दिल्ली उच्च न्यायालय

मोहम्मद ज़ुबैर. (फोटो साभार: ट्विटर/@zoo_bear)

ऑल्ट न्यूज़ के सह-संस्थापक को राहत, अदालत ने कहा कोई भी दंडात्मक कार्रवाई न करे पुलिस

ऑल्ट न्यूज़ के सह-संस्थापक मोहम्मद ज़ुबैर द्वारा ऑनलाइन बहस के दौरान एक नाबालिग बच्ची की ब्लर की हुई तस्वीर पोस्ट करने पर राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की शिकायत पर उनके ख़िलाफ़ आईटी एक्ट और पॉक्सो एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है.

(फोटोः पीटीआई)

सीरो प्रीवलेंस अध्ययन: दिल्ली में क़रीब 23 प्रतिशत लोग कोविड-19 से प्रभावित

सीरो-सर्वेक्षण अध्ययनों में लोगों के ब्लड सीरम की जांच करके किसी आबादी या समुदाय में ऐसे लोगों की पहचान की जाती है, जिनमें किसी संक्रामक रोग के ख़िलाफ़ एंटीबॉडी विकसित हो जाती हैं. राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र ने दिल्ली सरकार के सहयोग से 27 जून से 10 जुलाई तक के बीच सीरो-प्रीवलेंस अध्ययन किया.

(फोटो: पीटीआई)

कोरोना: रैपिड टेस्ट की मंज़ूरी में देरी के लिए दिल्ली हाईकोर्ट ने आईसीएमआर को फटकारा

कोर्ट ने कहा कि दिल्ली में कोरोना संक्रमण के मौजूदा हालात को देखते हुए ज़रूरी शर्तों या प्रक्रियाओं को पूरा करने के लिए आईसीएमआर द्वारा दिया गया एक महीने का समय बहुत लंबा है.

कुणाल कामरा. (फोटो साभार: फेसबुक/@kunalkamra88)

दिल्ली हाईकोर्ट का कुणाल कामरा की याचिका सुनने से इनकार, कहा- उचित प्राधिकरण में जाएं

स्टैंड-अप कॉमेडियन कुणाल कामरा विभिन्न एयरलाइन्स द्वारा उन पर प्रतिबंध लगाए जाने के ख़िलाफ़ अदालत पहुंचे थे. अदालत ने उनकी याचिका सुनने से मना करते हुए कहा कि वे अपनी शिकायत के साथ ‘उचित प्राधिकरण’ से संपर्क करें.

राकेश अस्थाना (फोटो: पीटीआई)

सीबीआई द्वारा राकेश अस्थाना को दी गई क्लीन चिट को कोर्ट ने स्वीकार किया

सीबीआई के विशेष न्यायाधीश संजीव अग्रवाल ने कहा कि अस्थाना और सीबीआई के डीएसपी देवेन्द्र कुमार के खिलाफ कार्रवाई आगे बढ़ाने के लिए पर्याप्त आधार नहीं है.

राकेश अस्थाना (फोटो: पीटीआई)

सीबीआई बनाम सीबीआई: अस्थाना का मनोवैज्ञानिक, लाई डिटेक्टर टेस्ट न कराने पर सीबीआई की खिंचाई

सीबीआई के विशेष न्यायाधीश संजीव अग्रवाल ने एजेंसी के पूर्व विशेष निदेशक राकेश अस्थाना पर रिश्वतखोरी के मामले की शुरुआत में जांच करने वाले अधिकारी अजय कुमार बस्सी को 28 फरवरी को अदालत में पेश होने का निर्देश दिया.

राकेश अस्थाना (फोटो: पीटीआई)

सीबीआई के पूर्व विशेष निदेशक राकेश अस्थाना को रिश्वत मामले में क्लीन चिट मिली

सीबीआई ने साथ ही रॉ प्रमुख एसके गोयल को मामले में पाक साफ करार दिया है जो इस मामले में जांच के घेरे में थे. सीबीआई के डीएसपी देवेंद्र कुमार को भी एजेंसी से क्लीन चिट मिल गई जिन्हें 2018 में गिरफ्तार किया गया था और जिन्हें बाद में जमानत मिल गई थी.

