धर्म

सुप्रीम कोर्ट (फोटो: पीटीआई)

कोर्ट का जबरन धर्मांतरण रोकने की याचिका सुनने से इनकार, कहा- बालिग अपना धर्म चुनने के लिए आज़ाद

सुप्रीम कोर्ट में दायर एक जनहित याचिका में डरा-धमकाकर और उपहारों के ज़रिये अनुसूचित जाति/जनजाति के लोगों के सामूहिक धर्मांतरण, काले जादू, अंधविश्वास को नियंत्रित करने के लिए केंद्र को निर्देश देने की मांग की गई थी. शीर्ष अदालत द्वारा इस पर सुनवाई से ही इनकार कर दिया गया.

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हमारा संविधान: अनुच्छेद-15 भेदभाव के ख़िलाफ़ निषेध

वीडियो: भारत में धर्म, कुल, जाति, लिंग, जन्म स्थान के आधार पर भेदभाव नहीं किया जा सकता. संविधान का अनुच्छेद 15 क्या कहता है? कैसे न्यायालयों ने भेदभाव करने वाले बहुत सारे क़ानूनों को ग़ैर-संविधानिक क़रार दिया.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना. (फोटो साभार: पीआईबी)

टीएमसी ने चुनाव आयोग से की शिकायत, कहा- मोदी की बांग्लादेश यात्रा चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन

टीएमसी का आरोप है कि प्रधानमंत्री की दो दिवसीय यात्रा का बांग्लादेश की आज़ादी के 50 वर्ष पूरे होने या ‘बंगबंधु’ के जयंती समारोहों में शामिल होने से कोई लेना-देना नहीं था. इसके बजाय उनका एकमात्र मक़सद पश्चिम बंगाल में चल रहे चुनावों में कुछ निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान को प्रभावित करने का था.

बांग्लादेश में नरेंद्र मोदी के दौरे के दौरान हुए प्रदर्शन. (फोटो साभार: bdnews24.com)

मोदी की राजनीति के ख़िलाफ़ गुस्से का निशाना बांग्लादेश के हिंदुओं को क्यों बनाया जा रहा है

एक देश में अल्पसंख्यकों पर हमले के विरोध के दौरान जब उसी देश के अल्पसंख्यकों पर हमला होने लगे तो शक़ होता है कि यह वास्तव में किसी नाइंसाफी के ख़िलाफ़ या बराबरी जैसे किसी उसूल की बहाली के लिए नहीं है, बल्कि इसके पीछे भी एक बहुसंख्यकवादी द्वेष ही है.

सीजेआई एसए बोबडे. (फोटो: पीटीआई)

सीजेआई बोबडे ने यूनिफॉर्म सिविल कोड को सराहा, कहा- गोवा में संविधान निर्माताओं की सोच साकार

देश के मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे ने शनिवार को गोवा में हुए एक कार्यक्रम में यूनिफॉर्म सिविल कोड की तारीफ़ करते हुए कहा कि इस बारे में अक्सर चर्चा करने वाले बुद्धिजीवियों को यहां आकर इसका प्रभाव देखना चाहिए. गोवा देश का एकमात्र राज्य है जहां यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू है.

(फाइल फोटो: पीटीआई)

‘देश ख़तरे में है’ का हौवा स्वतंत्र विचारधारा वालों को प्रताड़ित करने का बहाना है

देश में 2017 से 2019 के बीच राष्ट्र विरुद्ध अपराधों के आरोप में प्रति वर्ष औसतन 8,533 मामले दर्ज किए गए. दुनिया का कोई देश अपने ही नागरिकों पर उसे नुकसान पहुंचाने के इतने केस दर्ज नहीं करता. अगर ये सब केस सच हैं तो दो बातें हो सकती हैं- या तो देश में असल में इतने गद्दार हैं, या देश के निर्माण में ही कोई मूलभूत गड़बड़ी है.

नियमगिरि पर्व में हिस्सा लेती आदिवासी महिलाएं. (फोटो: स्पेशल अरेंजमेंट)

नियमगिरि पर्व लोगों के प्रतिरोध का उत्सव है…

नियमगिरि में धरणी पेनु सबसे बड़ी शक्ति हैं, जो धरती का स्वरूप कही जाती हैं. लोगों का विश्वास है कि धरती की पूजा सबसे पहले होनी चाहिए. बीते दिनों इनकी उपासना करते हुए नियमगिरि पर्व मनाकर लोगों ने अपनी एकता को मजबूत करने का संकल्प लिया.

