टाइम्स ऑफ़ इंडिया

पूर्व संपादक और विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर (फोटो साभार: फेसबुक)

एमजे अकबर का बयान निराशाजनक, मानहानि के ख़िलाफ़ लड़ने के लिए तैयार हूं: प्रिया रमानी

यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली पत्रकार प्रिया रमानी के ख़िलाफ़ केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री एमजे अकबर ने पटियाला हाउस कोर्ट में एक निजी आपराधिक मानहानि मुक़दमा दायर किया है.

पूर्व संपादक और विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर (फोटो साभार: फेसबुक)

मोदी सरकार में मंत्री और पूर्व संपादक एमजे अकबर पर 8 महिला पत्रकारों ने लगाया यौन शोषण का आरोप

इस बारे में प्रतिक्रिया देते हुए महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने कहा कि ताक़तवर पदों पर बैठे पुरूष अक्सर ऐसा करते हैं. किसी के भी ख़िलाफ़ यौन उत्पीड़न के आरोपों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए क्योंकि आमतौर पर महिलाएं इस बारे में बोलने से डरती हैं.

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पत्रकारिता को स्टिंग ऑपरेशन से ज़्यादा ख़तरा ज़हर फैला रहे मीडिया से है

मीडिया मालिक अख़बारों और न्यूज़ चैनलों को सुधारने के लिए कुछ करें या न करें, लेकिन यह तो तय है कि जब तक हर रोज़, हर न्यूज़रूम में प्रतिरोध की आवाज़ें मौजूद रहेंगी, तब तक भारतीय पत्रकारिता बनी रहेगी.

नजीब की मां फातिमा नफीस बेटे की तस्वीर लिए हुए (फोटो: पीटीआई)

नजीब की मां ने मीडिया संस्थानों पर किया मानहानि का मुक़दमा

जेएनयू से लापता हुए छात्र नजीब अहमद के आईएसआईएस से जुड़ने की ख़बर प्रसारित करने के ख़िलाफ़ उनकी मां फ़ातिमा नफ़ीस ने 2.2 करोड़ रुपये का हर्जाना मांगा है.

amit shah smriti irani featured

क्यों मीडिया ने अमित शाह की संपत्ति और स्मृति ईरानी की डिग्री से जुड़ी ख़बर हटा दी?

कई मीडिया संस्थानों ने अमित शाह की संपत्ति में 300 फीसदी की बढ़ोत्तरी और स्मृति ईरानी की डिग्री से जुड़ी ख़बर छापी थी, जिसे बिना कोई वजह बताए हटा लिया गया.

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क्या टाइम्स आॅफ इंडिया के संपादक ने अपने हित के लिए पत्रकारिता को ताक पर रख दिया?

अगर संपादक मंत्री से कहकर किसी नियुक्ति में कोई बदलाव करवा सकते हैं, तो क्या इसके एवज में मंत्रियों को अख़बारों की संपादकीय नीति प्रभावित करने की क्षमता मिलती है?

Farmer suicide 12

मध्य प्रदेश में साढ़े तीन माह में 287 किसानों और कृषि मजदूरों ने की आत्महत्या

मध्य प्रदेश सरकार ने विधानसभा में बताया कि प्रदेश में 16 नवंबर, 2016 से अब तक 1761 लोगों ने आत्महत्या की है. इनमें 287 किसान और कृषि मजदूर के अलावा 160 विद्यार्थी भी शामिल हैं.