नागरिकता कानून प्रदर्शन

(फोटो: पीटीआई)

दिल्ली दंगाः राष्ट्रगान गाने पर मजबूर किए गए युवक की मौत की जांच की मांग को लेकर याचिका

दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली दंगे के दौरान 23 साल के फ़ैज़ान की मौत के मामले में अदालत की निगरानी में जांच की मांग से संबंधित याचिका पर दिल्ली सरकार और क्राइम ब्रांच को नोटिस जारी किया है. दंगों के दौरान एक वीडियो में कुछ पुलिसकर्मी ज़मीन पर फ़ैज़ान समेत कुछ घायल युवकों से राष्ट्रगान गाने को कहते दिख रहे थे. फ़ैज़ान की अस्पताल में मौत हो गई थी.

दिसंबर 2019 में जामिया मिलिया इस्लामिया की लाइब्रेरी में की गई तोड़फोड़. (फाइल फोटो: पीटीआई)

जामिया हिंसा के एक साल बाद भी एफ़आईआर दर्ज नहीं, अब उम्मीद भी नहींः कुलपति

बीते साल दिसंबर में नागरिकता संशोधन क़ानून के ख़िलाफ़ हुए प्रदर्शन के बाद दिल्ली पुलिस ने जामिया मिलिया इस्लामिया परिसर में घुसकर लाठीचार्ज किया था, जिसमें क़रीब 100 लोग घायल हुए थे. वहीं, एक छात्र की एक आंख की रोशनी चली गई थी.

जामिया छात्र आसिफ इकबाल तन्हा. (फोटो: फेसबुक)

दिल्ली दंगा: यूएपीए के तहत गिरफ़्तार जामिया के छात्र की ज़मानत याचिका ख़ारिज

फरवरी में दिल्ली में हुई हिंसा मामले में जामिया मिलिया इस्लामिया के छात्र आसिफ़ इक़बाल तन्हा को 20 मई को गिरफ़्तार किया गया था. उनकी ज़मानत याचिका रद्द करते हुए स्थानीय अदालत के जज ने कहा कि सीएए के नाम पर हंगामेदार प्रदर्शन दिखाते हैं कि यह देश के ख़िलाफ़ असंतोष पैदा करने के उद्देश्य से किए गए थे.

(फोटो: पीटीआई)

दिल्ली दंगे से जुड़े दो वॉट्सऐप ग्रुप और दिल्ली पुलिस के दोहरे मानक

दिल्ली दंगा मामले में सामने आए दो वॉट्सऐप ग्रुप में से एक ‘हिंदू कट्टर एकता ग्रुप’ है, जहां ‘मुल्लों को मारने’ के दावे किए गए हैं. दूसरी ओर दिल्ली प्रोटेस्ट सपोर्ट ग्रुप में सीएए विरोधी प्रदर्शन, हिंसा न करने और संविधान में भरोसा रखने की बातें हुई हैं. दिल्ली पुलिस ने दूसरे ग्रुप के कई सदस्यों को दंगों का साज़िशकर्ता बताया है.

उमर खालिद, डोनाल्ड ट्रंप और कपिल मिश्रा. (फोटो: रॉयटर्स/फेसबुक)

दिल्ली दंगा: ट्रंप क्रोनोलॉजी पर हुई चूक के बाद दिल्ली पुलिस ने चार्जशीट का रुख बदला

दिल्ली दंगा मामले में दायर एक चार्जशीट में दावा किया गया था कि 8 जनवरी को हुई एक बैठक में डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे के समय हिंसा की योजना बनाई गई थी. पिछले दिनों एक अन्य आरोपपत्र में पुलिस ने इसे हटाते हुए कहा है कि सीएए विरोधी प्रदर्शन 2019 आम चुनाव में भाजपा की जीत से खोई ज़मीन पाने के लिए बड़े पैमाने दंगे करवाने की ‘आतंकी साज़िश’ का हिस्सा थे.

मौजपुर लालबत्ती के निकट डीसीपी (उत्तर-पूर्व) वेद प्रकाश सूर्या के साथ भाजपा नेता कपिल मिश्रा. (फोटो: वीडियो स्क्रीनग्रैब/ट्विटर)

दिल्ली दंगा: कपिल मिश्रा का दावा- कोई भड़काऊ भाषण नहीं दिया, सिर्फ़ प्रदर्शन की बात कही थी

भाजपा नेता कपिल मिश्रा का दिल्ली दंगों से एक दिन पहले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें वह एक डीसीपी के बगल में खड़े होकर दिल्ली पुलिस को अल्टीमेटम देते हुए तीन दिनों के भीतर ज़ाफ़राबाद और चांदबाग की सड़कें ख़ाली कराने को कह रहे थे. ऐसा नहीं होने पर सड़कों पर उतरने की बात कही थी.

शरजील इमाम. (फोटो साभार: फेसबुक)

दिल्ली दंगा: पुलिस ने अब जेएनयू छात्र शरजील इमाम को यूएपीए के तहत गिरफ़्तार किया

दिल्ली लाए जाने से पहले शरजील इमाम गुवाहाटी जेल में बंद थे और कोरोना संक्रमित पाए गए थे. नागरिकता संशोधन क़ानून के ख़िलाफ़ प्रदर्शन के दौरान भड़काऊ भाषण देने के आरोप में उन पर राजद्रोह का भी मामला चल रहा है.

