दलित

अलीगढ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के गेट पर एक विरोध प्रदर्शन (फाइल फोटो: पीटीआई)

एएमयू को लेकर विवाद ज़रूर नया है पर षड्यंत्र वही पुराना है

इस समय इरादा मुसलमानों से जुड़ी हर जगह को संदिग्ध बनाने का है. उसका तरीक़ा है उन्हें विवादित बनाना. एक बार कुछ भी विवादित हो जाए तो उसमें दूसरा पक्ष जायज़ हो जाता है, जैसे बाबरी मस्जिद को विवादित बनाकर अब संघ के संगठन एक जायज़ पक्षकार बन बैठे हैं.

Mumbai: A top angle view of the Mumbai city, Wednesday, Oct 17, 2018. (PTI Photo/Mitesh Bhuvad) (PTI10_17_2018_000055B)

देश के उच्च जाति के हिंदू सबसे अमीर, कुल संपत्ति के 41% के मालिक: रिपोर्ट

जेएनयू, सावित्रीबाई फुले पुणे यूनिवर्सिटी और भारतीय दलित अध्ययन संस्थान द्वारा दो साल तक किए एक अध्ययन में सामने आया है कि देश की कुल संपत्ति का 41 प्रतिशत हिंदू उच्च जातियों और 3.7 प्रतिशत अनुसूचित जनजाति के हिंदुओं के पास है.

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उत्तर प्रदेश: सवर्णों ने नहीं निकलने दी दलित की बारात

मथुरा के नौहझील थाना क्षेत्र का मामला. दुल्हन के परिजनों का आरोप है कि रविवार को वाल्मीकि समुदाय की एक लड़की की शादी थी, जहां गांव के दबंग ब्राह्मणों ने बारात को आने से रोका. पुलिस का कहना है कि ब्राह्मणों के माफ़ी मांगने के बाद दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया है.

रोहित वेमुला. (फोटो साभार: फेसबुक)

रोहित वेमुला: मुल्क के विवेक पर एक चिट्ठी की दस्तक के तीन साल

तीन साल हो गए, जब रोहित वेमुला के आख़िरी खत ने इस मुल्क के ज़मीर को झकझोर दिया. कम से कम उसकी आवाज़ हर उस दिमाग तक पहुंची जिसमें देखने की एक निगाह और सोचने के लिए कुछ पल मौजूद थे. लोग सहमत हुए, असहमत हुए, दुखी हुए, नाराज़ हुए, लेकिन इस ख़त के बारे में अपनी राय को लेकर उनमें कोई असमंजस नहीं था.

Lucknow: BSP supremo Mayawati addresses a press conference at her residence in Lucknow on Saturday. PTI Photo by Nand Kumar  (PTI3_24_2018_000088B)

भारत बंद के दौरान दर्ज मुक़दमे वापस लें मध्य प्रदेश और राजस्थान सरकार: मायावती

बसपा सुप्रीमो मायावती ने मध्य प्रदेश और राजस्थान की नई कांग्रेस सरकार को चेताते हुए कहा कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो पार्टी दोनों राज्यों की सरकारों को दिए गए समर्थन पर पुनर्विचार करेगी.

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अगर मेरी किताबों में कोई तत्व नहीं है, तो इन्हें सालों से क्यों पढ़ाया जा रहा था: कांचा इलैया

दिल्ली विश्वविद्यालय द्वारा एमए के पाठ्यक्रम से दलित लेखक और चिंतक कांचा इलैया शेपहर्ड की किताब हटाने के प्रस्ताव पर उनका कहना है कि विश्वविद्यालय अलग-अलग विचारों को पढ़ाने, उन पर चर्चा करने के लिए होते हैं, वहां सौ तरह के विचारों पर बात होनी चाहिए. विश्वविद्यालय कोई धार्मिक संस्थान नहीं हैं, जहां एक ही तरह के धार्मिक विचार पढ़ाए जाएं.

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राजस्थान हाईकोर्ट में लगी मनु की प्रतिमा एक बार फिर विवादों में क्यों है

मनु की प्रतिमा को हाईकोर्ट परिसर से हटाने की याचिकाएं वर्ष 1989 से लंबित हैं, जिन पर 2015 के बाद से सुनवाई नहीं हुई है. सोमवार को औरंगाबाद की दो महिलाओं के प्रतिमा पर कालिख पोतने के बाद मामला फिर गर्मा गया है.

