दिल्ली पुलिस

कपिल मिश्रा. (फोटो: पीटीआई)

दिल्ली दंगा: दो शिकायतों में कपिल मिश्रा का नाम, अदालत ने पुलिस से जवाब मांगा

उत्तर-पूर्वी दिल्ली निवासी दो शिकायतकर्ताओं ने कड़कड़डूमा कोर्ट में याचिका दायर कर मांग की है उनके क्षेत्र की शांति एवं सौहार्द भंग करने तथा दंगा कराने में सहयोग करने के लिए भाजपा नेता कपिल मिश्रा के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की जाए.

Devangana Kalita

पिंजरा तोड़ कार्यकर्ता की याचिका के जवाब पर दिल्ली पुलिस को कोर्ट की फटकार

सीएए के ख़िलाफ़ प्रदर्शन संबंधी मामले में गिरफ़्तार जेएनयू छात्रा और पिंजरा तोड़ कार्यकर्ता देवांगना कलीता की एक याचिका पर पुलिस द्वारा दायर हलफनामे को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि इसमें कई आरोप लगाए गए हैं जो याचिका के दायरे से परे हैं और इन्हें वापस लिया जाना चाहिए.

(फाइल फोटो: पीटीआई)

जामिया हिंसा: याचिकाकर्ताओं के जवाब में ‘गृह मंत्री’ पर हुई टिप्पणी पर सॉलिसिटर जनरल ने जताई आपत्ति

बीते साल दिसंबर में जामिया मिलिया इस्लामिया में सीएए के ख़िलाफ़ प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के मामले में दिल्ली पुलिस द्वारा दायर हलफनामे के जवाब में याचिकाकर्ताओं ने कहा था कि पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान जैसे छात्रों को बेरहमी से पीटा, उससे लगता है कि उन्हें ऊपर से ऐसा करने का आदेश मिला था.

नताशा नरवाल और देवांगना कलीता. (फोटो साभार: ट्विटर)

दिल्ली हिंसाः पुलिस का आरोप, ताहिर हुसैन ने पिंजरा तोड़ की सदस्यों के साथ मिलकर दंगों की साज़िश रची

दिल्ली हिंसा मामले में पुलिस ने चार्जशीट में कहा है कि पिंजरा तोड़ और इसके सदस्य सहानुभूति बटोरने और जनमत जुटाने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर रहे हैं.

Vinod Dua EP 110

विनोद दुआ राजद्रोह मामले में जांच रिपोर्ट नहीं सौंपने पर सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस को फटकार लगाई

एक भाजपा नेता द्वारा पत्रकार विनोद दुआ पर आरोप लगाया है कि उन्होंने अपने एक वीडियो शो के माध्यम से ‘फ़र्ज़ी सूचनाएं’ फैलाई हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ख़िलाफ़ अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया है. शिकायत पर ​हिमाचल प्रदेश पुलिस ने राजद्रोह का मामला दर्ज किया है.

फोटो: रॉयटर्स

दिल्ली दंगा: चार्जशीट में भाजपा नेता पर 25 वर्षीय मुस्लिम युवक की हत्या का आरोप

इस साल फरवरी में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों के दौरान 25 वर्षीय मुस्लिम युवक इरफान की हत्या के मामले में दिल्ली पुलिस ने कड़कड़डूमा अदालत में आरोप-पत्र दाख़िल किया है. इसमें हत्या के आरोपियों में ब्रह्मपुरी मंडल से भाजपा के महामंत्री बृजमोहन शर्मा का भी नाम शामिल है.

(फोटो: पीटीआई)

दिल्ली दंगे में मारे गए नौ लोगों को ‘जय श्री राम’ कहने को मजबूर किया गया था: पुलिस

दिल्ली पुलिस ने अदालत में दाख़िल आरोप-पत्र में कहा गया है कि सभी आरोपी मुस्लिमों से ‘बदला’ लेने के लिए 25 फरवरी को बनाए गए एक वॉट्सऐप ग्रुप ‘कट्टर हिंदुत्व एकता’ से जुड़े थे. आरोपियों ने इसका इस्तेमाल आपस में संपर्क में रहने और एक दूसरे को लोग, हथियार और गोला-बारूद मुहैया कराने के लिए किया था.

New Delhi: Protestors vandalize a car during a clash between a group of anti-Citizenship Amendment Act protestors and supporters of the new citizenship act, at Maujpur crossing, in northeast Delhi, Monday, Feb. 24, 2020. (PTI Photi) (PTI2_24_2020_000165B)

दिल्ली हिंसाः पिंजरा तोड़ कार्यकर्ताओं के ‘नाम’ बताने वाले ने कहा कि उन्हें नहीं जानता

दिल्ली पुलिस के मुताबिक़ जाफराबाद हिंसा के एक आरोपी शाहरुख ने अपने बयान में पिंजरा तोड़ कार्यकर्ता देवांगना कलीता और नताशा नरवाल का नाम लिया था. शाहरुख ने कहा कि हिंसा में आंखों की रोशनी लगभग खो देने के कारण उसे नहीं पता कि पुलिस ने उससे जिस बयान पर दस्तख़त कराए, उसमें क्या लिखा था.

