दलित

कंगना रनौत. (फोटो साभार: फेसबुक/@TeamKanganaRanautOfficial)

कंगना रनौत को फेमिनिज़्म के बारे में अभी बहुत कुछ सीखने की ज़रूरत है

कंगना रनौत का एक साथी महिला कलाकार के काम को नकारते हुए उन्हें नीचा दिखाने का प्रयास और घर गिराए जाने की तुलना बलात्कार से करना दिखाता है कि फेमिनिज़्म को लेकर उनकी समझ बहुत खोखली है.

Rahul Borade and Pradip Borade were killed by a mob of over 50 people on September 4, 2020. Photo: The Wire

महाराष्ट्र: भीड़ की हिंसा में दो दलित युवकों की हत्या, परिवार की सीबीआई जांच की मांग

मामला जालना ज़िले का है. परिजनों का दावा है कि लंबे समय से चले आ रहे भूमि विवाद के कारण 4 सितंबर को दो भाइयों, 22 वर्षीय राहुल बोराडे और 25 वर्षीय प्रदीप बोराडे की अनुसूचित जनजाति के पचास से अधिक लोगों की भीड़ द्वारा हत्या कर दी गई.

डॉ. कफ़ील ख़ान और प्रशांत कनौजिया. (फोटो साभार: फेसबुक)

बहुजनों और मुस्लिमों के लिए इंसाफ की राह मुश्किल क्यों है

एनसीआरबी की एक रिपोर्ट के अनुसार जेलों में बंद दलित, आदिवासी और मुस्लिमों की संख्या देश में उनकी आबादी के अनुपात से अधिक है, साथ ही दोषी क़ैदियों से ज़्यादा संख्या इन वर्गों के विचाराधीन बंदियों की है. सरकार का डॉ. कफ़ील और प्रशांत कनौजिया को बार-बार जेल भेजना ऐसे आंकड़ों की तस्दीक करता है.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

यूपी: बिल न चुका पाने पर दंपति को कथित तौर पर नवजात बच्चा अस्पताल को बेचना पड़ा

उत्तर प्रदेश के आगरा ज़िले का मामला. आरोप है कि चिकित्सा बिल के बदले एक लाख रुपये में अस्पताल प्रशासन ने दंपति को बच्चा बेचने के लिए मजबूर किया, वहीं अस्पताल ने इस आरोप का खंडन किया है.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

जेलों में बंद दलित, आदिवासी, मुस्लिमों की संख्या देश में उनकी आबादी के अनुपात से अधिकः एनसीआरबी

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के साल 2019 के आंकड़ो के अनुसार देश की जेलों में बंद विचाराधीन मुस्लिम क़ैदियों की संख्या दोषी ठहराए गए मुस्लिम क़ैदियों से अधिक है.

कंगना रनौत. (फोटो साभार: फेसबुक/@TeamKanganaRanautOfficial)

अगर मॉडर्न इंडिया ने जातिवाद को नकार दिया है, तो ऊंचे पदों पर दलित क्यों नहीं हैं

बीते रविवार को अभिनेत्री कंगना रनौत ने ट्विटर पर भारत में जाति-व्यवस्था, आरक्षण और भेदभाव को लेकर टिप्पणियां की थीं.

(फोटो साभार: इंडिया रेल इंफो)

ओडिशा: किशोरी के फूल तोड़ने पर 40 दलित परिवारों के सामाजिक बहिष्कार का आरोप

ढेंकानाल ज़िले के कांतियो कतेनी गांव का मामला. दलित समुदाय का आरोप है कि गांव वालों ने उनसे बात बंद कर दी है, सार्वजनिक वितरण प्रणाली से राशन नहीं मिल रहा और किराना दुकानों ने सामान देना बंद कर दिया है. वहीं ग्राम प्रधान का कहना है कि दलित समुदाय से सिर्फ़ बात बंद करने को कहा गया है.

