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जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष की चोट को फ़र्ज़ी बताने वाली तस्वीरें फ़र्ज़ी हैं

शुक्रवार को सोशल मीडिया जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष ओईशी घोष की दो तस्वीरों को यह कहकर साझा किया गया कि अलग-अलग समय पर उनके हाथ में बंधी पट्टी एक बार दाहिनी तरफ और एक समय बायीं ओर बंधी है और उनकी चोट फ़र्ज़ी है. ऑल्ट न्यूज़ की पड़ताल में यह दावा झूठा पाया गया है.

Police in riot gear stand guard outside the Jawaharlal Nehru University (JNU) after clashes between students in New Delhi, India, January 5, 2020. REUTERS/Adnan Abidi

उच्च शिक्षण संस्थानों में उपजे वैचारिक मतभेद का हल हिंसा नहीं है

शिक्षण संस्थानों का जब-जब राजनीतिकरण होगा, उसकी परिणति अक्सर हिंसा के रूप में ही होती है. जेएनयू को लेकर हुए विवाद में आज देश दो धड़े में विभाजित है और यह विभाजन धार्मिक या जातीय नहीं बल्कि वैचारिक है.

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जेएनयू हिंसा: छात्रों का आरोप- जो एबीवीपी के नहीं थे, उन्हें निशाना बनाया गया

वीडियो: नई दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में पांच जनवरी की रात हिंसा के शिकार छात्रों, प्रोफेसरों और सामाजिक कार्यकर्ताओं से विशाल जायसवाल की बातचीत.

Police in riot gear stand guard outside the Jawaharlal Nehru University (JNU) after clashes between students in New Delhi, India, January 5, 2020. REUTERS/Adnan Abidi

जेएनयू हिंसा: 2.30 से छह बजे के बीच 23 पीसीआर कॉल के घंटों बाद पहुंची पुलिस

सूत्रों ने कहा कि रिपोर्ट में सुबह 8 बजे जेएनयू प्रशासनिक ब्लॉक में महिला पुलिसकर्मियों के साथ कुल 27 पुलिसकर्मियों के सादे कपड़ों में ड्यूटी पर तैनात होने और रात की पाली के बाद हटने तक की घटनाओं का जिक्र है. दिल्ली पुलिस कमिश्ननर अमूल्य पटनायक को सौंपी गई यह रिपोर्ट संभवतया केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजी जाएगी.

New Delhi: Senior Congress leader Dr Karan Singh addresses the media as party leaders (L-R) Anand Sharma, Ghulam Nabi Azad, Ambika Soni and P Chidambaram look on, in New Delhi, Saturday, Aug 3, 2019. (PTI Photo/Kamal Kishore) (PTI8_3_2019_000156B)

जेएनयू हिंसा पर पूर्व चांसलर कर्ण सिंह ने कहा- मौजूदा कुलपति पूरी तरह विफल रहे हैं

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के पूर्व कुलाधिपति और वरिष्ठ कांग्रेस नेता कर्ण सिंह ने जेएनयू में हुए हमले पर कुलपति जगदीश कुमार की आलोचना की और आरोप लगाया कि ऐसे कठिन समय में वह अनुपस्थित थे और पूरी तरह विफल रहे.

New Delhi: Surya Prakash, a visually-challenged Research Scholar at Jawaharlal Nehru University's Sanskrit school, talks to the media on how he was beaten up during the Sunday's violence on the University campus, at the Sabarmati Hostel in New Delhi, Monday, Jan. 6, 2020. A group of masked men and women armed with sticks, rods and acid allegedly unleashed violence on the campus  of the University, Sunday evening. (PTI Photo/Atul Yadav)  (PTI1_6_2020_000115B) *** Local Caption ***

जेएनयू हिंसा: पांच जनवरी को क्या हुआ था?

वीडियो: बीते पांच जनवरी की रात कुछ नकाबपोश लोग जेएनयू कैंपस में घुस आए और विभिन्न हॉस्टलों में तोड़फोड़ की. साथ ही उपद्रवियों ने छात्रों को बर्बर तरीके से पीटा. इस हिंसा में जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष आईशी घोष समेत कुल 30 से अधिक लोग घायल हुए हैं. पूरे घटनाक्रम पर शेखर तिवारी, धीरज मिश्रा, विशाल जायसवाल और अविचल दुबे की रिपोर्ट.

नोबेल विजेता भारतीय-अमेरिकी अर्थशास्त्री अभिजीत बनर्जी. (फोटो: रॉयटर्स)

जेएनयू में हिंसा का सहारा लेना डराने वाला है: अभिजीत बनर्जी

जेएनयू में हिंसा पर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की टिप्पणी से सहमति जताते हुए नोबल विजेता अभिजीत बनर्जी ने कहा कि जेएनयू के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह थी कि वह असहमतियों के लिए एक सुरक्षित स्थान था. जेएनयू को दुश्मन माने जाने की लंबी परंपरा है.

C.P. Chandrasekhar.

