ट्विटर इंडिया

प्रशांत भूषण. (फोटो: ट्विटर)

प्रशांत भूषण ने 1 रुपये का जुर्माना भरा, कहा- इसका मतलब ये नहीं कि फैसला स्वीकार कर लिया

सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण को न्यायपालिका एवं जजों को लेकर अपने दो ट्वीट के चलते अदालत की अवमानना का दोषी क़रार दिया गया था और एक रुपये जुर्माने की सज़ा दी गई थी.

प्रशांत भूषण. (फाइल फोटो: पीटीआई)

अवमानना मामला: दो​षसिद्धि के ख़िलाफ़ अपील का अधिकार पाने के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंचे भूषण

सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण को न्यायपालिका एवं जजों को लेकर अपने दो ट्वीट के चलते अदालत की अवमानना का दोषी क़रार दिया गया था और 31 अगस्त को एक रुपये जुर्माने की सज़ा दी गई थी.

New Delhi: Activist-lawyer Prashant Bhushan addreses a press conference, after Supreme Court imposed a token fine of one rupee as punishment in a contempt case against him, in New Delhi, Monday, Aug. 31, 2020. (PTI Photo/Kamal Kishore)(PTI31-08-2020_000105B)

अदालत की अवमानना का अधिकार क्षेत्र ख़तरनाक, इस व्यवस्था को ख़त्म होना चाहिए: प्रशांत भूषण

बीते दिनों अवमानना के दोषी ठहराए गए वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि लोकतंत्र में न्याय प्रणाली और कोर्ट के कामकाज से वाक़िफ़ हर नागरिक को स्वतंत्र रूप से अपने विचार रखने में सक्षम होना चाहिए, लेकिन दुर्भाग्य से उसे अदालत की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला बताकर अवमानना के रूप में लिया जाता है.

प्रशांत भूषण. (फोटो: ट्विटर)

सुप्रीम कोर्ट के फैसले को स्वीकार करते हुए मैं एक रुपये का जुर्माना भर दूंगा: प्रशांत भूषण

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस अरुण मिश्रा की पीठ ने ट्विटर पर की गई दो टिप्पणियों के लिए अवमानना के दोषी ठहराए गए वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण को 15 सितंबर तक एक रुपये का जुर्माना भरने की सज़ा सुनाई है. जुर्माना न देने पर उन्हें तीन महीने जेल होगी और तीन साल तक वकालत करने से रोक दिया जाएगा.

(फोटो: पीटीआई)

अवमानना मामले में सुप्रीम कोर्ट ने वकील प्रशांत भूषण पर एक रुपये का जुर्माना लगाया

ट्विटर पर की गई दो टिप्पणियों के लिए अवमानना के दोषी ठहराए गए वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण को सज़ा सुनाते हुए जस्टिस अरुण मिश्रा की पीठ ने निर्देश दिया कि 15 सितंबर तक जुर्माना न देने पर उन्हें तीन महीने जेल होगी और तीन साल तक वकालत करने से रोक दिया जाएगा.

(फोटो: पीटीआई)

भूषण अवमानना केस: सुप्रीम कोर्ट ने फ़ैसला सुरक्षित रखा, पूछा- माफ़ी मांगने में ग़लत क्या है

दो ट्वीट्स के लिए अवमानना के दोषी ठहराए गए वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण द्वारा माफ़ी मांगने से इनकार के बाद उनकी सज़ा को लेकर हुई सुनवाई में जस्टिस अरुण मिश्रा ने कहा कि अगर आप माफ़ी मांगते हैं तो गांधीजी की श्रेणी में आएंगे. ऐसा करने में छोटा महसूस करने जैसा कुछ नहीं है.

प्रशांत भूषण. (फाइल फोटो: पीटीआई)

भूषण अवमानना केस: सुप्रीम कोर्ट ने 11 साल पुराने मामले को उचित पीठ के पास भेजने को कहा

सुप्रीम कोर्ट पीठ की अगुवाई कर रहे जस्टिस अरुण मिश्रा ने कहा कि वे रिटायर होने वाले हैं और अब उनके पास समय नहीं है, इसलिए मुख्य न्यायाधीश के आदेश के अनुसार इस मामले को 10 सितंबर को उचित पीठ के पास भेजा जाए.

