दिल्ली अदालत

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दिल्ली दंगा: गवाहों की विश्वसनीयता पर संदेह जताते हुए अदालत ने तीन लोगों को ज़मानत दी

बीते साल फरवरी में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए हिंसा के दौरान गोकुलपुरी और दयालपुर इलाकों में आगजनी और तोड़फोड़ के मामलों के तीन आरोपियों को ज़मानत देते हुए स्थानीय अदालत ने कहा कि उनके नाम न प्राथमिकी में है, न ही उनके ख़िलाफ़ कोई विशिष्ट आरोप हैं.

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दिल्ली दंगा: अदालत ने दो आरोपियों को ज़मानत दी, कहा- पुलिसकर्मियों की गवाही पर संदेह

आरोपियों को ज़मानत देते हुए अदालत ने कहा कि पुलिसकर्मियों द्वारा की गई शिनाख़्त का बमुश्किल कोई अर्थ है, क्योंकि भले ही वे घटना के वक़्त क्षेत्र में तैनात थे, पर उन्होंने आरोपियों का नाम लेने के लिए अप्रैल तक का इंतज़ार किया, जबकि उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा है कि उन्होंने आरोपियों को 25 फरवरी, 2020 को दंगे में कथित रूप से शामिल देखा था.

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दिल्ली दंगा: अदालत ने तीन आरोपियों को ज़मानत देते हुए कहा- लापरवाही से की गई जांच

फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा के दौरान जाफ़राबाद में फलों के गोदाम में लूट और आगजनी के मामले में तीन आरोपियों को ज़मानत देते हुए अदालत ने कहा कि जांच और चार्जशीट दाखिल करने में असावधानी बरती गई.

प्रिया रमानी और एमजे अकबर. 
(फोटोः पीटीआई)

मानहानि मामलाः प्रिया रमानी ने कहा- अपने बयान पर क़ायम, एमजे अकबर से समझौता नहीं करूंगी

साल 2018 में पत्रकार प्रिया रमानी ने पूर्व केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर पर यौन शोषण का आरोप लगाया था, जिसके बाद अकबर ने उनके ख़िलाफ़ मानहानि का मुक़दमा दायर कराया था.

प्रिया रमानी और एमजे अकबर. 
(फोटोः पीटीआई)

एमजे अकबर ने अदालत में कहा, प्रिया रमानी ने मानहानिकारक बयान ‘प्रतिशोध’ के लिए दिए

साल 2018 में ‘मी टू’ मुहिम के दौरान पत्रकार प्रिया रमानी समेत कई महिलाओं ने आरोप लगाया था कि एमजे अकबर ने उनका यौन उत्पीड़न किया था. इसके बाद अकबर ने इन आरोपों का खंडन करते हुए रमानी के ख़िलाफ़ मानहानि का मुक़दमा दायर कराया था.

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दिल्ली दंगा: वीडियो फुटेज निकालने में देरी पर अदालत नाराज़, कहा- पुलिस की ढिलाई बेवजह

एक स्थानीय अदालत को बताया गया कि दिल्ली हिंसा के मामले में पुलिस ने अब तक जाफराबाद और मौजुपर मेट्रो स्टेशनों के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और फोटो कब्ज़े में नहीं ली हैं. इस पर अदालत ने कहा कि पुलिस को ये बताना कि कब और कौन-से सबूत इकट्ठे करने हैं, कोर्ट का काम नहीं है.

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दिल्लीः आरोग्य सेतु ऐप इंस्टॉल करने की शर्त पर अदालत ने बढ़ाई ज़मानत अवधि

दिल्ली की एक स्थानीय अदालत ने एक महिला पर हमला करने के आरोपी की ज़मानत अवधि बढ़ाते हुए आरोग्य सेतु ऐप इंस्टॉल करने का निर्देश देते हुए कहा कि यह अवधि पूरी होने तक उसे लोकेशन, जीपीएस और ब्लूटूथ को हमेशा ऑन रखना है.

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दिल्ली: पांच साल की बच्ची से बलात्कार के दोनों आरोपी क़रीब सात साल बाद दोषी क़रार

साल 2013 में दिल्ली के गांधी नगर इलाके में दो लोगों ने पांच साल की बच्ची से बलात्कार किया था. अदालत ने कहा कि इस घटना ने समाज की सामूहिक चेतना को झकझोर डाला. पांच साल की बच्ची को काफी अनैतिकता और अति क्रूरता का सामना करना पड़ा.