नागपुर

दशहरा के अवसर पर नागपुर में संघ मुख्यालय पर गुरुवार को हुए सालाना कार्यक्रम में संघ प्रमुख मोहन भागवत के साथ नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी. (फोटो साभार: फेसबुक/@RSSOrg)

संघ की शाखाएं बच्चों ख़ास तौर पर लड़कियों के संरक्षण के लिए ढाल का काम कर सकती हैं: सत्यार्थी

संघ की ओर से नागपुर में हर साल होने वाले दशहरा कार्यक्रम में शामिल हुए नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित कैलाश सत्यार्थी. कार्यक्रम में संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश की अनुमति देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने समाज की परंपरा पर विचार नहीं किया.

Activist Collage New Featured

सामाजिक कार्यकर्ताओं की गिरफ़्तारियों का उद्देश्य राजनीतिक लाभ लेना है

भीमा कोरगांव हिंसा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या की कथित साज़िश रचने के आरोप में सामाजिक कार्यकर्ताओं की गिरफ़्तारी के बाद से एल्गार परिषद चर्चा में है. एल्गार परिषद के माओवादी कनेक्शन समेत तमाम दूसरे आरोपों पर इसके आयोजक और बॉम्बे हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस बीजी कोलसे पाटिल का पक्ष.

(फोटो साभार: @akashbanerjee/Twitter)

क्या ‘मैं भी अर्बन नक्सल’ का नारा बुनियादी सवालों से दूर ले जा रहा है?

सामाजिक कार्यकर्ताओं पर हालिया कार्रवाई के ख़िलाफ़ जो जनाक्रोश उभरा है उसमें ‘नक्सल’ शब्द और इसके पीछे के ठोस ऐतिहासिक संदर्भों को बार-बार सामने रखना ज़रूरी है ताकि यह शब्द महज़ एक आपराधिक प्रवृत्ति के तौर पर ही न देखा जाए बल्कि इसके पीछे मौजूद सरकारों की मंशा भी उजागर होती रहे.

arundhati-roy-1200x586

मैं भी ‘अर्बन नक्सल’ हूं!

दलितों और पिछड़ों के लिए काम करने वाले कार्यकर्ताओं को गिरफ़्तार कर, उन पर ‘माओवादी’ का लेबल लगाकर सरकार दलित महत्वकांक्षाओं का अपमान करती है, साथ ही दूसरी ओर दलित मुद्दों के प्रति संवेदनशील दिखने का स्वांग भी रचती है.

माओवादियों से कथित संबंधों को लेकर नज़रबंद किए गए ​कवि वरावरा राव, सामाजिक कार्यकर्ता और वकील अरुण फरेरा, अधिवक्ता सुधा भारद्वाज, गौतम नवलखा, वर्णन गोंसाल्विस. (बाएं से दाएं)

‘प्रतिरोध की हर आवाज़ का अपराधीकरण कर रही है सरकार’

वीडियो: भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में देश के विभिन्न हिस्सों से हुई सामाजिक कार्यकताओं की गिरफ्तारी पर द वायर के संस्थापक संपादक सिद्धार्थ वरदराजन से मीनाक्षी तिवारी की बातचीत.

The Wire Editorial

संपादकीय: सामाजिक कार्यकर्ताओं की गिरफ़्तारी देश में लोकतंत्र की चिंताजनक स्थिति का संकेत है

जैसे-जैसे 2019 आम चुनाव क़रीब आ रहे हैं, एक नई कहानी को बढ़ावा दिया जा रहा है- कि दुश्मन देश के अंदर ही हैं और ये न केवल सरकार और उसकी नीतियों, बल्कि देश के ही ख़िलाफ़ हैं.