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सामाजिक कार्यकर्ताओं की गिरफ़्तारियों का उद्देश्य राजनीतिक लाभ लेना है

भीमा कोरगांव हिंसा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या की कथित साज़िश रचने के आरोप में सामाजिक कार्यकर्ताओं की गिरफ़्तारी के बाद से एल्गार परिषद चर्चा में है. एल्गार परिषद के माओवादी कनेक्शन समेत तमाम दूसरे आरोपों पर इसके आयोजक और बॉम्बे हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस बीजी कोलसे पाटिल का पक्ष.

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‘दलित’ के बजाय ‘अनुसूचित जाति’ का इस्तेमाल: ऐसे बेहिस तर्कों का हासिल क्या है?

आज की तारीख़ में ज़्यादातर दलितों को ख़ुद को ‘दलित’ कहलाने में किसी भी तरह के अपमान का बोध नहीं होता. इसके उलट यह शब्द उनकी एकता का प्रेरक बन गया है, लेकिन सरकार को वह उनके प्रति बेहद अपमानजनक लग रहा है.

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मीडिया बोल, एपिसोड 66: सवर्ण भारत बंद, किसान-मज़दूर रैली और समलैंगिक आज़ादी का उल्लास

मीडिया बोल की 66वीं कड़ी में उर्मिलेश एससी-एसटी एक्ट को लेकर सवर्णों द्वारा किए गए भारत बंद, दिल्ली में किसान और मज़दूर संगठनों की रैली और समलैंगिक संबंधों को अपराध के दायरे से बाहर लाने पर वरिष्ठ पत्रकार शैलेष और दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर रतन लाल से चर्चा कर रहे हैं.

(फोटो साभार: @akashbanerjee/Twitter)

क्या ‘मैं भी अर्बन नक्सल’ का नारा बुनियादी सवालों से दूर ले जा रहा है?

सामाजिक कार्यकर्ताओं पर हालिया कार्रवाई के ख़िलाफ़ जो जनाक्रोश उभरा है उसमें ‘नक्सल’ शब्द और इसके पीछे के ठोस ऐतिहासिक संदर्भों को बार-बार सामने रखना ज़रूरी है ताकि यह शब्द महज़ एक आपराधिक प्रवृत्ति के तौर पर ही न देखा जाए बल्कि इसके पीछे मौजूद सरकारों की मंशा भी उजागर होती रहे.

Bhopal: Members and supporters of Karni Sena and other upper-caste organisations, participate in a protest over the recent amendment of the SC/ST Act, in Bhopal, Thursday, Sept 6, 2018. (PTI Photo) (PTI9_6_2018_000090B)

सवर्ण संगठनों के भारत बंद आंदोलन का विभिन्न राज्यों में मिला-जुला असर

मध्य प्रदेश में पूर्व विधायक ने भाजपा से इस्तीफ़ा दिया. उत्तर प्रदेश के बलिया में पथराव के दौरान पुलिसकर्मी घायल. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बंद का ख़ास असर नहीं रहा. बिहार में विभिन्न ट्रेनें रोकी गईं. जगह-जगह चक्काजाम.

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जन गण मन की बात, एपिसोड 299: मीडिया में दलित शब्द का प्रयोग और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग

जन गण मन की बात की 299वीं कड़ी में विनोद दुआ सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा मीडिया को ‘दलित’ शब्द के इस्तेमाल से बचने के आग्रह और विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा सोशल मीडिया पर की जा रही मॉनिटरिंग पर चर्चा कर रहे हैं.

प्रतीकात्मक तस्वीर (फोटो: रॉयटर्स)

‘दलित’ शब्द की जगह अनुसूचित जाति का इस्तेमाल करे मीडिया: सूचना प्रसारण मंत्रालय

बॉम्बे हाईकोर्ट के एक फैसले को आधार मानकर सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने सभी मीडिया संस्थानों को परामर्श पत्र भेज कर कहा है कि खबरों में दलित शब्द की जगह अनुसूचित जाति शब्द का प्रयोग किया जाना चाहिए.

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मैं भी ‘अर्बन नक्सल’ हूं!

