दलितों के खिलाफ अत्याचार

शिव कुमार. (फोटो: ट्विटर)

हिरासत में प्रताड़ना झेलने वाले मजदूर अधिकार कार्यकर्ता शिव कुमार को सभी मामलों में ज़मानत मिली

दलित अधिकार कार्यकर्ता नवदीप कौर के साथ काम करने वाले मजदूर अधिकार कार्यकर्ता शिव कुमार को एक औद्योगिक इकाई के ख़िलाफ़ संगठन बनाकर विरोध करने के लिए दर्ज दो मामलों में तीन मार्च और एक मामले में 4 मार्च को ज़मानत मिल गई. 12 जनवरी को कौर की गिरफ़्तारी के बाद शिव कुमार को हिरासत में लिया गया था.

शिव कुमार और नवदीप कौर (फोटोः ट्विटर)

अधिकार कार्यकर्ता नवदीप कौर की ज़मानत के बाद शिव कुमार को भी राहत मिलने की परिवार को उम्मीद

नवदीप कौर और शिव कुमार दोनों मज़दूर अधिकार संगठन के सदस्य हैं. दोनों को जनवरी में गिरफ़्तार किया गया था. आरोप है कि दोनों कृषि क़ानून के विरोध में हो रहे किसान आंदोलन को लेकर लोगों को एकजुट कर रहे थे, जिसकी वजह से उन्हें गिरफ़्तार किया गया.

उन्नाव के बबुरहा गांव में घटनास्थल पर पुलिसकर्मी. (फोटो: पीटीआई)

उन्नाव मामलाः पीड़िता ने कहा- यौन उत्पीड़न का प्रयास नहीं, ज़हर दिया गया

बीते हफ्ते उन्नाव ज़िले के बबुरहा गांव में तीन लड़कियां अचेत अवस्था में मिली थीं, जिनमें से दो की मौत हो गई और एक अस्पताल में है. पुलिस के अनुसार मामले में गिरफ़्तार एक युवक ने स्वीकारा है कि उसने उपचाराधीन युवती के फोन नंबर देने से मना करने पर नाराज़ होकर पानी में कीटनाशक मिलाया, जिसे तीनों ने पिया था.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

उन्नाव मामला: आठ ट्विटर खातों के ख़िलाफ़ एफ़आईआर होने के बाद पत्रकार ने इसे उत्पीड़न बताया

बीते 17 फरवरी को उन्नाव ज़िले के बबुरहा गांव में दलित समुदाय की तीन लड़कियां बेसुध अवस्था में मिली थीं, जिनमें से दो की मौत हो चुकी है, जबकि एक का इलाज चल रहा है. इससे पहले ट्विटर पर भ्रामक और अफ़वाह फैलाने वाली पोस्‍ट करने के आरोप में पूर्व सांसद एवं कांग्रेस नेता उदित राज के ख़िलाफ़ भी एफ़आईआर दर्ज की थी.

पोस्टमार्टम के दौरान अस्पताल के बाहर तैनात सुरक्षाकर्मी. (फोटो: पीटीआई)

उन्नाव हत्या: पुलिस ने कहा- युवती के नंबर देने से इनकार पर नाराज़ युवक ने दिया कीटनाशक

उन्नाव के बबुरहा गांव की दलित युवतियों को ज़हर देने के मामले को सुलझाने का दावा करते हुए पुलिस का कहना है कि आरोपी युवक उपचाराधीन 17 साल की युवती को पसंद करता था और युवती के फोन नंबर देने से मना करने से पर उसने नाराज़ होकर पानी में कीटनाशक मिला दिया, जिसे तीनों लड़कियों ने पी लिया.

पोस्टमार्टम के दौरान अस्पताल के बाहर तैनात सुरक्षाकर्मी. (फोटो: पीटीआई)

उन्नाव: मृत लड़कियों के शरीर पर नहीं मिले चोट के निशान, हत्या का मामला दर्ज

उन्नाव ज़िले के बबुरहा गांव में दो किशोरियों की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस का कहना है कि मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है और न ही उनके शरीर पर चोट का कोई निशान मिला है. हालांकि मृतकाओं के शरीर में ज़हरीला पदार्थ मिलने की पुष्टि हुई है. राज्य मानवाधिकार आयोग ने इस बारे में रिपोर्ट तलब की है.

Jammu: Youngsters hold placards to create awareness on gender equality, ahead of the International Day of the Girl Child on Oct.11, in Jammu district, Saturday, Oct. 10, 2020. (PTI Photo)(PTI10-10-2020 000024B)

यूपी: संदिग्ध अवस्था में खेत में अचेत मिली तीन युवतियों में से दो की मौत, एक की हालत गंभीर

घटना उन्नाव ज़िले के बबुरहा गांव की है, जहां चारा लेने गई एक परिवार की तीन युवतियों के घर न लौटने पर परिवार ने खोजबीन के दौरान उन्हें एक खेत में अचेत पाया. उनके हाथ भी बंधे थे. पुलिस का कहना है कि प्रथमदृष्टया मामला ज़हर खाने का लग रहा है. जांच के लिए छह टीमें बनाई गई हैं.

