द वायर हिंदी

Mumbai: Rhea Chakraborty outside NCB office after being summoned for questioning in connection with the death by suicide case of Sushant Singh Rajput, at Ballard Estate in Mumbai, Sunday, Sept. 6, 2020. (PTI Photo)(PTI06-09-2020 000059B)

रिया चक्रवर्ती प्रकरण ने उन्हें नहीं बल्कि समाज की विकृतियों और स्त्री द्वेष को बेनक़ाब किया है

मध्यकालीन यूरोप में स्त्रियों को जादूगरनी बताकर ‘विच ट्रायल’ हुआ करते थे, जिनके बाद पचासों हज़ार स्त्रियों को खंभे से बांधकर जीवित जला दिया गया था. उस समय यंत्रणा देकर सभी स्त्रियों से अपराध स्वीकृति करवा ली जाती थी. रिया का भी ‘मीडिया ट्रायल’ नहीं हुआ है, ‘विच ट्रायल’ हुआ है.

प्रशांत भूषण. (फाइल फोटो: पीटीआई)

अवमानना मामला: दो​षसिद्धि के ख़िलाफ़ अपील का अधिकार पाने के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंचे भूषण

सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण को न्यायपालिका एवं जजों को लेकर अपने दो ट्वीट के चलते अदालत की अवमानना का दोषी क़रार दिया गया था और 31 अगस्त को एक रुपये जुर्माने की सज़ा दी गई थी.

(फोटो: पीटीआई)

कोविड-19: लगातार चौथे दिन संक्रमण के 90 हज़ार से अधिक नए मामले आए, कुल संख्या 47 लाख के पार

भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के कुल मामलों की संख्या 4,754,356 हो गई है, जबकि अब तक 78,586 लोग दम तोड़ चुके हैं. वहीं विश्व में कुल मामले 2.87 करोड़ से ज़्यादा हो चुके हैं और 9.2 लाख से अधिक लोगों की मौत हुई है.

**FILE** New Delhi: File photo dated Nov 10, 2018, Interim director of the CBI M Nageshwara Rao speaks during the 'Synergy' programme in New Delhi. The Supreme Court on Tuesday, Feb. 12, 2019, held then acting CBI director Rao and the Director of Prosecution (DoP) of the agency S Bhasu Ram guilty of its contempt and asked them to remain seated in the courtroom till it rises as punishment. (PTI Photo/Manvender Vashist)(PTI2_12_2019_000010B)

ट्विटर ने स्वामी अग्निवेश के निधन पर किए गए पूर्व सीबीआई निदेशक के आपत्तिजनक ट्वीट को हटाया

सीबीआई के पूर्व अंतरिम निदेशक और पूर्व आईपीएस अधिकारी एम. नागेश्वर राव ने 80 वर्षीय सामाजिक कार्यकर्ता स्वामी अग्निवेश के निधन पर ट्वीट कर कहा था कि अच्छा हुआ छुटकारा मिला. उन्होंने यह भी कहा था कि उन्हें यमराज से शिकायत है कि उन्होंने इतना लंबा इंतज़ार क्यों किया!

झारखंड के गुमला जिले के डुमरी ब्लॉक गांव में बने एक अंग्रेजी-कुरुख स्कूल के छात्र. (फोटो: जसिंता केरकेट्टा)

आधुनिक शिक्षा व्यवस्था आदिवासियों को उनका अस्तित्व बचा पाने के रास्ते क्यों नहीं दिखा पाती

आधुनिक शिक्षा का पूरा ढांचा वर्चस्ववादी संस्कृति और मानसिकता से खड़ा किया गया है, जिसमें आदिवासी समाज कहीं फिट नहीं बैठता. उसकी पूरी जीवन शैली, जीवन दर्शन और दुनिया अलग है, जिसे वर्चस्ववादी नज़रिये से नहीं समझा जा सकता.

New Delhi: In this file photo dated Monday, Jan. 4, 2016, RJD Vice-President Raghuvansh Prasad Singh addresses a press conference at party office in Patna. Singh (74) died on Sunday, Sept. 13, 2020, at AIIMS in New Delhi. (PTI Photo)(PTI13-09-2020 000014B)

पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह का निधन

हाल ही में राजद से इस्तीफ़ा देने वाले रघुवंश प्रसाद सिंह कोविड-19 से उबरने के बाद की जटिलताओं की वजह से बीमार पड़ गए थे, जिसके बाद उन्हें दिल्ली के एम्स में भर्ती कराया गया था.

(फोटोः रॉयटर्स)

दिल्ली विधानसभा की समिति ने फेसबुक इंडिया के अधिकारी को तलब किया

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर द्वेषपूर्ण सामग्री के प्रसार को रोकने के लिए फेसबुक द्वारा कथित तौर पर कोई कदम न उठाए जाने की शिकायतों के बाद दिल्ली विधानसभा की शांति और सद्भाव समिति ने फेसबुक इंडिया के उपाध्यक्ष और प्रबंध निदेशक अजीत मोहन को 15 सितंबर को समिति के सामने पेश होने को कहा है.