दलितों और पिछड़ों के लिए काम करने वाले कार्यकर्ताओं को गिरफ़्तार कर, उन पर ‘माओवादी’ का लेबल लगाकर सरकार दलित महत्वकांक्षाओं का अपमान करती है, साथ ही दूसरी ओर दलित मुद्दों के प्रति संवेदनशील दिखने का स्वांग भी रचती है.

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ग्राउंड रिपोर्ट: क्या मिर्चपुर का ज़ख़्म कभी भर सकेगा?

21 अप्रैल 2010 को हरियाणा के हिसार ज़िले के मिर्चपुर गांव में जाट समुदाय के लोगों ने दलितों के दर्जनों घरों में आग लगा दी थी और दो लोगों को ज़िंदा जला दिया था. हाल ही में दिल्ली हाईकोर्ट ने 33 लोगों को दोषी ठहराया और 12 लोगों को उम्रक़ैद की सज़ा सुनाई है.

माओवादियों से कथित संबंधों को लेकर नज़रबंद किए गए ​कवि वरावरा राव, सामाजिक कार्यकर्ता और वकील अरुण फरेरा, अधिवक्ता सुधा भारद्वाज, गौतम नवलखा, वर्णन गोंसाल्विस. (बाएं से दाएं)

‘प्रतिरोध की हर आवाज़ का अपराधीकरण कर रही है सरकार’

वीडियो: भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में देश के विभिन्न हिस्सों से हुई सामाजिक कार्यकताओं की गिरफ्तारी पर द वायर के संस्थापक संपादक सिद्धार्थ वरदराजन से मीनाक्षी तिवारी की बातचीत.

The Wire Editorial

संपादकीय: सामाजिक कार्यकर्ताओं की गिरफ़्तारी देश में लोकतंत्र की चिंताजनक स्थिति का संकेत है

जैसे-जैसे 2019 आम चुनाव क़रीब आ रहे हैं, एक नई कहानी को बढ़ावा दिया जा रहा है- कि दुश्मन देश के अंदर ही हैं और ये न केवल सरकार और उसकी नीतियों, बल्कि देश के ही ख़िलाफ़ हैं.

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जन गण मन की बात, एपिसोड 296: नोटबंदी पर आरबीआई की रिपोर्ट और सामाजिक कार्यकर्ताओं की गिरफ़्तारी

जन गण मन की बात की 296वीं कड़ी में विनोद दुआ नोटबंदी पर आरबीआई की ​हालिया रिपोर्ट और भीमा कोरेगांव हिंसा से जुड़े मामले में देश के विभिन्न हिस्सों से गिरफ़्तार किए गए सामाजिक कार्यकर्ताओं पर चर्चा कर रहे हैं.

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सुप्रीम कोर्ट का कार्यकर्ताओं को नज़रबंद रखने का आदेश, कहा- असहमति लोकतंत्र का सेफ्टी वॉल्व

अदालत ने भीमा-कोरेगांव हिंसा के करीब नौ महीने बाद हुई गिरफ़्तारियों पर महाराष्ट्र पुलिस से सवाल करते हुए गिरफ़्तार कार्यकर्ताओं को छह सितंबर तक जेल न भेजते घर में ही नज़रबंद रखने का आदेश दिया है.

(फोटो: पीटीआई)

सामाजिक कार्यकर्ताओं की गिरफ़्तारी मामले में मानवाधिकार आयोग का महाराष्ट्र सरकार को नोटिस

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने महाराष्ट्र के पुलिस प्रमुख को भी नोटिस जारी किया है. आयोग ने कहा है कि प्रतीत होता है कि पांच कार्यकर्ताओं की गिरफ़्तारी में नियमों का ठीक तरीके से पालन नहीं किया गया है. वहीं, गौतम नवलखा को महाराष्ट्र पुलिस ने दस्तावेजों की अनूदित प्रति उपलब्ध करा दी है.

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कौन हैं वे सामाजिक कार्यकर्ता जो महाराष्ट्र पुलिस के निशाने पर हैं

महाराष्ट्र पुलिस ने मंगलवार को देश के विभिन्न हिस्सों से कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया और कइयों के घरों पर छापेमारी की. इन सभी का सामाजिक आंदोलनों और मानवधिकार से जुड़े रहने का इतिहास रहा है.