EP 296_Raw

जन गण मन की बात, एपिसोड 296: नोटबंदी पर आरबीआई की रिपोर्ट और सामाजिक कार्यकर्ताओं की गिरफ़्तारी

जन गण मन की बात की 296वीं कड़ी में विनोद दुआ नोटबंदी पर आरबीआई की ​हालिया रिपोर्ट और भीमा कोरेगांव हिंसा से जुड़े मामले में देश के विभिन्न हिस्सों से गिरफ़्तार किए गए सामाजिक कार्यकर्ताओं पर चर्चा कर रहे हैं.

collage5-1024x410

सुप्रीम कोर्ट का कार्यकर्ताओं को नज़रबंद रखने का आदेश, कहा- असहमति लोकतंत्र का सेफ्टी वॉल्व

अदालत ने भीमा-कोरेगांव हिंसा के करीब नौ महीने बाद हुई गिरफ़्तारियों पर महाराष्ट्र पुलिस से सवाल करते हुए गिरफ़्तार कार्यकर्ताओं को छह सितंबर तक जेल न भेजते घर में ही नज़रबंद रखने का आदेश दिया है.

(फोटो: पीटीआई)

सामाजिक कार्यकर्ताओं की गिरफ़्तारी मामले में मानवाधिकार आयोग का महाराष्ट्र सरकार को नोटिस

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने महाराष्ट्र के पुलिस प्रमुख को भी नोटिस जारी किया है. आयोग ने कहा है कि प्रतीत होता है कि पांच कार्यकर्ताओं की गिरफ़्तारी में नियमों का ठीक तरीके से पालन नहीं किया गया है. वहीं, गौतम नवलखा को महाराष्ट्र पुलिस ने दस्तावेजों की अनूदित प्रति उपलब्ध करा दी है.

Activist Collage fearured

कौन हैं वे सामाजिक कार्यकर्ता जो महाराष्ट्र पुलिस के निशाने पर हैं

महाराष्ट्र पुलिस ने मंगलवार को देश के विभिन्न हिस्सों से कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया और कइयों के घरों पर छापेमारी की. इन सभी का सामाजिक आंदोलनों और मानवधिकार से जुड़े रहने का इतिहास रहा है.

(फोटो: पीटीआई)

सामाजिक कार्यकर्ताओं की गिरफ़्तारी के ख़िलाफ़ रोमिला थापर और चार अन्य पहुंचे सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट के समक्ष याचिका पर बुधवार को ही सुनवाई करने का अनुरोध किया गया था. न्यायालय दोपहर पौने चार बजे सुनवाई करेगा. वहीं, मानवाधिकार कार्यकर्ता गौतम नवलखा की गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका पर दोपहर सवा दो बजे दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई होगी.

arban reuters copy

अचानक इतने सारे ‘अर्बन नक्सल’ कहां से प्रकट हो रहे हैं?

पुलिस और कुछ टेलीविजन चैनलों के आपसी मिलीभगत से जिस तरह से वर्तमान समय में एक बड़े और लगातार विकसित हो रहे ‘अर्बन नक्सल’ (शहरी माओवादी) के नेटवर्क के प्रेत को खड़ा किया जा रहा है, उसे देखते हुए ऐसा लगता है कि हम फासीवाद की तरफ काफी तेजी से छलांग लगा रहे हैं.

Activist collage

सामाजिक कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई मानवाधिकारों के मूल सिद्धांतों को ख़तरा: एमनेस्टी, ऑक्सफेम

एमनेस्टी इंटरनेशनल इंडिया और ऑक्सफेम इंडिया की प्रतिक्रिया पुणे पुलिस द्वारा भीमा-कोरेगांव घटना के संबंध में कई मानवाधिकार और सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा पत्रकारों पर की कार्रवाई के बाद आई है.

IMG_20180828_225415

​​​जन गण मन की बात, एपिसोड 295: भीमा कोरेगांव मामले में सामाजिक कार्यकर्ताओं की गिरफ़्तारी और राहुल गांधी

जन गण मन की बात की 295वीं कड़ी में विनोद दुआ भीमा कोरेगांव हिंसा से जुड़े मामले में देश के विभिन्न हिस्सों से गिरफ़्तार किए गए सामाजिक कार्यकर्ताओं और राहुल गांधी के 1984 के दंगों को लेकर दिए गए बयान पर चर्चा कर रहे हैं.​

Activist collage

भीमा कोरेगांव हिंसा: पुणे पुलिस ने पांच और सामाजिक कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया

पुलिस का दावा है कि भीमा कोरेगांव हिंसा से एक दिन पहले हुए एल्गार परिषद कार्यक्रम में हुए भाषणों से हिंसा भड़की थी, जिसमें कई सामाजिक कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया था. मंगलवार सुबह से देश के विभिन्न शहरों में कई सामाजिक कार्यकर्ताओं के घरों पर पुलिस ने छापे मारे हैं.

gadchiroli-1

गढ़चिरौली: गांववालों का आरोप, लापता बच्चों को माओवादी बताने के लिए पुलिस करा रही जबरन दस्तख़त

ग्राउंड रिपोर्ट: गट्टेपल्ली के पास अप्रैल के आखिरी हफ्ते में हुए कथित नक्सल एनकाउंटर के बाद गांव के लापता बच्चों में से एक के पिता ने कहा, ‘पुलिस हमारे बच्चों की हत्याओं को जायज़ ठहराने के लिए हमारा ही इस्तेमाल कर रही है.’

Bhima Koregaon Collage Featured

वो पांच लोग जिन पर भीमा कोरेगांव हिंसा और मोदी की हत्या की साज़िश रचने का आरोप लगा है

भीमा कोरेगांव हिंसा के पीछे बताए जा रहे कथित नक्सल कनेक्शन के चलते ग़ैर-क़ानूनी गतिविधि (रोकथाम) क़ानून के तहत गिरफ़्तार किए गए पांचों लोगों के प्रति पुलिस और प्रशासन का यह रवैया नया नहीं है.

केशव बलिराम हेडगेवार और पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी. (फोटो: रॉयटर्स/विकिपीडिया)

अगर हेडगेवार भारत माता के महान सपूत हैं तो आज़ादी की लड़ाई के नायक क्या हैं?

प्रणब दा आप नागपुर में संघ को यह नहीं बता पाए कि नेहरू की भारत माता और हेडगेवार की भारत माता में ज़मीन-आसमान का फ़र्क़ है. इसीलिए आप यह फ़र्क़ करने में भी चूक गए कि भारत माता के महान सपूत होने की बुनियादी कसौटी क्या है.

Episode 53.00_34_11_10.Still006

मीडिया बोल, एपिसोड 53: प्रणब मुखर्जी का नागपुर दौरा और मीडिया

मीडिया बोल की 53वीं कड़ी में उर्मिलेश पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के नागपुर में संघ के कार्यक्रम में शामिल होने पर वरिष्ठ पत्रकार आरती जेरथ और वरिष्ठ पत्रकार रशीद किदवई से चर्चा कर रहे हैं.

Former president Pranab Mukherjee with RSS chief Mohan Bhagwat at an RSS event on June 7, 2018. Credit: PTI

प्रणब मुखर्जी ने अपने भाषण में संघ से कोई सवाल क्यों नहीं किया?

वीडियो: नागपुर स्थित संघ मुख्यालय में पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी द्वारा आरएसएस कार्यकर्ताओं को संबोधित किए जाने पर दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर अपूर्वानंद से चर्चा कर रहे हैं द वायर हिंदी के कार्यकारी संपादक बृजेश सिंह.

संघ के कार्यक्रम में शामिल पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की तस्वीरें जिसमें वह सीधे खड़े थे (बाएं), लेकिन तस्वीर से छेड़छाड़ कर ऐसी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल की गईं जिसमें वह संघ कार्यकर्ताओं की शैली में सीने से हाथ लगाए हुए हैं. (फोटो साभार: रॉयटर्स/ट्विटर)

संघ कार्यक्रम से जुड़ी प्रणब की फ़र्ज़ी तस्वीरें वायरल, शर्मिष्ठा ने कहा- जिसका डर था, वही हुआ

नागपुर स्थित संघ मुख्यालय पर हुए कार्यक्रम में पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के शामिल होने के कुछ ही देर बाद सोशल मीडिया पर वायरल हुईं फ़र्ज़ी तस्वीरें. संघ ने फ़र्ज़ी तस्वीरों से किनारा किया.

