नर्मदा नदी

Barwani Narmada Flood NAPM Photo

सरदार सरोवर: सरकारी आकलन से कहीं ज़्यादा है बाढ़ और डूब के प्रभावितों की संख्या

बीते दिनों नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के पुनर्वास आयुक्‍त ने पहली बार सार्वजनिक रूप से स्‍वीकारा कि विस्‍थापितों और प्रभावितों के आकलन में ‘टोपो शीट’ पर पेंसिल से निशान लगाने की पद्धति का इस्‍तेमाल किया गया. बोलचाल में नजरिया सर्वे कही जाने वाली इस तरकीब में अंदाज़े से डूबने वाली हर चीज और जीती-जागती इंसानी बसाहटों को चिह्नित कर विस्‍थापित घोषित कर दिया गया था.

Narmada: A view of the Sardar Sarovar Dam that was dedicated to the nation by Prime Minister Narendra Mod at Kevadiya in Narmada district on Sunday. PTI Photo / PMO Twitter(PTI9 17 2017 000099B)

गुजरात: सरदार सरोवर का जलस्तर बढ़ने से नर्मदा में बाढ़, करीब चार हज़ार लोगों को निकाला गया

सरदार सरोवर बांध से सात लाख क्यूसेक पानी छोड़ने की वजह से नर्मदा का जलस्तर 31 फुट से ऊपर पहुंच चुका है, जो ख़तरे के निशान से तीन फुट ज़्यादा है.

सरदार सरोवर बांध के विस्थापितों के उचित पुनर्वास की मांग को लेकर नर्मदा बचाओ आंदोलन की नेता मेधा पाटकर मध्य प्रदेश में बड़वानी ज़िले के छोटा बड़दा गांव में सत्याग्रह कर रही हैं. (फोटो साभार: नर्मदा बचाओ आंदोलन)

सरदार सरोवर बांध: लोगों का पुनर्वास करने की जगह उन्हें डुबाने पर क्यों अमादा है सरकार?

सरदार सरोवर बांध में बारिश का पानी भरने से मध्य प्रदेश में नर्मदा घाटी में बसे 192 गांव और एक कस्बे के डूबने का ख़तरा है. इससे लगभग 32 हज़ार लोग प्रभावित होंगे. सुप्रीम कोर्ट के तमाम आदेशों के बावजूद यहां रहने वाले लोग आज भी पुनर्वास का बाट जोह रहे हैं.

Medha Patkar PTI

मध्य प्रदेश के बाढ़ प्रभावितों के उचित पुनर्वास को लेकर मेधा पाटकर ने सत्याग्रह शुरू किया

नर्मदा बचाओ आंदोलन की संस्थापक मेधा पाटकर ने मध्य प्रदेश के बड़वानी ज़िले के छोटा बड़दा गांव में यह अनिश्चितकालीन सत्याग्रह शुरू किया है. पाटकर ने कहा कि पुनर्वास का मतलब प्रभावित परिवार को सिर्फ मुआवज़ा देना नहीं बल्कि उन्हें आजीविका भी दी जानी चाहिए.

Narmada Protest The Wire

सरदार सरोवर बांध के पानी से मध्य प्रदेश का निसरपुर गांव डूबा, सैकड़ों लोग पलायन को मजबूर

गुजरात में नर्मदा नदी पर बने सरदार सरोवर बांध के बैकवॉटर के बढ़ते स्तर से मध्य प्रदेश में इस नदी के पास स्थित हजारों पेड़ों और खेतों के अलावा रिहायशी इलाके भी डूब रहे हैं.

Water Crisis PTI

मध्य प्रदेश में बढ़ता जल संकट, 165 बड़े बांधों में से 65 सूखे

प्रदेश के कुल 378 स्थानीय नगरीय निकायों में से 11 में चार दिन में एक बार पानी की आपूर्ति हो रही है. 50 निकायों में तीन दिन में एक बार और 117 निकायों में एक दिन छोड़कर पानी की आपूर्ति की जा रही है.

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क्या मध्य प्रदेश में राज्यमंत्री बनाए गए बाबा नर्मदा में अवैध खनन रोक पाएंगे: मेधा पाटकर

शिवराज सरकार ने पांच बाबाओं को राज्यमंत्री बनाकर नर्मदा संरक्षण का काम सौंपा है. पाटकर ने सवाल उठाया कि क्या इन बाबाओं को पता है कि नदी पर बने बांधों के कारण कितना नुकसान हो रहा है?