(फाइल फोटो: रॉयटर्स)

दिल्ली दंगा: एलजी के आदेश पर पैरवी के लिए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता समेत छह वकील नियुक्त

दिल्ली सरकार ने इससे पहले दिल्ली पुलिस द्वारा सुझाए गए वकीलों के नामों को स्वीकार करने से मना कर दिया था. उपराज्यपाल अनिल बैजल ने सरकार के आदेश को ख़ारिज करते हुए पुलिस द्वारा भेजे गए वकीलों के नाम स्वीकार करने को कहा.

(फोटो: पीटीआई)

दिल्ली दंगा: वकीलों की नियुक्ति के संबंध में दिल्ली सरकार ने पुलिस का प्रस्ताव ख़ारिज किया

दिल्ली मंत्रिमंडल की बैठक में वकीलों की नियुक्ति के संबंध में दिल्ली पुलिस के प्रस्ताव को नामंज़ूर करते हुए कहा कि दंगा मामले में पुलिस की जांच को अदालत ने निष्पक्ष नहीं पाया है, इसलिए पुलिस के पैनल को मंज़ूरी दी गई, तो मामलों की निष्पक्ष सुनवाई नहीं हो पाएगी.

शरजील इमाम. (फोटो साभार: फेसबुक)

जेएनयू छात्र शरजील इमाम के ख़िलाफ़ चार्जशीट दायर, राजद्रोह का आरोप

सीएए विरोधी प्रदर्शनों से जुड़े एक मामले में पुलिस ने दिल्ली की एक अदालत में दायर आरोपपत्र में पुलिस ने जेएनयू छात्र शरजील इमाम को राजद्रोह सहित अन्य मामलों में आरोपी बनाया है. गुवाहाटी जेल में बंद इमाम बीते दिनों कोरोना संक्रमित पाए गए हैं.

New Delhi: Security personnel conduct patrolling as they walk past Bhagirathi Vihar area of the riot-affected north east Delhi, Wednesday, Feb. 26, 2020. At least 22 people have lost their lives in the communal violence over the amended citizenship law as police struggled to check the rioters who ran amok on streets, burning and looting shops, pelting stones and thrashing people. (PTI Photo/Manvender Vashist)(PTI2_26_2020_000141B)

दिल्ली चुनाव के दौरान भाजपा नेताओं के भड़काऊ भाषण के बाद दंगे हुए: अल्पसंख्यक आयोग रिपोर्ट

फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों पर दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग द्वारा जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि भाजपा नेता कपिल मिश्रा के भाषण के बाद दंगे शुरू हुए थे लेकिन अब तक उनके ख़िलाफ़ कोई केस दर्ज नहीं किया गया है.

कपिल मिश्रा. (फोटो: पीटीआई)

दिल्ली दंगा: दो शिकायतों में कपिल मिश्रा का नाम, अदालत ने पुलिस से जवाब मांगा

उत्तर-पूर्वी दिल्ली निवासी दो शिकायतकर्ताओं ने कड़कड़डूमा कोर्ट में याचिका दायर कर मांग की है उनके क्षेत्र की शांति एवं सौहार्द भंग करने तथा दंगा कराने में सहयोग करने के लिए भाजपा नेता कपिल मिश्रा के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की जाए.

(फाइल फोटो: पीटीआई)

जामिया हिंसा: याचिकाकर्ताओं के जवाब में ‘गृह मंत्री’ पर हुई टिप्पणी पर सॉलिसिटर जनरल ने जताई आपत्ति

बीते साल दिसंबर में जामिया मिलिया इस्लामिया में सीएए के ख़िलाफ़ प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के मामले में दिल्ली पुलिस द्वारा दायर हलफनामे के जवाब में याचिकाकर्ताओं ने कहा था कि पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान जैसे छात्रों को बेरहमी से पीटा, उससे लगता है कि उन्हें ऊपर से ऐसा करने का आदेश मिला था.

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जामिया में पुलिस हिंसा: एनएचआरसी ने छात्रों को ही बताया दोषी

वीडियो: पुलिस द्वारा जामिया मिलिया इस्लामिया की लाइब्रेरी में घुसकर विद्यार्थियों पर कार्रवाई करने की ख़बर के राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मीडिया में सुर्ख़ियों में आने के सात महीने के बाद राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने जामिया के छात्रों के साथ कथित पुलिस बर्बरता पर अपनी रिपोर्ट जारी की है.

घटना के बाद जामिया कोऑर्डिनेशन कमेटी द्वारा जारी सीसीटीवी फुटेज में पुलिसकर्मी लाइब्रेरी में बैठे छात्रों को लाठी से मारते दिख रहे थे. (साभार: ट्विटर/वीडियोग्रैब)

जामिया हिंसा: एनएचआरसी ने परिसर में पुलिसिया कार्रवाई के लिए छात्रों को ही ज़िम्मेदार ठहराया

15 दिसंबर 2019 को जामिया मिलिया इस्लामिया परिसर में दिल्ली पुलिस द्वारा छात्रों को बर्बरता से पीटने की घटना पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि इससे पहले विद्यार्थियों का सीएए के ख़िलाफ़ प्रदर्शन एक ‘ग़ैर क़ानूनी जमावड़ा’ था, जिसने पुलिसिया कार्रवाई को दावत दी.