(फोटो: पीटीआई)

सामाजिक कार्यकर्ताओं की गिरफ़्तारी के ख़िलाफ़ रोमिला थापर और चार अन्य पहुंचे सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट के समक्ष याचिका पर बुधवार को ही सुनवाई करने का अनुरोध किया गया था. न्यायालय दोपहर पौने चार बजे सुनवाई करेगा. वहीं, मानवाधिकार कार्यकर्ता गौतम नवलखा की गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका पर दोपहर सवा दो बजे दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई होगी.

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अचानक इतने सारे ‘अर्बन नक्सल’ कहां से प्रकट हो रहे हैं?

पुलिस और कुछ टेलीविजन चैनलों के आपसी मिलीभगत से जिस तरह से वर्तमान समय में एक बड़े और लगातार विकसित हो रहे ‘अर्बन नक्सल’ (शहरी माओवादी) के नेटवर्क के प्रेत को खड़ा किया जा रहा है, उसे देखते हुए ऐसा लगता है कि हम फासीवाद की तरफ काफी तेजी से छलांग लगा रहे हैं.

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सामाजिक कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई मानवाधिकारों के मूल सिद्धांतों को ख़तरा: एमनेस्टी, ऑक्सफेम

एमनेस्टी इंटरनेशनल इंडिया और ऑक्सफेम इंडिया की प्रतिक्रिया पुणे पुलिस द्वारा भीमा-कोरेगांव घटना के संबंध में कई मानवाधिकार और सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा पत्रकारों पर की कार्रवाई के बाद आई है.

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​​​जन गण मन की बात, एपिसोड 295: भीमा कोरेगांव मामले में सामाजिक कार्यकर्ताओं की गिरफ़्तारी और राहुल गांधी

जन गण मन की बात की 295वीं कड़ी में विनोद दुआ भीमा कोरेगांव हिंसा से जुड़े मामले में देश के विभिन्न हिस्सों से गिरफ़्तार किए गए सामाजिक कार्यकर्ताओं और राहुल गांधी के 1984 के दंगों को लेकर दिए गए बयान पर चर्चा कर रहे हैं.​

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भीमा कोरेगांव हिंसा: पुणे पुलिस ने पांच और सामाजिक कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया

पुलिस का दावा है कि भीमा कोरेगांव हिंसा से एक दिन पहले हुए एल्गार परिषद कार्यक्रम में हुए भाषणों से हिंसा भड़की थी, जिसमें कई सामाजिक कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया था. मंगलवार सुबह से देश के विभिन्न शहरों में कई सामाजिक कार्यकर्ताओं के घरों पर पुलिस ने छापे मारे हैं.

Mirchpur Photo By Dheeraj Mishra The Wire

ग्राउंड रिपोर्ट: ‘हमने अपने घरों को जलते देखा है, अब मिर्चपुर से हमारा कोई वास्ता नहीं’

बीते शुक्रवार मिर्चपुर मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने 33 लोगों को दोषी ठहराया और 12 लोगों को उम्रक़ैद की सज़ा सुनाई. मिर्चपुर से 80 किलोमीटर दूर बेहद अमानवीय परिस्थितियों में रह रहे पीड़ित परिवार फ़ैसला आने के बाद जहां संतोष व्यक्त कर रहे हैं, वहीं उन्हें यह डर भी है कि उन पर फिर से हमला हो सकता है.

(फोटो: पीटीआई)

मिर्चपुर दलित हत्याकांड: हाईकोर्ट ने 20 और लोगों को दोषी ठहराया, कहा- जाटों का हमला सुनियोजित था

2010 में हरियाणा के हिसार ज़िले के मिर्चपुर में दलित बाप-बेटी को ज़िंदा जलाने के मामले में कुल 33 लोगों को दोषी मानते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को पलायन कर चुके दलितों के पुनर्वास का निर्देश दिया.

A women uses a hand-pump to fill drinking water on the outskirts of Amritsar in Punjab, India, November 15, 2015. REUTERS/Munish Sharma

यूपी: दलित महिला अधिकारी को पानी देने से किया मना, छह के ख़िलाफ़ मामला दर्ज

उत्तर प्रदेश के कौशांबी में विकास कार्यों की समीक्षा करने गईं उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को दलित होने के चलते कथित तौर पर गांव के प्रधान और ग्राम पंचायत विकास अधिकारी ने बर्तन में पानी देने से इनकार कर दिया.