Narmada: Prime Minister Narendra Modi offers prayers to Narmada River during the inauguration of Sardar Sarovar Dam at Kevadiya in Narmada district on Sunday. PTI Photo (PTI9_17_2017_000072B)

देश में बीते चार साल का इतिहास चुनावी जीत के साथ चुनावी झूठ का भी है

गुजरात में विधानसभा चुनाव के वक़्त नर्मदा के पानी को लेकर जनता को सपने दिखाए गए लेकिन अब गर्मी आने से पहले सरकार ने कह दिया है कि सिंचाई के लिए जलाशय का पानी नहीं मिलेगा.

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चुनाव सुधारों की मांग को जनांदोलन बनाने का समय आ गया है: मेधा पाटकर

मेधा ने कहा कि जिन लोगों ने संविधान की शपथ ली है ,वे ही संविधान के मूल्यों के खिलाफ काम कर रहे हैं. ऐसे में जनांदोलनों से जुड़े लोगों की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है.

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स्टैच्यू आॅफ यूनिटी: सुविधाओं के अभाव में दम तोड़ते बच्चे और 121 करोड़ रुपये का चंदा

देश के वंचितों के स्वास्थ्य की बदतर स्थिति का एक तरह से मखौल उड़ाती सरदार पटेल की मूर्ति के लिए 121 करोड़ के चंदे की ख़बर पर चर्चा नहीं हो सकी.

नर्मदा सेवा यात्रा के दौरान भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने साथ-साथ महाआरती की थी. (फोटो: पीटीआई)

शिवराज ​चौहान की नर्मदा सेवा यात्रा में 1.74 करोड़ रुपये की आरती हुई: कांग्रेस

नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा, आरटीआई से पता चला मुख्यमंत्री की एक आरती के लिए सरकार ने एक इवेंट मैंनेजमेंट कंपनी को 59,000 रुपये का भुगतान किया.

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‘सरकार ने नर्मदा घाटी के साथ बहुत बुरा किया, जनता का राज है और जनता को ही खतम ​कर दिया’

ग्राउंड रिपोर्ट: मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले में सरदार सरोवर बांध के डूब में समा रहे भादल गांव के एक बुजुर्ग आदिवासी पुस्लिया पटेल की व्यथा.

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‘इस ज़मीन पर हमारा हक़ है, हम यहीं रहेंगे, सरकार ज़मीन नहीं देगी तो यहीं पर मरेंगे’

ग्राउंड रिपोर्ट: सरदार सरोवर बांध के पानी में डूब रहे मध्य प्रदेश के भादल गांव के ग्रामीणों का कहना है कि सरकार ने बांध में पानी छोड़ दिया लेकिन हमें कहीं नहीं बसाया.

Badwani: Social activists Medha Patkar and other villagers stand in water of Narmada river to protest the birthday celebration of Prime Minister Narendra Modi by inaugurating the construction of Sardar Sarovar Dam, during ''Jalsatyagrah'' at Chhota Barda Village in Badwani district of Madhya Pradesh on Saturday. PTI Photo (PTI9_16_2017_000134B) *** Local Caption ***

सरदार सरोवर बांध का लोकार्पण राजनीतिक लाभ के लिए किया गया है: मेधा पाटकर

प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्ता ने कहा, ‘प्रभावित लोगों को न्याय दिलाने के लिए नए सिरे से आंदोलन शुरू करने के बारे में विचार करूंगी.’

Narmada: Prime Minister Narendra Modi offers prayers to Narmada River during the inauguration of Sardar Sarovar Dam at Kevadiya in Narmada district on Sunday. PTI Photo (PTI9_17_2017_000072B)

क्या मोदी को सरदार सरोवर बांध का उद्घाटन करते वक़्त विस्थापितों की याद आई होगी?

जिस नर्मदा पर बने बांध का प्रधानमंत्री ने उद्घाटन किया, उसी नदी में अपने पुनर्वास को लेकर मध्य प्रदेश के सैकड़ों लोग जल सत्याग्रह कर रहे हैं.

नर्मदा सेवा यात्रा समापन समारोह में शिरकत करते प्रधानमंत्री मोदी और मप्र के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान. (फोटो: पीआईबी)

नर्मदा सेवा यात्रा पर मध्य प्रदेश सरकार ने 40 करोड़ रुपये ख़र्च किए

मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान राज्य सरकार ने नेता प्रतिपक्ष के सवाल के जवाब में दी जानकारी.