डब्ल्यूएचओ

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जिन लोगों में कोविड-19 के लक्षण नहीं, उनकी जांच भी ज़रूरी: डब्ल्यूएचओ

डब्ल्यूएचओ की टेक्निकल लीड मारिया वान केरखोवे ने कोविड टेस्टिंग पर ज़ोर देते हुए कहा कि यह चिंता का विषय है कि लोग अब शारीरिक दूरी के नियमों का कड़ाई से पालन नहीं कर रहे. मास्क पहनने के बाद भी कम से कम एक मीटर की दूरी बनाए रखना ज़रूरी है.

New Delhi: Members of the Tablighi Jamaat show victory sign as they leave in a bus from LNJP hospital for the quarantine centre during the nationwide lockdown, in wake of the coronavirus pandemic, in New Delhi, Tuesday, April 21, 2020.

संभावना है कि तबलीग़ी जमात के विदेशी सदस्यों को बलि का बकरा बनाया गया: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट की औरंगाबाद पीठ ने तबलीग़ी जमात के 29 विदेशी सदस्यों के ख़िलाफ़ दर्ज एफ़आईआर रद्द करते हुए कहा कि दिल्ली में जमात के कार्यक्रम में शामिल होने आए विदेशियों के ख़िलाफ़ मीडिया में दुष्प्रचार किया गया और ऐसी छवि बनाने की कोशिश की गई कि ये ही भारत में कोविड-19 फ़ैलाने के ज़िम्मेदार थे.

(फोटोः पीटीआई)

भारत में कोरोना टेस्टिंग की दर दूसरे देशों की तुलना में काफी कम: डब्ल्यूएचओ वैज्ञानिक

डब्ल्यूएचओ की प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. सौम्या स्वामीनाथन देश में कोविड टेस्टिंग की अपेक्षाकृत कम दर को लेकर कहा कि पर्याप्त संख्या में जांच किए बगैर कोरोना वायरस से निपटना आंख पर पट्टी बांधकर आग से लड़ने के समान है.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप. (फोटो: रॉयटर्स)

अमेरिका कोविड-19 के ख़िलाफ़ बहुत अच्छा कर रहा है, भारत में बेहद समस्या: ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका कोविड-19 वैश्विक महामारी के ख़िलाफ़ बहुत अच्छा कर रहा है जबकि भारत इस बीमारी से लड़ने में ज़बरदस्त समस्या का सामना कर रहा है. साथ ही चीन में भी संक्रमण के मामलों में उछाल देखने को मिल रहा है.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप. (फोटो: रॉयटर्स)

जुलाई 2021 तक डब्ल्यूएचओ से अलग हो जाएगा अमेरिका: ट्रंप प्रशासन

अमेरिका विश्व स्वास्थ्य संगठन पर लगातार कोविड-19 को लेकर चीन का पक्ष लेने का आरोप लगाता रहा है. यह वैश्विक महामारी पिछले साल चीन के वुहान शहर से ही शुरू हुई थी. डब्ल्यूएचओ ने इन आरोपों को ख़ारिज किया है.

ब्राजील के राष्ट्रपति जेयर बोल्सोनारो. (फोटो: रॉयटर्स)

कोरोना पॉजिटिव पाए गए ब्राजील के राष्ट्रपति जेयर बोल्सोनारो

ब्राजील के राष्ट्रपति जेयर बोल्सोनारो कोरोना महामारी को आम फ्लू बताकर उसकी भयावहता को कम आंकते नज़र आए हैं. बीते सोमवार को लक्षण दिखने के बाद उनका कोविड-19 का टेस्ट कराया गया था.

विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख डॉ. टेड्रोस एडनम घेब्रेसियस (फोटो: रॉयटर्स)

कोविड-19: दुनिया में ऑक्सीज़न सिलेंडर की कमी पर डब्ल्यूएचओ ने जताई चिंता

कोरोना वायरस के मरीज़ों को सांस लेने में तकलीफ़ का सामना करना पड़ता है और उन्हें ऑक्सीज़न सपोर्ट की ज़रूरत पड़ती है. विश्व स्वास्थ्य संगठन प्रमुख ने कहा कि अनेक देशों के पास ऑक्सीज़न के लिए ज़रूरी उपकरणों का अभाव है और 80 फ़ीसदी से ज्यादा बाज़ार पर कुछ ही कंपनियों का क़ब्ज़ा है.

विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख डॉ. टेड्रोस एडनम घेब्रेसियस (फोटो: रॉयटर्स)

हम कोविड-19 के नए और ख़तरनाक चरण में हैं: डब्ल्यूएचओ प्रमुख

डब्ल्यूएचओ प्रमुख टेड्रोस एडेहनम ग्रेब्रेयेसस ने कहा कि विषाणु अब भी तेजी से फैल रहा है और भौतिक दूरी, मास्क लगाने तथा हाथ धोने जैसे कदम आज भी महत्वपूर्ण हैं.

ब्राजील के राष्ट्रपति जेयर बोल्सानारो. (फोटो: रॉयटर्स)

अमेरिका के बाद ब्राजील ने दी डब्ल्यूएचओ छोड़ने की धमकी

कोरोना वायरस महामारी से संबंधित जानकारी छिपाने के लिए चीन के साथ कथित तौर पर मिलीभगत करने का आरोप लगाते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले सप्ताह विश्व स्वास्थ्य संगठन के साथ सभी संबंध तोड़ लिए थे.

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक टेड्रोस एडेहनम ग्रेब्रेयेसुस. (फाइल फोटो: रॉयटर्स)

कोरोना महामारी के शुरुआती दिनों में महत्वपूर्ण जानकारी देने में चीन ने देरी की थी: रिपोर्ट

आंतरिक दस्तावेजों से इस बात का खुलासा हुआ है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन की बैठकों में चीन की सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली के भीतर सूचना और प्रतिस्पर्धा पर सख्त नियंत्रण को काफी हद तक दोष दिया गया था. हालांकि संगठन सार्वजनिक रूप से कोरोना वायरस से संबंधित जानकारी तुरंत उपलब्ध कराने के लिए चीन की लगातार सराहना करता रहा है.

Agartala: People maintain social distance during distribution of essential items and masks by CRPF personnel, amid the nationwide lockdown to curb the spread of coronavirus, in Agartala, Wednesday, April 22, 2020. (PTI Photo)(PTI22-04-2020_000097B)

शारीरिक दूरी, मास्क और आंखों की रक्षा से हो सकता है कोविड-19 से बचाव: लांसेट

कोरोना वायरस को लेकर एक समीक्षा मेडिकल जर्नल लांसेट में प्रकाशित हुई है. अनुसंधानकर्ताओं ने बताया कि मौजूदा सबूतों की यह व्यवस्थित समीक्षा विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा कराई गई है.

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कोरोना वायरस के स्रोत का पता लगाने के लिए भारत सहित 62 देशों ने प्रस्ताव पेश किया

यह प्रस्ताव 35 देशों और यूरोपीय संघ के 27 सदस्य देशों की ओर से पेश किए गए सात पेज के मसौदा प्रस्ताव का हिस्सा है. अमेरिका और चीन इस प्रस्ताव का हिस्सा नहीं हैं.

विश्व स्वास्थ्य संगठन के आपात संबंधी मामलों के प्रमुख डॉ. माइकल रेयान. (फोटो: रॉयटर्स)

हो सकता है कोरोना वायरस कभी न जाए: विश्व स्वास्थ्य संगठन

विश्व स्वास्थ्य संगठन के आपात परिस्थिति संबंधी प्रमुख डॉ. माइकल रायन ने कहा कि यह अनुमान लगाना असंभव है कि इस वैश्विक महामारी पर कब तक नियंत्रण पाया जा सकेगा.

विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख डॉ. टेड्रोस एडनम घेब्रेसियस (फोटो: रॉयटर्स)

अप्रैल में कोविड-19 संक्रमण के रोजाना 80,000 मामले सामने आए: डब्ल्यूएचओ प्रमुख

विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख ने चेताया है कि लॉकडाउन से निकल रहे देश अगर बहुत व्यवस्थित और चरणबद्ध तरीके से लॉकडाउन को नहीं हटाएंगे तो उन्हें दोबारा लॉकडाउन में जाना पड़ सकता है.

नई दिल्ली का निज़ामुद्दीन मरकज इलाका. (फोटो: पीटीआई)

कोविड-19 संक्रमण की आपराधिक जवाबदेही तबलीग़ी जमात के माथे ही क्यों है?

डब्ल्यूएचओ कहता है कि नागरिकों का स्वास्थ्य सरकारों की प्राथमिक ज़िम्मेदारी है. लेकिन भारत सरकार के यात्राओं पर प्रतिबंध, हवाई अड्डों पर सबकी स्क्रीनिंग के निर्णय में हुई देरी पर बात नहीं हुई, न ही कोविड जांच की बेहद कम दर की बात उठी. जमात ने ग़लती की है पर क्या सरकारों को कभी उनकी नाकामियों के लिए जवाबदेह ठहराया जाएगा?