प्रशांत भूषण. (फोटो: द वायर)

अवमानना मामला: प्रशांत भूषण का माफ़ी से फिर इनकार, कहा- ऐसा करना मेरी अंतरात्मा की अवमानना होगी

ट्विटर पर की गई दो टिप्पणियों के लिए अवमानना के दोषी ठहराए गए वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण को सुप्रीम कोर्ट ने पुनर्विचार का समय दिया था. भूषण ने अपने पूरक बयान में कहा है कि यदि वे अपने उन बयानों, जो उनके विचार में सही हैं, को वापस लेंगे या माफ़ी मांगेंगे, तो यह उनकी अंतरात्मा को गवारा नहीं होगा.

पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण शौरी. (फोटो: द वायर)

कोर्ट का मान ट्वीट से नहीं, जजों के काम और उनके फ़ैसलों से घटता है: अरुण शौरी

वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण को अदालत की अवमानना का दोषी ठहराए के सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले पर पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण शौरी ने कहा कि इससे पता चलता है कि लोकतंत्र का यह स्तंभ इतना खोखला हो चुका है कि महज़ दो ट्वीट से इसकी नींव हिल सकती है.

Prashant Bhushan, a senior lawyer, speaks with the media after a verdict on right to privacy outside the Supreme Court in New Delhi, India August 24, 2017. REUTERS/Adnan Abidi

अवमानना मामला: प्रशांत भूषण ने कहा- न मैं माफ़ी मांगता हूं और न ही कोई उदारता बरतने की अपील है

बीते 14 अगस्त को अवमानना के दोषी ठहराए गए प्रशांत भूषण ने सुप्रीम कोर्ट को दिए अपने बयान में कहा कि उन्हें दुख है कि जिस अदालत की महिमा क़ायम रखने के लिए वे तीन दशकों से काम करते आ रहे हैं, उन्हें उसी की अवमानना का दोषी माना गया है. कोर्ट ने भूषण को अपने बयान पर 2-3 दिन पुनर्विचार कर जवाब देने को कहा है.

जस्टिस कुरियन जोसेफ (फोटो: पीटीआई)

अवमानना मामले की सुनवाई पर जस्टिस जोसेफ ने उठाए सवाल, कहा- संवैधानिक पीठ द्वारा सुना जाना चाहिए

सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस कुरियन जोसेफ ने कहा कि भारत के संविधान की व्याख्या पर क़ानून के मूलभूत सवालों के मद्देनज़र और इसके मौलिक अधिकारों पर पड़ने वाले गंभीर प्रभावों को ध्यान में रखते हुए इन विषयों को संविधान पीठ द्वारा सुना जाना चाहिए.

(फोटो: पीटीआई)

भूषण अवमानना मामला: 1,500 वकीलों ने की मांग, न्याय की विफलता को रोके अदालत

देश भर के क़रीब डेढ़ हज़ार वकीलों ने अवमानना के मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा प्रशांत भूषण को दोषी ठहराए जाने पर कहा कि अवमानना का डर दिखाकर यदि वकीलों को चुप कराया जाता है, तो इससे कोर्ट की ताकत और स्वतंत्रता प्रभावित होगी.

(फोटो: रॉयटर्स)

सार्वजनिक रूप से जजों पर भ्रष्टाचार के आरोप कब लगाए जा सकते हैं, सुप्रीम कोर्ट करेगा फैसला

वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण के ख़िलाफ़ चल रहे साल 2009 के अवमानना मामले के संबंध में सुप्रीम कोर्ट ने कुछ सवाल तय किए हैं. भूषण की ओर से पेश हुए वकील ने कहा है कि जजों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाने से अवमानना का मामला नहीं बनता है.

प्रशांत भूषण. (फाइल फोटो: पीटीआई)

सुप्रीम कोर्ट ने प्रशांत भूषण को अदालत की अवमानना का दोषी ठहराया

प्रशांत भूषण ने मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे और सुप्रीम कोर्ट को लेकर दो ट्वीट किए थे, जिसे लेकर अवमानना कार्यवाही चल रही थी. सुप्रीम कोर्ट 20 अगस्त को सज़ा पर सुनवाई करेगा और वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण की दलीलों को सुनेगा.

अरुण शौरी, एन. राम और प्रशांत भूषण. (फोटो: द वायर/पीटीआई)

अवमानना क़ानून को चुनौती देने वाली याचिका वापस ली गई, सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट जाने की छूट दी

पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण शौरी, वरिष्ठ पत्रकार एन. राम और कार्यकर्ता एवं वकील प्रशांत भूषण ने याचिका दायर कर अदालत की अवमानना क़ानून, 1971 को चुनौती दी थी और कहा था कि यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और समानता के अधिकार का उल्लंघन है.