जेएनयू हिंसा को लेकर प्रख्यात अर्थशास्त्री सीपी चंद्रशेखर ने केंद्र की समिति से इस्तीफा दिया

देश के आर्थिक आंकड़ों को लेकर मोदी सरकार की आलोचना के बाद पिछले महीने केंद्रीय सांख्यिकी मंत्रालय ने पूर्व मुख्य सांख्यिकीविद प्रणब सेन की अध्यक्षता में ये पैनल बनाया था, जिसका काम देश के विभिन्न क्षेत्रों के आर्थिक आंकड़ों की समीक्षा करना और इसकी विश्वसनीयता बहाल करना है.

Aishe Ghosh pti

जेएनयू हिंसाः छात्रसंघ अध्यक्ष आईशी घोष समेत 19 लोगों पर मामला दर्ज

जेएनयू हिंसा मामले में प्रशासन की शिकायत पर छात्रसंघ अध्यक्ष आईशी घोष और अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. इन पर कथित तौर पर चार जनवरी को जेएनयू के सर्वर रूम में तोड़फोड़ करने और सुरक्षा गार्डों पर हमला करने का आरोप है.

New Delhi: Students outside the violence-affected Sabarmati Hostel of the Jawaharlal Nehru University (JNU), in New Delhi, Monday, Jan. 6, 2020. A group of masked men and women armed with sticks, rods and acid allegedly unleashed violence on the campus  of the University, Sunday evening. (PTI Photo/Atul Yadav)  (PTI1_6_2020_000070B)

जेएनयू पर हमले की कहानी, चश्मदीदों की ज़ुबानी

रविवार को देर शाम जेएनयू में बड़ी संख्या में बाहर से आए नकाबपोश लोगों ने छात्रों और शिक्षकों पर हमला किया. इस दौरान जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष आईशी घोष समेत कई छात्रों और शिक्षकों को गंभीर चोटें आईं.

New Delhi: Shattered glass of doors are seen at the Sabarmati Hostel following the Sundays violence at the Jawaharlal Nehru University (JNU) , in New Delhi, Monday, Jan. 6, 2020. A group of masked men and women armed with sticks, rods and acid allegedly unleashed violence on the campus of the University, Sunday evening. (PTI Photo/Atul Yadav) (PTI1 6 2020 000072B)

जेएनयू हिंसा अमित शाह के संरक्षण में हुई, मामले की न्यायिक जांच हो: कांग्रेस

जेएनयू परिसर में रविवार देर रात उस वक्त हिंसा भड़क गयी थी, जब लाठियों से लैस कुछ नकाबपोश लोगों ने छात्रों और शिक्षकों पर हमला किया था और परिसर में संपत्ति को नुकसान पहुंचाया था जिसके बाद प्रशासन को पुलिस को बुलानी पड़ी थी.

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क्या जेएनयू में हमले की योजना बना रहे वॉट्सऐप मैसेज वाले नंबर एबीवीपी कार्यकर्ताओं के हैं?

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वॉट्सऐप मैसेज इस ओर इशारा करते हैं कि जो लोग नकाब पहनकर जेएनयू कैंपस में घुसे थे वे एबीवीपी के नेता और कार्यकर्ता हो सकते हैं.

जेएनयू में हुई हिंसा विरोध में ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के छात्रों ने प्रदर्शन किया. (फोटो साभार: ट्विटर)

पॉन्डिचेरी से ऑक्सफोर्ड तक के विश्वविद्यालय परिसरों में जेएनयू हिंसा के ख़िलाफ़ प्रदर्शन

ऑक्सफोर्ड और कोलंबिया विश्वविद्यालय में छात्रों ने एकजुटता दिखाते हुए मार्च किया और परिसर में छात्रों की सुरक्षा की मांग की. अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में छात्रों ने जेएनयू में हुई हिंसा का विरोध किया.

जेनएयू और कुलपति जगदीश कुमार (फोटो: ट्विटर)

जेएनयू हिंसाः छात्रसंघ ने कहा- ग़ुंडे की तरह बर्ताव कर रहे हैं वीसी जगदीश कुमार

जेएनयू में रविवार देर रात छात्रों और शिक्षकों पर हुए बर्बर हमले के बाद जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्रसंघ ने वाइस चांसलर एम. जगदीश कुमार को इस घटना का ज़िम्मेदार ठहराते हुए कहा है कि या तो वीसी इस्तीफ़ा दें या मानव संसाधन विकास मंत्रालय उन्हें पद से हटाए.

अरुं​धति रॉय. (फोटो: पीटीआई)

मोदी एनआरसी को लेकर झूठ बोल सकते हैं, लेकिन हमारा मज़ाक करना अपराध हैः अरुंधति रॉय

अरुंधति रॉय ने 25 दिसंबर को दिल्ली यूनिवर्सिटी में एनपीआर को लेकर कहा था कि यह भी एनआरसी का ही हिस्सा है. जब सरकारी मुलाज़िम एनपीआर के लिए जानकारी मांगने आपके घर आएं तो उन्हें अपना नाम रंगा-बिल्ला बता दें और अपने घर का पता देने के बजाय प्रधानमंत्री आवास का पता लिखवा दें.