A man carrying a child walks past security forces in a riot affected area following clashes between people demonstrating for and against a new citizenship law in New Delhi, February 27, 2020. REUTERS/Adnan Abidi

अपने ही अधिकारी के ख़िलाफ़ गई दिल्ली पुलिस, ‘संवेदनशील’ बताकर दंगों की सूचना देने से इनकार

उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगे को लेकर द वायर द्वारा दायर किए गए आरटीआई आवेदन पर अपीलीय अधिकारी द्वारा आदेश देने के बाद भी दिल्ली पुलिस ने जानकारी देने से मना कर दिया. पुलिस ने सिर्फ़ गिरफ़्तार किए गए लोगों, दर्ज की गई एफआईआर, मृतकों एवं घायलों की संख्या की सूचना दी है.

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जामिया में पुलिस हिंसा: एनएचआरसी ने छात्रों को ही बताया दोषी

वीडियो: पुलिस द्वारा जामिया मिलिया इस्लामिया की लाइब्रेरी में घुसकर विद्यार्थियों पर कार्रवाई करने की ख़बर के राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मीडिया में सुर्ख़ियों में आने के सात महीने के बाद राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने जामिया के छात्रों के साथ कथित पुलिस बर्बरता पर अपनी रिपोर्ट जारी की है.

घटना के बाद जामिया कोऑर्डिनेशन कमेटी द्वारा जारी सीसीटीवी फुटेज में पुलिसकर्मी लाइब्रेरी में बैठे छात्रों को लाठी से मारते दिख रहे थे. (साभार: ट्विटर/वीडियोग्रैब)

जामिया हिंसा: एनएचआरसी ने परिसर में पुलिसिया कार्रवाई के लिए छात्रों को ही ज़िम्मेदार ठहराया

15 दिसंबर 2019 को जामिया मिलिया इस्लामिया परिसर में दिल्ली पुलिस द्वारा छात्रों को बर्बरता से पीटने की घटना पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि इससे पहले विद्यार्थियों का सीएए के ख़िलाफ़ प्रदर्शन एक ‘ग़ैर क़ानूनी जमावड़ा’ था, जिसने पुलिसिया कार्रवाई को दावत दी.

(फोटो: पीटीआई)

दिल्ली दंगों के 19 मामलों में पुलिस की दलील, आरोपी को ज़मानत देने से ग़लत संदेश जाएगा: रिपोर्ट

बीते 29 मई को दिल्ली हाईकोर्ट ने दंगे के एक आरोपी को ज़मानत देते हुए पुलिस की इस दलील को ख़ारिज कर दी थी कि ज़मानत देने से समाज में गलत संदेश जाएगा. हाईकोर्ट ने कहा था कि अदालत का काम क़ानून के मुताबिक न्याय देना है, न कि समाज को संदेश देना.

फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा. (फाइल फोटो: पीटीआई)

दिल्ली हिंसाः पुलिस चार्जशीट में दंगा पीड़ितों का इलाज करने वाले अस्पताल के मालिक का नाम शामिल

दिल्ली पुलिस ने हिंसा के दौरान वेटर दिलबर नेगी की हत्या के मामले में दर्ज चार्जशीट में अल-हिंद अस्पताल के मालिक डॉ. एमए अनवर को आरोपी बनाया है. इस अस्पताल में दंगा पीड़ितों का इलाज भी किया गया था. डॉ. अनवर और अरशद प्रधान को फ़ारूक़िया मस्जिद में सीएए और एनआरसी के विरोध में हुए विरोध प्रदर्शन का आयोजक बताया गया है.

सफूरा जरगर. (फोटो साभार: फेसबुक/safoorazargar)

दिल्ली हिंसा में आरोपी सफ़ूरा ज़रगर को हाईकोर्ट ने सशर्त ज़मानत दी

जामिया मिलिया इस्लामिया की छात्रा सफ़ूरा ज़रगर पर दिल्ली हिंसा में साज़िश रचने का आरोप है. उन्हें बीते 10 अप्रैल को गिरफ़्तार किया गया था और तब से वह दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद हैं. सफ़ूरा 23 हफ्तों की गर्भवती हैं.

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दिल्ली हिंसा की साज़िश और फिर जांच की साज़िश

वीडियो: उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगे के दौरान हेड कॉन्स्टेबल रतन लाल की की हत्या मामले में पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट दाख़िल की है. इसमें सामाजिक कार्यकर्ता हर्ष मंदर के नाम का भी जिक्र है. कहा गया है नागरिकता संशोधन क़ानून के ख़िलाफ़ चल रहे प्रदर्शन के दौरान हर्ष ने भड़काऊ भाषण दिए थे. इस मुद्दे पर द वायर के संस्थापक संपादक सिद्धार्थ वरदराजन और हर्ष मंदर के साथ प्रोफेसर अपूर्वानंद की बातचीत.