह चुके हैं. लेकिन सरकार बनने के लगभग साल भर बाद भी पार्टी को नया प्रदेशाध्यक्ष नहीं मिला है.

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह, कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया. (फोटो: पीटीआई)

मध्य प्रदेश: क्यों कांग्रेस के नेता अपनी ही सरकार की मिट्टी पलीद करने में लगे हुए हैं

राज्य की कमलनाथ सरकार के मंत्री-विधायक एक-दूसरे पर अवैध खनन, अवैध शराब और रिश्वत लेने जैसे संगीन आरोप लगा रहे हैं. पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पर आरोप है कि वे सरकार को पर्दे के पीछे से चला रहे हैं, वहीं नये प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव को लेकर भी खींचतान की स्थिति बनी हुई है.

(फोटो साभार: फेसबुक/कमलनाथ)

एमपी कांग्रेस में विवाद को लेकर कमलनाथ ने की सोनिया से मुलाकात, मामला अनुशासन समिति को भेजा गया

बीते 10 दिनों में यह सोनिया गांधी की कमलनाथ से दूसरी मुलाकात थी. 30 अगस्त को मुलाकात के दौरान कमलनाथ ने कहा था कि पार्टी को लोकसभा चुनाव के बाद राज्य इकाई के एक नए अध्यक्ष की जरूरत है.

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कांग्रेस के मिलिंद देवड़ा और ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने पद से इस्तीफा दिया

मिलिंद देवड़ा ने कहा कि वह पार्टी को मजबूत करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर भूमिका निभाने की आशा करते हैं.

Bhopal: Congress State President Kamal Nath, party leaders Jyotiraditya Scindia, Digvijaya Singh and other leaders display victory sign after the party's win in state Assembly elections, at PCC headquarters, in Bhopal, Wednesday early morning, Dec. 12, 2018. (PTI Photo)(PTI12_12_2018_000055)

मध्य प्रदेश: कांग्रेस ने लोकसभा के इतिहास का सबसे बुरा प्रदर्शन क्यों किया?

15 साल बाद मध्य प्रदेश की सत्ता पर क़ब्ज़ा जमाने वाली कांग्रेस लोकसभा चुनाव में प्रदेश की 29 सीटों में से सिर्फ़ एक सीट पर ही जीत दर्ज कर सकी.

Bhopal: Congress Madhya Pradesh President Kamal Nath and AICC General Secretary Digvijay Singh arrive to chair Madhya Pradesh Congress Coordination Committee meeting at PCC Headquarters, in Bhopal, on Thursday. (PTI Photo) (PTI5_24_2018_000029B)

मध्य प्रदेश: तीसरे चरण में जिन सीटों पर चुनाव हो रहे हैं क्या कांग्रेस वहां अपना प्रदर्शन सुधार पाएगी

विशेष रिपोर्ट: मध्य प्रदेश में तीसरे चरण के लिए 8 सीटों पर होने वाले मतदान में चंबल क्षेत्र की चार (ग्वालियर, गुना, मुरैना, भिंड), मध्य क्षेत्र की तीन (भोपाल, विदिशा, राजगढ़) और बुंदेलखंड की एक (सागर) सीट शामिल हैं. गुना को छोड़कर बाकी की सात सीटों पर भाजपा का क़ब्ज़ा है.

उद्धव ठाकरे के साथ प्रियंका चतुर्वेदी. (फोटो साभार: एएनआई)

कांग्रेस से इस्तीफ़ा देने के बाद प्रियंका चतुर्वेदी शिवसेना में शामिल

प्रियंका चतुर्वेदी ने उत्तर प्रदेश के मथुरा में पार्टी के कुछ कार्यकर्ताओं द्वारा उनके साथ कथित तौर पर बदसलूकी की शिकायत की थी. इस कार्यकर्ताओं को बाहर का रास्ता दिखाने के बाद पार्टी ने उन्हें फिर से बहाल कर दिया था, जिससे प्रियंका नाराज़ थीं.

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क्या भाजपा मध्य प्रदेश में फिर से 2014 का प्रदर्शन दोहराने की स्थिति में है?

राज्य में सत्तारूढ़ कांग्रेस और विपक्षी भाजपा दोनों ही लोकसभा चुनावों में अच्छे प्रदर्शन के बढ़-चढ़कर दावे कर रहे हैं. कांग्रेस 20 से अधिक सीटों पर तो भाजपा सभी 29 सीटों पर जीत मिलने का दावा कर रही है, लेकिन दोनों के दावे हक़ीक़त से कोसों दूर हैं.

Gandhinagar: Congress General Secretary Priyanka Gandhi Vadra addresses a public meeting ahead of Lok Sabha elections, in Gandhinagar, Tuesday, March 12, 2019. (PTI Photo) (PTI3_12_2019_000096B)

पूर्वी उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के लिए क्या संभावनाएं हैं?

पूर्वी उत्तर प्रदेश में अस्मिता की राजनीति सबसे अधिक तीखी है. पटेल, कुर्मी, राजभर, चौहान, निषाद, कुर्मी-कुशवाहा आदि जातियों की अपनी पार्टियां बन चुकी हैं और उनकी अपनी जातियों पर पकड़ बेहद मज़बूत है. कांग्रेस को इन सबके बीच अपने लिए कम से कम 20 फीसदी से अधिक वोटों को जुगाड़ करना होगा तभी वह यूपी में सम्मानजनक स्थान पा सकती है.