(फोटो: रॉयटर्स)

केरल: पादरी के ख़िलाफ़ वीडियो साझा करने पर शख़्स को प्रताड़ित किया गया, माफ़ी भी मांगनी पड़ी

केरल के ​कन्नूर ज़िले का मामला. पीड़ित ने आरोप लगाया है कि उन्होंने एक वीडियो साझा किया था, जिसमें एक व्यक्ति बता रहा था कि कैंसर से पीड़ित उनके बच्चे के लिए मृत्यु पूर्व होने वाले एक धार्मिक संस्कार को करने से स्थानीय पादरी ने इनकार कर दिया था. इसकी वजह से उन्हें बंधक बनाकर प्रताड़ित किया गया.

Sant Ravidas Wikipedia

‘जब सभ कर दोउ हाथ पग दोउ नैन दोउ कान, रविदास पृथक कइसे भये हिंदू औ मूसलमान’

संत कवियों की लंबी परंपरा में एक रविदास ही ऐसे हैं जो श्रम को ईश्वर बताकर ऐसे राज्य की कल्पना करते हैं, जो भारतीय संविधान के समता, स्वतंत्रता, न्याय व बंधुत्व पर आधारित अवधारणा के अनुरूप है.

गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी. (फोटो: पीटीआई)

कड़े क़ानून के माध्यम से हिंदू लड़कियों का धर्मांतरण रोकेंगे: विजय रूपाणी

गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने गोधरा में एक चुनावी रैली के दौरान कहा कि उनकी सरकार एक मार्च से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र में लव जिहाद के ख़िलाफ़ क़ानून लाना चाहती है, ताकि हिंदू लड़कियों का अपहरण और धर्मांतरण रोका जा सके.

चित्रकार एमएफ हुसैन की कृति 'सरस्वती' का संपादित स्वरूप. (साभार: इंडिया आर्ट्स डॉट इन)

स्वर पर पहरे लगाकर किस सरस्वती की आराधना की जानी चाहिए…

निराला ने वीणावादिनी से ‘नव गति, नव लय, ताल-छंद नव, नवल कंठ’ मांगे थे, लेकिन आज जिन पैरों में नई गति है, उन्हें बेड़ियों से बांध दिया गया है. कंठ पर ताला है और नएपन की जगह कारागार है. जब मेरा स्वर नहीं तो क्या मैं सरकारी कंठ से प्रार्थना करूं? क्या यह देवी का अपमान नहीं?

गुजरात हाईकोर्ट. (फोटो साभार: फेसबुक)

गुजरातः हाईकोर्ट ने अंतरधार्मिक विवाह करने पर गिरफ़्तार दंपति की रिहाई का आदेश दिया

गुजरात के बनासकांठा ज़िले में पालनपुर के निवासी मुस्लिम युवक ने पिछले साल दिसंबर के अंत में उसी क़स्बे में रहने वाली हिंदू युवती से शादी की थी. युवती के पिता ने परिवार की मर्ज़ी के बिना शादी करने की वजह से मामले में केस दर्ज कराया था.

बॉम्बे हाईकोर्ट (फोटो: पीटीआई)

अंतरधार्मिक रिश्ते के मामले में कोर्ट ने कहा, बालिग महिला को अपनी इच्छा से ज़िंदगी जीने का हक़

एक युवक ने बॉम्बे हाईकोर्ट में दायर याचिका में कहा था कि वे जिस युवती से विवाह करना चाहते हैं, उसके परिजन दोनों के अलग धर्मों के चलते इसके ख़िलाफ़ हैं और युवती को ज़बरदस्ती अपने साथ ले गए हैं. अदालत ने युवती से बात करने के बाद कहा कि वे बालिग हैं और अपनी इच्छा के अनुरूप शादी करने के लिए स्वतंत्र हैं.

बजरंग दल के कछार प्रभारी मिथुन नाथ (फोटो साभारः ट्विटर)

असमः क्रिसमस पर चर्च जाने वाले हिंदुओं को पीटने की धमकी की जांच के आदेश

असम के कछार ज़िले में बजरंग दल के प्रभारी मिथुन नाथ आरोप है कि उन्होंने संगठन के सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा था कि क्रिसमस के दौरान किसी भी हिंदू को चर्च में जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी. इसका पालन नहीं करने वालों को ख़ामियाजा भुगतना होगा.

रांची सरना धर्म कोड की मांग को लेकर हुआ एक प्रदर्शन. (फोटो: पीटीआई)

सरना धर्म कोड: आदिवासियों को मिलेगी उनकी अपनी पहचान

आदिवासी स्वयं को किसी भी संगठित धर्म का हिस्सा नहीं मानते हैं इसलिए वे लंबे समय से अपने लिए अलग धर्म कोड की मांग करते रहे हैं. इस हफ़्ते झारखंड सरकार ने एक विशेष विधानसभा सत्र में ‘सरना आदिवासी धर्म कोड’ पर अपनी मुहर लगा दी है, जिसे अब केंद्र के पास भेजा जाएगा.