दिल्ली के तिलक विहार में 1984 के दंगों में मारे गए लोगों की याद में बना म्यूजियम. (फोटो: शोम बसु)

1984 के सिख विरोधी दंगों के दोषियों को सज़ा दिलाने में पुलिस-प्रशासन की दिलचस्पी नहीं थी: रिपोर्ट

सुप्रीम कोर्ट द्वारा 1984 के दंगों संबंधी मामलों की जांच के लिए बनाए गए विशेष जांच दल ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि तत्कालीन केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस ने दंगों के दौरान दंगाइयों पर हत्या, आगजनी और हिंसा के मामले दर्ज करने की कोशिश नहीं की, साथ ही आपराधिक मामलों को छिपाने का प्रयास भी किया.

एस. गुरुमूर्ति. (फोटो: पीटीआई)

माफ़ीनामा रिट्वीट करने की शर्त पर एस. गुरुमूर्ति के ख़िलाफ़ अवमानना का केस बंद

एक तमिल समाचार पत्रिका के संपादक और रिज़र्व बैंक के अंशकालीन निदेशक एस. गुरुमूर्ति ने बीते साल जस्टिस एस. मुरलीधर के ख़िलाफ़ एक लेख री-ट्वीट किया था. इसके ख़िलाफ़ दिल्ली हाईकोर्ट ने उन पर अवमानना की कार्यवाही शुरू की थी.

राकेश अस्थाना (फोटो: पीटीआई)

राकेश अस्थाना रिश्वत मामले की जांच दो महीने में पूरी करे सीबीआई: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने राकेश अस्थाना के ख़िलाफ़ कथित रिश्वत लेने के मामले की जांच पूरी करने के लिए सीबीआई को दी गई समयसीमा तीसरी बार बढ़ाते हुए कहा कि इसके बाद और वक़्त नहीं दिया जाएगा.

राकेश अस्थाना (फोटो: पीटीआई)

राकेश अस्थाना के कथित भ्रष्टाचार की जांच कर रहे अफसरों की सीबीआई से विदाई क्यों हो रही है?

एक्सक्लूसिव: दिल्ली हाईकोर्ट ने राकेश अस्थाना के ख़िलाफ़ कथित रिश्वत लेने के मामले की जांच पूरी करने के लिए सीबीआई को चार महीने की मियाद दी थी, जो 30 सितंबर को ख़त्म हो रही है.

New Delhi: A view of the Supreme Court of India in New Delhi, Monday, Nov 12, 2018. (PTI Photo/ Manvender Vashist) (PTI11_12_2018_000066B)

1984 सिख विरोधी दंगे: सुप्रीम कोर्ट ने 33 लोगों को जमानत दी

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के ख़िलाफ़ दायर की गई याचिका पर यह फैसला दिया है. इससे पहले निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने इन लोगों को दोषी ठहराया था और पांच वर्ष जेल की सजा सुनाई थी.

(फोटो: पीटीआई)

सीबीआई ने दिल्ली की अदालत से वापस ली बोफोर्स मामले में जांच की मांग वाली अर्ज़ी

सीबीआई ने बोफोर्स मामले में नई सामग्री और सबूत मिलने का दावा करते हुए निचली अदालत से आगे की जांच की मंज़ूरी मांगी थी.

(फोटो: पीटीआई)

निजी छात्रावासों व पीजी आवासों पर पुलिस निगरानी की ज़रूरत: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि पुलिस का कर्तव्य है कि वह अपने क्षेत्रों पर नज़र रखे ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि महिलाओं या लड़कियों को बंधक बनाकर नहीं रखा गया है जैसा कि रोहिणी के एक आश्रम में हुआ था.

Rohingya refugees walk to a Border Guard Bangladesh (BGB) post after crossing the Bangladesh-Myanmar border by boat through the Bay of Bengal in Shah Porir Dwip, Bangladesh, September 10, 2017. REUTERS/Danish Siddiqui

साल 2018 में दो लाख लोगों को ज़बरदस्ती उनके घरों से बेदख़ल किया गया: रिपोर्ट

एक अध्ययन के अनुसार साल 2018 में हर दिन 554 और हर घंटे 23 लोगों को बेदखली का सामना करना पड़ा. इसके अलावा करीब एक करोड़ 10 लाख लोग बेदखली और विस्थापन के खतरे का सामना कर रहे हैं.