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राजस्थान: मुस्लिम युवती से कथित प्रेम संबंध के चलते दलित युवक की पीट-पीटकर हत्या

बाड़मेर के रामसर में 20 जुलाई को 22 वर्षीय दलित युवक की पीट-पीट कर हत्या के मामले में गिरफ़्तार दो आरोपियों को 7 दिन की पुलिस रिमांड में भेजा गया है. पुलिस का कहना है कि जांच जारी है.

New Delhi: Union Minister for Consumer Affairs, Food and Public Distribution, Ram Vilas Paswan briefs the Media on the issues related to his Ministry, in New Delhi on Monday. PTI Photo / PIB(PTI4_23_2018_000070B)

एससी/एसटी क़ानून कमज़ोर करने वाले जज को एनजीटी अध्यक्ष बनाने से गलत संदेश गया: पासवान

जस्टिस एके गोयल बीते 6 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट से रिटायर हुए थे. सरकार ने उसी दिन उन्हें एनजीटी का अध्यक्ष बना दिया था. गोयल ने ही एससी/एसटी क़ानून में संशोधन का फैसला सुनाया था.

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हिंदुत्ववादियों का मनुस्मृति से ‘मोह’ छूट नहीं रहा है

भारत द्वारा संविधान अपनाए हुए सत्तर साल बीत चुके हैं. डॉ. आंबेडकर के मुताबिक इसने ‘मनु के शासन की समाप्ति की थी.’ लेकिन हिंदुत्ववादियों के बीच आज भी उसका सम्मोहन बरक़रार है.

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उत्तर प्रदेश: 350 पुलिसकर्मियों की निगरानी में 80 साल बाद घोड़े पर निकली दलित की बारात

कासगंज जिले में निज़ामपुर गांव के ठाकुरों ने धमकी दी थी कि अगर गांव में घोड़े पर बैठकर किसी दलित की बारात निकली, तो दोनों समुदायों में टकराव की स्थिति पैदा हो जाएगी.

मृतक किसान किशोरी लाल जाटव. (फोटो साभार: दैनिक भास्कर)

मध्य प्रदेश: पुलिस ने सुनवाई की होती तो दलित किसान की ज़िंदा जलाकर हत्या न हुई होती

भोपाल के बैरसिया तहसील के एक गांव में किसान की ज़मीन पर दबंगों ने क़ब्ज़ा कर लिया था. उन्होंने विरोध किया तो उन्हें केरोसिन डालकर ज़िंदा जला दिया गया. हत्या का आरोपी एक प्रभावशाली किसान होने के साथ सत्ताधारी भाजपा का पदाधिकारी भी है.

Bhopal

मध्य प्रदेश: ज़मीन क़ब्जाने का विरोध किया तो दलित किसान की ज़िंदा जलाकर हत्या

घटना राजधानी भोपाल के बैरसिया तहसील के परसोरिया गांव की है. किसान की ज़मीन पर कुछ दबंगों ने क़ब्ज़ा कर लिया था. उसने विरोध किया तो पेट्रोल डाल कर ज़िंदा जला कर मार दिया.

प्रकाश आंबेडकर (फोटो: फेसबुक)

प्रधानमंत्री मोदी की हत्या के कथित षड्यंत्र वाली चिट्ठी महज़ चुनावी स्टंट है: प्रकाश आंबेडकर

साक्षात्कार: यलगार परिषद के सुधीर धवले की गिरफ़्तारी के साथ दलित समाज के प्रति भाजपा और मीडिया के रवैये पर भारिप बहुजन महासंघ के अध्यक्ष प्रकाश आंबेडकर से प्रशांत कनौजिया की बातचीत.

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वो पांच लोग जिन पर भीमा कोरेगांव हिंसा और मोदी की हत्या की साज़िश रचने का आरोप लगा है

भीमा कोरेगांव हिंसा के पीछे बताए जा रहे कथित नक्सल कनेक्शन के चलते ग़ैर-क़ानूनी गतिविधि (रोकथाम) क़ानून के तहत गिरफ़्तार किए गए पांचों लोगों के प्रति पुलिस और प्रशासन का यह रवैया नया नहीं है.

जलगांव (फोटो: गूगल मैप)

महाराष्ट्र में कुएं में नहाने के चलते तीन नाबालिग दलितों को पीटा और निर्वस्त्र घुमाया

गुजरात के मेहसाणा जिले में भी मोजड़ी पहनने के चलते राजपूत समुदाय के लोगों ने एक दलित नाबालिग की पिटाई कर दी.