डॉलर

​​(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

कोरोना लॉकडाउन: वित्त वर्ष 2020-21 में भारत की आर्थिक विकास दर 1.6 फीसदी पर आ सकती है

वैश्विक बैंकिंग समूह गोल्डमैन सैश के अर्थशास्त्रियों ने कहा कि भारत सरकार ने अभी तक आर्थिक संकट को लेकर आक्रामक रवैया नहीं दिखाया है. प्रयासों को तेज करने की जरूरत है.

रघुराम राजन (फोटो:रॉयटर्स)

आजादी के बाद सबसे बड़े आर्थिक आपातकाल के दौर में देश: रघुराम राजन

आरबीआई के पूर्व गवर्नर एवं अर्थशास्त्री रघुराम राजन ने कोरोना वायरस के कारण पैदा हुई चुनौतियों पर कहा कि सरकार राजनीतिक विभाजन की रेखा को लांघ कर विपक्ष से भी मदद ले सकती है, जिसके पास पिछले वैश्विक वित्तीय संकट से देश को निकालने का अनुभव है.

(फोटो: पीटीआई)

विदेशी मुद्रा भंडार में 12 अरब डॉलर की कमी आई: रिजर्व बैंक आंकड़े

पिछले छह महीनों में देश के विदेशी मुद्रा भंडार में आई पहली गिरावट है. इससे पहले 20 सितंबर, 2019 को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट आई थी.

Srinagar: A man walks outside closed shops during restrictions in Srinagar, Friday, March 20, 2020. Authorities imposed restrictions on second day as a precautionary measures after first case of coronavirus was detected in the Valley. (PTI Photo/S. Irfan)(PTI20-03-2020 000132B)

कोरोना वायरस से उपजे भीषण आर्थिक आघात का सामना करने के लिए देश को तैयार रहना होगा

जब सरकार कोरोना वायरस से मुक़ाबला करने के लिए आर्थिक गतिविधियां बंद करेगी तब मालूम होगा कि इससे बेरोज़गारी और बढ़ेगी, साथ ही लोगों की कमाई में गिरावट आएगी. ऐसे में देश के दिहाड़ी मज़दूरों और स्वरोज़गार में लगे लोगों के लिए इनकम ट्रांसफर सरकार की प्राथमिकता में होना चाहिए.

People watch finance minister Nirmala Sitharaman as she delivers her Union Budget 2019-20 speech, at Vashi in Navi Mumbai, on July 5. Photo: PTI

बजट में दीर्घकालिक विकास के लिए रणनीति नहीं दिखाई देती

मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला बजट काफी अच्छी-अच्छी बातें करता है, लेकिन जब एक बड़ी तस्वीर बनाने की कोशिश करते हैं, तो इसमें काफी दरारें दिखाई देती हैं.

(फोटो: पीटीआई)

डॉलर के मुकाबले रुपया पहुंचा 75 के करीब, अब तक की सबसे बड़ी गिरावट

शुरुआती कारोबार में रुपया 24 पैसे गिरकर 74.45 के सर्वकालिक निचले स्तर पर पहुंच गया है. वहीं सेंसेक्स 1,030 अंक गिरकर 34,000 अंक के स्तर से नीचे चला गया.

Narendra Modi at Amul Plant Twitter namo featured

रुपया 73 पर, बेरोज़गारी आसमान पर और प्रधानमंत्री इवेंट पर

अनिल अंबानी समूह पर 45,000 करोड़ रुपये का कर्जा है. अगर आप किसान होते और पांच लाख का कर्जा होता तो सिस्टम आपको फांसी का फंदा पकड़ा देता. अनिल अंबानी राष्ट्रीय धरोहर हैं. ये लोग हमारी जीडीपी के ध्वजवाहक हैं. भारत की उद्यमिता की प्राणवायु हैं.

(फोटो: पीटीआई)

रुपये में अचानक गिरावट अथवा मज़बूती आना ठीक नहीं: स्टेट बैंक

बीते 23 अगस्त को घरेलू मुद्रा के शुरुआती कारोबार में फिर गिरावट देखी गई और रुपया 70 के पार चला गया. डॉलर के मुकाबले यह 27 पैसे गिरकर 70.08 पर खुला.

Indian Prime Minister Narendra Modi (R) listens to Finance Minister Arun Jaitley during the Global Business Summit in New Delhi, India, in this January 16, 2015 file photo. After a drubbing in a state poll in November, Modi wants to overhaul his cabinet to weed out underperformers and improve his government's image. Problem is, several sources said, he can't find the right replacements.   REUTERS/Anindito Mukherjee/Files

ये मोदी सरकार के वित्तीय कुप्रबंधन का नतीजा है कि हमारा रुपया लुढ़क रहा है

अमेरिकी डॉलर के मुक़ाबले भारतीय रुपया तेजी से कमज़ोर हो रहा है. इसके तमाम बाह्य कारण भी हैं लेकिन पिछले चार सालों के दौरान बेहतर परिस्थितियों का फ़ायदा न उठा पाने और हर बात के लिए पिछली सरकार के करे-धरे को ज़िम्मेदार ठहराने की प्रवृति के चलते अर्थव्यवस्था की हालत ख़राब हुई है.

Black money BJP poster Twitter

‘मोदी सरकार आर्थिक मोर्चे पर पूरी तरह से फेल हुई है’

वीडियो: डॉलर के मुकाबले रुपये में आई ऐतिहासिक गिरावट और नोटबंदी के एक साल बाद स्विस बैंक में जमा भारतीयों के पैसे में 50 प्रतिशत के इज़ाफ़े पर द वायर के संस्थापक संपादक एमके वेणु से अमित सिंह की बातचीत.

New Delhi: Prime Minister Narendra Modi and former prime minister Manmohan Singh after paying tributes to Babasaheb B R Ambedkar on the occasion of his 127th birth anniversary, at Parliament House in New Delhi on Saturday. PTI Photo by Atul Yadav (PTI4_14_2018_000022B)

मोदी के राज में रुपया मनमोहन के राज से भी कमज़ोर हो चुका है

अब तक भारतीय रुपये का रिकॉर्ड 28 अगस्त 2013 का बताया जाता है जब एक डॉलर की कीमत 68 रुपये 83 पैसे हो गई थी. बुधवार को यह 68 रुपये 63 पैसे हो गई. आज 69 रुपया हो गया है.

Modi Global Entrepreneurship Summit 2017 PTI

क्या 2019 में मोदी को अर्थव्यवस्था की बदहाली की कीमत चुकानी पड़ सकती है?

नोटबंदी के फ़ैसले के बाद से अर्थव्यवस्था के और अधिक वित्तीयकरण के प्रयासों का परिणाम होगा कि आगे किसी भी वैश्विक आर्थिक संकट के दौरान देश की अर्थव्यवस्था को ज़्यादा चोट पहुंच सकती है.

YV Reddy Reuters

गठबंधन सरकारों ने पूर्ण बहुमत वाली सरकारों से बेहतर आर्थिक वृद्धि दी: पूर्व आरबीआई गवर्नर

भारतीय रिज़र्व बैंक के पूर्व गवर्नर वाईवी रेड्डी ने कहाकि वर्ष 2008 का वित्त आर्थिक संकट अभी तक टला नहीं है.