संघ प्रमुख मोहन भागवत और पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी. (फोटो: पीटीआई)

‘जिस आरएसएस ने न गांधी की सुनी, न जेपी की, वो प्रणब मुखर्जी की क्या सुनेगा’

वीडियो: पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के नागपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के समारोह में जाने पर चर्चा कर रहे हैं द वायर के संस्थापक संपादक सिद्धार्थ वरदराजन और दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर अपूर्वानंद.

पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और बेटी शर्मिष्ठा मुखर्जी. (फोटो साभार: फेसबुक)

शर्मिष्ठा ने कहा, प्रणब ने नागपुर जाकर संघ को फ़र्ज़ी ख़बरें और अफवाहें फैलाने का मौका दिया

पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की बेटी ने पिता को नसीहत देते हुए कहा कि संघ द्वारा आपका भाषण भुला दिया जाएगा और तस्वीरें रह जाएंगी, जिन्हें फ़र्ज़ी बयानों के साथ फैलाया जाएगा.

भीमा कोरेगांव हिंसा के ख़िलाफ़ मुंबई में दलित समुदाय द्वारा विरोध प्रदर्शन (फोटो: पीटीआई)

भीमा कोरेगांव: दलितों के ख़िलाफ़ हिंसा के आरोप में दलित कार्यकर्ता गिरफ़्तार

पुणे पुलिस ने माओवादियों से जुड़ाव का आरोप लगाते हुए तीन अलग-अलग शहरों से पांच सामाजिक कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया और दलितों के साथ हुई हिंसा का ज़िम्मेदार बताया.

संघ प्रमुख मोहन भागवत और पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी. (फोटो: पीटीआई)

संघ के कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे प्रणब मुखर्जी, कांग्रेस ने उठाए सवाल

पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी सात जून को नागपुर में संघ मुख्यालय पर होने वाले एक कार्यक्रम में शामिल होंगे.

Judge Loya

जज लोया के परिजन बोले, अब कोई उम्मीद नहीं बची

सुप्रीम कोर्ट द्वारा जज लोया की ‘संदिग्ध’ मौत पर स्वतंत्र जांच की याचिका ख़ारिज करने के बाद परिवार ने कहा अब किसी पर विश्वास नहीं.

(फोटो: पीटीआई)

एसएससी परीक्षा में फ़र्ज़ीवाड़े के ज़रिये नियुक्ति पाने के आरोप में 12 इनकम टैक्स क्लर्कों पर मामला दर्ज

सीबीआई के एंटी करप्शन ब्यूरो ने एसएससी के कुछ अधिकारियों पर भी परीक्षा के लिए जारी प्रवेश पत्रों में विसंगतियों का सत्यापन किए बगैर आरोपियों को नियुक्ति पत्र जारी करने का आरोप लगाया है.

फोटो: द कारवां/पीटीआई

जज लोया मामला: सुनवाई में वकीलों ने बताईं सरकार की रिपोर्ट में विसंगतियां

याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता इंदिरा जयसिंह ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार द्वारा पेश जांच रिपोर्ट में कई विसंगतियां हैं, जिससे जज लोया की मौत पर संदेह किया जा सकता है.

farmers the wire kk

पिछले 17 साल में महाराष्ट्र में 26,339 किसानों ने की आत्महत्या

राजस्व मंत्री ने विधानसभा में कहा, आत्महत्या करने वाले कुल किसानों में से 12,805 किसानों ने क़र्ज़, बंजर ज़मीन और ऋण के भुगतान को लेकर दबाव के चलते यह क़दम उठाया.

पूर्व केंद्रीय कृषि मंत्री और राकांपा अध्यक्ष शरद पवार. (फोटो: रॉयटर्स)

मोदी ने देश को तबाह कर दिया है और प्रधानमंत्री पद की गरिमा कम की है: शरद पवार

पूर्व कृषि मंत्री ने कहा, मनमोहन सिंह पर ऐसे आरोप लगाते हुए मोदी को शर्म आनी चाहिए. किसानों से कहा, सरकार को बिजली बिल और दूसरे बकाये का भुगतान न करें.

