झाबुआ

Jabalpur: A shopkeeper poses with political parties' campaign materials ahead of Lok Sabha elections 2019, in Jabalpur, Wednesday, March 13, 2019. (PTI Photo) (PTI3_13_2019_000028B)

मध्य प्रदेश: क्यों आरक्षित सीटें प्रदेश में लोकसभा चुनावों के नतीजों के लिहाज़ से अहम हैं

मध्य प्रदेश की कुल 29 लोकसभा सीटों में से 10 अनसूचित जाति और जनजाति के लिए आरक्षित हैं. 2014 में भाजपा ने इन सभी सीटों पर जीत दर्ज की थी. लेकिन इस बार उसकी हालत पतली है. इसलिए आरक्षित सीटों पर 75 फीसदी सांसदों के टिकट काट दिए हैं, जबकि अनारक्षित सीटों पर केवल 33 फीसदी ही टिकट काटे गए हैं.

शराब की बोतल पर लगाए गए स्टीकर झाबुआ ज़िला प्रशासन की ओर बंटवाए गए थे. (फोटो साभार: एएनआई)

मध्य प्रदेश: शराब की बोतलों पर ‘सबका वोट ज़रूरी है’ के स्टिकर, विवाद के बाद हटाए गए

मध्य प्रदेश के आदिवासी बहुल झाबुआ ज़िले में प्रशासन ने बंटवाए थे स्टीकर. आदिवासी भाषा में लिखा हुआ था, ‘हंगला वोट ज़रूरी से, बटन दबावा नूं, वोट नाखवा नूं’ यानी ‘सबका वोट ज़रूरी है, बटन दबाना है, वोट डालना है’.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

मध्य प्रदेश में होमवर्क नहीं करने पर छात्रा को क्लास की छात्राओं से छह दिन में लगवाए 168 थप्पड़

झाबुआ ज़िले के थांदला तहसील मुख्यालय स्थित नवोदय विद्यालय के प्राचार्य ने इसे फ्रेंडली सज़ा बताया.

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छात्र राजनीति में उभरते आदिवासी नेतृत्व को सलाम

मध्य प्रदेश में लंबे संघर्ष के बाद हुए छात्रसंघ चुनावों में आदिवासी छात्र संगठन ने ऐतिहासिक जीत हासिल की है. 25 महाविद्यालयों में 162 छात्र प्रतिनिधियों ने परचम लहराया है, इनमें से पचास प्रतिशत लड़कियां हैं.