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प्रियंका गांधी का करिश्मा भी यूपी में कांग्रेस को हार से नहीं बचा सकता

भारतीय राजनीति में करिश्माई नेतृत्व ने कई करिश्मे दिखाए हैं, लेकिन किसी भी दौर में करिश्मे के मुकाबले ज़मीनी समीकरण और समुदायों की गोलबंदियां ज्यादा प्रभावी रही हैं. फिलहाल कांग्रेस कम से कम यूपी में तो इन दोनों मोर्चों पर पिछड़ती नज़र आ रही है.

प्रियंका गांधी. (फोटो: पीटीआई)

प्रियंका गांधी के लिए यह आर या पार की लड़ाई है

अगर प्रियंका का प्रदर्शन अच्छा रहा, तो वे लंबी पारी खेलने के लिए राजनीति में रह सकती हैं. अगर नतीजे इसके उलट रहें, तो उनकी नियति ‘बड़े बेआबरू होकर तेरे कूचे से हम निकले’ वाली हो सकती है.

New Delhi: Congress President Rahul Gandhi gestures as he addresses the media at party office, in New Delhi, on Saturday. (PTI Photo/ Manvender Vashist)(PTI5_19_2018_000134B)

प्रियंका कर्मठ हैं, ज्योतिरादित्य डायनामिक हैं और भाजपा वाले घबराए हुए हैं: राहुल गांधी

प्रियंका गांधी को कांग्रेस महासचिव बनाए जाने पर भाजपा ने कहा कि कांग्रेस ने स्वीकार कर लिया कि राहुल गांधी पार्टी को नेतृत्व देने में असफल रहे.

प्रियंका गांधी. (फोटो: पीटीआई)

लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस का दांव, प्रियंका गांधी को बनाया महासचिव

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनज़र प्रियंका गांधी को पूर्वी उत्तर प्रदेश, ज्योतिरादित्य सिंधिया को पश्चिमी उत्तर प्रदेश और गुलाम नबी आज़ाद को हरियाणा का प्रभार सौंपा है.

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी (फोटो: पीटीआई)

क्या राहुल गांधी नरेंद्र मोदी का विश्वसनीय विकल्प बन सकते हैं

राहुल गांधी को लेकर संशय ख़त्म नहीं हुआ है. उन्हें अब भी यह साबित करना है कि वे नरेंद्र मोदी का व्यावहारिक विकल्प हैं.

Bhopal: Newly-sworn in Madhya Pradesh Chief Minister Kamal Nath waves at the crowd during his swearing-in-ceremony, in Bhopal, Monday, Dec. 17, 2018. Also seen are NC chief Farooq Abdullah (L), NCP chief Sharad Pawar, former MP CM Shivraj Singh Chouhan and others. (PTI Photo) (PTI12_17_2018_000122)

मध्य प्रदेश के 18वें मुख्यमंत्री बने कमलनाथ

अकाली दल ने कमलनाथ को मुख्यमंत्री पद से हटाए जाने की मांग की. अकाली दल ने कहा है कि अगर कांग्रेस ने उन्हें मुख्यमंत्री पद से नहीं हटाया तो उसे सिख समाज का गुस्सा झेलना पड़ेगा.

Lucknow: Bahujan Samaj Party supremo Mayawati addresses a press conference, in Lucknow, Sunday, Sept 16, 2018. (PTI Photo/Nand Kumar)

मध्य प्रदेश: सरकार बनाने के करीब कांग्रेस, बसपा और सपा ने समर्थन दिया

भाजपा सरकार बनाने का दावा पेश नहीं करेगी. मध्य प्रदेश के निवर्तमान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने इस्तीफा देते हुए कहा, ‘हमें बहुमत नहीं मिला है. हम सरकार बनाने का दावा पेश नहीं करेंगे. मैं गवर्नर को इस्तीफा सौंपने जा रहा हूं.’

Chitrakoot: Congress President Rahul Gandhi with MPCC President Kamal Nath (2nd L), party MP Jyotiraditya Scindia (3rd R) and other leaders during a public meeting in Chitrakoot, Thursday, Sept 27, 2018. (AICC Photo via PTI) (PTI9_27_2018_000139B)

मध्य प्रदेश: कांग्रेस को 114, भाजपा को 109 सीटें मिली, कांग्रेस ने सरकार बनाने का दावा पेश किया

भाजपा से निवर्तमान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दिया इस्तीफा. प्रदेश में 230 सीटों वाली विधानसभा में किसी भी पार्टी के पास सरकार बनाने के लिए 116 सीटें होनी जरूरी हैं. किसी भी पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं मिला है. सपा और बसपा ने कांग्रेस को समर्थन दिया है.

Bhopal: Congress State President Kamal Nath, party leaders Jyotiraditya Scindia, Digvijaya Singh and other leaders display victory sign after the party's win in state Assembly elections, at PCC headquarters, in Bhopal, Wednesday early morning, Dec. 12, 2018. (PTI Photo)(PTI12_12_2018_000055)

मध्य प्रदेश: सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी कांग्रेस ने सरकार बनाने का दावा पेश किया

मध्य प्रदेश विधानसभा की 230 सीटों में से 114 पर कांग्रेस, 109 पर भाजपा, दो पर बसपा, एक सीट पर सपा और चार सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों को जीत मिली. बहुमत के लिए 116 सीटों की ज़रूरत होती है.