(प्रतीकात्मक फोटो साभार: विकिपीडिया)

उत्तर प्रदेश: क​थित तौर पर पत्ते तोड़ने को लेकर हुई पिटाई के बाद दलित युवक ने आत्महत्या की

उत्तर प्रदेश के फतेहपुर ज़िले की घटना. आरोप है कि दलित युवक ने अपनी बकरियों को खिलाने के लिए आम के पेड़ से पत्ते तोड़े थे, जिसके बाद आरोपियों ने उसकी पिटाई की थी. पुलिस ने केस दर्ज कर दो आरोपियों को गिरफ़्तार कर लिया है.

हाथरस गैंगरेप पीड़िता का अंतिम संस्कार करते पुलिसकर्मी. (फोटो: पीटीआई)

हाथरस मामले में सीबीआई ने चार्जशीट दायर की, चारों आरोपियों पर गैंगरेप व हत्या के आरोप

उत्तर प्रदेश के हाथरस ज़िले में 14 सितंबर को ठाकुर जाति के चार युवकों ने कथित तौर पर एक दलित युवती से बलात्कार कर बेरहमी से मारपीट की थी, जिसके बाद इलाज के दौरान पीड़िता की मौत हो गई थी. सीबीआई ने अभियुक्तों पर एससी/एसटी एक्ट के तहत भी आरोप भी लगाए हैं.

Chhatarpur

मध्य प्रदेश: कथित तौर पर खाना छूने पर दलित युवक की पिटाई के बाद मौत

मध्य प्रदेश के छतरपुर ज़िले के गौरीहार थाना क्षेत्र का मामला. पुलिस ने बताया कि मामले के दोनों आरोपी फ़रार है, उनकी तलाश की जा रही है.

लखनऊ में पीयूसीएल के सदस्यों की प्रेस कॉन्फ्रेंस (फोटोः इस्मत आरा)

हाथरस का पीड़ित परिवार सुरक्षित नहीं, अफ़सरों पर चले मुक़दमा: नागरिक अधिकार संस्था

नागरिक अधिकार संस्था ने पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज़ ने उत्तर प्रदेश के हाथरस में दलित युवती के साथ कथित सामूहिक बलात्कार और हत्‍या के मामले में अपनी जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की है. संस्था का कहना है परिवार नज़रबंद जैसी स्थितियों में रह रहा है. सीबीआई को मामले में पुलिस की भूमिका की भी जांच करनी चाहिए.

Bhavnagar

गुजरातः रिक्शा चलाने से कथित तौर पर इनकार करने से दलित युवक की अपहरण के बाद हत्या

गुजरात के भावनगर ज़िले के मातलपुर गांव की घटना. एफ़आईआर में आरोप लगाया गया है कि मृतक दलित थे और उन्होंने काम करने से इनकार कर दिया था, इसलिए उनकी हत्या कर दी गई. मृतक पर चार आपराधिक मामले दर्ज थे और एक आरोपी की चचेरी बहन से छेड़खानी का भी आरोप था.

Amethi

उत्तर प्रदेशः पैसों को लेकर विवाद में दलित ग्राम प्रधान के पति को कथित तौर पर ज़िंदा जलाया

यह अमेठी के बंदुहिया गांव की घटना है, जहां आरोप है कि सवर्ण जाति के पांच-छह लोगों ने दलित ग्राम प्रधान के पति को अगवा कर मारपीट की और उन्हें ज़िंदा जला दिया. प्रधान के परिवार का कहना है कि आरोपी सरकारी धन उगाहने को लेकर धमकाया करते थे. पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ़्तार किया है.

गाजियाबाद के करहैड़ा गांव में बौद्ध धर्म की दीक्षा लेते बाल्मीकि समुदाय के लोग. (फोटो साभार: ट्विटर/@Raj_Ambedkar)

ग़ाज़ियाबादः वाल्मीकि समुदाय के 236 लोगों के धर्म परिवर्तन मामले में एफ़आईआर दर्ज

उत्तर प्रदेश के हाथरस में दलित युवती के कथित बलात्कार और मौत के बाद प्रशासन के व्यवहार से आहत ग़ाज़ियाबाद के करहैड़ा गांव के दलित समुदाय के 236 लोगों ने बीते 14 अक्टूबर को हिंदू धर्म छोड़कर बौद्ध धर्म स्वीकार कर लिया था.

हाथरस गैंगरेप पीड़िता का अंतिम संस्कार करते पुलिसकर्मी. (फोटो: पीटीआई)

गाज़ियाबाद: हाथरस मामले से आहत वाल्मीकि समुदाय के 236 लोगों ने बौद्ध धर्म अपनाया

गाज़ियाबाद के करहैड़ा गांव में बौद्ध धर्म अपनाने वाले एक शख़्स ने कहा कि उन्होंने पहले भी धर्म परिवर्तन पर विचार किया था लेकिन हाथरस की घटना ने उन्हें बुरी तरह हिला दिया. इन सभी 236 लोगों ने डॉ. बीआर आंबेडकर के परपौत्र राजरत्न आंबेडकर की मौजूदगी में बौद्ध धर्म अपनाया है.