टीवी चैनल

(फोटो: द वायर)

संपादकीय: द वायर के पांच साल

पांच साल पहले हमने कहा था कि हम नये तरीके से ऐसे मीडिया का निर्माण करना चाहते हैं जो पत्रकारों, पाठकों और जिम्मेदार नागरिकों का संयुक्त प्रयास हो. हम अपने इस सिद्धांत पर टिके रहे हैं और यही आगे बढ़ने में हमारी मदद करेगा.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

समाचार चैनलों के संगठन ने सरकार से पैकेज और सरकारी विज्ञापनों के बकाया भुगतान की मांग की

देश में तीन मई तक लागू लॉकडाउन की वजह से समाचार चैनलों के सामने आए भारी आर्थिक संकट का हवाला देते हुए न्यूज़ ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को पत्र लिखा है.

प्रतीकात्मक तस्वीर. (फोटो: रॉयटर्स)

‘राष्ट्रविरोधी’ व्यवहार बढ़ाने वाली सामग्री को लेकर टीवी चैनलों को सरकार की दूसरी चेतावनी

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा 11 दिसंबर को जारी पहले परामर्श की निंदा करते हुए एडिटर्स गिल्ड ने सरकार से इसे वापस लेने का अनुरोध किया था. दूसरा परामर्श जारी होने बाद तृणमूल सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने कहा कि यह सूचना पहुंचाने वाले को ही सजा देना है.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

चैनलों को ‘राष्ट्रविरोधी’ सामग्री के प्रसारण संबंधी दिया परामर्श वापस ले सरकार: एडिटर्स गिल्ड

एडिटर्स गिल्ड का कहना है कि देश में हो रही घटनाओं की ज़िम्मेदार कवरेज के लिए मीडिया की प्रतिबद्धता पर इस तरह के परामर्श से सवाल नहीं उठाया जाना चाहिए. सूचना व प्रसारण मंत्रालय ने सभी निजी टीवी चैनलों से कहा था कि वे ऐसी सामग्री दिखाने से परहेज करें जो ‘राष्ट्र विरोधी रवैये’ को बढ़ावा दे सकती है.

त्रिपुरा की राजधानी अगरतला में नागरिकता संशोधन विधेयक के विरोध में प्रदर्शन. (फोटो: पीटीआई)

पूर्वोत्तर में प्रदर्शन के बीच सरकार ने ‘राष्ट्रविरोधी’ सामग्री को लेकर चैनलों को आगाह किया

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा जारी दिशानिर्देश में कहा गया है कि सभी टीवी चैनलों को सलाह दी जाती है कि वे ऐसी सामग्री के प्रति खासतौर पर सावधानी बरतें, जिनसे हिंसा को प्रोत्साहन मिलता हो या उससे हिंसा भड़कती हो या कानून-व्यवस्था बनाए रखने में समस्या पैदा होने की आशंका हो या फिर ऐसी घटनाएं, जो राष्ट्रविरोधी व्यवहार को बढ़ावा दे रही हों.

Media Bol EP 96

मीडिया बोल, एपिसोड 96: लोकसभा चुनाव में मोदी, मीडिया और मुद्दे

मीडिया बोल की 96वीं कड़ी में उर्मिलेश लोकसभा चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा विभिन्न चैनलों को दिए गए साक्षात्कारों पर वरिष्ठ पत्रकार प्रशांत टंडन और स्वराज इंडिया के अध्यक्ष योगेंद्र यादव से चर्चा कर रहे हैं.

पत्रकार रवीश कुमार। (फोटो: द वायर)

मैं एंटी-मोदी नहीं हूं, मैं बस उनसे सवाल पूछता हूं: रवीश कुमार

द वायर हिंदी के दो साल पूरे होने पर आयोजित द वायर डायलॉग्स में पत्रकार रवीश कुमार से मीनाक्षी तिवारी की बातचीत.

नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी. (फोटो: पीटीआई)

चुनाव आयोग को पता है कि कर्नाटक विधानसभा चुनाव में क्या चल रहा है?

कर्नाटक चुनाव के समय वहां के मीडिया में राज्य के सत्ता पक्ष और केंद्र के सत्ता पक्ष के बीच कैसा संतुलन है, इसकी समीक्षा रोज़ होनी चाहिए थी. चुनाव आयोग कब सीखेगा कि मीडिया कवरेज और बयानों पर कार्रवाई करने और नज़र रखने का काम चुनाव के दौरान होना चाहिए न कि चुनाव बीत जाने के तीन साल बाद.

Kolkata: Ministry of Information and Broadcasting Smriti Irani addresses the media over the 'violence during nomination paper filing for West Bengal Panchayat Elections' at Party State Head office in Kolkata on Friday evening. PTI Photo(PTI4_6_2018_000176B)

सेट टॉप बॉक्स में चिप लगाकर सरकार जानेगी कि टीवी पर क्या देख रहे हैं आप

सेट टॉप बॉक्स में नई चिप लगने के बाद सभी ग्राहकों का डेटा सरकार हासिल कर सकेगी, लेकिन इसके लिए ग्राहकों से कोई मंज़ूरी नहीं ली जाएगी. कांग्रेस ने कहा कि मोदी सरकार बन गई है निगरानी सरकार.

प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स

दो निर्दोष युवाओं को आतंकी बताने पर समाचार चैनल पर मामला दर्ज

9 जनवरी को सुरक्षा बल के साथ मुठभेड़ में आतंकी फरहान वई की मौत होने पर चैनल ने दो निर्दोष युवाओं को इस ख़बर में आतंकी बताया था.

Vinod Dua EP 59

जन गण मन की बात, एपिसोड 59: समाचार चैनलों पर पाकिस्तान से जंग और आदर्श ग्राम योजना

जन गण मन की बात की 59वीं कड़ी में विनोद दुआ समाचार चैनलों पर पाकिस्तान से जंग को लेकर हो रही बहस और सांसद आदर्श ग्राम योजना पर चर्चा कर रहे हैं.

People look out from a window as they watch a protest against the recent killings in Kashmir, on the outskirts of Srinagar

कश्मीर घाटी में ऐसा क्या हुआ कि 2014 के बाद हालात तेज़ी से ख़राब होने लगे?

कश्मीर के मामले में मोदी सरकार ने न तो पहले की सरकारों की विफलताओं से कोई सबक लिया और न ही कामयाबियों से.

UP Poll 2

चुनाव नतीजों की भविष्यवाणी पर निर्वाचन आयोग ने लगाई रोक

निर्वाचन आयोग ने मीडिया संस्थानों को सख़्त निर्देश दिए हैं कि वो किसी भी चुनाव के नतीजों से जुड़ी ज्योतिषियों, टैरो कार्ड रीडर और पंडितों की भविष्यवाणी को प्रसारित न करें.