नाना पटोले (फोटो: फेसबुक)

राजनीतिक फायदे के लिए ओबीसी कार्ड का इस्तेमाल कर रहे हैं मोदी: पटोले

लोकसभा और भाजपा से इस्तीफा दे चुके नाना पटोले ने कहा कि प्रधानमंत्री से ओबीसी मंत्रालय की मांग करने पर उन्होंने चिल्लाते हुए कहा कि ओबीसी को इसकी ज़रूरत नहीं.

Brijgopal Loya-001

जज लोया की मौत की जांच के लिए आयोग बनाने की मांग

सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में चल रहे सोहराबुद्दीन एनकाउंटर मामले में कार्यवाही कर रहे जज लोया की संदिग्ध परिस्थितियों में 1 दिसंबर, 2014 को मौत हो गई थी.

नाना पटोले और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फोटो: लोकसभा वेबसाइट/पीटीआई)

मैं गुजरात जाकर जनता को प्रधानमंत्री की असलियत बताऊंगा: नाना पटोले

लोकसभा और भाजपा से इस्तीफ़ा देने के बाद पटोले ने कहा भाजपा में लोकतंत्र बिल्कुल नहीं. नरेंद्र मोदी और अमित शाह को सवाल सुनना पसंद नहीं.

Episode 25

मीडिया बोल, एपिसोड 25: जज लोया की मौत और मीडिया रिपोर्टिंग के विरोधाभास

मीडिया बोल की 25वीं कड़ी में उर्मिलेश, द कारवां के राजनीतिक संपादक हरतोष सिंह बल और आरटीआई कार्यकर्ता अं​जलि भारद्वाज के साथ जज लोया की मौत के मामले पर चर्चा कर रहे हैं.

Shourie Loya SC

‘सुप्रीम कोर्ट एक संपादकीय पर स्वतः संज्ञान ले सकता है, तो जज की मौत पर क्यों नहीं’

सीबीआई जज बृजगोपाल हरकिशन लोया की मौत और न्यायपालिका पर उनके परिवार द्वारा उठाए गए सवालों पर पूर्व केंद्रीय मंत्री और पत्रकार अरुण शौरी का नज़रिया.

Ap SHah on judge Loya

जज बृजगोपाल लोया की ‘संदिग्ध मौत’ की जांच बेहद ज़रूरी: जस्टिस एपी शाह

दिल्ली हाईकोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस का मानना है कि जज बृजगोपाल लोया की संदिग्ध मौत के बारे जांच ज़रूरी है क्योंकि ऐसे मामले में लगे आरोप न्यायपालिका की साख कलंकित कर सकते हैं.

Sohrabuddin-Sheikh-Encounter-Amit-Shah-Brijgopal-Loya-PTI-Caravan-2

सोहराबुद्दीन एनकाउंटर मामला: ‘सीबीआई कॉन्ट्रैक्ट वर्कर है, जो सरकार के हिसाब से काम कर रही है’

सोहराबुद्दीन एनकाउंटर मामले में सुनवाई कर रहे सीबीआई जज बृजगोपाल लोया की मौत पर द कारवां पत्रिका के राजनीतिक संपादक हरतोष सिंह बल से बातचीत.

Sohrabuddin Sheikh Encounter Amit Shah Brijgopal Loya PTI Caravan (1)

सोहराबुद्दीन एनकाउंटर मामला: पक्ष में फैसला देने के लिए सीबीआई जज को मिला था 100 करोड़ का ऑफर

सीबीआई कोर्ट में मामले को सुन रहे जज बृजगोपाल लोया के परिजनों का कहना है कि लोया को जल्दी और मनमुताबिक फैसला देने के एवज में पैसे और ज़मीन की पेशकश की गई थी.

Sohrabuddin Sheikh Encounter Amit Shah Brijgopal Loya PTI Caravan (1)

सोहराबुद्दीन एनकाउंटर मामले की सुनवाई कर रहे सीबीआई जज की मौत पर परिजनों ने उठाए सवाल

2014 में मामले की सुनवाई कर रहे सीबीआई जज बृजगोपाल लोया की मृत्यु के बाद आए जज ने अमित शाह को बिना मुक़दमे के बरी कर​ दिया.