Gandhinagar

गुजरात: गाय का शव उठाने से इनकार करने पर दलित मां-बेटे को पीटने का आरोप

मामला गांधीनगर ज़िले की मानसा तालुका के एक गांव का है. 55 वर्षीय महिला का कहना है कि आरोपी ने उनके घर में घुसकर जातिसूचक गालियां दीं और फिर उनके और उनके बेटे के साथ मारपीट की.

पीड़ित दलित युवक (फोटो साभार: ट्वीटर @ncbn )

आंध्र प्रदेश: पुलिस पर दलित युवक का सिर मुंडवाने और पीटने का आरोप, उपनिरीक्षक गिरफ़्तार

आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी ज़िले के सीतानगरम पुलिस थाने का मामला. आरोप है कि सत्तारूढ़ वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के एक नेता ने रेत से लदी लॉरी को कथित तौर पर रोकने की वजह से शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद पुलिस ने ऐसा किया.

Chhatarpur MP

मध्य प्रदेश: दलित दूल्हे के घोड़े पर बैठने को लेकर हुई मारपीट, मामला दर्ज

मामला छतरपुर ज़िले के छापरा गांव का है, जहां दलित समुदाय के एक युवक को उसकी बारात से पहले घोड़े पर बैठकर पूजा के लिए जाने से रोका गया. चार सवर्ण युवकों ने उसे घोड़े से उतारने का प्रयास करते हुए जातिगत टिप्पणियां और मारपीट की. साथ ही, पुलिस से शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी.

Tonk

राजस्थानः युवक का आरोप, दलित होने के चलते बाल काटने से इनकार किया गया, जातिसूचक गालियां दी गईं

घटना टोंक ज़िले के डांगरथल गांव की है. शिकायतकर्ता का आरोप है कि दलित होने की वजह से दुकानदार ने उसके बाल काटने से इनकार किया और जातिसूचक गालियां देते हुए अपनी दुकान से निकाल दिया. इसके बाद गांव के अन्य दुकानदारों ने भी उनके बाल काटने से इनकार कर दिया. इस बारे में तीन लोगों पर मामला दर्ज किया गया है.

Jaunpur

उत्तर प्रदेश: आपसी विवाद के बाद सात दलितों के घर जलाने का आरोप, 35 गिरफ़्तार

मामला जौनपुर ज़िले के सरायख्वाज़ा क्षेत्र के भदेठी गांव का है. 9 जून को आम तोड़ने को लेकर दो समुदायों के बच्चों में विवाद हुआ, जिसके बाद स्थानीयों के बीच हिंसक झड़प हुई. सौ के क़रीब लोगों पर मामला दर्ज हुआ है और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आरोपियों पर रासुका और गैंगस्टर एक्ट लगाने के निर्देश दिए हैं.

Bengaluru: BJP Karnataka President and Chief Minister-designate BS Yeddyurappa leaves after paying tribute to Kargil war martyrs on the 20th anniversary of Kargil Vijay Diwas, in Bengaluru, Friday, July 26, 2019. (PTI Photo/Shailendra Bhojak) (PTI7_26_2019_000094B)

कर्नाटक सरकार का निर्देश, सरकारी दस्तावेज़ों में ‘दलित’ शब्द के इस्तेमाल से बचें

बीते 20 मई को जारी किए राज्य सरकार के आदेश में केंद्र सरकार के 2018 के निर्देशों का हवाला देते हुए कहा गया है कि सभी सरकारी अधिकारी अनुसूचित जाति व जनजाति के सदस्यों के लिए ‘दलित’ या ‘हरिजन’ शब्द का उपयोग करने से बचेंगे क्योंकि इनका संविधान या क़ानून में कोई उल्लेख नहीं है.

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

लॉकडाउन: गुजरात में आठ दलितों की पुलिस द्वारा बर्बर पिटाई की जांच के आदेश

मामला बोटाद जिले के विकालिया गांव का है. परिजनों का आरोप है कि बीते 28 मार्च को 40-50 पुलिसकर्मी उनके घर से आठ पुरुष सदस्यों को उठाकर ढासा पुलिस स्टेशन ले गए थे. बाद में उन पर लॉकडाउन का उल्लंघन करने का मामला दर्ज कर बुरी तरह से पीटा था.