(बाएं से दाएं) जयति घोष, अपूर्वानंद, सीताराम येचुरी, राहुल रॉय और योगेंद्र यादव.

दिल्ली दंगा: पुलिस ने ‘षड्यंत्र’ का दायरा बढ़ाया, कार्यकर्ताओं और शिक्षाविदों का नाम घसीटा

दिल्ली पुलिस ने तीन आरोपी छात्राओं के बयानों के सहारे दावा किया है कि योगेंद्र यादव, सीताराम येचुरी, जयती घोष, प्रोफेसर अपूर्वानंद जैसे लोगों ने सीएए का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों को ‘किसी भी हद तक जाने को कहा था’ और सीएए-एनआरसी को मुस्लिम विरोधी बताकर समुदाय में नाराज़गी बढ़ाई. हालांकि पुलिस का कहना है कि इन लोगों के नाम बतौर आरोपी शामिल नहीं हैं.

अखिलेश और रमाकांत गुंदेचा (फोटो साभारः फेसबुक)

ध्रुपद संस्थान में यौन उत्पीड़न के आरोपों के बाद कई छात्रों ने संस्थान छोड़ा, जांच समिति पर उठाए सवाल

आवासीय संगीत गुरुकुल ध्रुपद संस्थान के दो लोकप्रिय गुरु रमाकांत और अखिलेश गुंदेचा पर छात्राओं ने यौन उत्पीड़न और छेड़छाड़ के आरोप लगाए हैं. छात्रों का कहना है कि इन आरोपों की जांच के लिए गठित आंतरिक शिकायत समिति में या तो गुंदेचा परिवार से जुड़े लोग हैं या फिर संस्थान के.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

मिड-डे मील से वंचित बच्चों में पोषण की कमी अधिक राशन देकर पूरी हो सकती है: विश्व खाद्य कार्यक्रम

संयुक्त राष्ट्र विश्व खाद्य कार्यक्रम की ओर से कहा गया है कि कोविड-19 संकट के कारण कुपोषण को कम करने की पहल की प्रगति पर असर पड़ा और वर्तमान चुनौतियां और भी बढ़ गई हैं.

राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे अपने भाईयों महिंदा राजपक्षे और चामल राजपक्षे. (फोटो: रॉयटर्स)

श्रीलंका के 20वें संविधान संशोधन के प्रभावों को लेकर भारत क्यों चिंतित है

श्रीलंकाई सरकार 20वां संविधान संशोधन लाकर 19वें संविधान संशोधन द्वारा राष्ट्रपति की शक्तियों पर नियंत्रण लगाने वाले प्रावधानों को ख़त्म करने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रही है. भारत की चिंता नया संशोधन नहीं बल्कि 1987 का द्विपक्षीय समझौता है, जो बदली हुई राजनीतिक परिस्थितियों में ख़तरे में पड़ सकता है.

राहत इंदौरी. (फोटो साभार: विकीमीडिया कॉमन्स//Imfarhad7 CC BY SA 4.0)

राहत इंदौरी: ख़ामोश हो गए इक शाम और उसके बाद तमाम शहर में मौज़ू-ए-गुफ़्तुगू हम थे

बहुत कम शायर अवाम की बेचेहरगी और अवसाद को सत्ता के ख़िलाफ़ अपनी आवाज़ बनाने में कामयाब हुए. ऐसे में राहत ने ग़ज़ल के हाशिये में पड़ी भाषा और मुंहफट चरित्रों को सत्ता के सामने खड़ा कर दिया. उनसे पहले भी शायरोंं ने सत्ता को आईना दिखाने की कोशिश की, लेकिन उनकी ग़ज़लें ज़रा ज़्यादा मुंहफट साबित हुईं.

(फोटो साभार: विकीमीडिया कॉमन्स)

लोकभाषाओं के बढ़ते जश्न और घटता ओहदा

विश्व में वैज्ञानिक लेखों का दो तिहाई हिस्सा अंग्रेज़ी में लिखा जाता है और बिना अंग्रेज़ी के आजकल विद्यावर्धन नहीं हो सकता. पर यह भी महत्वपूर्ण है कि ऐसे लेखों का एक तिहाई, जो भी एक बड़ी संख्या है, दूसरी भाषाओं में है. पर इनमें भारत की बड़ी लोकभाषाएं शामिल क्यों नहीं हैं?

रक्षा मंत्रालय और सैन्य अधिकारियों के साथ हुई एक बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह. (फोटो: पीटीआई)

रक्षा मंत्रालय द्वारा बनाई जाने वाली समितियां उनके उद्देश्य में सफल होती क्यों नहीं दिखतीं?

पिछले कई दशकों में रक्षा मंत्रालय ने कई सारे पैनल, समितियों, कार्यसमूहों और टास्क फोर्सों का गठन किया है, लेकिन कुछ को छोड़कर अधिकतर समितियों के सुझावों या सिफ़ारिशों का नाममात्र या कोई प्रभाव नहीं पड़ा है.