देवेंद्र फड़नवीस

मराठा आरक्षण को लेकर हुआ प्रदर्शन (फाइल फोटो: पीटीआई)

मराठा आरक्षण को पहले से निकली भर्तियों पर लागू नहीं किया जा सकता: सुप्रीम कोर्ट

महाराष्ट्र सरकार ने हाल ही में एक आदेश जारी कर कहा था कि मराठा आरक्षण साल 2014 से निकली करीब 70,000 भर्तियों पर लागू होगा.

मराठा आरक्षण को लेकर हुआ प्रदर्शन (फाइल फोटो: पीटीआई)

बॉम्बे हाईकोर्ट ने मराठा आरक्षण को वैध ठहराया, लेकिन कहा- 16 फीसदी सही नहीं

कोर्ट ने कहा कि राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की सिफारिश के अनुरूप मराठा आरक्षण का प्रतिशत 16 से घटाकर 12 से 13 प्रतिशत किया जाना चाहिए.

Solapur: Police personnel clash with the Maratha Kranti Morcha protesters during their district bandh called for reservations in jobs and education, in Solapur, Maharashtra on Monday, July 30, 2018. (PTI Photo) (PTI7_30_2018_000215B)

मराठा आरक्षण आंदोलन: मुंबई में ‘जेल भरो’ प्रदर्शन, अब तक छह लोगों ने की आत्महत्या

पिछले 10 दिनों से महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण की मांग को लेकर आठ लोग आत्मदाह का प्रयास कर चुके हैं. अब तक छह विधायकों ने इस्तीफ़ा दिया.

Rajsthan Highcourt AIR

हिंदुत्ववादियों का मनुस्मृति से ‘मोह’ छूट नहीं रहा है

भारत द्वारा संविधान अपनाए हुए सत्तर साल बीत चुके हैं. डॉ. आंबेडकर के मुताबिक इसने ‘मनु के शासन की समाप्ति की थी.’ लेकिन हिंदुत्ववादियों के बीच आज भी उसका सम्मोहन बरक़रार है.

modi patole (1)

मोदी को सवाल पूछने वाले पसंद नहीं हैं: भाजपा सांसद

महाराष्ट्र से भाजपा सांसद नाना पटोले ने दावा किया कि जब हमने किसानों की समस्या पर बात करनी चाही तो मोदी बहुत नाराज़ हो गए और हमें चुप करा दिया.

Rahul Gandhi PTI

‘मोदी अमीरों का क़र्ज़ माफ कर सकते हैं किसानों का नहीं’

मध्य प्रदेश के गृहमंत्री ने स्वीकार किया कि मंदसौर में प्रदर्शन के दौरान पांच किसानों की मौत पुलिस फायरिंग से हुई. मंदसौर के कलेक्टर और एसपी का तबादला.

(फोटो :रॉयटर्स)

किसान से रिश्ता मत तोड़िये, समाज टूट जाएगा

किसान सरकारी कर्मचारियों की तरह काम बंद नहीं करता है. सूखे, बाढ़ समेत तमाम संकट से जूझ रहा है लेकिन अपना पुरुषार्थ नहीं छोड़ता. हमें सरकार के उस भुलावे से बाहर निकलना होगा कि बड़े उद्योगपति आयेंगे और देश में बहार आ जाएगी.

New Delhi: Students and activists protesting against killing of six farmers in Mandsor police firing incedent, at MP Bhawan in New Delhi on Wednesday. PTI Photo by Vijay Verma (PTI6_7_2017_000136B)

मध्य प्रदेश में किसानों की हत्या के ख़िलाफ़ दिल्ली में प्रदर्शन

मध्य प्रदेश के मंदसौर में पुलिस फायरिंग के दौरान छह किसानों की मौत के ख़िलाफ़ नई दिल्ली के मध्य प्रदेश भवन पर सात जून को विभिन्न संगठनों ने प्रदर्शन किया.

Dewas : The charted buses which were torched by farmers at Nevri Fata in Dewas district on Wednesday. PTI Photo  (PTI6_7_2017_000181A)

‘भाजपा चुनाव में सैंकड़ों करोड़ ख़र्च कर सकती है तो क़र्ज़ माफ़ी में क्यों हिचकिचा रही है?’

नोटबंदी पर छिड़ा सियासी युद्ध, शिवसेना, कांग्रेस और वामदलों ने बोला भाजपा सरकार पर हमला, राजस्थान के किसानों ने की मंदसौर जाकर आंदोलन में शामिल होने की घोषणा.

Dewas: A police emergency dial 100 vehicle torched by farmers in Hatpipalya of district Dewas, Madhya Pradesh on Wednesday. PTI Photo(PTI6_7_2017_000086B)

किसान संगठनों ने कहा, मध्य प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगाया जाए

छह किसानों की मौत के बाद मध्य प्रदेश के कई इलाक़ों में भड़की हिंसा, कांग्रेस ने मांगा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह का इस्तीफ़ा.

पिपलियामंडी में हिंसा के बाद का एक दृश्य. (फोटो: पीटीआई)

नासिक में किसान ने की ख़ुदकुशी, फायरिंग में 6 किसानों की मौत के विरोध में मध्य प्रदेश बंद

महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में सातवें दिन किसानों का आंदोलन जारी. मप्र में पुलिस फायरिंग में छह किसानों की मौत के बाद कई इलाक़ों में कर्फ़्यू.

फोटो: एएनआई

मप्र में किसानों पर फायरिंग, 6 की मौत, गोली किसने चलाई सरकार को नहीं पता

मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में एक जून से किसान फ़सलों के उचित मूल्य और क़र्ज़ माफ़ी को लेकर आंदोलन कर रहे हैं. मंगलवार को उग्र हुए किसानों पर फायरिंग हुई.

Maharashtra_Framers_Protest-PTI

तीसरे दिन हिंसक हुआ किसानों का आंदोलन, लूट, पत्थरबाज़ी, तोड़फोड़

मध्य प्रदेश के कई इलाक़ों में हिंसा, मंडी लूटी, दुकानों में तोड़फोड़, महाराष्ट्र में सरकार का ऋण माफ़ी का ऐलान लेकिन जारी रहेगा आंदोलन.

बॉम्बे हाईकोर्ट (फोटो: पीटीआई)

जनता के पैसों से नेताओं को सुरक्षा क्यों दी जा रही है: बॉम्बे हाईकोर्ट

एक महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए अदालत ने कहा कि नेताओं की सुरक्षा पर हो रहे खर्च पर रोक लगनी चाहिए. राजनीतिक दल उनका खर्च उठाने में सक्षम हैं. ऐसे में सरकार को उनकी सुरक्षा का खर्च उठाने की जरूरत नहीं है.